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उत्तर प्रदेश : ‘आज तक’ ने हाथरस मामले में किया HC के आदेश का उलंघन

न्यूज़ ब्रॉडकास्टिंग स्टैण्डर्ड अथॉरिटी (NBSA) ने ‘इंडिया टुडे मीडिया नेटवर्क’ के समाचार चैनल ‘आज तक’ को नोटिस भेजा है। ये नोटिस इलाहबाद हाईकोर्ट के आदेश के उल्लंघन को लेकर भेजा गया, जिसमें उत्तर प्रदेश के हाथरस में हुई घटना की जाँच को लेकर गोपनीयता बरतने की बात कही गई थी। इस मामले में अब समाचार चैनल ‘आज तक’ के खिलाफ कार्रवाई होगी। ये नोटिस बृहस्पतिवार (नवंबर 5, 2020) को भेजा गया। ज्ञात हो कि यूपी के हाथरस में एक अनुसूचित जाति की युवती की मौत को विपक्षी दलों ने राजनीतिक रंग देने का प्रयास किया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने NBSA को निर्देश दिए हैं कि वो ‘आज तक’ चैनल के खिलाफ उचित कार्रवाई करे। कॉन्ग्रेस पार्टी के समर्थक साकेत गोखले द्वारा दायर की गई शिकायत के बाद ये आदेश दिया गया। गोखले ने उत्तर प्रदेश सरकार के एडिशनल मुख्य सचिव को पत्र लिख कर आरोप लगाया था कि ‘आज तक’ ने हाथरस मामले में चल रही सीबीआई जाँच को लेकर खबर चलाई, जबकि इलाहबाद हाईकोर्ट ने इस मामले में गोपनीयता बरतने के स्पष्ट आदेश दिए थे।

                                                  केंद्रीय मंत्रालय ने NBSA को लिखा पत्र (फोटो साभार: LiveLaw)
समाचार चैनल ‘आज तक’ ने सीबीआई द्वारा मृतका के परिवार से पूछे गए प्रश्नों को लेकर खबर चलाई थी, जिसे साकेत गोखले ने इलाहबाद हाईकोर्ट के आदेश के उलंघन का मामला बताया। गोखले ने इसे ‘शर्मनाक’ करार दिया। अब केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने NBSA से कहा है कि वो 15 दिनों के भीतर इस मामले में एक्शन ले। ‘इंडिया टुडे मीडिया नेटवर्क’ इससे पहले भी कई नियमों के उल्लंघन के मामलों में एजेंसियों की जाँच का सामना कर रहा है।

इससे पहले, न्यूज़ ब्रॉडकास्टिंग स्टैंडर्ड अथॉरिटी (NBSA) ने इंडिया टुडे समूह के हिंदी भाषा समाचार चैनल ‘आज तक’, ज़ी न्यूज़, न्यूज़ 24 और इंडिया टीवी को अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत की असंवेदनशील और सनसनीखेज रिपोर्टिंग के लिए माफी माँगने का आदेश दिया था। ब्रॉडकास्टिंग अथॉरिटी ने ‘आज तक’ को 27 अक्टूबर को रात 8 बजे अपने चैनल पर ‘लाइव’ माफी माँगने का आदेश दिया था। हिंदी समाचार चैनल ने 28 अक्टूबर को रात 9 बजे के बाद अपनी माफी को प्रसारित किया।

सुशांत केस : गलत रिपोर्टिंग के लिए आजतक, ज़ी न्यूज़, इंडिया टीवी, न्यूज़ 24 ने NBSA की लताड़ के बाद सार्वजनिक तौर पर माँगी माफी

न्यूज़ ब्रॉडकास्टिंग स्टैंडर्ड अथॉरिटी (NBSA) ने इंडिया टुडे समूह के हिंदी भाषा समाचार चैनल आजतक, ज़ी न्यूज़, न्यूज़ 24 और इंडिया टीवी को अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत की असंवेदनशील और सनसनीखेज रिपोर्टिंग के लिए माफी माँगने का आदेश दिया था जिसका अब चैनलों ने अनुपालन किया है।

इस माफीनामा ने इन चैनलों की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिन्ह जरूर लगा दिया है। वैसे पहले भी ज़ी न्यूज़ और आजतक बेनकाब हो चुके हैं, आजतक प्रसून वाजपेयी द्वारा अरविन्द केजरीवाल के सेटिंग वाले साक्षात्कार की वीडियो लीक और ज़ी न्यूज़ के सुधीर चौधरी द्वारा एक अध्यापिका के फेक स्टिंग चर्चा में रह चुके हैं। 

ब्रॉडकास्टिंग अथॉरिटी ने आजतक को 27 अक्टूबर को रात 8 बजे लाइव माफी माँगने का आदेश दिया था। हिंदी समाचार चैनल ने 28 अक्टूबर को रात 9 बजे के बाद अपनी माफी को प्रसारित किया। चैनल ने विशेष रूप से “ऐसे कैसे हिट विकेट हो गए सुशांत?” और “सुशांत जिंदगी की पिच पर हिट विकेट कैसे हो गए” जैसे टैगलाइन का उपयोग करने के लिए माफी माँगी।

चैनल ने कहा इन टैगलाइन से रिपोर्टिंग गाइडलाइन “किसी भी मृत व्यक्ति का सम्मान किया जाना चाहिए और उनकी मौत को सनसनीखेज नहीं बनाया जाना चाहिए” का उल्लंघन हुआ था। हालाँकि, उन्होंने ट्विट्स के लिए कोई माफ़ी नहीं माँगी, जो एनबीएसए के आदेश का हिस्सा था।

आजतक को अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के खिलाफ फर्जी ट्वीट्स के लिए भी लताड़ा गया था। चैनल को तीन माफी माँगने और 1 लाख रुपए का जुर्माना देने का निर्देश दिया गया था।

अथॉरिटी ने कहा था,”ब्राडकॉस्टर को अपनी अनुमानित मेहनत और सत्यापन टेलकास्ट या ट्वीट अपलोड करने से पहले करनी चाहिए था, यह अनुमानित मेहनत पत्राकरिता की नैतिकता का मूल सिद्धांत व जरूरत है, वहीं बिना सत्यापन के ट्वीट को जनता के बीच टेलीकास्ट करना झूठी खबर फैलाने की प्रवृति है।”

इंडिया टुडे नेटवर्क के हिंदी न्यूज आउटलेट आजतक ने सुशांत सिंह राजपूत से जुड़ी कई ऐसी फर्जी खबरों को हवा दी थी। इसने 16 जून को दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के ‘अंतिम ट्वीट’ पर एक विस्तृत रिपोर्ट प्रकाशित की थी, जब अभिनेता मुंबई में अपने घर में मृत पाए गए थे।

आजतक ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से एक आर्टिकल भी ट्वीट किया था। रिपोर्ट में आजतक ने दावा किया था कि अभिनेता ने अपनी जान लेने पहले तीन बार ट्वीट किया था।

समाचार चैनल ने कुछ भावनात्मक ‘ट्वीट’ साझा किए थे, जिनमें दिवंगत अभिनेता को कथित तौर पर अपनी खुद की जान लेने की ओर इशारा किया गया था। लेकिन उन फर्जी ट्वीट्स को उनकी मृत्यु से पहले अभिनेता द्वारा पोस्ट नहीं किया गया था। आजतक ने बाद में बिना स्पष्टीकरण के अपनी रिपोर्ट को वापस ले लिया था।

ज़ी न्यूज़ ने माँगी माफ़ी

एनबीएसए कोड के अन्य उल्लंघनों के बीच ज़ी न्यूज़ को भी असंवेदनशील टैग लाइन जैसे: ‘पटना का सुशांत, मुंबई में फेल क्यों?’ चलाने के लिए लताड़ा गया था। एनबीएसए ने चैनल को 27 अक्टूबर को माफी माँगने के लिए कहा था।

ज़ी न्यूज़ ने स्वीकार किया था कि उन्होंने अभिनेता की मृत्यु पर अपनी रिपोर्ट को सनसनीखेज बनाकर विशिष्ट दिशा-निर्देशों का उल्लंघन किया। माफ़ीनामे में कहा गया कि ‘दर्शकों के बीच घबराहट, संकट, या अनुचित भय’ पैदा हुआ है। माफी एनबीएसए के निर्देशों के अनुसार रात 9 बजे प्रसारित की गई थी।

ज़ी न्यूज़ की माफी का वीडियो शिकायतकर्ताओं में से एक सौरव दास ने अपने ट्विटर एकाउंट पर पोस्ट किया।

इन मीडिया हाउसेस के माफ़ी मांगने पर लोगों की प्रक्रियाएं:- 

इंडिया टीवी का माफीनामा

इसके अलावा इंडिया टीवी से कहा गया था कि वह राजपूत के नश्वर अवशेषों के चित्रों को बार-बार प्रसारित करने के लिए माफी माँगे और विस्तार से इसका वर्णन करें। यहाँ यह नोट करना उचित है कि ऑपइंडिया ने तब रिपोर्ट की थी कि कैसे इन वायरल छवियों को आत्महत्या के सिद्धांत को आगे बढ़ाने के लिए प्रसारित किया जा रहा है।

चैनल ने निर्धारित दिन 9 बजे यह स्वीकार करते हुए माफी माँगी कि उन्होंने विशिष्ट दिशानिर्देश कवरेज के खंड 3.6 का उल्लंघन किया है, जो बताते हैं कि,मृत का सम्मान के साथ व्यवहार किया जाना चाहिए और मृत व्यक्ति के शव का
क्लोज़-अप या क्षत- विक्षत शव नहीं दिखाया जाना चाहिए।

न्यूज़ 24 को भी अथॉरिटी ने लताड़ा

इस बीच ऑथोरिटी ने न्यूज 24 को भी अभिनेता की मौत के असंवेदनशील और सनसनीखेज कवरेज के लिए 29 अक्टूबर को माफी माँगने का आदेश दिया है। अथॉरिटी ने कहा कि न्यूज 24 द्वारा चलाए गए टैगलाइन में यह संकेत देकर कि राजपूत ने अपनी फिल्म छिछोरे में उन्हीं के द्वारा दिए गए आत्महत्या विरोधी संदेश को भुला दिया, ‘आपत्तिजनक हैं और मृतक की गरिमा को प्रभावित करते हैं’

ऑथोरिटी ने अपने दिशानिर्देशों का उल्लंघन करते हुए किए गए कवरेज को लेकर चैनलों को दर्शकों से माफी माँगने के लिए कहा था। एनबीएसए ने 6 अक्टूबर को कहा था कि प्रसारणकर्ताओं को माफी का टेक्स्ट, तारीख और समय दिया जाएगा।

सुशांत के फेक ट्वीट पर NBSA का आदेश : AajTak पर 1 लाख रुपए जुर्माना और बड़े-बड़े अक्षरों में लिख कर और बोल कर Live माफी माँगे

सुशांत सिंह राजपूत मामले में फेक न्यूज़ चलाने के लिए ‘न्यूज़ ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन (NBSA)’ ने ‘आज तक’ न्यूज़ चैनल को निर्देश दिया है कि वो मंगलवार (अक्टूबर 27, 2020) को रात 8 बजे माफ़ी माँगे, और साथ ही 1 लाख रुपए का जुर्माना भी भरे। दरअसल, ‘आज तक’ ने सुशांत सिंह राजपूत की अंतिम ट्वीट्स बता कर फेक सामग्रियाँ दिखाई थीं। जून 20, 2020 को नीलेश नवलखा द्वारा की गई शिकायत पर कार्रवाई करते हुए NBSA ने ये निर्णय लिया।

‘आज तक’ चैनल को निर्देश दिया गया है कि वो टेक्स्ट के माध्यम से माफीनामे का प्रसारण करे। ‘आज तक’ को NBSA ने कहा है कि माफीनामे का ये टेक्स्ट बड़े फॉन्ट्स में होने चाहिए और साथ ही बैकग्राउंड में वॉयस ओवर के द्वारा धीरे-धीरे इस माफीनामे को पढ़ा जाना चाहिए। इसके अलावा उसे 1 लाख रुपए का जुर्माना भी भरना पड़ेगा। चैनल को माफ़ी माँगते हुए लाइव प्रसारण के दौरान निम्नलिखित टेक्स्ट को दिखाना और पढ़ना पड़ेगा:

“सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या से सम्बंधित घटनाओं पर रिपोर्टिंग के दौरान ‘आज तक’ चैनल ने कुछ ट्वीट्स दिखाए थे और उन ट्वीट्स को गलत तरीके से सुशांत सिंह राजपूत की अंतिम ट्वीट्स के स्क्रीनशॉट्स करार दिया था। हमने उन्हें वास्तविक ट्वीट्स बताया था। ऐसा कर के हमने एक्यूरेसी से सम्बंधित ‘स्पेसिफिक गाइडलाइन्स कवरिंग रिपोर्टेज’ के अनुच्छेद-1 का उल्लंघन किया है। इस अनुच्छेद में कहा गया है कि सूचनाओं की एक से ज्यादा सोर्सेज से पुष्टि की जानी चाहिए। अगर समाचार एजेंसियों से कोई सूचना मिल रही है तो इसका जिक्र किया जाना चाहिए और संभव हो तो उसकी पुष्टि भी की जानी चाहिए। आरोपों को एक्यूरेसी के साथ पेश किया जाना चाहिए और फैक्ट्स में हुई गलतियों को जल्द से जल्द सुधारा जाना चाहिए।”

इसके अलावा ‘इंडिया टीवी’, ‘ज़ी न्यूज़’ और ‘न्यूज़ 24’ को भी सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में रिपोर्टिंग करते समय पत्रकारिता के सिद्धांतों का उल्लंघन के लिए माफ़ी माँगने को कहा गया है। नीलेश की तरफ से अधिवक्ता द्वय राजेश इनामदार और शाश्वत आनंद ने प्रतिनिधित्व किया। जहाँ ‘ज़ी न्यूज़’ और ‘इंडिया टीवी’ अक्टूबर 27 को माफ़ी माँगेंगे, वहीं ‘न्यूज़ 24’ अक्टूबर 29 को अपना माफीनामा पेश करेगा।

‘ज़ी न्यूज़’ ने ‘सुशांत की मौत पर 7 सवाल’ और ‘पटना का सुशांत मुंबई में फेल क्यों?’ जैसे टाइटल और टैगलाइन चलाए थे, जिसके बारे में NBSA ने कहा है कि किसी भी खबर को लोगों में डर या घबराहट का माहौल पैदा करने के लिए सनसनीखेज नहीं बनाया जाना चाहिए। वहीं ‘इंडिया टीवी’ ने उस नियम का उल्लंघन किया है, जिसमें क्षत-विक्षत शव या फिर किसी अन्य शव का काफी करीब से लिए गए फोटो या वीडियो नहीं दिखाए जाने चाहिए और मृत्यु के मामलों में सम्मान के साथ रिपोर्टिंग होनी चाहिए।

वहीं ‘न्यूज़ 24’ ने ‘सुशांत, आपने अपनी ही फिल्म क्यों नहीं देखी?’ और ‘जिस चीज के लिए आपने फिल्म में आवाज़ उठाई, उसे अपनी वास्तविक ज़िंदगी में भूल गए’ जैसे टैगलाइन के साथ खबरें चलाई थीं। बता दें कि सुशांत सिंह राजपूत की फिल्म ‘छिछोरे’ में आत्महत्या की समस्या को उठाया गया था। NBSA ने उस नियम का हवाला दिया है, जिसके अनुसार, क्राइम की खबरें दिखाने के लिए उसके साथ ग्लैमर नहीं मिलाया जा सकता।

वहीं ‘एबीपी न्यूज़’ को भी इसकी कवरेज से सम्बंधित कुछ वीडियो हटाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा ‘न्यूज़ नेशन’ व अन्य खबरिया चैनलों को भी निर्देश दिया गया है कि जिन वीडियोज में उन्होंने सुशांत सिंह राजपूत के मृत शरीर की तस्वीर दिखाई है, उन्हें हटाया जाना चाहिए। इन सभी चैनलों को माफ़ी माँगने और वीडियोज हटाने के बाद इसके सबूत NBSA को भेजने होंगे। NBSA ने BARC द्वारा 12 सप्ताह के लिए टीवी रेटिंग्स पर रोक लगाए जाने का भी स्वागत किया था।

आजतक ने दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के कथित आखिरी ‘ट्वीट्स’ पर उनकी मौत के दो दिन बाद 16 जून को ख़बर प्रकाशित की थी। ‘आज तक’ ने यह लेख अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से भी साझा किया था। आजतक ने जो लिंक साझा किया था उसके भीतर इस बात का दावा किया गया था कि सुशांत ने कथित तौर पर आत्महत्या के संकेत दिए थे। बाद में बिना किसी प्रकार का स्पष्टीकरण दिए यह ख़बर (ट्वीट) हटा ली गई थी।