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लोहे की सीढ़ी पर चढ़ पंजाब CM जोड़ रहे बिजली की तार; नेताओं को कानून तोड़ने का अधिकार क्यों?

जिस प्रकार नेता वोट के चक्कर में कटे हुए बिजली कनेक्शन को जोड़ देते हैं, यदि स्थिति एकदम विपरीत होती क्या बिजली विभाग चुप रहता? आम नागरिक द्वारा यही काम करने पर ये ही कानून की दुहाई देने लगते, पता नहीं कितनी दफाएं लगा दी जातीं। कुछ वर्ष पूर्व यही गैर-कानूनी काम दिल्ली के वर्तमान मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने भी किया था, लेकिन कानून खामोश। नेताओं को कानून तोड़ने का अधिकार क्यों? अंग्रेजी में एक कहावत है You show me the man, I will show you the rules शत-प्रतिशत चरितार्थ हो रही है।  
पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की सोशल मीडिया पर एक तस्वीर सामने आई है। इसमें वह बिजली के खंबे पर खड़े दिख रहे हैं। वहीं नीचे कई महिलाएँ हैं जो कैमरे की ओर चेहरा करके अपनी फोटो खिंचा रही हैं।

इस तस्वीर को शेयर करते हुए पंजाब प्रदेश कांग्रेस सेवादल ने कहा, “बिजली बिल बकाया होने पर विभाग ने एक किसान परिवार का कनेक्शन काट दिया था, पंजाब सीएम चन्नी साहब ने खुद अपने हाथों से पुनः कनेक्शन जोड़ा। पंजाब कांग्रेस जिंदाबाद ,चन्नी साहब जिंदाबाद।”

सोशल मीडिया पर पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की यह तस्वीर खूब शेयर हो रही है। हालाँकि यह हालिया तस्वीर है या नहीं, इसकी पुष्टि ऑपइंडिया नहीं करता। लेकिन दावा है कि कुराली में बिजली का बिल न भरने के कारण गरीबों का कनेक्शन काट दिया गया था। ऐसे में चरणजीत सिंह खुद कुराली गए और खंभे पर चढ़कर कनेक्शन को जोड़ा।

इस बीच कुछ लोग ऐसे भी हैं जो इस फोटो को देख चन्नी पर सवाल खड़ा कर रहे हैं। कोई कह रहा है कि यह कोई साधारण व्यक्ति नहीं है, यह पंजाब के मौजूदा मुख्यमंत्री चन्नी साहब हैं जो लोकल जनता का परेशानी नहीं देख सकते।

वहीं कुछ का कहना है, “मुख्यमंत्री के इशारे पर तो एक नहीं सौ पम्पघरों के बिजली कनेक्शन दो मिनट में लग जाएँ। तो चन्नी मुख्यमंत्री बनो ड्रामेबाज तो पहले ही बहुत हैं।”

राहुल मेहरा कहते हैं, “पंजाब में जल्द ही इलेक्शन होने वाले हैं इसलिए चरणजीत सिंह चन्नी फोटो सेशन में व्यस्त हो रखे हैं। फोटो सेशन इसलिए क्योंकि उनके कहने भर से बिजली विभाग हर काम कर देगा! अमृतसर में डेंगू का प्रकोप इतना है के हर घर से कोई ना कोई हॉस्पिटल में है, लेकिन चन्नी जी को तो सिर्फ…।”

हिंगलाग दान कहते हैं, “चरणजीत चन्नी की पहल तो अच्छी है लेकिन पोज अच्छा नहीं है। ऊपर चढ़ना, फिर सबको बिजली पोल के पास बुलाना, एक कतार में खड़ा करना, फिर फोटो खिंचवाना। मतलब उद्देश्य फोटो खिंचवाने का ही था।”

मयंक लिखते हैं, “लोहे की सीढ़ी से बिजली कनेक्शन जोड़ते पंजाब के यशस्वी मुख्यमंत्री चन्नी साहब। ये लोहे की सीढ़ी जरूर सिद्धू ने भेजी होगी।”

दिलचस्प बात यह है कि कांग्रेस के अकॉउंट से जिस मुद्दे (बिजली काटने और उसे पुन: जोड़ने) पर सीएम चन्नी के लिए वाह-वाही बटोरने का काम किया जा रहा है। वो मुद्दा और उसका समाधान उनके ही अधीन है। कांग्रेस शासित प्रदेश में अगर मुख्यमंत्री नहीं चाहते कि किसी के यहाँ से बिजली जाए तो ये सोचने का विषय है कि कैसे बिजली विभाग अपने आप आम जनता के घरों में ये एक्शन ले सकता है।