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Operation Sindoor का डर : जिस BSF जवान को छोड़ने पर मजबूर हुआ पाकिस्तान, उसके बदले अपने शौहर को छुड़ाना चाहती थी आतंकी यासीन मलिक की बीवी

   मुशाल मलिक (यासीन मलिक के साथ) BSF जवान के साथ अपने आतंकी शौहर का सौदा करना चाहती थी (साभार:                                                                                         RahulSeeker/X & MushaalMullick/X)
आतंकी यासीन मलिक की पाकिस्तानी बीवी ऑपरेशन सिंदूर के बाद डरी हुई है। वह पाकिस्तान की सरकार से यासीन मलिक को वापस लाने के लिए सौदा करने को कह रही है। आतंकी की बीवी चाहती है कि पाकिस्तान रेंजर्स द्वारा पकड़े गए BSF जवान के बदले यासीन मलिक का सौदा हो। हालाँकि, ऑपरेशन सिंदूर के बाद खौफ में आए पाकिस्तान ने पहले ही BSF जवान को भारत को वापस सौंप दिया है। इस बीच यासीन मलिक की बीवी की वीडियो वायरल हो रही है।

यासीन मलिक का सौदा करने की कही बात

DAWN न्यूज चैनल पर एक पत्रकार के साथ इंटरव्यू में मौजूद आतंकी यासीन मलिक की बीवी मुशाल मलिक ने यह सारी बातें कही हैं। मुशाल मलिक ने इस इंटरव्यू में दावा किया कि उसकी अपने शौहर से बीते 6 सालों से कोई बात नहीं हो रही है क्योंकि सारी फोन लाइनें बंद हो चुकी हैं।
मुशाल मलिक ने इस बात की आशंका जताई कि आतंकी यासीन मलिक को भारत में फाँसी पर लटकाया जा सकता है। वायुसेना अधिकारियों को मारने वाले यासीन मलिक के खिलाफ कोई सबूत नहीं है, यह दावा भी मुशाल मलिक ने किया।
मुशाल मलिक ने इसके बाद यासीन मलिक का सौदा करने की बात चालू की। पहले उसने दावा किया कि एक भारतीय महिला पायलट शिवांगी सिंह पाकिस्तान के कब्जे में है, लेकिन बाद में खुद उसने स्पष्ट किया कि यह मामला नहीं है।
मुशाल मलिक चाहती थी कि कथित तौर पर पाकिस्तान के कब्जे में भारतीय महिला पायलट के बदले यासीन मलिक की माँग करे। हालाँकि, जब उसकी इन उम्मीदों पर पानी फिरा तो वह दूसरे सौदे में जुट गई। उसने कहा कि पाकिस्तान की सरकार रेंजर्स द्वारा हिरासत में लिए गए BSF जवान के बदले यासीन मलिक को रिहा करने की माँग करे।
मुशाल मलिक की यह बातें कुछ-कुछ 1999 के कंधार विमान हाइजैक से मिलती जुलती थीं। तब भी आतंकियों ने एक विमान हाइजैक कर भारतीय नागरिकों को अगवा किया था और उनके बदले आतंकी मौलाना मसूद अजहर को रिहा करवा ले गए थे।
मुशाल का यह पैंतरा हालाँकि इस बार नहीं चलने वाले क्योंकि BSF जवान को बुधवार (14 मई, 2025) को पाकिस्तान से वापस ले आया गया। पाकिस्तान को वैसे भी BSF जवान को छोड़ना ही पड़ता क्योंकि उस पर भारत का काफी दबाव था और वह स्वयं ही ऑपरेशन सिंदूर के बाद डरा हुआ था।
ऐसे में किसी आतंकी के बदले उसका सौदा हो ही नहीं सकता था। यह कोई पहला मौक़ा नहीं है जब मुशाल मलिक भारत के खिलाफ जहर उगलती रही है। वह पाकिस्तान में अपनी बेटी के साथ रहती है। उसका और उसकी बेटी का इस्तेमाल पाकिस्तानी फौज करती है। दोनों से भारत विरोधी प्रोपेगेंडा चलवाया जाता है।

पाकिस्तानी सरकार में मिली थी जगह

मुशाल मालिक को 2023 में पाकिस्तान के कार्यवाहक प्रधानमंत्री अनवार उल काकर ने अपना सलाहकार बनाया था। उसे मानवाधिकार मामलों पर सलाहकार बनाया गया था। मुशाल को उसके भारत विरोधी प्रोपेगेंडा का इनाम दिया गया था। मुशाल एक आर्टिस्ट भी है जो अक्सर अपनी अधनंगी पेंटिंग्स को लेकर चर्चा में रहती हैं।
यासीन मलिक और मुशाल मलिक की जान पहचान 2005 में हुई थी। दोनों ने साल 2009 में निकाह किया। ये पूरी निकाह सेरेमनी लाइव टेलीकास्ट हुई थी। निकाह के समय मुशाल की उम्र 23 थी और यासीन 42 साल का था। मुशाल हुसैन मलिक अर्धनग्न पेंटिंग बनाती है।
मुशाल 6 साल की उम्र से पेंटिंग बनाती है और उनकी खासियत ही ये है कि वो अधनंगी औरतों की पेंटिंग बनाती है। उनकी कुछ पेंटिंग में जो महिला दिखती है उसे पीठ दिखाते, स्तन छिपाते देखा जा सकता है। वह पेस्टल, चारकोल के अलावा ग्लास पेंटिंग भी करती हैं वरना पहले वो वाटर कलर पेटिंग्स तक सीमित थीं।

कौन है आतंकी यासीन मलिक?

यासीन मलिक वो आतंकी है, जो कश्मीर में कश्मीरी हिंदुओं के नरसंहार में सीधे तौर पर शामिल था। यासीन मलिक जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट नामक इस्लामी आतंकी संगठन चलाता था। लेकिन बाद में भारतीय सेना की कार्रवाई के डर से गाँधीवाद का ढोंग करने लगा था।
कॉन्ग्रेस के नेतृत्व वाली UPA सरकार में उसे खूब भाव दिया जाता था। यहाँ तक कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह तक उससे हाथ मिलाते दिखते थे। यासीन मलिक ने 4 भारतीय वायुसेना अधिकारियों की जम्मू-कश्मीर में हत्या कर दी थी। इस मामले में वह वर्तमान में जेल है। उसे उम्रकैद की सजा दी जा चुकी है।

यासीन मलिक सिर्फ इन हत्याओं में ही नहीं बल्कि अनेकों कश्मीरी पंडितों की हत्याओं में भी शामिल था। उसका नाम महबूबा मुफ़्ती की बहन रूबिया सईद के अपहरण में भी शामिल था। यासीन मलिक को मोदी सरकार आने के बाद आतंक के मामलों में प्रभावी रूप से सजा दी गई है।