Showing posts with label fake aadhar card. Show all posts
Showing posts with label fake aadhar card. Show all posts

झारखंड से हिंदू लड़कियों की तस्करी करने वाला मुस्लिमों का गैंग अलीगढ़ से पकड़ा गया : नाम राहुल बताता था सरगना सईद अंसारी

                                  सरगना सईद अंसारी और बरामद की गई लड़कियाँ (फोटो साभार: Zee news)
उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में 26 जुलाई 2022 को हिंदू लड़कियों की तस्करी करने वाले एक गिरोह का खुलासा हुआ। झारखंड से लड़कियों की तस्करी करने वाले इस गिरोह के 5 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनमें एक महिला है। तीन हिंदू लड़कियों को बरामद भी किया गया है। सभी लड़कियाँ झारखंड की हैं। गिरोह को गाँधी पार्क थाने के बस स्टैंड से पकड़ा गया। इस गैंग के पीछे निश्चित रूप से कोई न कोई ताकत होगी, जिनके बुते यह काम किया जा रहा था, उसे भी गिरफ्तार कर उसके बैंक खातों सील करने चाहिए। 

यह गिरोह नौकरी का झाँसा देकर झारखंड से लड़कियाँ लाता था। इस गिरोह पर शादी के नाम पर लड़कियों को बेचने का भी आरोप है। फिलहाल, थाना गाँधी पार्क पुलिस मामले की जाँच-पड़ताल में जुट गई है। अभी तक की पूछताछ में पता चला है कि गिरोह में शामिल मुस्लिम युवक हिंदू नाम से आधार कार्ड बनाकर काम कर रहे था। गिरोह के सरगना सईद अंसारी के पास से दो आधार कार्ड बरामद मिले हैं। इनमें से एक पर उसका असली नाम है, जबकि दूसरे पर उसका नाम राहुल गुप्ता है। गिरोह के सारे सदस्य मुस्लिम हैं। लेकिन हरेक ने हिंदू नाम से भी आधार कार्ड बनवा रखा है। इनका इस्तेमाल वे जरूरत के हिसाब से करते थे।

ऐसे में प्रश्न यह होता है कि आखिर ये फेक आधार कार्ड और वोटर कार्ड कौन बनाता है और किस तरह बनते हैं? क्यों नहीं सरकार ऐसे लोगों पर कोई सख्त कार्यवाही करती? ऐसे लोगों की समस्त सरकारी सुविधाएं समाप्त की जाती? 

गिरफ्तार आरोपितों में नफीसा बीबी (उम्र- 30 साल, शौहर-रहीम अंसारी), रहीम अंसारी (उम्र- 35 साल, अब्बा-जहमू), कलाम खान (उम्र- 38 साल, अब्बा- इरदीश खान), सईद अंसारी (उम्र- 43 साल, अब्बा- जमाल अंसारी) और लक्ष्मण लोहरा (उम्र-45 साल, पिता- उदी लोहरा) का नाम शामिल है।

जानकारी के मुताबिक ज्यादातर पीड़ित महिलाएँ हिंदू हैं, जिनको नौकरी के नाम पर बहला-फुसला कर अलीगढ़ के आसपास क्षेत्र में बेचा जाता था। बताया जा रहा है कि ट्रेन के जरिए यह गिरोह अलीगढ़ आया हुआ था। वहीं एक व्यक्ति की सूचना पर हिंदूवादी संगठनों की मदद से गाँधी पार्क बस स्टैंड पर इन सबको पुलिस ने गिरफ्तार किया।

कैसे हुआ मामले का खुलासा

अलीगढ़ के अतरौली के रहने वाले राजेश शादी के लिए इदरीश नाम के व्यक्ति के साथ झारखंड गया था। वहाँ गिरोह के सदस्यों ने राजेश से मारपीट कर 80 हजार रुपए छीन लिए और उसे पुलिस से पकड़वा दिया। राजेश किसी तरीके से झारखंड से बचकर अलीगढ़ पहुँचा। चार महीने बाद इदरीश ने एक बार फिर राजेश से शादी के लिए संपर्क किया और इस बार शादी के लिए ढाई लाख रुपए माँगे। इस बार राजेश सतर्क था और उसने झारखंड जाने की बजाय उन लोगों को ही अलीगढ़ बुला लिया।
इसके बाद इदरीश चार लड़कियों के साथ गाँधी पार्क बस स्टैंड पहुँचा। इदरीश ने राजेश को भरोसा दिलाया कि उसकी शादी करवा देगा। इसके बाद उसने राजेश से रुपए माँगे। राजेश ने रुपए देने से मना कर दिया। रुपए देने से इनकार करने पर इदरीश ने मारपीट की और पुलिस से फँसवा देने की धमकी दी। 
राजेश मुश्किल से जान बचाकर भागा और हिंदूवादी नेता सीटू चौधरी को इसकी जानकारी दी। इसके बाद हिंदू संगठन से जुड़े लोग पुलिस को लेकर गिरोह के पास पहुँचे। अलीगढ़ पुलिस ने फर्जी शादी कराने वाले गिरोह को गाँधी पार्क थाने के बस स्टैंड से धर दबोचा। राजेश ने बताया कि शादी के नाम पर यह गिरोह लोगों से रुपए लूटने का काम करता है। राजेश ने बताया कि हिंदू नाम रख कर यह लोग गिरोह चला रहे थे। फिलहाल पुलिस मामले की जाँच में जुट गई है।