Showing posts with label denounce khalistan. Show all posts
Showing posts with label denounce khalistan. Show all posts

‘हिम्मत है तो बोलो खालिस्तान के खिलाफ लड़ूँगा, अब विक्टिम कार्ड नहीं चलेगा’: केजरीवाल को कुमार विश्वास ने दी चुनौती

अरविन्द केजरीवाल अपनी महत्वकांशा पूरी करने के लिए जनता को किस हद तक पागल बना सकते हैं, अन्ना हज़ारे के आंदोलन से अब तक इनके इतिहास को देखा जा सकता है। लेकिन जनता भी इतनी पागल है जो फ्री के चक्कर में इसका समर्थन एवं वोट देती है। जो आदमी अपनी संतान की कसम खाकर पलट जाए, वह सत्ता पाने के लिए क्या नहीं कर सकता? दूसरे, किसान आंदोलन में खालिस्तान के झंडे होने के बावजूद आंदोलन को समर्थन। एक न्यूज़ चैनल पर आप की विधायिका रही अलका लाम्बा ने भी कुमार विश्वास के आरोप का समर्थन करते कहा कि तिलक नगर से विधायक जरनैल सिंह से भी पूछा जाये क्योकि उस मीटिंग में वह भी मौजूद था। 
अरविंद केजरीवाल ने कवि कुमार विश्वास को ‘कॉमेडियन’ बताने के बाद विक्टिम कार्ड खेलते हुए खुद को दुनिया का सबसे अधिक ‘स्वीट टेररिस्ट’ करार दिया था। लेकिन, केजरीवाल के विक्टिम कार्ड पर पलटवार करते हुए विश्वास ने कहा कि पिछले चुनाव में केजरीवाल ने अपने घर पर खालिस्तानी आतंकी समर्थकों से मुलाकात की थी।

समाचार एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में कुमार विश्वास ने एक बार फिर से दावा किया कि 2017 के विधानसभा चुनाव के दौरान केजरीवाल और आप पार्टी अलगाववादियों औऱ आतंकवादी समर्थकों के साथ मिलकर काम कर रही थी।

कुमार विश्वास ने कहा, “केजरीवाल बड़े ही आत्मविश्वास के साथ कोई भी सफेद झूठ बोलने में माहिर हैं। ऐसी सूरत बना के ये सिद्ध करते हैं कि पूरी दुनिया इनके पीछे पड़ी है। अपनी इसी खासियत के चलते पूरे देश और अपने साथियों को मूर्ख बनाया और प्रदेश के लोगों पर डोरे डाले। मैं ये पूछना चाहता हूँ कि भाई आपको तो किसी ने आतंकी नहीं कहा। ये देश को बताइए कि क्या पिछले चुनाव में आपके घर पर आतंकी संगठनों से सहानुभूति रखने वाले लोग आते थे या नहीं? जब मैंने इस पर आपत्ति जाहिर की थी तो मुझे पार्टी की पंजाब की बैठकों से बाहर कर दिया गया था। एक दिन मैने इनके घर पर रंगेहाथ इन्हें आतंकियों के समर्थकों के साथ बैठक करते पकड़ा था। गेटमैन को हटाकर मैं किसी तरह अंदर जाकर देखा तो वही लोग इसमें शामिल हो रहे हैं। जब मैंने उन्हें (केजरीवाल को) उन लोगों के बारे में चेतावनी दी, जिनसे वह दोस्ती कर रहे थे, तो उन्होंने मुझसे कहा कि नहीं-नहीं इससे बड़ा फायदा होगा।”

उन्होंने आगे कहा, “वो किसी प्लेटफॉर्म पर आकर बहस क्यों नहीं कर रहे। वो कहते हैं कि कवि है, हास्य कवि है। अरे मैं पढ़ा-लिखा हूँ और टॉपर हूँ 17 साल तक पढ़ाया है। तुम तो ऐसे हास्य कलाकार (भगवंत मान) को लिए घूम रहे हो जिसकी 10वीं, 12वीं भी तीन बार में हुई है। कल को वो कोई गड़बड़ कर देगा तो तुम तो कह दोगे कि वो तो हास्य कलाकार है। राहुल गाँधी और मोदी जी भले ही चुनाव में एक-दूसरे पर प्रहार करते हैं, लेकिन कम से कम उन दोनों में ये तमीज तो है कि राष्ट्रीय अखंडता के मुद्दे पर एक हो जाते हैं। प्रधानमंत्री कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक भारत का संविधान इकसार कर चुके हैं। रही बात चुनाव की तो वो तो भारत में सीएम या पीएम बनना चाहते हैं। लेकिन तुम तो…”

कुमार विश्वास ने यह भी कहा, “केजरीवाल को चुनौती देता हूँ कि मैं इस देश के लिए खून के आखिरी कतरे तक लड़ूँगा। वो ये कह दे कि मैं खालिस्तान के खिलाफ लड़ूँगा। इन्हें कहीं भी पनपने नहीं दूँगा। क्या चुनाव-चुनाव करता है क्या इतना कहने की हिम्मत है। रही बात भगत सिंह की तो वो देश की आजादी के लिए लड़ रहे थे। लेकिन ये तो अलग देश की आजादी के लिए लड़ रहा है। तू इधर-उधर की बात न कर ये बता कि खालिस्तान के विरोध में तेरा क्या स्टेटमेंट है। ये बता कि तेरे घर पे लोग आते थे या नहीं? नहीं बताएगा तो मैं बता दूँगा।”

अवलोकन करें:-

केजरीवाल को खालिस्तान समर्थक बताने पर राघव चड्ढा ने दी मीडिया को धमकी, क्यों?

NIGAMRAJENDRA.BLOGSPOT.COM
केजरीवाल को खालिस्तान समर्थक बताने पर राघव चड्ढा ने दी मीडिया को धमकी, क्यों?

केजरीवाल ने इससे पहले कुमार विश्वास के आरोपों के जबाव में खुद को स्वीट आतंकी बताया था।