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IMA के डॉक्टर जीतेन्द्र नागर ने ईसाई धर्मांतरण पर चीफ जॉन जयलाल का माँगा इस्तीफा

बाबा रामदेव दूसरे शब्दों में कहा जाए तो आयुर्वेद के खिलाफ बोलकर डॉ जयलाल ने IMA को बेनकाब कर, इसकी प्रतिष्ठा पर कुठाराघात कर इसकी विश्वसनीयता को भी बहुत नुकसान पहुँचाया है। निकट भविष्य में जिसकी भरपाई बहुत कठिन है। जीतेन्द्र नागर की भांति अन्य डॉक्टरों को भी जयलाल की विरोध में आना चाहिए। 
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के अध्यक्ष प्रोफेसर डॉक्टर जॉनरोज ऑस्टिन के खिलाफ अब उनके ही संगठन में विरोध के स्वर फूटने लगे है। IMA के ही एक डॉक्टर ने उनका इस्तीफा माँगा है। डॉक्टर जितेंद्र नागर ने कहा कि जहाँ वो एक तरफ ‘एविडेंस बेस्ड’ एलोपैथी पर गर्व करते हैं, वहीं दूसरी तरह हमारे पूर्वजों की महान वैदिक विरासत आयुर्वेद का भी सम्मान करते हैं। उन्होंने डॉक्टर JA जयलाल का इस्तीफा माँगा।

डॉक्टर जितेंद्र नागर ने अपनी चिंता जाहिर करते हुए कहा कि IMA के मुखिया ईसाई धर्मांतरण के कटु एजेंडा का प्रचार-प्रसार करने में लगे हुए हैं, ऐसे में वो जब तक इन सबसे पाक-साफ़ होकर नहीं निकलते, उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने IMA को एक पत्र लिख कर संगठन के अध्यक्ष पर सोशल मीडिया पर लगे आरोपों के सम्बन्ध में आगाह किया। उन्होंने कहा कि डॉक्टर JA जयलाल ईसाई मिशनरी एजेंडा का उपदेश देने और प्रचार-प्रसार में लगे हुए हैं।

डॉक्टर जितेंद्र नागर ने पत्र में लिखा, “आखिर कैसे कोई व्यक्ति IMA जैसी संस्था के शीर्ष पद पर बैठ कर ईसाई धर्मांतरण के कटु एजेंडे को बढ़ावा दे सकता है? ऐसे आरोपों ने IMA की धर्मनिरपेक्ष और संप्रभु छवि को नुकसान पहुँचाया है, एक चिंता का भाव पैदा किया है। मैं IMA के राष्ट्रीय पदाधिकारियों से निवेदन करता हूँ कि डॉक्टर जॉनरोज ऑस्टिन जयलाल पर लगे आरोपों की जाँच के लिए एक समिति का गठन किया जाए।”

उन्होंने माँग रखी कि जब तक डॉक्टर JA जयलाल इन आरोपों को लेकर हुई जाँच में पाक-साफ़ साबित नहीं हो जाते, तब तक उन्हें IMA अध्यक्ष का पद छोड़ देना चाहिए। गुजरात के बनासकांठा स्थित डीसा के रहने वाले डॉक्टर जितेंद्र नागर IMA के सदस्य भी हैं। उन्होंने गुरुवार (मई 29, 2021) को ये पत्र लिखा था, जिसे 5 दिन बाद सोशल मीडिया पर शेयर किया। वो ‘डायबिटीज स्कूल’ संस्था के अध्यक्ष भी हैं।

उधर JA जयलाल ने कहा है कि उनके संगठन IMA की बाबा रामदेव या आयुर्वेद से कोई दुश्मनी नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि योग गुरु बाबा रामदेव ने भारत सरकार की कोरोना वैक्सीन नीति के खिलाफ अफवाह फैला कर लोगों को गुमराह किया। तमिलनाडु के तिरुनेलवेली मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में सर्जरी के प्रोफेसर जयलाल ने कहा कि बाबा रामदेव के देश-विदेश में लाखों अनुयायी हैं, ऐसी में अगर वो माफ़ी माँगते हैं तो उनके खिलाफ शिकायत वापस ली जा सकती है।

‘मनीकंट्रोल’ से बात करते हुए उन्होंने केंद्रीय मंत्रियों द्वारा बाबा रामदेव का साथ देने के सवाल पर कहा कि सरकार के कार्यप्रणाली पर वो टिप्पणी नहीं कर सकते। साथ ही उन्होंने कहा कि IMA भारत सरकार के नियमों का ही अनुसरण करता है। उन्होंने दावा किया कि IMA आयुर्वेद के आक्रामक प्रचार-प्रसार के पक्ष में है, लेकिन मिक्सिंग के खिलाफ है। उन्होंने ये भी कहा कि हजारों लोगों की तरह वो भी एक योग गुरु के रूप में बाबा रामदेव का सम्मान करते हैं।

जयलाल लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित भारतीय जनता पार्टी के नेताओं पर निशाना साधते हुए अपनी विचारधारा और मंशा को उजागर करने वाली खबरें (कुछ तो फेक भी), कार्टून और हैशटैग साझा करते रहते हैं। उन्होंने आयुर्वेद की निंदा करने वाले साक्षात्कार, व्याख्यान और सेमिनार देने में महीनों बिताए। उन्होंने कोरोना से ठीक होने का श्रेय भी जीसस को दिया।