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मालदीव : संसद में लत्तम-जुत्तम, एक-दूसरे को पटक कर पीटने लगे सांसद: सबसे बड़ी पार्टी ने मोहम्मद मुइज्जु को हटाने के लिए जुटा लिए हस्ताक्षर

                                                               संसद में जम कर लड़ाई
मालदीव की संसद में फ़िलहाल ‘मालदीव डेमोक्रेटिक पार्टी (MDP)’ सबसे बड़ी पार्टी है। अब उसने वहाँ के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जु के खिलाफ महाभियोग चलाने के लिए अभियान छेड़ दिया है। इतना ही नहीं, उसने इसकी प्रक्रिया शुरू करते हुए उतने सांसदों के हस्ताक्षर भी जुटा लिए हैं जितने की ज़रूरत है। MDP के एक नेता ने बताया कि एक अन्य विपक्षी दल ‘द डेमोक्रेट्स’ की सहायता से उसने महाभियोग प्रस्ताव के लिए हस्ताक्षर जुटा लिए हैं। अब इसे स्पीकर के समक्ष पेश किया जाना बाकी है।

मोहम्मद मुइज्जु की सरकार चीन के हाथों की कठपुतली बन गई है। चीन को फायदा पहुँचाने के लिए वहाँ की सरकार 4 नए कानून लेकर आई है। इस पर पक्ष-विपक्ष के सांसदों के बीच संसद में लत्तम-जुत्तम भी हुई। सरकार समर्थक सांसदों ने इसके बाद प्रदर्शन किया, जिससे संसद का कामकाज भी बाधित हुआ। कंडीथीमु के सांसद अब्दुल्ला शाहीन अब्दुल हकीम ने केंदिकूलहूधु के सांसद अहमद ईशा को ठोकर मार कर गिरा दिया, जिसके बाद दोनों के बीच लड़ाई हुई।

दोनों सांसद चैंबर में ही गिर पड़े। इस दौरान शाहीन के सिर में भी चोटें आई हैं। अल्पसंख्यक नेता मूसा सिराज ने इस झगड़े को रोकने का प्रयास किया। असल में विपक्ष ने मोहम्मद मुइज्जु के कुछ मंत्रियों को मान्यता नहीं दी, जिससे ‘प्रोग्रेसिव पार्टी ऑफ मालदीव (PPM)’ और ‘पीपल्स नेशनल कॉन्ग्रेस (PNC)’ के नेता भड़क गए। वीडियो में भी देखा जा सकता है कि कैसे स्पीकर की कुर्सी के पास सांसद आपस में लड़ पड़े। सरकार का कहना है कि विपक्ष द्वारा नए मंत्रियों को मान्यता न देना नागरिकों के अधिकारों का उल्लंघन है।

एक सांसद तो सीटी बजा आकर स्पीकर को डिस्टर्ब करते हुए देखा गया। माथीवेरी के सांसद हसन ज़हीर को भी चोटें आई हैं। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लक्षद्वीप दौरे के बाद मालदीव के 3 मंत्रियों ने उन पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। उसके बाद तीनों को इस्तीफा देना पड़ा था। लक्षद्वीप के प्रमोशन से भड़के मालदीव को चीन का साथ मिला। लेकिन, वहाँ के आम लोग और विपक्षी दल भारत के प्रति अच्छा रुख रखते हैं। भारतीय विदेश मंत्रालय ने वहाँ के राजदूत को भी तलब किया था।