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मुर्शिर्दाबाद : हिन्दू विरोधी ममता के जेहादी गुंडे पानी में मिला रहे जहर ; गेंद समझकर हिन्दू बच्चे ने देसी बम में मारी लात, एक की मौत दो घायल; बंगाल में हिन्दू बंटा तो कट रहा है; सेकुलरिज्म और गंगा-जमुनी तहजीब के पाखंडी नारे लगाने वाले बेनकाब

                                      पांडुआ ग्रामीण अस्पताल (Etv Bharat)
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद के शमशेरगंज इलाके में एक देसी बम फटने से 2 बच्चे घायल हो गए। बच्चे एक मैदान में खेल रहे थे जहाँ यह बम पड़ा हुआ था। उन्होंने इसे गेंद समझ कर उठा लिया। उसी बीच इसमें विस्फोट हो गया, जिससे उन्हें चोटें आई। 
पश्चिम बंगाल के पांडुआ शहर में सोमवार को तालाब के पास खेलते समय गलती से एक देशी बम के संपर्क में आने से एक 11 वर्षीय लड़के की मौत हो गई और दो किशोर गंभीर रूप से घायल हो गए
।

एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक घटना सुबह आठ बजे पांडुआ के नेताजी पल्ली में तालाब के पास हुई। स्थानीय लोगों ने बताया कि कुछ लड़के खेल रहे थे और इसी दौरान राज विश्वास (11) ने गेंद समझकर बम में लात मार दी। धमाका इतनी तेज हुआ कि तीनों लड़के घायल हो गए।

राज विश्वास को गंभीर चोटों के कारण पांडुआ ग्रामीण अस्पताल ले जाया गया। हालत बिगड़ने के बाद उसे चुंचुरा इमामबाड़ा अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। वह बर्दवान के पल्ला रोड का रहने वाला था और गर्मी की छुट्टियों में अपने चाचा के घर आया हुआ था।

घायल अन्य दो रूपम बल्लभ(13) और सौरव चौधरी(13) तिन्ना हाई स्कूल के कक्षा 7 के छात्र हैं। उनका वर्तमान में पांडुआ ग्रामीण अस्पताल में इलाज किया जा रहा है। रूपम के हाथ में चोट आई है जबकि सौरव के पैर में चोट लगी है।

स्थानीय निवासी उषा बल्लभ ने कहा, 'मेरा पोता घर पर टीवी देख रहा था जब उसके दोस्त शांतू ने उसे बाहर खेलने के लिए बुलाया। कुछ देर बाद एक तेज आवाज सुनाई दी और जब मैं बाहर गई तो देखा कि मेरा पोता जमीन पर पड़ा हुआ है और उसका बायां हाथ जख्मी है।'

आजतक की एक खबर के अनुसार घायल बच्चों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। बताया गया है कि बम उसी इलाके में खुले में पड़ा हुआ था, जो हाल ही में वक्फ विरोध प्रदर्शनों के दौरान इस्लामी कट्टरपंथी हिंसा के चलते प्रभावित हुए थे। पुलिस अब इस मामले की जाँच कर रही है। 

हिन्दू विरोधी ममता के जेहादी गुंडे पानी में मिला रहे जहर 

शुक्रवार (11 अप्रैल, 2025) को वक्फ विरोधी प्रदर्शन के दौरान इस्लामी कट्टरपंथी भीड़ हिंसक हो गई थी। उसने मुर्शिदाबाद में हिन्दुओं के घर-दुकान जला दिए थे। 2 हिन्दुओं की हत्या भी कर दी गई थी। इसके चलते बड़ी संख्या में लोग पलायन कर चुके हैं। 

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में वक्फ कानून के विरोध में भड़की हिंसा ने सैकड़ों हिंदू परिवारों की जिंदगी में तबाही मचाकर रख दी है। उपद्रवकारियों की करतूतों को आप सुनेंगे तो आगबबूला हुए बिना नहीं रह पाएंगे। इन आताताइयों ने हिंदुओं को मौत की नींद में सुलाने के लिए इनके क्षेत्र की पानी की टंकी में जहर मिला दिया! ताकि जहरीला पानी पीने के बाद लोग मौत के शिकार बन जाएं और इन पर कोई शक भी ना करे। इतना ही नहीं उपद्रवकारियों ने नैतिकता की सारी सीमाएं लांघकर महिलाओं के साथ छेड़छाड़ की और कई गैस सिलेंडरों को आग के हवाले कर दिया। एक जाति विशेष के इन बदमाश अपराधियों ने अपना इतना खौफ पैदा कर दिया कि हिंसाग्रस्त इलाकों से हिंदुओं का पलायन करना ही शुरू हो गया है। इतना सब होने के बावजूद पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है। सरकारी अमले ने इस ओर से आंखें मूंद लीं है। इससे दंगाइयों के हौंसले और बढ़ गए हैं। राज्य के मुर्शिदाबाद, कछार, मालदा और बीरभूम आदि में हिंसक घटनाओं के चलते इंटरनेट सेवाएं 15 अप्रैल तक निलंबित करनी पड़ी हैं।

 पीड़ितों का दर्द सुनकर आगबबूला हो जाएंगे आप

मुर्शिदाबाद में हिंसा की वजह से हिंदुओं को पलायन को मजबूर होना पड़ रहा है। उपद्वियों के डर से भागे लगभग 500 हिंदू परिवारों ने मालदा जिले के एक स्कूल में शरण ली है। उनकी आंखों में अब भी डर और असुरक्षा की झलक साफ देखी जा सकती है। उन्होंने जो आपबीती बताई, उसे सुनकर आप भी आगबबूला हो जाएंगे। शमशेरगंज और धुलियान जैसे हिंसा-प्रभावित इलाकों से भागे हुए लगभग 500 परिवारों ने मालदा जिले के वैष्णवनगर परलाल हाई स्कूल में शरण ली है। पीड़ितों के मुताबिक, उन्हें अपने घर जलते हुए छोड़कर नाव के सहारे नदी पार करनी पड़ी। अब वे एक स्कूल के छोटे-छोटे कमरों में बेजान हालात में जी रहे हैं। शुक्रवार और शनिवार को प्रदर्शन के नाम पर हिंसा, आगजनी और लूटपाट का ऐसा तांडव हुआ कि लोग जान बचाकर गांव छोड़ने को मजबूर हो गए। इस हिंसा में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं।
जहरीला पानी पीने से कई लोग बीमार पड़े
मुर्शिदाबाद से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहां के कुछ इलाकों में पानी की टंकियों में जहर मिलाए जाने की बात सामने आई है। यह जहर उन टंकियों में मिलाया गया, जिनका उपयोग स्थानीय बंगाली हिंदू समुदाय द्वारा किया जा रहा था। इस घटना ने इलाके में डर और गुस्से का माहौल पैदा कर दिया है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस जहरीले पानी से कई लोग बीमार पड़ गए हैं, जिनमें छोटे बच्चे भी शामिल हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में लोग सवाल कर रहे हैं कि इस पांच महीने की मासूम बच्ची की क्या गलती थी? इस घटना के बाद से लोग आक्रोशित हैं और इंसाफ की मांग कर रहे हैं। कुछ परिवारों ने तो यहां तक कहा है कि वे अब अपने ही घर में सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे और पलायन का मन बना रहे हैं।
अगर बीएसएफ और पुलिस ना होती, तो शायद ही जिंदा होते
अपना घर-बार छोड़ने के मजबूर हुई एक महिला ने रोते हुए बताया, ‘हमारे पास जो कुछ भी था, सब दंगाइयों ने जला दिया गया। उन्होंने पेट्रोल छिड़ककर घरों में आग लगा दी। पानी की टंकी में जहर मिला दिया। बच्चों ने सुबह से कुछ नहीं खाया है। हमें पीने तक को पानी नहीं मिल रहा। हम नाव से जान बचाकर भागे हैं। अगर बीएसएफ और पुलिस नहीं होती, तो शायद हम जिंदा न होते।’ हिंसा के बाद कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश पर केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। केंद्रीय बलों की 17 कंपनियां मुर्शिदाबाद में तैनात की गई हैं। अर्धसैनिक बल स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे हैं। अफवाहों के चलते मुर्शिदाबाद, मालदा और बीरभूम के कुछ इलाकों में इंटरनेट सेवाएं 15 अप्रैल तक अस्थायी रूप से बंद कर दी गई हैं।
महिलाओं के साथ छेड़छाड़, गैस सिलेंडर में आग
अभी लोग संदेशखाली में महिलाओं के साथ बदसलूकी की घटनाओं को नहीं भूले हैं कि मुर्शिदाबाद और अन्य इलाकों में ऐसी घटनाएं सामने आने लगी हैं। पीड़ितों ने आरोप लगाया कि हिंसा के दौरान हथियारबंद उपद्रवियों ने महिलाओं के साथ छेड़छाड़ की। यहां तक उन्होंने लड़कियों तक को नहीं छोड़ा। एक महिला ने बताया कि हमलावर दंगाई ‘बम, बंदूक और चाकू लेकर आए थे। उन्होंने घरों में लूटपाट की, गैस सिलेंडर में आग लगा दी।’ कुछ ने बताया कि महिलाओं को धमका कर बदसलूकी की गई और घरों में रखे गहनों, फर्नीचर और यहां तक कि मवेशियों तक को नहीं छोड़ा गया। स्कूलों में शरण लिए लोगों की आंखों में डर, बेबसी और असहायता साफ झलक रही है। जिनका सब कुछ लूट चुका है, उनके लिए यह भयावह मंजर एक सपने की तरह है जो कभी खत्म नहीं होता।
हिंसाग्रस्त इलाकों के पीड़ितों से मिले बीजेपी विधायक
भाजपा ने ममता बनर्जी सरकार पर सीधा हमला बोला है। नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने साफ कहा कि हिंदुओं की हत्या, दुकानें लूटना और मंदिर तोड़ना – यही तुष्टिकरण की राजनीति है। रविवार को बीजेपी के पांच विधायकों का प्रतिनिधिमंडल पीड़ितों से मिलने मालदा पहुंचा। इसके अलावा बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने पीड़ितों से मिलकर कहा, ‘बंगाल के हिंदू अब समझ चुके हैं कि ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल को लाइट बांग्लादेश बनाने में सफल हो गई हैं। हम वादा करते हैं कि बीजेपी की सरकार बनने के बाद ऐसे हमलावरों को सीधा बाहर निकालने की जिम्मेदारी हमारी होगी।’
धुलियान से 400 से ज्यादा हिंदू परिवार पलायन को मजबूर
वक्फ संशोधन कानून के विरोध में बंगाल में हिंसक प्रदर्शन के बाद बड़ी संख्या में लोग हिंसा प्रभावित इलाकों से घर छोड़कर पलायन कर रहे हैं। बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर बताया कि कट्टरपंथियों के डर से मुर्शिदाबाद के धुलियान से 400 से ज्यादा हिंदू नदी पार कर लालपुर हाई स्कूल, देवनापुर-सोवापुर जीपी, बैसनबनगर, मालदा में शरण लेने को मजबूर हुए हैं। इसी बीच, रविवार को मुर्शिदाबाद के फरक्का इलाके में भी तनाव फैल गया। हिंसा के बाद सैकड़ों लोग अपने घर छोड़कर भागने के लिए बाध्य हुए हैं। आगजनी, तोड़फोड़ और पानी में जहर मिलाने की घटनाओं से लोग आतंकित हैं। मालदा में शरणार्थियों ने घरों में हुई तोड़फोड़ और अपने खोए हुए घर-बार की पीड़ा बयां की है।
सीमावर्ती जिलों को अफस्पा कानून के तहत अशांत क्षेत्र घोषित करें
भाजपा सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखा, जिसमें कहा कि ‘ बंगाल के सीमावर्ती जिलों को अफस्पा कानून के तहत अशांत इलाके घोषित कर देना चाहिए।’ महतो ने बंगाल में हिंदुओं के पलायन की तुलना 1990 में कश्मीरी पंडितों के पलायन से की। भाजपा नेता प्रदीप भंडारी ने हिंसा के लिए सीएम ममता बनर्जी को जिम्मेदार ठहराया। अन्य भाजपा नेताओं ने भी हिंसा के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया। वहीं, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने बताया कि ‘किसी को भी कानून हाथ लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।’
मुर्शिदाबाद हिंसा से निपटने के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाएं
मुर्शिदाबाद में हिंसा, उपद्रव और आगजनी की घटनाओं के लेकर भाजपा ही नहीं इंडी गठबंधन में अपनी सहयोगी तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ कांग्रेस पार्टी भी हमलावर है। मालदा दक्षिण के कांग्रेस सांसद ईशा खान चौधरी ने पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार से मुर्शिदाबाद जिले में शांति बहाल करने के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने की अपील की। इस बीच राज्यपाल सीवी आनंद बोस में सीएम ममता बनर्जी से बात की और केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र भेजा है। उधर, बंगाल फ्रंटियर के आईजी करणी सिंह शेखावत ने कहा, मुर्शिदाबाद में बीएसएफ की 10 और सीआरपीएफ की 5 कंपनियां तैनात की गई हैं।
हिंदू विरोधी ममता बनर्जी के शासनकाल की अराजकता, तानाशाही और हिंदू विरोधी मानसिकता पर एक नजर
मुर्शिदाबाद में काली मां की मूर्ति जला डाला
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मुस्लिम तुष्टिकरण और वोटबैंक को लेकर इतनी अंधी हो चुकी है कि राज्य में हिन्दू विरोधी हरकतों पर कुछ भी एक्शन नहीं लेती हैं। कभी मंदिर में पूजा करने पर पिटाई की जाती है तो कभी हिन्दुओं के घर और मंदिर जला दिए जाते हैं। कभी रामनवमी और दुर्गापूजा पर तो कभी सरस्वती पूजा पर रोक लगा दी जाती है। इससे राज्य को मुसलमानों का हौसला बुलंद है और जब भी मौका मिलता है हिंदुओं को प्रताड़ित करते रहते हैं। हाल ही में 1 सितंबर, 2020 को मुर्शिदाबाद के एक मंदिर में काली मां की मूर्ति जला दिया गया। बीजेपी सांसद अर्जुन सिंह ने एक ट्वीट कर आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद इलाके के एक मंदिर पर हमला कर मां काली की मूर्ति जला दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि दीदी की राजनीति का जिहादी स्वरूप अब हिंदू धर्म और संस्कृति को नष्ट करने पर तुला हुआ है।
मंदिर में पूजा करने पर पुलिस ने की पिटाई
ममता राज में तो हिन्दुओं को मंदिरों में भी पूजा करने की आजादी नहीं है। 5 अगस्त, 2020 को जब पूरे विश्व के हिन्दू अयोध्या में राममंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन को लेकर उत्साहित थे। वहीं पश्चिम बंगाल की पुलिस लॉकडाउन के बहाने हिन्दुओं पर जुल्म ढा रही थी। मंदिर में पूजा कर रहे लोगों पर पुलिस ने लाठियां बरसाईं और सैकड़ों लोगों को गिरफ्तार किया। 
राम नाम मास्क बांटने पर बीजेपी नेता गिरफ्तार
पश्चिम बंगाल के हुगली में जय श्रीराम मास्क बांटना ममता बनर्जी की पुलिस को रास नहीं आया। पुलिस मास्क बांटने वाले बीजेपी नेताओं को पकड़कर ले गई। हुगली के सेरामपुर में बीजेपी नेता अमनिश अय्यर लोगों को ‘जय श्रीराम’ लिखा मास्क बांट रहे थे। इसी दौरान पुलिस वहां पहुंची और बीजेपी नेता को गिरफ्तार करके ले गई। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने विरोध जताते हुए जमकर जय श्रीराम के नारे लगाए। बीजेपी ने मास्क बांटने पर पार्टी नेता को गिरफ्तार करने को पूर्ण तानाशाही करार दिया है।
भगवा टीशर्ट पहनने और जय श्रीराम बोलने से रोका
इसके पहले 7 फरवरी, 2021 को भगवा टीशर्ट पहनने और जय श्रीराम बोलने वालों को धमकाया गया। कोलकाता के इको पार्क में पुलिस के एक अधिकारी ने लोगों से साफ कहा कि आप लोग यहां जय श्री राम का नारा नहीं लगा सकते हैं।
पार्टी नेता ने जय श्रीराम बोलने वालों को धमकाया
हाल ही में उनकी पार्टी के एक नेता ने जय श्रीराम बोलने वालों को धमकाया। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के एक नेता ने लोगों को धमकाते हुए कहा कि अगर बंगाल में रहना चाहते हो तो यहां ‘जय श्री राम’ के नारे नहीं लगा सकते। वीडियो में किसी सभा को संबोधित करते हुए टीएमसी नेता ने बंगाली में कहा कि राज्य में जय श्री राम बोलने की अनुमति नहीं है। यहां इन सब चीजों की अनुमति नहीं दी जाएगी। जो लोग इसका जाप करना चाहते हैं वे मोदी के राज्य गुजरात में जाकर ये कर सकते हैं।