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‘अब मोदी पंजाब आया तो बचेगा नही’: ये कैसे ‘किसान’ जो PM को दे रहे धमकी; इस प्रदर्शन को समर्थन देने वाली पार्टियां राष्ट्र को जवाब दें कि ये धमकी किसानों की है आतंकवादियों या गुंडों की?


दिल्ली सीमा पर जुटने के लिए पंजाब से किसान निकलकर शंभू बॉर्डर पर जुटे हैं। इस बीच प्रशासन उन्हें समझाने की, मनाने की, उनकी बात सुनने की कोशिश कर रहा है। लेकिन कुछ उपद्रवी तत्व ऐसे हैं जिनकी मंशा किसानों के हित की नहीं बल्कि अपने एजेंडे को अंजाम देने की है। शंभू बॉर्डर से एक कथित किसान का वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धमकी देता दिख रहा है। 

अब राष्ट्र उन सभी पार्टियों से जानना चाहती है कि क्या यह धमकी उन लोगों की शह पर दी गयी है? अगर नहीं तुरंत अपना प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष समर्थन तुरंत वापस ले। जैसे ही ये पार्टियां अपना समर्थन वापस ले लेंगी, प्रदर्शन भी ख़त्म हो जाएगा, अन्यथा यही समझा जाएगा, जैसी शंका व्यक्त की जा रही है कि ये किसान के नाम पर खालिस्तानी गुंडे हैं। कांग्रेस को तो इतना सोंचना चाहिए कि खालिस्तान के नाम पर कांग्रेस एक प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी को खो चुकी है, अब किसी दूसरे प्रधानमंत्री को जान नहीं खोने देंगे, भले ही वह प्रधानमंत्री कांग्रेस विरोधी भाजपा से ही क्यों न हो। पिछले प्रदर्शन में भी खालिस्तान की मांग उठी थी, तब भी प्रदर्शन को समर्थन दे रही किसी भी पार्टी ने अपना समर्थन वापस नहीं लिया। क्या ये एक और प्रधानमंत्री की क़ुरबानी चाहते हैं?   

ये वीडियो अजीत अंजुम के चैनल पर मौजूद है। वीडियो में 21:37 सेकेंड के बाद इस कथित किसान की धमकी को सुना जा सकता है। प्रदर्शन करने निकला ये ‘किसान’ कहता है- “अगर मोदी आया न वापस पंजाब तो उसे इस आँसू गैस के दर्शन कराएँगे वो टेंशन न लें। पिछली बार आया था न फिरोजपुर से भाग गया था। बहाना मारा था कि मैं बच के आ गया। इस बार आएगा तो बच के नहीं जाएगा।”

किसान आंदोलन में खालिस्तानी तत्व

पुरानी घटनाओं को देखते हुए और खुफिया रिपोर्ट्स के मद्देनजर शुरू से ही किसानों के इस आंदोलन पर और इसमें शामिल अराजक तत्वों की मंशा पर सवाल उठ रहे हैं।
इससे पहले एक यूट्यूब चैनल सत्य खबर ने 12 फरवरी को एक वीडियो साझा किया। इस वीडियो में कुछ सिख खालिस्तान की माँग करते दिख रहे हैं। उनमें से एक सिख ने कहा, “हम सिंघु बॉर्डर पर खड़े हैं, जहाँ तुम लोगों ने बैरिकेड लगा रखे हैं। एक काम करो: हरियाणा के बॉर्डर को हमेशा के लिए बंद कर दो। हम पाकिस्तान के साथ सीमा खोलेंगे। तुम लोगों ने हमें भारत से अलग किया तो अब अलग ही हो जाते हैं।”

इसके बाद इन लोगों ने केंद्र की मोदी सरकार पर भी निशाना साधा। उस कथित किसान ने आगे कहा, “मोदी सरकार पंजाब को अपना नहीं समझती है। अगर वो पंजाब को अपना नहीं समझते हैं तो हमें अलग हो जाने दो। हमें अपना देश खालिस्तान बनाने दो। हम पाकिस्तान के साथ जुड़ जाएँगे। हमने दीवारें नहीं बनाईं, तुमने बनाईं। तुमने हमें भारत से अलग कर दिया है। अब हम खालिस्तान बनाएँगे।”
किसान आंदोलन में इस तरह के बयान आने से पहले ट्रैक्टर पर भिंडरावाले की फोटो वाला झंडा भी देखा गया था और अब खुलेआम पीएम मोदी को धमकी दी जाने लगी है।

पंजाब में हुई थी पीएम की सुरक्षा में सेंध

धमकी में जिस पंजाब की घटना का जिक्र है वो 5 जनवरी 2022 की है। उस समय पीएम मोदी का विमान बठिंडा में लैंड हुआ था, जहाँ से उन्हें हैलीकॉप्टर से हुसैनीवाला स्थित ‘नेशनल मार्टियर्स मेमोरियल’ जाना था। वहाँ उन्हें ‘राष्ट्रीय शहीदी स्मारक’ में बलिदानी क्रांतिकारियों भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को श्रद्धांजलि अर्पित करनी थी।
बारिश और विजिबिलिटी कम होने के कारण उन्हें मौसम के ठीक होने के लिए 20 मिनट तक इंतजार करना पड़ा। जब मौसम ठीक नहीं हुआ तो निर्णय लिया गया कि सड़क मार्ग से ही प्रधानमंत्री हुसैनीवाला तक का सफर तय करेंगे। जब प्रधानमंत्री का काफिला एक फ्लाईओवर पर पहुँचा तो वहाँ पता चला कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने रास्ता जाम कर के रखा हुआ था।
हुसैनीवाला से 30 किलोमीटर दूर पीएम मोदी का काफिला फँसा रहा। लगभग 15-20 मिनट तक पीएम मोदी वहाँ फँसे रहे। यह प्रधानमंत्री की सुरक्षा में एक बड़ी सेंध था। सड़क मार्ग से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा दो घंटे में तय होनी थी, जिसके लिए पंजाब के पुलिस महानिरीक्षक (DGP) को ज़रूरी प्रबंधन करने के निर्देश दे दिए गए थे।