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मोदी को सत्ता से हटाने का मंसूबा रखने वालों को निराशा

अपने पिछले लेखों में स्पष्ट लिखा था कि नरेंद्र मोदी के तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने विदेशों में मोदी विरोधियों की हालत ख़राब होगी, जिन्होंने मोदी सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए भारत में करोड़ों रुपये स्वाहा कर दिए।
भारत में मोदी विरोधी मोदी सरकार को 400+ के जादुई आंकड़े से दूर रखने में ख़ुशी मना रही है, लेकिन
देश और दुनियाभर की निगाहें अब भारत में 4 जून को आने वाले
विदेश में मोदी विरोधी मातम के माहौल में पहुँच गया है। जॉर्ज सोरोस आदि मोदी विरोधियों ने मोदी से सत्ता छीनने के करोडो रूपए खर्च किया, सब पर मोदी ने पानी फेर दिया।
हिन्दू जाति में बंट गयी, सनातन को अपमानित करने वालों की चाशनी में डूब गए, जबकि मुस्लिम समाज में भाजपा के विरुद्ध जो गुप्त मंत्रणा चली, लेकिन हिन्दू सनातन विरोधियों के चुंगल में फंस सनातन विरोधियों को बलशाली कर दिया।

जिस तरह 1977 में कम्युनिस्टों को छोड़ समस्त विपक्ष ने इंदिरा सरकार को सत्ता से बाहर कर दिया था, लेकिन 2024 में विपक्ष एकजुट हुआ लेकिन मोदी को सत्ता मुक्त करने में पूर्णरूप से असफल है। दूसरे, I.N.D.I.गठबंधन के कुछेक घातक प्रधानमंत्री बनने का सपना देखते हुए अपने राज्य में बैनर देखे जा सकते हैं। यानि अगर किसी कारणवश का खेला खेल विपक्ष सरकार बना भी लेता है, धराशाही होगी, क्योकि महत्वकांशी सारे हैं।

लोकसभा चुनाव 2024 के रिजल्ट पर टिकी है। हालांकि चुनाव संपन्न होने के बाद एग्जिट पोल के आंकड़े सामने आ चुके हैं, जिनके मुताबिक देश में पीएम मोदी की वापसी हो रही है और तीसरी बार भाजपा की सरकार बनने जा रही है। लगभग सभी एग्जिट पोल के मुताबिक बीजेपी के नेतृत्व वाला एनडीए गठबंधन 350 सीटों से ज्यादा जीत सकती है। चीन और पाकिस्तान समेत दुनिया के कई देश जो उम्मीद लगाए बैठे हैं कि भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथ से सत्ता छूट जाए और भारत में मजबूत सरकार नहीं बने, उनके लिए ये एग्जिट पोल निराशा भरा है। पाकिस्तान के पूर्व विदेश सचिव एजाज चौधरी ने कहा कि नरेंद्र मोदी सत्ता में लौटे तो इस बार भारत और पाक में जंग जैसे हालात भी बन सकते हैं। ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक,चीनी एक्सपर्ट्स ने भारत और चीन के बीच सहयोग पर जोर दिया। उन्हें उम्मीद है कि दोनों देशों के बीच मतभेदों को दूर करने के लिए खुला संवाद बना रहेगा। वहीं अमेरिकी अखबार न्यूयार्क टाइम्स ने लिखा कि मोदी की ताकत बढ़ती जा रही है।

विदेशी मीडिया में किसी ने नकारात्मक तो किसी ने संतुलित रुख अपनाया
लोकसभा चुनाव 2024 के एग्जिट पोल को लेकर विदेश के मीडिया संस्थानों में से कुछ का नकारात्मक भाव रहा तो किसी ने संतुलित रुख अपनाया और कुछ ने भारतीय लोकतंत्र के महापर्व को जमकर सराहा। लोकसभा चुनाव के अधिकांश एग्जिट पोल ने ‘फिर एक बार मोदी सरकार’ की भविष्यवाणी कर दी है। एग्जिट पोल की मानें तो भारत में तीसरी बार मोदी सरकार बनने जा रही है। कई एग्जिट पोल ने तो भाजपा के ‘अबकी बार 400 पार’ के नारे पर भी मुहर लगा दी है। अब सभी की निगाहें 4 जून को आने वाले लोकसभा चुनाव के फाइनल नतीजे पर टिकी है।

मोदी की ताकत बढ़ती जा रहीः न्यूयार्क टाइम्स
अमेरिका के प्रमुख अखबार न्यूयार्क टाइम्स ने लिखा कि मोदी की ताकत बढ़ती जा रही है और भारत के लोग उन्हें और मजबूत बनाते हुए दिख रहे हैं। अखबार ने भाजपा के इस चुनाव में अपने हिंदू राष्ट्रवादी एजेंडे के साथ उतरने और अपनी कल्याणकारी योजनाओं का जोर-शोर से प्रचार करने की बात लिखी है। लेख में लिखा है कि भाजपा के समर्थक उससे काफी खुश हैं और लगातार दो बार सत्ता में रहने के बाद भी मोदी लोकप्रिय बने हुए हैं।

भारत के इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण चुनावः वाशिंगटन पोस्ट
अमेरिका के एक अन्य अखबार वाशिंगटन पोस्ट ने लिखा कि भारत का 6 सप्ताह तक चलने वाला राष्ट्रीय चुनाव शनिवार को समाप्त हो गया, जिसमें अधिकांश एग्जिट पोल में अनुमान लगाया गया कि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी लगातार तीसरे कार्यकाल के साथ सत्ता में अपने दशक का विस्तार करने के लिए तैयार हैं। अखबार ने लिखा है कि यह चुनाव भारत के इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण चुनावों में से एक माना जाता है। यदि मोदी जीतते हैं, तो वह देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के बाद तीसरी बार सत्ता बरकरार रखने वाले दूसरे भारतीय नेता होंगे।