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‘सभी हिन्दू-सिख इलाके से चले जाओ… भारी कीमत चुकाओगे’ – जम्मू कश्मीर के पुंछ में उर्दू लिखे पोस्टरों से धमकी, मारे जा रहे हमास इस्लामी आतंकियों का बदला?

           हिन्दुओं और सिखों को इलाका ना छोड़ने पर अंजाम भुगतने की धमकी दी गई है (चित्र साभार: आजतक)
जम्मू कश्मीर के पुंछ जिले में हिन्दुओं और सिखों को इलाका छोड़ने की धमकी दी गई है। हिन्दुओं और सिखों के घरों पर उर्दू में लिखे पोस्टर लगा कर यह धमकी दी गई है और कहा गया है कि अगर वह ऐसा नहीं करते हैं तो उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।

यह पूरा मामला जम्मू कश्मीर के पुंछ जिले के देगवार मल्दियालाँ गाँव का है, जहाँ 14 अक्टूबर 2023 की शाम को इलाके में अल्पसंख्यक हिन्दू और सिख परिवारों के घरों पर तीन पोस्टर चिपके हुए पाए गए।

धमकी भरे इन पोस्टर में उर्दू में लिखा हुआ था, “सभी हिन्दू और सिख इस इलाके को जल्द से जल्द छोड़ दें। अगर वो ऐसा नहीं करते हैं तो उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।” यह पोस्टर इलाके के कुछ घरों के दरवाजों पर लगाए गए जबकि कुछ के आँगन में फेंके गए।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वकील महिंदर पियासा के घर के दरवाजे से एक पोस्टर बरामद किया गया जबकि दो अन्य निवासियों सुजान सिंह और किशोर कुमार के घर के आँगन से यह पोस्टर बरामद किए गए हैं।

इस मामले की जानकारी होने पर पुंछ के एसएसपी दीपक पठानिया ने देगवार गाँव जाकर यह पोस्टर गाँव के सरपंच परविंदर सिंह की मौजूदगी में जब्त करवाए हैं। घरों पर धमकी भरे पोस्टर लगाए जाने के कारण हिन्दू और सिख परिवार अब अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।

इजरायल के द्वारा गाजा पट्टी में हमास को नेस्तानाबूद करने को लेकर जो अभियान चलाया जा रहा है, कहीं यह उसकी प्रतिक्रिया तो नहीं? इस सवाल को खारिज करना आसान नहीं है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस्लामी आतंकी कहीं के भी हों, कहीं भी उनको मारा जा रहा हो, भारत में रहने वाले कट्टर मुस्लिम सड़कों पर उतर कर अपने ‘मुस्लिम भाई’ के प्रति वफादारी जरूर दिखाते हैं।

इससे पहले भी जम्मू कश्मीर में लगातार हिन्दू और सिख परिवारों को निशाना बनाया जाता रहा है। 1 और 2 जनवरी 2023 को जम्मू कश्मीर के राजौरी जिले के डांगरी गाँव में इस्लामी आतंकियों ने हिन्दू परिवारों को निशाना बनाते हुए 7 निर्दोष नागरिकों की हत्या कर दी थी।

इस आतंकी हमले में छोटे बच्चों को भी नहीं बख्शा गया था। इस इस्लामी आतंकी हमले में बच्चों को IED धमाका कर के मार दिया गया था। हमले के जवाब में सुरक्षा बलों ने दो आतंकियों को मार गिराया था।

हिन्दू और सिखों को इलाका खाली करने की धमकी से वर्ष 1990 के कश्मीरी पंडितों के नरसँहार की भयंकर स्मृतियाँ भी सामने आ गई हैं। तब इस्लामी आतंकियों ने कश्मीरी पंडितों के घरों पर ‘रलिव-गलिव-चलिव’ (इस्लाम अपना के हमारे साथ मिल जाओ, या मरो या फिर भाग जाओ) के पोस्टर लगाए थे।

उस समय हिंदुओं के घरों पर लाल घेरे बनाए गए थे ताकि उनकी पहचान हो सके। उनके घर की दीवारों पर लिख दिया गया – “कश्मीर छोड़ दो, नहीं तो मार दिए जाओगे।” अब पुंछ वाले इस मामले में सुरक्षा एजेंसियाँ जाँच कर रही हैं कि धमकी भरे यह पोस्टर किसने लगाए हैं।