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उत्तर प्रदेश : ‘मुसलमानी महिलाओं को टिकट नहीं दिया जाए’: कांग्रेस जिलाध्यक्ष ओंकार सिंह

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (UP Election 2022) में ‘महिला शक्ति’ का नारा लेकर उतरी कांग्रेस  की एक महिला प्रत्याशी ने यह कहते हुए पार्टी से इस्तीफा दे दिया कि संगठन में महिलाएँ सुरक्षित नहीं हैं। बदायूँ जिले के शेखूपुर विधानसभा सीट से कॉन्ग्रेस ने फराह नईम (Farah Naeem) को उम्मीदवार बनाया था। नईम ने 27 जनवरी 2022 को चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा करते हुए पार्टी की सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया। 

मीडिया से बात करते हुए फराह नईम ने कहा, “पार्टी जिलाध्यक्ष ओंकार सिंह ने कहा कि मुसलमानी महिलाओं को टिकट नहीं मिलना चाहिए और मैं एक चरित्रहीन महिला हूँ। जिला इकाई में महिलाएँ सुरक्षित नहीं हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “महिलाएँ बदायूँ कांग्रेस संगठन में सुरक्षित नहीं हैं। मैंने टिकट के लिए दावेदारी की, लड़ाई लड़ी। ओंकार सिंह (कांग्रेस के जिलाध्यक्ष) ने मुझे रोकने के लिए मेरे चरित्र पर कीचड़ उछाले, महिलाओं के चरित्र पर कीचड़ उछाले। उनका कहना है कि मुसलमानी महिलाओं को टिकट नहीं दिया जाए, जबकि कांग्रेस को हर बिरादरी और जाति का वोट चाहिए। ओमकार सिंह ने मेरे लिए कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी। हर कोशिश की धमकाने की। उन्होंने टिकट रोकने की हर कोशिश की।” 

जिलाध्यक्ष ने लगाया चरित्रहीन का आरोप

नईम ने कहा, “ओंकार सिंह जैसे लोग इस संगठन में मौजूद हैं तो मैं चुनाव नहीं लड़ूँगी। मैं कांग्रेस पार्टी की सदस्यता से भी इस्तीफा देती हूँ। मेरे बारे में बताया गया है कि मेरे पास अपने खाने के लिए भी एक रुपया नहीं है। दूसरा आरोप है कि मैं चरित्रहीन हूँ। ऐसे बहुत सारे आरोप लगाए गए हैं, जिन्हें गिनते-गिनते मैं थक जाऊँगी। इन आरोपों ने मुझे बहुत आघात पहुँचाया है।”
वह आगे कहती हैं, “मैंने भी तय किया है कि मैं लड़ूँगी, मैं टूटूँगी नहीं। आगे भी सेवा करूँगी और हर उस किनारे पर आकर खड़ी होऊँगी, जहाँ महिलाओं को सुरक्षित नहीं बताया जाएगा और उसे अकेला समझा जाएगा। जब प्रभारी लोगों ने फोन पर मुझसे सवाल पूछे तो मैंने कानों पर हाथ रख लिया और कहा कि मुझे अफसोस है कि मैंने कांग्रेस पार्टी की सेवा की और ओंकार सिंह ने मेरे लिए इतने गंदे शब्द इस्तेमाल किए।” यह बोलते-बोलते फराह नईम पूरी तरह से टूट जाती हैं और रो पड़ती हैं।
फराह नईम के इस्तीफा देने के बाद कांग्रेस ने उनकी जगह पर बदायूँ के शेखूपुर विधानसभा क्षेत्र से ममता देवी प्रजापति को मैदान में उतारा है। बता दें कि शेखुपुर विधानसभा क्षेत्र बदायूँ जिले का हिस्सा है और आँवला (लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र) के पाँच विधानसभा क्षेत्रों में से एक है। 2008 में इस विधानसभा क्षेत्र का गठन किया गया था। विधानसभा क्षेत्र में पहला चुनाव 2012 में हुआ था। उत्तर प्रदेश में सात चरणों में चुनाव होने हैं। पहले चरण की वोटिंग 10 फरवरी और अंतिम चरण का मतदान 7 मार्च को होगा।

क्या डोनल्ड ट्रम्प की पत्नी मेलानिया ट्रम्प वेश्या, कॉलगर्ल… ?

                                         अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को 2016 से ही आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है, तब से जब से उन्होंने पदभार सम्भाला है। राष्ट्रपति कार्यालय (Oval office) खाली करने से कुछ हफ्ते पहले डोनाल्ड ट्रंप के विरोधी और डेमोक्रेट समर्थकों ने उनकी पत्नी और अमेरिका की पहली महिला मेलानिया ट्रंप की स्लट शेमिंग (slut shaming) शुरू कर दी है। 

26 दिसंबर 2020 को अमेरिकी राष्ट्रपति ने Breitbart News के एक ट्वीट पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें ऐसा कहा गया था कि किसी भी बड़ी पत्रिका ने बीते 4 वर्षों में मेलानिया की कवर तस्वीर प्रकाशित नहीं की, जबकि वह अमेरिका की पहली महिला हैं। अब तक किसी भी अमेरिकी राष्ट्रपति की पत्नी के साथ इस तरह का बर्ताव नहीं किया गया था।

Breitbart News ने लिखा, “फैशन प्रेस के अभिजात्य वर्ग ने अमेरिकी इतिहास में देश की पहली महिला को अपनी पत्रिकाओं से लगातार 4 वर्ष तक दूर रखा है।” इस बात से नाराज़ ट्रंप ने पत्रिकाओं के संबंध में लिखा, “अब तक की महानतम, फेक न्यूज़”। Breitbart ने बुधवार (23 दिसंबर 2020) को अपनी ख़बर में बताया था कि मेलानिया ट्रंप ने एलोनॉर ऑल्टा थाई हाई ब्लैक लेदर बूट (Eleonor Alta thigh-high black leather boots) पहना था, जिसकी कीमत 2195 डॉलर थी और डबल ब्रेस्टेड वुल कोट (double-breasted wool coat) पहना था, जिसकी कीमत 6610 डॉलर थी।

इसके बाद ट्रम्प विरोधियों को मेलानिया ट्रंप का अपमान और चरित्र हनन करने का मौक़ा मिल गया। फैशन पत्रिकाओं द्वारा पहली अमेरिकी महिला को नज़रअंदाज़ करने के फैसले का समर्थन करते हुए एक यूज़र ने लिखा, “शायद इसलिए क्योंकि कोई भी एक सॉफ्ट पोर्न मॉडल को नहीं देखना चाहता, जो अक्सर सेक्स तस्करों (sex traffickers) के साथ नज़र आती थीं।”

एक और यूज़र ने तो मेलानिया को “वेश्या” ही कह दिया। GQ पत्रिका की कवर (जिस पर मेलानिया की तस्वीर प्रकाशित हुई थी) साझा करते हुए यूज़र ने लिखा, “आम तौर पर फैशन पत्रिकाएँ वेश्याओं और रूस की ऑर्डर पर आने वाली दुल्हनों (mail order brides) को अपनी कवर पर जगह नहीं देते हैं। यह तस्वीरें इतनी घटिया तो थी हीं।”

अन्य ट्विटर यूज़र ने मेलानिया को ‘कॉल गर्ल’ बताया और एक ने कहा कि इनकी स्कूलिंग पोर्न हब नाम की पोर्न वेबसाइट से हुई है। 

एक और यूज़र ने लिखा, “जैकी ओ नैंसी रीगन, मिशेल ओबामा में फिर भी नैतिकता थी। एक बूढ़ी सॉफ्ट पोर्न मॉडल के बारे में कुछ भी नैतिक नहीं है। ये नस्लभेद को जन्म देता है।”

एक और यूज़र ने ईसा मशीह की तस्वीर साझा की, जिसमें वह अपने शिष्यों को शिक्षा दे रहे हैं। उसका कैप्शन था, “जो बायडेन को वोट करो। उनकी पत्नी के स्तनों की तस्वीर पूरे इंटरनेट पर मौजूद नहीं है।” 

रिपोर्ट्स के मुताबिक़ डोनाल्ड ट्रंप इस बात से काफी नाराज़ हैं कि फैशन पत्रिकाओं ने उनकी पत्नी को नज़रअंदाज़ किया जबकि मिशेल ओबामा अक्सर पत्रिकाओं की कवर पर नज़र आती थीं। इससे पहले अभिनेता जेम्स वुड्स ने भी फरवरी 2020 में यह मुद्दा उठाया था।