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पत्रकारों का अपमान : टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा की माफी पर फिर उठे सवाल

किसी भाजपा विरोधी पार्टी को भाजपा से कहीं अधिक हौवा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से है और उस डर से इतने अधिक भयभीत है कि बोलना कुछ होता और बोल कुछ और देते हैं। यह सिर्फ तृणमूल कांग्रेस ही नहीं, किसी भी पार्टी को देख लो। और यही भाजपा के मजबूत होने की असली वजह है। तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा को ही देख लो, मीडिया पर आग बबूला होने की क्या जरुरत थी? फिर माफ़ी भी मांगने का क्या नायाब तरीका "माफ़ी मांगने के साथ-साथ अपनी भड़ास भी ट्विटर पर मीम बनाकर डाल दी।" यानि मुर्गे की अगर तीन टाँग बोली है, उस बात से इंकार भी नहीं, लेकिन दिखावे के लिए माफ़ी मांग ली।     

पश्चिम बंगाल में मीडिया के खिलाफ तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा की अपमानजनक टिप्पणी को लेकर पत्रकारों में काफी आक्रोश देखा जा रहा है। इस मामले में कोलकाता प्रेस क्लब ने मोइत्रा से माफी की मांग की। वहीं सांसद मोइत्रा ने इस संबंध में ट्विटर पर माफी मांगी और साथ ही दो पैसे की तस्वीर वाला एक मीम ट्वीट कर फिर विवाद पैदा कर दिया। इस ट्वीट को लेकर भी काफी आलोचना हो रही है। 

प्रेस क्लब-कोलकाता ने एक बयान जारी कर मोइत्रा की टिप्पणियों को निंदनीय बताया और कहा कि उन्हें अपनी टिप्पणियां वापस लेनी चाहिए और माफी मांगनी चाहिए। बयान में कहा गया है, ‘उनका यह कथन निस्संदेह अनुचित और अपमानजनक है क्योंकि लोकतंत्र में एक पत्रकार का महत्व और उसके पेशे के प्रति सम्मान सार्वभौमिक रूप से मान्यता प्राप्त है।’

बयान में कहा गया है, ‘एक पत्रकार का अपने पेशे और उसकी सामाजिक जिम्मेदारी के लिए लड़ाई और संघर्ष सभी को पता है। किसी को भी किसी मीडियाकर्मी का अपमान करने का अधिकार नहीं है, हम सांसद की टिप्पणी की निंदा करते हैं और आशा व्यक्त करते हैं कि वह इसे तुरंत वापस लेंगी तथा माफी मांगेंगी।’

प्रेस क्लब-कोलकाता के अध्यक्ष स्नेहासिस सूर ने कहा कि पत्रकार इससे आहत हुए हैं। पत्रकारों ने सोशल मीडिया पर पुराने दो पैसे के सिक्के की छवि को अपने प्रोफाइल के रूप में इस्तेमाल किया। महुआ मोइत्रा का विरोध करने वाले कह रहे हैं कि जहाँ एक तरफ वो संसद में ‘फासिज्म के 7 संकेत’ पर भाषण देते हुए सुर्खियां बटोरती हैं, वहीं दूसरी तरफ मीडिया के लिए तानाशाही रवैया अपनाती हैं।

बढ़ते विरोध को देखते हुए मोइत्रा ने इस संबंध में ट्विटर पर एक तरफ माफी मांगी, तो दूसरी तरफ दो पैसे की तस्वीर वाला एक मीम ट्वीट किया और कहा, ‘मैंने जो चुभने वाली बातें कही हैं, उसके लिए मैं माफी मांगता हूं। मेरे संपादन कौशल में सुधार हो रहा है।’ वहीं इसके बाद टीएमसी सांसद की अधिक आलोचना की गई। दूसरी तरफ, टीएमसी के नेतृत्व ने उनके इस बयान से दूरी बना ली है। 

राज्य के पंचायत मंत्री सुब्रत मुखर्जी ने टीएमसी मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘उन्होंने जो कहा वह उनका कथन है, यह पार्टी का बयान नहीं है। ममता बनर्जी मीडिया पर विश्वास करती हैं और प्रेस के साथ जानकारी साझा करती हैं। अगर आप हमारे खिलाफ लिखते हैं तो भी हम मीडिया के साथ सौहार्दपूर्ण संबंध बनाए रखते हैं।’

नादिया जिले के ग्यासपुर में एक पार्टी की बैठक में भाग लेने के दौरान, जहाँ से वह निर्वाचित हुई हैं, मोइत्रा ने कुछ स्थानीय पत्रकारों को देखकर अपना आपा खो दिया और कहा- ‘इस दो पैसे के प्रेस को यहाँ किसने आमंत्रित किया है? एक बैठक चल रही है और हर कोई कागजात और टेलीविजन में अपना चेहरा देखने के लिए उत्सुक है।’ उनके इस बयान को किसी ने रिकॉर्ड कर उसे सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया है जिसके बाद से वो मीडिया के जबर्दस्त निशाने पर हैं।