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राजीव गाँधी के चाटुकार सैम पित्रौदा ने उड़वा दिया मजाक, बोला, ‘राजीव गाँधी 1 दिन में मिलाते थे 5000+ लोगों से हाथ, खून निकलने लगता था’

कांग्रेस नेता सैम पित्रौदा और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी
लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस अपने मुताबिक माहौल बनाने में लगी हुई है। राहुल गाँधी एक नई यात्रा पर निकल रहे हैं। लेकिन उनके नेताओं के बयानों के कारण उनकी अभी से फजीहत होनी शुरू हो चुकी है। सैम पित्रौदा को ही सुन लीजिए। एक चैनल के साथ बातचीत में उन्होंने कहा है कि राहुल गाँधी की तरह राजीव गाँधी भी बहुत लोगों से मिलते थे। वह तो एक दिन में 5-5 हजार लोगों के साथ हाथ मिलाते थे जिसकी वजह से उनके हाथ से खून भी निकलने लगता था।

उन्होंने खुद को राजीव गाँधी का दोस्त बताते हुए इस वाकये की चर्चा 4pm नाम के चैनल पर संजय शर्मा के साथ की। यहाँ सजय उनसे पूछ रहे थे- “क्या आप राहुल गाँधी के पिता (राजीव गाँधी) के दोस्त रहे थे? इस पर सैम ने ‘हाँ’ में जवाब दिया और जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने कभी इस तरह की यात्रा की थी, क्या उन्हें भी लोगों से मिलने का शौक था?

इस पर सैम बोले- “बिल्कुल, मैं आपको एक बार की बात बताता हूँ। एक रात, मैं और मेरी पत्नी राजीव गाँधी से मिले। उस समय उनके हाथ से खून निकल रहा था। मुझे बड़ा अचरज लगा। मैंने पूछा कि ये क्या हुआ। तो उन्होंने कहा- सैम, आज हमने करीबन 5000 लोगों से हाथ मिलाया। जहाँ भी मैं गया लोगों ने हाथ मिलाए। वो लोग खेतीबाड़ी करते हैं उनके हाथ बहुत रफ होते हैं।”

ऐसे में यह भी सवाल होता है कि 'जो नेता इतने लोगों से मिलता हो, और अगले ही चुनाव में सत्ता से बाहर होना' क्या संभव हो सकता है? चाटुकारिता की भी एक सीमा होती है, फैंको उतना जितना सामने वाले के गले से नीचे उतर सके। इतना मत फेंको की अपनी जग हंसाई करवाने के साथ-साथ अपने नेता की भी हंसी उड़वा दो। हकीकत में कांग्रेस के पतन का कारण ही परिवार की चाटुकारिता है। 

सैम कहते हैं, “हमारे हाथ कभी भी इतने रफ नहीं हो सकते क्योंकि हम लिखते हैं, कुल्हाड़ी लेकर काम नहीं करते। हमारे पूर्वजों के हाथ रफ थे। मेरे चाचा तो लुहार का काम करते थे। वो पूड़ियाँ बनाते थे तो गर्म तेल में ऊंगली डालकर उसे निकालते थे। उनके काम के कारण उनका हाथ रफ हो गया था।”

सैम जब दावा करते रहते हैं कि राजीव गाँधी बहुत लोगों को मिलते थे, तो ये वाकया सुन संजय शर्मा पूछते हैं कि क्या उन्होंने सच में इतने लोगों से हाथ मिला लिया कि उनका हाथ कड़ा हो गया और खून आ गया?

इस पर सैम फिर दोहराते हैं कि राजीव गाँधी इतने के बाद रुकते नहीं थे। ये सिलिसला चलता रहता था। वह आनंद से रहते थे और बोलते थे कि ये उनकी ड्यूटी है। सैम ने दावा किया कि ये सब राजीव गाँधी ने प्रधानमंत्री रहते हुए किया था। वह पीएम होते हुए भी इतने लोगों से मिलते थे।

राजीव गाँधी का सैम पित्रौदा ने उड़वा दिया मजाक

सैम पित्रौदा की इस बात का सोर्स वह स्वयं हैं। उन्होंने वीडियो में ये नहीं बताया कि कौन सी रैली में, कौन से गाँव में, किस जगह राजीव गाँधी ने 5 हजार से ज्यादा लोगों से इतनी बार हाथ मिलाए कि उनका हाथ ही कट गया और उससे खून निकलने लगा। केवल गाँधी परिवार का बखान करने में ऐसा लगता है वो कुछ भी बोलते चले गए। यही वजह है कि उनकी ये बातें सुनकर राहुल गाँधी के साथ-साथ अब राजीव गाँधी का भी मजाक उड़ने लगा है।
वहीं सैम पित्रौदा को तो लोग ‘चाटुकार’ बता रहे हैं, बड़े स्तर का चमचा कह रहे हैं। कुछ लोग ‘कॉन्ग्रेस की नैया डुबाने’ के पीछे सैम पित्रौदा को जिम्मेदार बता रहे हैं। कुछ ऐसे बयान सुनकर कह रहे हैं कि कॉन्ग्रेस को भगवान ही बचा सकती है। कुछ लोग तो सैम पित्रौदा की बड़ी-बड़ी बात को गणित के साथ भी काट रहे हैं कि अगर एक व्यक्ति से हाथ मिलाने में 6-7 सेंकेड लगते हैं तो 5000 लोगों से हाथ मिलाने में तो 8 घंटे के करीब लग जाएँगे। क्या सवाल नहीं उठता कि एक दिन में एक प्रधानमंत्री सिर्फ 8 घंटे तक लोगों से हाथ ही मिला रहा है।