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उत्तर प्रदेश : उन्नाव और नोएडा से दबोचे गए रोहिंग्या, नरवाल की मस्जिद में मौलवी बनकर रह रहा था

नागरिकता संशोधक कानून के विरोध में मोदी विरोधियों के संरक्षण में जगह-जगह बने शाहीन बाग़ का मुख्य उद्देश्य अवैध रूप से रह रहे पाकिस्तानी, बांग्लादेशी और रोहिंग्यों को राजनीतिक संरक्षण देना था। इस कानून के बनने के बाद से, प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुछ तो अपने-आप ही भारत छोड़ गए, लेकिन अभी भी लाखों की संख्या में कुर्सी के भूखे नेताओं का वोट बैंक बनकर रह रहे हैं। इसीलिए धरनों और प्रदर्शनों में नारे लगते थे, "कागज नहीं दिखाएंगे", क्योकि अवैध रूप से भारत को धर्मशाला समझ आए किसी के पास कोई कागज नहीं होगा। 

कुछ ही दिन पूर्व 35 वर्षों से उत्तर प्रदेश में रह रही पाकिस्तानी बानो बेगम को गिरफ्तार किया गया था, जिसने यहाँ रहते निकाह भी कर लिया और छद्दम देश-प्रेमी नेताओं की मेहरबानी से पंचायत प्रधान का चुनाव भी लड़ लिया। ऐसे ही दिल्ली भी समाचार हैं, ओखला में इन लोगों के आधार कार्ड, मतदान पहचान पत्र और राशन कार्ड बनवा दिए हैं। विकासपुरी, सीलमपुर, सीमापुरी और जामा मस्जिद क्षेत्र भी अछूते नहीं।   

उत्तर प्रदेश के नोएडा और उन्नाव से दो रोहिंग्या पकड़े गए हैं। जम्मू-कश्मीर से भी दो रोहिंग्या को गिरफ्तार किया गया है। इनके पास से जाली दस्तावेज भी मिले हैं।

उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ता (UP ATS) ने मार्च 1, 2021 को उन्नाव और नोएडा से दो रोहिंग्याओं को गिरफ्तार किया। आरोप है कि ये दोनों भारत में अवैध तरीके से रोहिंग्या की एंट्री करवाते थे। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त कार्यालय (UNHCR) में उनका पंजीकरण करा कर देश के अलग अलग शहरों में उनके रहने और रोजगार की व्यवस्था करते थे। इसके लिए फर्जी दस्तावेज भी तैयार कराते थे। ATS को दोनों की देश विरोधी गतिविधियों में संलिप्तता के सबूत हाथ लगे हैं।

म्यांमार के आकियाब जिले के निवासी

अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था (ADG) प्रशांत कुमार ने बताया कि ATS ने नोएडा से मोहम्मद फारुख व उन्नाव से शाहिद को गिरफ्तार किया है। मोहम्मद फारुख का असली नाम हसन अहमद है जो म्यांमार के आकियाब जिले का रहने वाला है। दोनों सगे भाई हैं। पूछताछ में पता चला है कि इनकी माँ और बहन भी अलीगढ़ में रहती हैं। इनके पास से 5 लाख रुपए व तमाम भारतीय दस्तावेज बरामद किए गए हैं। इन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। इनके बाकी साथियों को जिन्हें बंग्लादेश से भारत लाया गया है, उन तमाम लोगों की जानकारी जाँच टीम जुटाएगी। अभी तक 1600 रोहिंग्याओं को चिन्हित किया गया है। जिनकी तलाश जारी है।

ADG प्रशांत कुमार ने बताया कि पूछताछ में यह भी सामने आया है कि आरोपितों का बहनोई हुसैन अहमद परिवार सहित हरियाणा के नूह में रहता है। फारुख ने स्वीकार किया है कि वह अपने भाई शाहिद के साथ मिलकर रोहिंग्याओं को बांग्लादेश बॉर्डर से से भारत लाता था।

जम्मू-कश्मीर में भी पकड़े गए दो रोहिंग्या

वहीं जम्मू-कश्मीर में भी दो रोहिंग्याओं को पकड़े जाने की खबर है। इनमें से एक नरवाल की एक मस्जिद में मौलवी बनकर रह रहा था। उसका साथी भी पकड़ा गया। इनके पास से त्रिकुटा नगर पुलिस ने फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और पासपोर्ट बरामद किया है।
जानकारी के मुताबिक म्यांमार का रहने वाला मौलवी अब्दुल गफूर पुत्र अब्दुल जब्बार इन दिनों रहीम नगर में और म्यांमार का ही उसका साथी आशिक उर रहमान बठिंडी मोड़ में रह रहा था। सूचना पर एसएचओ त्रिकुटा नगर दीपक पठानिया ने दबिश देकर दोनों को हिरासत में लिया और उनके सामान की तलाशी ली। वरिष्ठ अधिकारियों की देखरेख में की गई इस कार्रवाई के दौरान पुलिसकर्मियों को कुछ मजहबी दस्तावेज भी मिले हैं, जिनकी जाँच की जा रही है।