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आम आदमी पार्टी अगर जीत गयी तो क्या केजरीवाल अपनी पत्नी सुनीता को मुख्यमंत्री बनाएंगे?


दिल्ली चुनाव के एग्जिट पोल के बाद सवाल उठने शुरू हो गए है कि अगर आम आदमी पार्टी सत्ता में नहीं आई तो क्या होगा। जैसाकि संभावनाएं है कि अरविन्द केजरीवाल ही अपनी सीट हार रहे हैं, और पार्टी की सरकार बन भी जाती है तो केजरीवाल क्या अपनी पत्नी सुनीता केजरीवाल को मुख्यमंत्री बनाएंगे? पार्टी में इस समय चर्चा हार या जीत पर नहीं बल्कि इस गंभीर मुद्दे पर हो रही है कि 
अगर जीत भी जाते है तो मुख्यमंत्री बन नहीं सकते। उस स्थिति में क्या पार्टी सुनीता केजरीवाल को मुख्यमंत्री मानने को तैयार है? कई गुट जैसे आतिशी-मनीष, राघव चड्डा, स्वाति मालीवाल और भगवंत सिंह मान आदि सक्रीय है। गोपाल राय को मध्यस्थ बताया जा रहा है। वैसे ये गुट उसी दिन से सक्रीय हो गए थे जिस दिन आतिशी को अस्थायी मुख्यमंत्री कह दिया था। बस लग गए चुनाव में अंदरखाने एक-दूसरे को हराने।  

अरविन्द केजरीवाल हकीकत में इंदिरा गाँधी की नीति पर चलते हैं कि जो तुम्हारे बराबर खड़ा होने की कोशिश करे उसे पार्टी से किसी न किसी आरोप में पार्टी से निकाल दो।    

खैर, दिल्ली में विधानसभा चुनाव को लेकर वोटिंग हो चुकी है। आठ फरवरी 2025 को रिजल्ट घोषित किए जाएंगे। 11 एग्जिट पोल्स में से 9 में बीजेपी को बहुमत और केवल 2 एग्जिट पोल में AAP की सरकार बनती हुई नजर आ रही हैं। हालांकि, रिजल्ट के आने के बाद ही दिल्ली की स्थिति साफ हो पाएगी। आइए जानते हैं कि अगर दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार नहीं बनीं तो इससे केजरीवाल के राजनीतिक करियर पर क्या फर्क पड़ेगा?

दरअसल, अरविंद केजरीवाल ने भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई थी। जिसके बाद आम आदमी पार्टी साल 2013 में दिल्ली की सत्ता में आई थी और सत्ता में आने पर अरविंद केजरीवाल ने दावा किया था कि वह दिल्ली से पूरी तरह से भ्रष्टाचार खत्म कर देंगे। इसी उम्मीद के साथ दिल्ली की जनता ने AAP पर भरोसा जताया और 2015 और 2020 के चुनावों में आम आदमी पार्टी को स्पष्ट बहुमत दिया। हालांकि, 2025 तक आते-आते उनकी पार्टी के कई नेताओं और खुद अरविंद केजरीवाल पर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। इस बार जनता के सामने शराब घोटाला और शीशमहल का मुद्दा प्रमुख रहा है। ये ही नहीं अरविंद केजरीवाल पिछले 11 सालों में न दिल्ली को साफ पानी दे सकें और न ही यमुना की सफाई करा पाएं। वहीं यमुना के गंदे पानी का मुद्दा के चुनाव प्रचार के आखिरी दिन तक छाया रहा।

 अगर आप जीती तो चौथी बार सीएम बनेंगे अरविंद केजरीवाल

दिल्ली में अगर आम आदमी पार्टी फिर से चुनाव जीतती है, तो अरविंद केजरीवाल दिल्ली के चौथी बार मुख्यमंत्री बनने वाले पहले नेता होंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे पर चुनाव लड़ने वाली बीजेपी को लगातार तीसरी बार विधानसभा का चुनाव हराएंगे। अगर अबकी बार बीजेपी नहीं जीती आगे कई साल बीजेपी सत्ता से दूर रहेगी। लेकिन आप के जीतते ही अरविंद केजरीवाल बीजेपी पर हमला बोलेंगे और कहेंगे कि घोटाले के आरोप जो उन पर लगे हैं वो सियासी साजिश हैं और जनता की अदालत ने उन भी आरोपों को खारिज करके फैसला सुनाया है। जिसके बाद वह फिर से दिल्ली के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठने जा रहे हैं। इसके अलावा AAP को राष्ट्रीय स्तर पर और व्यापक बनाने के प्लान में मजबूती मिलेगी। आम आदमी पार्टी दिल्ली, पंजाब और गुजरात दूसरे राज्यों में विस्तार पर काम करने का प्रयास करेगी। वहीं INDI गठबंधन के भीतर गैर कांग्रेसी दल फिर केजरीवाल के पक्ष में और मजबूती से जुड़ें सकेंगे।

अगर आप हारी तो केजरीवाल के लिए होगा बड़ा झटका

तमाम एजेंसियों के एग्जिट पोल के हिसाब से अगर आप की सरकार नहीं बनी तो यह अरविंद केजरीवाल के लिए बहुत बड़ा झटका होगा। क्योंकि दिल्ली से आम आदमी पार्टी निकली है। अरविंद AAP सरकार के म़ॉडल को पूरे देश में सर्वश्रेष्ठ बताते रहे हैं, उसी दिल्ली में अगर आम आदमी पार्टी की हार होगी तो ये केजरीवाल के लिए एक बड़ा व्यक्तिगत झटका होगा, जिससे उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर भी सवाल उठ सकते हैं। वहीं अरविंद केजरीवाल पर बीजेपी पर फर्जी वोटिंग कराने, चुनाव के दौरान पैसे बंटवाने और ईवीएम में गड़बड़ी जैसे आरोप भी लगा सकते हैं। हालांकि, आप नेताओं ने दावा किया है कि एक्जिट पोल में भले ही बीजेपी आगे हो, लेकिन, सत्ता में आम आदमी पार्टी ही आएगी। 

पिछले तीन विधानसभा चुनावों में आप का प्रदर्शन

साल    आम आदमी पार्टी   
2013  -28  सीटें
2015 - 67  सीटें
2020 -62 सीटें

दिल्ली में हुई 60.42 प्रतिशत वोटिंग

दिल्ली में फरवरी 5 को 70 विधानसभा सीटों पर वोटिंग हुई है। जिसमें 60.42 प्रतिशत लोगों ने मतदान किया है। जबकि, 2020 के विधानसभा चुनाव में 62.55 फीसदी वोटिंग हुई थी। इसके अलावा 2015 में 67.47 फीसदी मतदान दर्ज किया गया था। वहीं साल 2013 के विधानसभा चुनाव में 65.63 फीसदी मतदान दर्ज किया गया था।