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68 सालों के बाद ‘वेलकम बैक एयर इंडिया… जेआरडी होते तो बेहद खुश होते’: रतन टाटा

एयर इंडिया की शुरुआत 1932 में जेआरडी टाटा ने की थी। दूसरे विश्व युद्ध के दौरान इसकी सेवाएँ बंद की गई थी। दोबारा 1946 में जब इसकी सेवा बहाल हुई तो नाम टाटा एयरलाइंस से बदलकर एयर इंडिया लिमिटेड हो गया। देश स्वतंत्र होने के बाद एयर इंडिया की 49 फीसदी भागीदारी सरकार ने ले ली थी। इसके बाद 1953 में इसका राष्ट्रीयकरण कर दिया गया।

कर्ज में डूबी सरकारी एयरलाइन कंपनी एयर इंडिया की घर वापसी की खबरों पर आधिकारिक मुहर लग गई है। स्पाइसजेट को पीछे छोड़ते हुए टाटा संस ने इसकी बोली जीत ली है। टाटा ग्रुप को एयर इंडिया की कमान मिली है। कंपनी ने सबसे बड़ी बोली लगाई। वित्त मंत्रालय के अधीन आने वाली डिपार्टमेंट ऑफ इनवेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (DIPAM) के सचिव तुहिन कांत पांडे ने बताया है कि मंत्रियों की समिति ने एयर इंडिया के लिए विजेता बोली को मंजूरी दी है। टाटा संस ने एयर इंडिया के लिए 18,000 करोड़ रुपए की विजेता बोली लगाई।

DIPAM के सचिव ने बताया कि एयर इंडिया के लिए टाटा ग्रुप ने 18,000 करोड़ रुपए की बोली लगाई थी। एयर इंडिया का 15300 करोड़ रुपए का कर्ज टाटा चुकाएगी और बकाया 2700 करोड़ सरकार को देगी। एयर इंडिया पर 31 अगस्त तक 61,560 करोड़ रुपए का कर्ज था। इसमें 15300 करोड़ रुपए टाटा संस चुकाएगी, जबकि बाकी के 46,262 करोड़ रुपए AIAHL (Air India asset holding company) भरेगी।

तुहिन कांत पांडे ने कहा कि लेनदेन दिसंबर 2021 के अंत तक पूरी होने की उम्मीद है। डील में एयर इंडिया की जमीन और इमारतों सहित किसी भी नॉन एसेट (जैसे- भूमि और भवन) को नहीं बेचा जाएगा। कुल कीमत 14,718 करोड़ रुपए की ये संपत्ति सरकारी कंपनी AIAHL के हवाले कर दी जाएँगी। सरकार की शर्तों के मुताबिक सफल बोली लगाने वाली कंपनी टाटा को एयर इंडिया के अलावा सब्सिडरी एयर इंडिया एक्सप्रेस का भी शत प्रतिशत नियंत्रण मिलेगा। वहीं, एआईएसएटीएस में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी पर कब्जा होगा।

एआईएसएटीएस प्रमुख भारतीय हवाईअड्डों पर कार्गो और जमीनी स्तर की सेवाओं को उपलब्ध कराती है। विनिवेश नियमों के मुताबिक टाटा को एयर इंडिया के घरेलू हवाई अड्डों पर 4,400 घरेलू और 1,800 अंतरराष्ट्रीय उड़ान के लैंडिंग की मंजूरी मिलेगी।

एयर इंडिया की करीब 68 साल बाद घर वापसी पर समूह के चेयरमैन रतन टाटा ने रतन टाटा ने इमोशनल पोस्ट किया है। ‘वेलकम बैक, एयर इंडिया’ का ट्वीट करते हुए उन्होंने एक नोट भी अटैच किया है। साथ ही 1932 में इस विमानन सेवा की शुरुआत करने वाले विजनरी बिजनेसमैन जेआरडी टाटा का एयर इंडिया के साथ एक फोटो भी शेयर किया है।

रतन टाटा ने अपने पोस्ट में कहा है, “एयर इंडिया का बोली जीतना टाटा ग्रुप के लिए काफी अच्छी खबर है। इसमें कोई दो राय नहीं है कि एयर इंडिया को फिर से खड़ा करने के लिए मेहनत की जरूरत होगी। उम्मीद है कि यह फैसला एविएशन इंडस्ट्री में टाटा ग्रुप की मौजूदगी के लिए एक बड़ा बाजार उपलब्ध कराएगा।”

उन्होंने लिखा है कि एक समय था जब जेआरडी के नेतृत्व में एयर इंडिया दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित एयरलाइंस थी। टाटा के पास मौका है कि एयर इंडिया को ये पहचान दोबारा दिलाए। यदि आज जेआरडी टाटा होते तो बेहद खुश होते। उन्होंने कहा कि वे सरकार के भी शुक्रगुजार हैं कि उसने हाल में कई इंडस्ट्री को प्राइवेट सेक्टर के लिए खोलने की नीति अपनाई है।

तेजी से चल रही Air India की निजीकरण की प्रक्रिया

Air India
                                                                                      प्रतीकात्मक 
नागर विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि एयर इंडिया के निजीकरण की प्रक्रिया पूरी गति से बढ़ रही है और आने वाले महीनों में इसके पूरा हो जाने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि एयर इंडिया का बेचा जाना देश के विमानन क्षेत्र के व्यापक हित में है। पुरी ने बर्मिंघम विश्वविद्यालय में शुक्रवार को गुरु नानक के उपदेशों पर भारत संस्थान वार्षिक व्याख्यान दिया। इससे इतर उन्होंने कहा, 'एयर इंडिया के निजीकरण की प्रक्रिया पूरी गति में है और मैं आने वाले महीनों में इसके पूरा हो जाने की उम्मीद करता हूं।'
उन्होंने इस बार एयर इंडिया की पूरी 100 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने के लिये रखे जाने के संबंध में कहा कि पहले के असफल प्रयासों से सबक सीखा गया है ताकि इस बार सरल प्रक्रिया सुनिश्चित की जा सके। पुरी ने कहा, 'यह भारतीय विमानन क्षेत्र के हित में है। सरकार को विमान संचालन के कारोबार में नहीं पड़ना चाहिये।'
उन्होंने कहा, वे ऐसा मानते हैं कि आने वाले दशकों में विदेशी निवेशकों के सहयोग से विमानन क्षेत्र भारत की आर्थिक वृद्धि का महत्वपूर्ण वाहक बनकर उभरेगा। उन्होंने कहा, 'नागर विमानन क्षेत्र भारत के लिये महत्वपूर्ण वृद्धि का क्षेत्र है। मेरा अनुमान है कि आने वाले सालों में कई विदेशी निवेशक इसमें दिलचस्पी दिखाएंगे।'
पुरी ने कहा, 'मैं उम्मीद कर रहा हूं और मुझे भरोसा है कि ऐसा होगा। अभी हम तीसरे बड़े घरेलू विमानन बाजार हैं लेकिन हम कुल विमानन के हिसाब से भी तीसरा सबसे बड़ा बाजार बनेंगे। हम जिस गति से आगे बढ़ रहे हैं, वैश्विक विमानन क्षेत्र में हमारी हिस्सेदारी सिर्फ बढ़ेगी।'
उन्होंने कहा, 'अभी हमारी जीडीपी 2.89 हजार अरब डॉलर की है हम धीमा ही सही लेकिन 2024 तक पांच हजार अरब डॉलर और 2030 तक 10 हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की राह पर हैं।'
उन्होंने कहा, 'सभी फ्लैगशिप कार्यक्रम काफी अच्छा कर रहे हैं। स्वच्छ भारत मिशन शानदार तरीके से सफल हुआ है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत एक करोड़ घरों को 202 तक पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन इसे समयसीमा से काफी पहले ही हासिल कर लिया गया है।'