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उत्तर प्रदेश : सालों पहले चोरी हुई किताबें आज़म खान की यूनिवर्सिटी में दबी हुई मिलीं

                                                                                                                          फोटो साभार: Zee
समाजवादी पार्टी का कोई नेता टोटी लेकर जाता है, तो कोई कॉलेज की लाइब्रेरी से किताबें चोरी कर दफना देता है, उस नेता की यूनिवर्सिटी में क्या पढ़ाई होती होगी। फिर जिस नेता की भैंस चोरी होने पर पुलिस विभाग दिन-रात एक कर रहा था, उस पुलिस को नहीं मालूम की चोरी का माल कहां जा रहा है? समाजवादी पार्टी के नेता और उत्तर प्रदेश के रामपुर से विधायक आजम खान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रहीं हैं। 20 सितंबर, 2022 को जौहर यूनिवर्सिटी में हुई खुदाई के दौरान ओरिएंटल इंटर कॉलेज से चोरी हुई पुस्तकें बरामद हुई हैं। इससे पहले 19 सितंबर को जब यूनिवर्सिटी में खुदाई की गई थी तब करोड़ों रुपए की ऑटोमैटिक स्वीपिंग मशीन बरामद की गई थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी में खुदाई की जा रही है। इस दौरान यूनिवर्सिटी के लिफ्ट शॉफ्ट में दबाकर रखी गईं बेहद कीमती पुस्तकों का जखीरा बरामद हुआ है। ये सभी किताबें राजकीय ओरिएंटल कॉलेज के लाइब्रेरी से चोरी की गई थीं। इस कॉलेज की स्थापना साल 1774 में रामपुर के नवाब ने की थी। जिसे पहले आलिया मदरसा के नाम से जाना जाता था। चोरी के इस मामले में, साल 2019 में एफआईआर की गई थी।

कैसे मिली किताबें और मशीन

आजम खान के बेटे और सपा विधायक अब्दुल्ला आजम के दोस्त सालिम और अनवर का जुआ खेलते हुए का एक वीडियो वायरल हुआ था। इस वीडियो के आधार पर पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद पुलिस ने इन दोनों से कड़ी पूछताछ की थी। इस पूछताछ में सामने आई जानकारी और निशानदेही के आधार पर जौहर यूनिवर्सिटी में खुदाई की गई थी। इस खुदाई में ही ये किताबें बरामद हुई हैं।
इस मामले में अपर पुलिस अधीक्षक संसार सिंह का कहना है, सलीम और अनवर को 2 दिन पहले गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद इन दोनों से कड़ी पूछताछ की गई थी। इसी दौरान एक स्थानीय व्यक्ति बाकर खान द्वारा एक और मुकदमा दर्ज कराया गया था।
संसार सिंह का कहना है कि मुकदमा दर्ज कराते हुए बाकर खान ने बताया था कि पालिका द्वारा सफाई करने के लिए कुछ मशीनें मँगाई गई थीं। इन मशीनों को जौहर यूनिवर्सिटी ने अपने कैंपस में मँगा ली थीं। आजम खान, अब्दुल्लाह आजम खान और रामनगर पालिका तत्कालीन चेयरमैन अजहर अहमद खान की मिलीभगत से सफाई मशीनों को यूनिवर्सिटी पहुँचाया गया था। इसके बाद जब सरकार बदली और प्रशासन ने मशीनों का पता करने की कोशिश की तो इन मशीनों को काट कर यूनिवर्सिटी कैंपस में ही दबा दिया गया।
मशीन चोरी के मामले में पुलिस ने IPC की धारा 409, 120-B और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम धारा 2 और 3 के तहत एफआईआर दर्ज की है। इस एफआईआर में आजम खान उनके पुत्र अब्दुल्ला आजम समेत 7 लोगों को आरोपित दर्शाया गया है।