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भगोड़े अमृतपाल सिंह की पत्नी बब्बर खालसा की सदस्य, 2020 में ब्रिटेन मे हुई थी गिरफ्तार

पत्नी किरणदीप कौर और अमृतपाल (साभार: भास्कर/सोशल मीडिया)
दो प्रधानमंत्रियों इंदिरा गाँधी और नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में खालिस्तान ने अपना सिर उठाया, दोनों में अंतर इतना यह है कि पहले खालिस्तानियों ने पंजाब को लहूलुहान किया था, इंदिरा गाँधी की निजी नीतियों के कारण, जबकि तब कांग्रेस की और अब आम आदमी पार्टी की सरकार दोनों ही खालिस्तान समर्थन से बनी। लेकिन वर्तमान में पंजाब और केंद्र में विरोधी सरकारों के होने से केंद्र की सख्ती के कारण पंजाब में आम आदमी पार्टी को खालिस्तानियों के विरुद्ध कार्यवाही करने को मजबूर होना पड़ा, जिस कारण खालिस्तान सरपरस्त बन रहे अमृतपाल सिंह को छुपकर भागने को मजबूर होना पड़ा।   

पाकिस्तान की कुख्यात खुफिया एजेंसी ISI के सहयोग से पंजाब में अलगाववादी खालिस्तान मूवमेंट को फिर से हवा देने की कोशिश करने वाले अमृतपाल सिंह को पुलिस हर तरफ तलाश कर रही है। भगोड़े अमृतपाल का पता लगाने के लिए कई पोशाकों में उसकी तस्वीरें भी जारी की गई हैं। जिस कार और बाइक से वह फरार हुआ था, उन्हें पुलिस ने बरामद कर लिया है।

पुलिस को यह बाइक 22 मार्च 2023 को जालंधर से करीब 45 किलोमीटर दूर दारापुर इलाके में लावारिस हालत में मिली। जालंधर के SSP स्वर्णदीप सिंह ने भी इसकी पुष्टि की है। बाइक पर सवार होकर भागते अमृतपाल का एक वीडियो भी सामने आया है। यह किसी CCTV से ली गई तस्वीर है। हालाँकि, इस पर पुलिस ने कुछ नहीं कहा है।

एक स्थानीय चश्मदीद के हवाले से ANI ने बताया, “हमें आज सुबह पता चला जब पुलिस आई। अमृतपाल अपने साथियों के साथ 18 मार्च को गाँव में था। उसने स्थानीय गुरुद्वारे में कपड़े बदले, खाना खाया और फिर मोटरसाइकिल से चला गया। पुलिस से पूछताछ में बाबाजी ने स्वीकार किया था कि अमृतपाल यहाँ आया था।”

अमृतपाल की सामने आई तस्वीरों में उसका हुलिया बदला हुआ है। उसने दाढ़ी कटवा ली है। पारंपरिक सिख बाणा उतार दिया है और पगड़ी में हैं। शर्ट और जींस में बाइक पर बैठा दिख रहा है। पुलिस के मुताबिक, अमृतपाल ब्रेजा कार से नंगल अंबिया गाँव पहुँचा था। वहाँ गुरुद्वारा के ग्रंथी को हथियारों के बल पर बंधक बनाकर एक घंटा तक रूके। अमृतपाल या खाना खाया, कपड़े बदला और बाइक से भाग निकला।

इसके बाद वहाँ से निकल कर वह कार में ही गाँव के एक स्मारक के पास पहुँचा। वहाँ दो बाइक पर तीन युवक पहले से ही उसका इंतजार कर रहे थे। यहाँ से मनप्रीत ब्रेजा लेकर अपने घर पहुँच गया और अमृतपाल बाइक पर सवार होकर भाग गया। यह ब्रेजा कार अमृतपाल के ही मीडिया एडवाइजर पपलप्रीत सिंह की थी।

दरअसल, 18 मार्च 2023 की सुबह तकरीबन 11 बजे पंजाब पुलिस ने अमृतपाल और उसके सहयोगियों पर कार्रवाई शुरू की थी। अमृतपाल अपनी मर्सिडीज में जा रहा था। अमृतपाल को इसकी भनक लगते वह अपनी मर्सिडीज शाहकोट-मोगा हाईवे पर बाजवा कलां गाँव के पास बने फ्लाईओवर के नीचे छोड़ दी। इस मर्सिडीज को उसके चाचा और ड्राइवर ले गए। इसके बाद वह एक ब्रेजा कार में बैठकर भाग गया।

पुलिस ने अमृतपाल के चाचा और ड्राइवर को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही अमृतपाल को भगाने वाले वाले 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पंजाब के IGP सुखचैन सिंह गिल ने कहा कि गिरफ्तार किए इन लोगों पर आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया या है।

पुलिस ने अमृतपाल को गिरफ्तार करने के लिए लोगों से सहयोग माँगा है। पुलिस ने अमृतपाल का विभिन्न पोशाकों में तस्वीरें भी जारी की हैं। IGP गिल ने कहा कि अमृतपाल जिस ब्रेजा कार से भागा था, उसे भी बरामद कर लिया गया है। साथी ही अमृतपाल के ISI लिंक की भी जाँच पुलिस ने शुरू कर दी है।

IGP गिल के अनुसार, भागने के दौरान वह गुरुद्वारा नांगल अंबियन गया, जहाँ उसने अपने कपड़े बदल लिए। उन्होंने बताया कि इस मामले में अब 154 लोगों को या तो हिरासत में लिया गया है या फिर गिरफ्तार किया गया है। इसके साथ ही लगभग 12 हथियार जब्त किए गए हैं, जिनमें राइफल और पिस्टल भी शामिल हैं।

उधर, पुलिस ने अमृतसर के जल्लूपुर खेड़ा गाँव में अमृतपाल की माँ से करीब एक घंटे पूछताछ की। वहीं, कुछ मीडिया रिपोर्ट में यह भी कहा जा रहा है कि अमृतपाल की पत्नी किरणदीप कौर से भी पूछताछ की गई है। हालाँकि, पूछताछ किस सिलसिले में हुई है, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है।

भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक, अमृपताल की पत्नी किरणदीप कौर अप्रवासी भारतीय (NRI) है और अलगाववादी संगठन बब्बर खालसा की सदस्य भी है। भास्कर ने एक सीनियर ब्रिटिश खुफिया अफसर के हवाले से बताया है कि किरणदीप बब्बर खालसा के लिए फंड जुटाती है और खालिस्तान मूवमेंट की फंडिंग करती है। उसे साल 2020 में पाँच अन्य लोगों के साथ बब्बर खालसा के लिए पैसे जुटाने के आरोप में गिरफ्तार भी किया गया था।