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चुनाव के नतीजों से ‘हड़बड़ा’ गया SEBI, गाँधी परिवार के करीबी उषा थोराट को दिया ‘चीफ’ का पद: UPA काल में RBI की डिप्टी गवर्नर थीं, NSE बोर्ड की सदस्य भी

लोकसभा चुनावों के बाद और केंद्र सरकार के दोबारा गठन से पहले खबर है कि बाजार नियामक SEBI ने गाँधी परिवार के करीबी की पत्नी को हड़बड़ी में आकर सेबी पैनल का चीफ नियुक्त कर दिया है। 5 जून को बिजनेस वर्ल्ड में प्रकाशित जानकारी के अनुसार, सेबी ने उषा थोराट को स्टॉक एक्सचेंजों के सेटलमेंट गारंटी फंड की समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया है। रिपोर्ट में सेबी के इस हड़बड़ी में उठाए गए कदम पर सवाल है। दूसरा इस नियुक्ति के वक्त और कैंडिडेट के चयन पर भी सवाल है।

उषा थोराट, यशवंत थोराट की पत्नी हैं, जिन्हें नवंबर 2007 में नाबार्ड के अध्यक्ष पद से सेवानिवृत्त होने के बाद राजीव गाँधी फाउंडेशन का सीईओ बनाया गया और वे एक दशक से भी अधिक समय तक इस पद पर बने रहे। उन्हें गाँधी परिवार का करीबी का कहा जाता है। उनकी पत्नी यूपीए काल में ही भारतीय रिजर्व बैंक की डिप्टी गवर्नर नियुक्त की गई थीं। इसके अलावा जब यूपीए काल में ही उन्हें NSE बोर्ड का सदस्य भी बनाया गया था।

उल्लेखनीय है कि रिपोर्ट में बिजनेस वर्ल्ड की पलक शाह ने इस जानकारी को साझा करते हुए गौर कराया कि संभव है कि चुनाव परिणामों के ठीक बाद इस तरह से गाँधी परिवार के करीबी को चीफ का पद दिया जाना इस ओर इशारा करता है कि सेबी के अधिकारियों को पीएम मोदी की सत्ता में वापसी पर शंका थी, इसिलए उन्होंने हड़बड़ी में गाँधी परिवार के लोगों की नियुक्तियाँ कीं। हालाँकि संयोग है कि नई समिति के अध्यक्ष के रूप में केवल उषा थोराट के नाम की घोषणा की गई। वहीं पैनल के बाकी लोगों के नाम अभी नहीं तय किए गए हैं।

रिपोर्ट में पलक शाह के हवाले से कहा गया कि भारतीय व्यवसायी समझदार हैं, लेकिन फिर भी चुनाव परिणामों पर उन्होंने असामान्य चुप्पी बनाई हुई है। ऐसा लगता है वो इस मुद्दे पर बोलना नहीं चाहते। उन्हें पता चल गया है कि एनडीए के पास बहुमत है और प्रधानमंत्री मोदी लगातार तीसरी बार पीएम बनेंगे। वह जवाहरलाल नेहरू के बाद दूसरे नेता हैं जो लगातार तीसरी बार पीएम बनने जा रहे हैं, मगर फिर भी कॉरपोरेट जगत ने इस मुद्दे पर अब तक कुछ नहीं बोला है। ये हाल तब हैं जब मोदी सरकार ने अपने कार्यकाल में उदय कोटक, आनंद महिंद्रा, सुनील मित्तल, कुमार बिड़ला जैसे बड़े व्यापारियों को पद्म भूषण से सम्मानित किया। रिपोर्ट के अनुसार चुनाव नतीजों के दिन सोशल मीडिया एक्स पर प्रधानमंत्री को तीसरे कार्यकाल के लिए बधाई देने वाला पहला और एकमात्र ट्वीट एनएसई के एमडी और सीईओ अशोक चौहान का था।