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अर्नब प्रकरण : अन्वय नाइक की पत्नी और उद्धव ठाकरे की पत्नी के बीच करोड़ों का जमीन सौदा --किरीट सोमैया, भाजपा नेता का दावा

रिपब्लिक टीवी के एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी के मामले में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। दरअसल, महाराष्ट्र भाजपा के तेज-तर्रार नेता किरीट सोमैया ने दावा किया है कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के परिवार का स्वर्गीय अन्वय नाइक के परिवार के साथ जमीन की लेनदेन का मामला था। भाजपा नेता सोमैया ने कहा कि उनके पास इस बात के पर्याप्त सबूत हैं, जो ठाकरे और नाइक परिवार के बीच हुए जमीन के सौदे को साबित करते हैं।

किरीट सोमैया ने ट्विटर के जरिए यह खुलासा करते हुए कहा है कि महाराष्ट्र सरकार की वेबसाइट में मौजूद मुरुद रायगढ़ के भूमि रिकॉर्ड के मुताबिक उद्धव ठाकरे की पत्नी का अन्वय नाइक के परिवार के साथ भूमि का लेनदेन हुआ था। इस मामले से जुड़े दस्तावेज उन्होंने एसपी और कलेक्टर को भेज दिए हैं।

आगे उन्होंने लिखा है कि उद्धव ठाकरे की पत्नी रश्मि ठाकरे ने मनीषा रविंद्र वायकर के साथ मिलकर दिवंगत अन्वय नाइक और अक्षिता नाइक से मार्च 2014 में 2.20 करोड़ रुपए की जमीन खरीदी थी। गौरतलब है कि अक्षिता नाइक, अन्वय नाइक की पत्नी हैं। इतना ही नहीं, अर्नब के मामले को जमीन के इस लेनदेन से जोड़ते हुए किरीट सोमैया ने उद्धव ठाकरे पर आरोप लगाया और पूछा कि क्या यह अर्नब गोस्वामी को फंसाने की वजह भी हो सकती है? उन्होंने अपने ट्वीट में कुछ दस्तावेज शेयर किया, जिन्हें वे इस जमीन सौदे से जुड़ा हुआ बता रहे हैं। 

अर्नब की तरह ही समित ठक्कर के खिलाफ भी महाराष्ट्र सरकार गुंडागर्दी पर उतारू

महाराष्ट्र सरकार की ज्यादतियों का शिकार बने रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्नब गोस्वामी को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिल गई, लेकिन ऐसे और भी कई नाम हैं, जिन्हें महाराष्ट्र के जंगलराज का कोपभाजन बनना पड़ रहा है। महाराष्ट्र में कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना के नेतृत्व में रोज-ब-रोज जंगलराज का नमूना पेश किया जा रहा है। उद्धव ठाकरे सरकार में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। सरकार के खिलाफ बोलने वालों को सरकारी अत्याचार का सामना करना पड़ रहा है। ठाकरे के विरोध में आवाज उठाने वालों का दमन किया जाना आम बात हो गई है। ट्विटर पर शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे और उनके बेटे आदित्य ठाकरे के खिलाफ टिप्पणी करने पर समित ठक्कर को नागपुर पुलिस ने 24 अक्टूबर को गिरफ्तार कर लिया था। जमानत मिलने पर फिर उसे दूसरी जगह की पुलिस द्वारा फिर उठा लिया जाता है। एक खास मामले में जमानत मिलने पर उसे फिर गिरफ्तार कर लिया जाता है। दरअसल, सिर्फ एक ट्वीट के कारण समित ठक्कर को बार-बार गिरफ्तार कर उसके ऊपर अत्याचार किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर इसके खिलाफ लोग मुखर हो रहे हैं और समित ठक्कर को रिहा करने की गुहार लगा रहे हैं।