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आत्मघाती हमले के बाद पाकिस्तान को हुआ गलती का एहसास, रक्षा मंत्री ने कहा – भारत में भी नमाज पढ़ने वाले सुरक्षित

 शहबाज शरीफ और आतंकी हमला (साभार: हिंदुस्तान)
हिन्दुओं को समाप्त करने मुग़ल आक्रांताओं को भारत से बाहर कोई नामलेवा नहीं, ठीक वही स्थिति अब पाकिस्तान की होने जा रही है। हिन्दुओं की हत्या की, उनका इस्लामीकरण किया, उनके धार्मिक स्थलों को ध्वस्त किया, अब उस प्रकोप की अग्नि में पाकिस्तान जल रहा है। अब वह दिन भी ज्यादा दूर नहीं, जब पाकिस्तान केवल इतिहास में रह जायेगा, विश्व के नक़्शे में नहीं।
हिन्दुओं को आतंकवादी घोषित करने मुस्लिम आतंकवादियों को भगवा धारण करवा कर, हाथों में कलावा बांध, तिलक लगा कर, और रुद्राक्ष माला पहनाकर भेजा, समय बदल रहा है, यानि जिस आतंकवाद को बड़े घमंड के साथ पोषित कर, भारत को बर्बाद करने की योजना थी, उसी आग में अब पाकिस्तान ऐसा जल रहा है। पाकिस्तान की दुर्दशा को देख भारत में पल रहे उसके स्लीपर सेलों को शिक्षा लेकर पाकिस्तानी सोंच को दफ़न कर भारत प्रेम शुरू कर देना चाहिए।    
इस्लामिक आतंकवाद को प्रश्रय देने वाला पाकिस्तान अब खुद उसकी आग में जल रहा है। इस बात का अहसास पाकिस्तान के हुक्मरानों को तो काफी लंबे समय से होने लगा था, लेकिन अब वे इसे खुलकर स्वीकार करने लगे हैं। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ की उनकी सरकारों ने आतंकवाद को बढ़ावा दिया।

पाकिस्तान के रक्षामंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि जिस आतंकवाद की बीज कभी पाकिस्तान ने बोया था, अब उसका दंश उसे झेलना पड़ रहा है। दो दिन पहले पेशावर की एक मस्जिद में हुए आत्मघाती महले (Peshawar Suicide Blast) में 100 से अधिक लोगों की मौत के बाद पाकिस्तान की ओर से यह बयान आया है।

पाकिस्तान की नेशनल एसेंबली में बोलते हुए ख्वाजा आसिफ ने कहा, “मैं लंबे समय तक नहीं बोलूँगा, लेकिन मैं संक्षेप में कहूँगा कि शुरुआत में हमने आतंकवाद के बीज बोए।… भारत या इजरायल में भी नमाज के दौरान कोई शहीद नहीं हुआ, लेकिन पाकिस्तान में ऐसा हुआ।”

उन्होंने मुल्क के सभी राजनीतिक दलों से आतंक के खिलाफ एकजुट होने की अपील करते हुए कहा, “आतंकवाद किसी भी धर्म या संप्रदाय के बीच अंतर नहीं करता। धर्म के नाम पर आतंकवाद का इस्तेमाल बहुमूल्य जान लेने के लिए किया जाता है।” 

ख्वाजा आसिफ ने कहा कि पिछले डेढ़ सालों में 4,50,000 अफगान वैध दस्तावेजों पर पाकिस्तान आए और वे वापस नहीं गए। ये आधिकारिक आँकड़े हैं। उन्होंने कहा, “इनमें कौन आतंकवादी है और कौन नहीं, इस बारे में मैं कुछ नहीं कह सकता।” मंत्री ने कहा कि देश भर के छोटे शहरों में अफगान शरणार्थी मौजूद हैं।

पाकिस्तान के गृह मंत्री राणा सनाउल्ला ने कहा कि देश में मुल्क में आतंकवाद के खतरे के लिए पिछली सरकारों की नीतियाँ जिम्मेदार हैं। सोवियत संघ के खिलाफ अफगानिस्तान की जंग का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “हमने मुजाहिदीन तैयार किये थे, लेकिन वे आतंकवादी बन गये हैं।”

30 जनवरी 2023 को पेशावर की एक मस्जिद में 300-400 पुलिसकर्मी नमाज के लिए मौजूद थे। इसी दौरान आतंकियों ने आत्मघाती हमला कर दिया। इसमें 100 से अधिक लोगों की मौत हो गई। वहीं, इसमें सैकड़ों लोग घायल हैं।

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भारत को पाव-पाव परमाणु युद्ध की गीदड़भभकी देने वाला इमरान खान के करीबी शेख राशिद गिरफ्तार

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हमले के बाद आतंकियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की माँग देश में उठ रही है। 1 फरवरी 2023 को पुलिसकर्मियों ने रैली निकालकर मामले की निष्पक्ष जाँच की माँग की। इस मामले में अब 17 संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया गया है। 

Rafael Aircraft: राजनाथ सिंह ने बताया- कैसी थी राफेल में उनकी उड़ान, बोले- मैंने तो कल्पना भी नहीं की थी

Rajnath Singh
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने फ्रांस से खरीदे गए 36 राफेल लड़ाकू विमानों का पहला विमान मंगलवार को औपचारिक रूप से प्राप्त कर लिया। इसके दौरान उन्होंने इसकी पूजा भी की। राजनाथ सिंह ने उस पर ओम तिलक लगाया और फूल और नारियल चढ़ाया। इसके बाद उन्होंने इसमें उड़ान भरी। उड़ान भरने के बाद सिंह ने कहा, 'यह बहुत ही आरामदायक और स्मूथ उड़ान थी। यह एक अभूतपूर्व क्षण था, मैंने कभी नहीं सोचा था कि एक दिन मैं किसी विमान में सुपर सोनिक गति से उड़ूंगा।' 
रक्षा मंत्री ने कहा, 'फरवरी 2021 तक हमें 18 राफेल विमानों की डिलीवरी मिल जाएगी और अप्रैल-मई 2022 तक हमें सभी 36 विमान मिल जाएंगे। यह हमारी आत्मरक्षा का एक हिस्सा है न कि किसी के खिलाफ आक्रामकता का संकेत। यह एक निवारक है।'

राजनाथ सिंह ने राफेल में करीब 25 मिनट लंबी उड़ान भरी। इसे दसॉ एविएशन के हेड टेस्ट पायलट फिलिप ड्यूचेटो द्वारा उड़ाया गया। दसॉ एविएशन के सीईओ ने कहा, 'यह भारतीय वायु सेना और भारत के लिए, साथ ही फ्रांस और दसॉ एविएशन के लिए भी महान दिन है। हमने वही किया जो अनुबंध में था और अब यह उड़ान भरने के लिए तैयार है। हमें बहुत गर्व है।' 
राफेल विमान सौंपे जाने के लिए आयोजित समारोह में राजनाथ सिंह ने कहा, 'हमारी वायुसेना दुनिया में चौथी सबसे बड़ी वायुसेना है और मेरा मानना है कि राफेल मीडिमय मल्टी रोल कॉम्बैट एयरक्राफ्ट हमारी वायुसेना की शक्ति में वृद्धि लाएगा तथा क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वायु क्षेत्र में भारत की शक्ति को बढ़ाएगा। मुझे बताया गया है कि फ्रेंच शब्द राफेल का अर्थ आंधी है। मैं इस बात को लेकर आश्वस्त हूं कि विमान अपने नाम को सार्थक करेगा।' 
भारत ने 59,000 करोड़ रुपए के सौदे के तहत सितंबर 2016 में फ्रांस से 36 लड़ाकू विमान खरीद का ऑर्डर दिया था। चार लड़ाकू विमानों की प्रथम खेप भारत में वायुसेना के अड्डे पर मई 2020 में आएगी। सभी 36 लड़ाकू विमानों के सितंबर 2022 तक भारत पहुंचने की उम्मीद है। दो इंजन वाला यह विमान विमान वाहक पोत और एक छोटे से रनवे से उड़ान भरने में सक्षम है।

दुनिया की कोई ताकत पाकिस्तान के टुकड़े-टुकड़े होने से नहीं रोक सकती: राजनाथ सिंह

पाकिस्तान के टुकड़े-टुकड़े होने से दुनिया की कोई ताकत नहीं रोक सकती: राजनाथ सिंह
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुजरात के सूरत में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि भारत से अलग होने के बाद पाकिस्तान के दो टुकड़े हो गए। अब जिस तरह वहां अल्पसंख्यक, बलूचियों, सिंधियों और पख्तूनियों के साथ अन्याय हो रहा है, उससे लगता है अब पाकिस्तान के टुकड़े-टुकड़े होने से दुनिया की कोई ताकत नहीं रोक सकती है।  
राजनाथ ने भारतीय वीर जवान ट्रस्ट के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, "मजहब की राजनीति करने वाले पाकिस्तान के 1971 में दो टुकड़े हो गए और बांग्लादेश बना। यदि मजहब पर आधारित राजनीति पाकिस्तान में चलती है, तो कोई भी इसे कई भागों में विभाजित होने से नहीं रोक सकता है... यदि पाकिस्तान आतंकवाद का समर्थन करना बंद नहीं करता है तो भविष्य में इसे खंड-खंड होने से दुनिया की कोई भी ताकत नहीं रोक सकती।”
रक्षा मंत्री ने जम्मू-कश्मीर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृढ़ रुख को दोहराया और कहा कि नई दिल्ली अब पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के मुद्दे पर इस्लामाबाद के साथ बात करेगी। राजनाथ ने कहा, "मैंने स्पष्ट रूप से कहा है कि अगर भारत और पाकिस्तान के बीच वार्ता होती है, तो यह पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) पर होगी।"

इस दौरान राजनाथ ने कहा कि भारत कभी भी जाति, पंथ और मजहब की राजनीति में नहीं बल्कि इंसाफ और इंसानियत में विश्वास करता है। राजनाथ सिंह ने यह भी कहा कि अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त करने के भारत के फैसले को पाकिस्तान पचा नहीं पा रहा था और इसे गुमराह करने के लिए संयुक्त राष्ट्र में गया। अंतरराष्ट्रीय समुदाय यह मानने को तैयार नहीं है कि पाकिस्तान क्या कह रहा है। राजनाथ सिंह ने कहा- आजादी के बाद भारत की अल्पसंख्यक आबादी बढ़ी है, जबकि पाकिस्तान में सिखों, बौद्धों और अन्य लोगों के अधिकारों का उल्लंघन होता रहता है। भारत में अल्पसंख्यक समुदाय सुरक्षित थे, सुरक्षित हैं और सुरक्षित रहेंगे। भारत लोगों को जाति या धर्म के आधार पर विभाजित नहीं करता है> पाकिस्तान को तोड़ने की जरुरत नहीं है वह खुद टूट जाएगा। पाकिस्तान को आतंकवाद को बढ़ावा देना बंद करना होगा, वरना इसके टुकड़े-टुकड़े होने से कोई नहीं रोक सकेगा।
रक्षा मंत्री सूरत में एक समारोह में भाग लेने के लिए आए थे, जिसका उद्देश्य सैनिकों के परिवारों का सम्मान करना था। इस दौरान उन्होंने कहा, "मुझे शहीद सैनिकों के 120 से अधिक परिवारों को सम्मानित करने का अवसर मिला। शहीद सैनिकों के परिवारों के साथ शक्ति के स्रोत के रूप में खड़ा होना हमारा राष्ट्रीय कर्तव्य है।"

ड्यूटी के दौरान अपनी जान गंवाने वाले 122 सैनिकों के परिवारों के लिए एक सत्कार कार्यक्रम में बोलते हुए राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को चेतावनी दी कि अगर उसके लोग नियंत्रण रेखा पार करते हैं तो भारतीय सेना तैयार है और उन्हें वापस जाने की अनुमति नहीं मिलेगी। उन्होंने कहा- “पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने नियंत्रण रेखा पार न करने के लिए अपने लोगों को अच्छी सलाह दी है क्योंकि भारतीय सैनिक तैयार हैं और उन्हें वापस नहीं आने देंगे।”

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साल 2019 को सेना द्वारा 'नेक्स्ट ऑफ किन' के रूप में भी देखा जा रहा है। देश के शहीद सैनिकों और अधिकारियों के परिवारों के संपर्क में आने के लिए सेना द्वारा किया जाने वाला प्रयास है
इस प्रयास के तहत सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने सितम्बर 13 को पंजाब के पठानकोट में परमवीर चक्र कप्तान गुरबचन सिंह सलारिया के परिवार का दौरा किया था