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‘यूरोप की संस्कृति के अनुकूल नहीं है इस्लाम’: जॉर्जिया मेलोनी, इटली की प्रधानमंत्री

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी का पुराना बयान वायरल (चित्र साभार: Le Monde)
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी का एक बयान इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। इसमें वो कह रही हैं कि इस्लाम यूरोपियन मूल्यों और संस्कृति के अनुकूल नहीं है। वो कह रही हैं कि इटली में इस्लाम को सऊदी अरब की फंडिंग के जरिए फैलाया जा रहा है और सऊदी अरब में शरिया कानून लागू है।

यही बयान मीडिया द्वारा भी रिपोर्ट किया गया, रिपोर्ट करने वालों में अधिकांश मीडिया संस्थान भारतीय हैं।

मीडिया चैनल ने यह दावा किया कि जॉर्जिया मेलोनी का यह बयान उनकी ‘द ब्रदर्स ऑफ़ इटली’ पार्टी द्वारा इटली में हाल ही में आयोजित एक कार्यक्रम के बाद आया है। इस कार्यक्रम में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक और कारोबारी एलन मस्क भी शामिल हुए थे।

भारतीय मीडिया में WION, हिंदुस्तान टाइम्स, मिंट, NDTV और टाइम्स नाउ जैसे संस्थानों ने इसी दावे के साथ रिपोर्ट छापी। NDTV ने एक्स (पहले ट्विटर) पर किए गए एक ट्वीट के आधार पर मेलोनी के बयान को रिपोर्ट में लिखा और दावा किया कि यह बयान उन्होंने हाल ही में अपनी पार्टी के आयोजन में दिया था।

हालाँकि, अंतरराष्ट्रीय मीडिया के किसी संस्थान में यह बयान बीते 24 घंटों में नहीं मिला। खोजबीन पर पता चला कि यह वीडियो सबसे पहले एक्स पर रेडियो जेनेवा नाम के एक हैंडल द्वारा डाला गया हो सकता है। हालाँकि, इसने भी यह दावा नहीं किया कि यह बयान अभी का है और उसने बयान की तारीख भी नहीं बताई।

हालाँकि, इस बयान से सम्बंधित शब्दों को सर्च करने पर जॉर्जिया का एक पाँच साल पुराना वीडियो मिला। इसका असली वीडियो जुलाई 2018 में यूट्यूब पर डाला गया था। इसे यूट्यूब पर एक न्यूज चैनल Alanews पर डाला गया था।

असली वीडियो में मेलोनी कहते हुए दिखती हैं, “साल्विनी कहते हैं कि इस्लाम संविधान के प्रतिकूल है। उनसे इस पर सफाई देने को कहिए। लेकिन मुझे लगता है इस्लाम हमारे मूल्यों और संस्कृति के अनुकूल नहीं है और इस्लामिक केन्द्रों में क्या होता है, इसका गवाह है। मैं इसका सामान्यीकरण नहीं कर रही, लेकिन हाँ प्रतिकूलता तो है।”

मेलोनी इस वीडियो में एक अन्य कंजर्वेटिव नेता मैटियो साल्विनी के बयान के बारे में बात कर रहीं थी। साल्विनी ने यह बयान कोलोन शहर में हुई यौन हिंसा और बर्लिन में हुए आतंकी हमलों के विषय में दिया था।