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कांग्रेस ने ननकाना साहिब पर हमले के वीडियो को फेक बताकर गुरु नानक देव जी का किया अपमान

कॉन्ग्रेस, ननकाना साहिब वीडियो
आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार    
आखिर कांग्रेस पाकिस्तान को समर्थन देने के लिए कितना नीचे गिरेगी? असम कांग्रेस नेता पिकू गिरी काठमांडू में यूएन बिल्डिंग के पास मार्च 24, 2008 को प्रदर्शन कर रहे तिब्बतियों की फोटो को वर्तमान नागरिक संशोधन कानून के विरुद्ध में असम में हो रहे प्रदर्शन की बताकर आग में घी नहीं पेट्रोल करने का घिनौना काम किया, तो पाकिस्तान में हुए ननकाना साहिब पर हुए हमले के वीडियो को फेक बता कर, केवल पाकिस्तान का समर्थन अथवा बचाव नहीं किया बल्कि समस्त सिख समुदाय का अपमान किया है। 1984 में सिखों का कत्ले-आम करवाया जाता है, और अब गुरु नानक साहब की जन्मस्थली पर हुए हमले को ही फर्जी बता दिया।  
देखिए कांग्रेस का असली चेहरा 
पाकिस्तान के मुस्लिम कट्टरपंथियों ने शुक्रवार (3 जनवरी) को जुमे की नमाज के बाद सिखों के पवित्र धार्मिक स्थल ननकाना साहिब गुरुद्वारे को घेर लिया। जमकर पत्थरबाज़ी की। मुस्लिम भीड़ ने सिखों को मारने-पीटने के अलावा उन्हें भगाने और ननकाना साहिब का नाम बदलकर ग़ुलाम-ए-मुस्तफ़ा रखने की धमकी दी। इस कट्टरपंथी भीड़ का नेतृत्व मोहम्मद हसन का परिवार कर रहा था। मोहम्मद हसन वही युवक है जिससे सिख लड़की जगजीत कौर का अपहरण कर जबरन निक़ाह कराया गया था। मोहम्मद हसन के आतंकी सरगना हाफ़िज़ सईद के संगठन से जुड़े होने की भी खबर आई थी।
जगजीत कौर गुरुद्वारे के ग्रंथी की बेटी हैं। इस घटना से जुड़े वीडियो में यह साफ़ तौर पर दिखा कि किस तरह से मुस्लिम भीड़ ने ननकाना साहिब गुरुद्वारे को घेरा हुआ था, वहाँ उन्होंने अल्लाह-हु-अकबर के नारे लगाए और सिखों पर को भगा देने की बाते कही। दुनिया भर में यह वीडियो बड़ी तेज़ी से वायरल हो चुका है और इसकी कड़ी निंदा हो रही है। इस मामले में भारत सरकार ने भी बयान जारी कर पाकिस्तान से कड़ी कार्रवाई करने को कहा है।
इन सबमें हैरान कर देने वाली बात यह है कि जहाँ पूरी दुनिया इस घटना से परिचित है, वहीं कांग्रेस का मानना है कि यह वीडियो ही फेक है, इसमें कोई सच्चाई नहीं है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राजयसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आज़ाद का कहना है कि उन्हें इस घटना के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है।
इस पर उसी वीडियो का सन्दर्भ लेते हुए, भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने चुटकी ली और कहा कि कोई वीडियो में धमकी देने वाले मुस्लिम के शब्दों (मैं आ रहा हूँ सिखों.. भागो.. अंजाम बहुत बुरा होगा.. या अल्लाह.. लाइलहाह इलल्लाह) का इतावली भाषा में अनुवाद कर दें ताकि कांग्रेस पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न का सबूत माँगना बंद कर दे।

भाजपा नेता के ट्वीट के जवाब में छत्तीसगढ़ कांग्रेस के ट्विटर हैंडल ने लिखा, “किसी भाषा में अनुवाद करने की ज़रूरत नहीं है, सब जानते हैं कि यह “संघी” भाषा है। इस भाषा में कुछ दिन पहले इंडिया गेट पर “गोली मारो..” के नारे भाजपा नेताओं द्वारा लगाए जा रहे थे। दोनों तरफ से एक जैसे झूठे वीडियो ट्वीट हो रहे हैं, एक जैसी भाषा बोली जा रही है। सभी क्रोनोलोजी समझें।”
ऐसे में स्मरण आते है महाराष्ट्र कांग्रेस के कद्दावर नेता अंतुले, जिन्हें कहीं कोई बात हो आरएसएस नज़र आती थी। और यही बात वर्तमान कांग्रेस में भी देखी जा रही है। ये तो जवाहर लाल नेहरू ही थे, जिन्होंने 1962 इंडो-चीन युद्ध में संघ की देशभक्ति से प्रभावित होकर,आगामी गणतन्त्र दिवस(1963) परेड में आर्मी की भांति संघ को भी सम्मिलित किया था। 

यह स्पष्ट करना महत्वपूर्ण है कि घटना का वीडियो फेक नहीं है। पत्रकार रविन्द्र रॉबिन सिंह ने कई वीडियो पोस्ट किए, जहाँ एक ही कपड़े के एक ही आदमी को पाकिस्तान में ननकाना साहिब गुरुद्वारा पर हमला करने वाली भीड़ के हिस्से के रूप में देखा गया।
पहली इमेज पत्रकार द्वारा अपलोड किए गए वीडियो का एक स्नैपशॉट है, जिसके माध्यम से ब्रेकिंग न्यूज़ पोस्ट की गई। दूसरा उस वीडियो भाजपा नेता संबित पात्रा द्वारा पोस्ट किया गया। दोनों ही वीडियो में एक ही शख़्स (मुल्ला) है जो एक ही कपड़े में है।
इसके अलावा, एक बात और चौंकाने वाली है कि कांग्रेस को उस सिख लड़की के हितों से कोई लेना-देना नहीं है जिसका ज़बरदस्ती धर्म परिवर्तन करा निक़ाह करवा दिया गया। ननकाना साहिब पर हुए हमले से जुड़े वीडियो को नकारने के साथ ही वो मोहम्मद हसन जैसे मुस्लिमों का तो बचाव कर ही रही है, साथ ही पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर हो रहे ज़ुल्म से भी इनकार करती नज़र आ रही है।
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कॉन्ग्रेस नेता पिंकू गिरी (दाएँ) ने शेयर की फेक तस्वीर (बाएँ) कांग्रेस नागरिकता संशोधन कानून का विरोध करने के लिए कि...
नागरिकता संशोधन क़ानून (CAA) के ख़िलाफ़ दंगाइयों ने जब “ला इलाहा इल्लल्लाह” और “हिन्दुओं से आज़ादी” के नारे लगाए थे तब भी कांग्रेस ने चुप्पी साध रखी थी। ज़ाहिर सी बात है, ऐसा करके वो भारत के इस्लामी कट्टरपंथियों और पाकिस्तान के जिहादियों के भारत-विरोधी हरक़तों पर पर्दा डालने की जुगत में है।

इसी क्रम में, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आज़ाद ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “मुझे इसके बारे में अधिक जानकारी नहीं है। ननकाना साहिब सिखों के लिए एक पवित्र स्थान है और सभी धर्मों के लोग इसका सम्मान करते हैं। अगर ऐसी कोई घटना हुई है, तो हम सभी इसकी कड़ी निंदा करते हैं।”

NDTV के पत्रकार को ननकाना साहिब पर मुसलमानों के हमले से दिक्कत नहीं

एनडीटीवी, पाकिस्तान
पाकिस्तान में ननकाना साहिब गुरुद्वारे पर मुस्लिमों की भीड़ के हमले की दुनिया भर में निंदा हो रही है। शुक्रवार (जनवरी 3, 2019) को मुस्लिमों की दंगाई भीड़ ने गुरुद्वारे को घेर लिया और ‘या अल्लाह, ला इलाहा इल्लल्लाह’ के नारे लगाते हुए गुरुद्वारे को तहस-नहस करने की धमकी दी। पत्थरबाजी भी की गई। पाकिस्तान में अल्पसंख्यक सिख पहले से ही जबरन धर्मान्तरण और प्रताड़ना के शिकार रहे हैं।
वहीं एनडीटीवी सरीखे चैनलों को इस बात से कोई दिक्कत नहीं है कि पाकिस्तान में मुस्लिमों ने एक गुरुद्वारे को घेर कर भड़काऊ नारेबाजी की। गुरु नानक के जन्मस्थल को क्षतिग्रस्त करने की धमकी दे रहा था। एनडीटीवी व उसके पत्रकारों को इस बात से परेशानी है कि कहीं इस घटना का इस्तेमाल सीएए के पक्ष में न कर लिया जाए। एनडीटीवी ने पत्रकार श्रीनिवासन जैन ने सिखों के ख़िलाफ़ मुस्लिम भीड़ के उपद्रव पर टिप्पणी करते हुए लिखा:
“ये काफ़ी बुरी ख़बर है। आशा कीजिए कि इसका इस्तेमाल नागरिकता संशोधन बिल के पक्ष में चलाए जा रहे प्रोपेगेंडा के पक्ष में न किया जाए। बता दूँ कि सीएए में दिसंबर 2014 का कट-ऑफ डेट रखा गया है। इसीलिए, इसका पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफ़ग़ानिस्तान में रह रहे अल्पसंख्यकों से कुछ भी लेना-देना नहीं है।”
ये दिखाता है कि एनडीटीवी के श्रीनिवासन जैन को इससे कोई मतलब नहीं है कि मोहम्मद हसन नामक युवक ने एक सिख लड़की जगजीत कौर का अपहरण कर लिया और जबरन उससे इस्लाम कबूल करवाया। इससे भी एनडीटीवी को कोई दिक्कत नहीं है कि आरोपित हसन के समर्थन में मुस्लिम भीड़ ने ‘उलटा चोर कोतवाल को डाँटे’ वाली कहावत को चरितार्थ करते हुए गुरु नानक के पवित्र जन्मस्थान को निशाना बनाया। एनडीटीवी को ये डर सता रहा है कि कहीं सीएए के पक्ष में इस घटना का इस्तेमाल न किया जाए।

श्रीनिवासन जैन को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान की निंदा करनी चाहिए, जो बांग्लादेश का फेक वीडियो शेयर कर के भारत में ‘अल्पसंख्यकों पर पुलिस के अत्याचार’ की बात करते हैं और फजीहत होने पर वीडियो डिलीट कर लेते हैं। श्रीनिवासन जैन को सीएए का स्वागत करना चाहिए, जिसके कारण सिखों सहित पाकिस्तान के कई प्रताड़ित अल्पसंख्यक शरणार्थियों को भारत की नागरिकता मिलने का रास्ता साफ़ हुआ है। लेकिन, श्रीनिवासन लिखते हैं कि इसका कट-ऑफ डेट दिसंबर 2014 है, इसीलिए फ़िलहाल पाकिस्तान में रह रहे अल्पसंख्यकों को इससे फ़ायदा नहीं है।
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पाकिस्तान में ननकाना साहब का घेराव आर.बी.एल. निगम, वरिष्ठ पत्रकार पाकिस्तान में ननकाना साहेब पर पत्थरबाज़ी और सिखों...
श्रीनिवासन जैन से एक सवाल- अगर सीएए से वहाँ पहले रह रहे अल्पसंख्यकों को फ़ायदा हुआ है तो फिर इसका विरोध क्यों? वो ख़ुद मान रहे हैं कि इस क़ानून को अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए लाया गया है। फिर वे सीएए के पक्ष में माहौल बनने से चिंतित क्यों हैं? जिस चैनल में रवीश कुमार कार्यरत हों, वहाँ के पत्रकारों से ऐसा ही अपेक्षित भी है। संभव है NDTV की TRP में गिरावट आ जाए। 

ननकाना साहेब गुरुद्वारे पर मुस्लिमों का हमला, कहा- कोई सिख नहीं रहेगा यहाँ, नाम होगा गुलाम-ए-मुस्तफा

पाकिस्तान, गुरुद्वारा, हमला
पाकिस्तान में ननकाना साहब का घेराव 
आर.बी.एल. निगम, वरिष्ठ पत्रकार  
पाकिस्तान में ननकाना साहेब पर पत्थरबाज़ी और सिखों के विरुद्ध हुए नारेबाजी से लगता है, पाकिस्तान अपने मूल विनाश की ओर अग्रसर है। इतिहास साक्षी है कि जब-जब हिन्दू और हिन्दू धर्म की रक्षा में सिख गुरुओं पर अत्याचार हुए हैं, उन अत्याचारियों का विनाश ही हुआ है। इस कटु सच्चाई को कोई झूठला नहीं सकता। यह पाकिस्तान समर्थकों का साथ देने वाले हिन्दुओं के लिए सन्देश है। अब कोई शिक्षित एवं बुद्धिजीवी होकर भी आंखें बंद कर बैठा रहे, ऐसे व्यक्तियों के बारे में कुछ कहना कठिन है। क्योकि जयचन्दों का तो हर युग में बोलबाला रहा है। 
ननकाना साहेब पर हमला करने वालों को नहीं मालूम कि इस स्थान का केवल सिख धर्म ही नहीं, अपितु हिन्दू धर्म से भी बहुत गहरा सम्बन्ध है। सिख यानि सरदार कोई और नहीं, हिन्दुओं के ही बड़े भाई है, और इस वास्तविकता को जानने और समझने के लिए पाकिस्तान समर्थको का साथ देने वाले हिन्दुओं को मुग़ल युग का वास्तविक इतिहास अध्ययन करना होगा। हमला करने वालों ने अपनी जेहादी हरकत से सिद्ध कर दिया है कि पाकिस्तान अपने मूल विनाश की ओर अग्रसर हो चूका है, जिसे कोई बाजवा, हाफिज या मसूद नहीं बचा सकता।   
जब कांग्रेस समर्थित युपीए राज में कश्मीर घाटी में शंकराचार्य गुफा का नाम सुलेमान हिल्स करने पर भाजपा के घोर विरोध करने पर कांग्रेस ने कदम पीछे किए थे। फिर उसके बाद से किसी आतंकी हमला होने पर "हिन्दू आतंकवाद" और "भगवा आतंकवाद" के नाम से हिन्दू धर्म को कलंकित किया जा रहा था, कांग्रेस समर्थित वामपंथी इतिहासकारों द्वारा भारत के गौरवमयी हिन्दू इतिहास को धूमिल कर मुग़ल आतताइयों को महान बताने पर, परिणाम सबके सामने है। भारत की सबसे पुरानी कांग्रेस और कम्युनिस्ट, दोनों ही पार्टियां, हाशिये पर आ चुकी हैं। 
पाकिस्तान से एक बार फिर अल्पसंख्यकों के धार्मिक स्थल को निशाना बनाने की खबर आ रही है। मामला ननकाना साहेब गुरुद्वारे का है। जहाँ आज यानी शुक्रवार को सौ से ज्यादा मुस्लिमों की आक्रोशित भीड़ गुरुद्वारे को घेरकर उसपर पत्थरबाजी कर रही है। ट्विटर पर बीबीसी के पत्रकार रविंद्र सिंह रॉबिन ने इस घटना की वीडियो डाली है। वे लगातार इस मामले पर जानकारी दे रहे हैं।
अपने ट्वीट में जानकारी देते हुए रॉबिन ने बताया कि वीडियो में नजर आ रही मुस्लिम भीड़ का नेतृत्व सिख लड़की जगजीत कौर का अपहरण कर उसे इस्लाम कबूल करवाने वाले मोहम्मद हसन के परिजनों ने किया है। उनके ट्विट्स के मुताबिक इस हमले के कारण ननकाना साहिब में करीब 30 सिख फँसे हुए हैं।
गौरतलब है कि ट्विटर पर पत्रकार ने इस संबंध में मुस्लिम भीड़ की एक वी़डियो भी जारी की है। जिसमें दंगाई कहते नजर आ रहे हैं कि वे ननकाना साहिब में एक भी सिख को नहीं रहने देंगे और गुरुद्वारे का नाम बदलकर गुलाम-ए-मुस्तफा कर देंगे।




पत्रकार द्वारा जारी वीडियो में देखा जा सकता है कि ननकाना साहिब में मुस्लिम भीड़ कितनी उग्र है। जिसमें एक मुस्लिम युवक सिख लड़की (जगजीत कौर) का अपहरण कर उसे इस्लाम कबूल करवाकर निकाह करने के मामले पर खुलेआम बातें कर रहा है और बाकी मुस्लिम पीछे उसके नारे लगा रहे हैं।
इनका आरोप है कि ‘अपनी मर्जी से इस्लाम कबूलने’ और ‘शादी करने वाली’ लड़कियों को लेकर सिख समुदाय बेवजह हंगामा खड़ा करता है। बता दें कि पिछले साल जिस जगजीत कौर का जबरन धर्मांतरण हुआ था, वह ननकाना साहिब गुरुद्वारे के ही ग्रंथी की बेटी हैं।
ताजा जानकारी के अनुसार इस उग्र भीड़ ने शाम होते-होते भी ननकाना साहिब गुरुद्वारे को घेर रखा है। वहीं, पुलिस-प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। लोग बड़ी मुश्किल से अपनी जान बचाकर अंदर छिपे हुए हैं।