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लंदन, कांग्रेस, किसान प्रदर्शन और जार्ज सोरोस में कनेक्शन! राहुल गांधी की यात्रा रुकी, किसानों का मार्च रुका; राहुल के वापस आते ही किसान आंदोलन फिर शुरू

कांग्रेस पार्टी ने अचानक अपनी न्याय यात्रा 1 मार्च तक रोक दी। फर्जी किसानों ने अपना दिल्ली मार्च अचानक 29 फरवरी तक रोक दिया। इस बीच राहुल गांधी अचानक देश विरोधी लेक्चर देने लंदन पहुंच गए। इससे साफ होता है कि लंदन, कांग्रेस और किसान प्रदर्शन सभी का आपस में कनेक्शन है। राहुल और अन्य विपक्ष किसान को जितना अधिक जीवित रखेगा, उससे अधिक इनके लिए घातक होने जा रहा है, क्योकि जनता इस उपद्रव की सच्चाई जान चुकी है। विदेशी भीख पर चलने वाला आंदोलन। कांग्रेस नेता जयराम रमेश का कहना है कि 27 और 28 फरवरी को राहुल गांधी कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी की यात्रा की योजना 1 साल पहले निर्धारित की गई थी लेकिन 12 फरवरी 2024 को प्रकाशित भारत न्याय यात्रा का जो शेड्यूल था, इसमें 27-28 फरवरी को राहुल गांधी की लंदन यात्रा का कोई जिक्र नहीं था। कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी ने भी 27-28 फरवरी के किसी विशेष समारोह की जानकारी सोशल मीडिया पर नहीं दी। लेकिन 20 फरवरी को अचानक कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी ने राहुल गांधी को वहां आने और छात्रों को व्याख्यान देने के लिए आमंत्रित कर लिया।

देश ने मोदी को दिल में बसाया, 2024 में विदेशी ताकतों का सपना होगा चकनाचूर
जिस तरह 2014 के बाद से भारत विकास के पथ पर अग्रसर है उसे देखते हुए देशवासियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिल में बसाया है। इसकी झांकी पीएम मोदी के रोड शो में साफ देखने को मिलती है। लोग कह रहे हैं भारतीय मतदाताओं को प्रभावित करने वाले ये विदेशी ताकतें और जार्ज सोरोस कौन होता है। भारतीय मतदाता निश्चित रूप से 2024 में मोदी जी को फिर से वापस लाएगा! 2024 में सोरोस और विदेशी ताकतों का सपना चकनाचूर होगा। देशों में शासन परिवर्तन के उसके मंसूबे का अंत भारत में होगा। भारत में ऐसा कुछ करने की कोशिश करना मुश्किल है। अब देश ने मोदी को दिल में बसा लिया है।

राहुल गांधी लेक्चर देने गए या गुप्त मीटिंग करने?
लंदन जाने के लिए राहुल ने अपनी भारत जोड़ो न्याय यात्रा रोक दी, अपनी सभी चुनावी बैठकें छोड़ दीं और वहां जाने के लिए तैयार हो गए। वह चाहते तो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से भी व्याख्यान दे सकते थे। ऐसे में वहां जाने की कोई आवश्यकता नहीं होती। लेकिन असलियत यह है कि लेक्चर तो बहाना है और इसकी आड़ में गुप्त मीटिंग करनी है। क्या यह संयोग है कि जार्ज सोरोस जो भारत से नफरत करता है, जो भारत को नष्ट करना चाहता है और खुलेआम 2024 में मोदी को हटाने की घोषणा कर चुका है वह भी लंदन में रहता है। 

राहुल गांधी दो दिनों से लंदन में, एक भी पोस्ट नहीं आया 
राहुल गांधी 2 दिनों से लंदन की कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में हैं। लेकिन कांग्रेस, ओवरसीज़ कांग्रेस या कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी से कोई पोस्ट सामने नहीं आया है। किसी भी समाचार में कोई कवरेज नहीं, कोई कार्यक्रम नहीं, कोई वीडियो नहीं। ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि वह वहां व्याख्यान के लिए गए हैं या जॉर्ज सोरोस के साथ कुछ गुप्त बैठकों के लिए गए हैं? कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी ने 2022 में राहुल गांधी के कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी थी।

राहुल गांधी का 27-28 फरवरी को कैंब्रिज में लेक्चर
जयराम रमेश ने कहा, ‘‘26 फरवरी से एक मार्च तक यात्रा में विराम होगा, ताकि राहुल गांधी 27 और 28 फरवरी को इंग्लैंड के कैंब्रिज विश्वविद्यालय (जहां से उनकी शिक्षा हुई) में दो विशेष व्याख्यान देने के अपने एक साल पहले के वादे को पूरा कर सकें। और इसके बाद उन्हें नई दिल्ली में होने वाली कुछ अहम बैठकों में शामिल होने का मौका मिल सके।’’

राहुल गांधी लगभग अपने हर विदेश दौरे में देशविरोधी लोगों से मिलते रहे हैं।

पूरे भारत में केरोसिन छिड़का जा चुका है, बस एक चिंगारी की जरूरत है
लंदन में 21 मई 2022 को‘आइडिया फॉर इंडिया’ कॉन्फ्रेंस में पहुंचे राहुल गांधी ने कहा था- ‘देश में धुव्रीकरण बढ़ता जा रहा है, बेरोजगारी अपने चरम पर है, महंगाई बढ़ती जा रही है। बीजेपी ने देश में हर तरफ़ केरोसीन छिड़क दिया है बस एक चिंगारी से हम सब एक बड़ी समस्या के बीच होंगे।’

भारत को बदनाम करने वाले ब्रिटिश सांसद कोरबिन से मिले राहुल गांधी
राहुल गांधी ने अपने लंदन दौरे के दौरान मई 2022 में ब्रिटिश सांसद जेरेमी कोरबिन (Jeremy Corbyn) से भी मुलाकात की थी। कोरबिन वही शख्स हैं जो भारत को बदनाम करने का कोई मौका नहीं छोड़ते। वह भारत से कश्मीर के अलगाव की पैरवी करते हैं और स्पष्ट रूप से हिंदू विरोधी हैं। आखिर राहुल गांधी जैसे नेता किस हद तक अपने देश के खिलाफ जा सकता है, यह अपने आप में सवाल है।

राहुल गांधी ने लंदन में कहा- भारत में लोकतंत्र खत्म
राहुल ने लंदन में मार्च 2023 में जर्नलिस्ट एसोसिएशन नाम के संगठन की ओर से आयोजित कार्यकम में कहा था, ”यदि यूरोप से तीन या 4 गुना बड़े देश में लोकतंत्र खत्म हो जाता है, तो आप कैसे रिएक्ट करेंगे। असल में भारत में ऐसा हो चुका है, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहा है। इसकी वजह यह है कि कारोबार और पैसे का मामला है। अमेरिका से आबादी में तीन से 4 गुना बड़े देश में लोकतंत्र समाप्त हो रहा है और इसकी रक्षा करने का दावा करने वाले अमेरिका और यूरोप चुपचाप देख रहे हैं।” राहुल ने कहा था, विपक्ष के तौर पर हम लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन यह अकेले भारत की जंग नहीं है. यह पूरे लोकतंत्र का एक संघर्ष है।

राहुल ने पाकिस्तानी प्रोफेसर कमाल मुनीर के साथ मंच साझा किया
लंदन में भारतीय लोकतंत्र और संस्थानों पर हमला करते हुए राहुल गांधी ने मार्च 2023 में पाकिस्तानी प्रोफेसर कमाल मुनीर के साथ मंच साझा किया। राहुल गांधी का परिचय पाकिस्तान में जन्मे कमाल मुनीर ने एमबीए दर्शकों से कराया। कमाल मुनीर को पाकिस्तान के राष्ट्रपति द्वारा दिए जाने वाले राजकीय सम्मान तमगा-ए-इम्तियाज से सम्मानित किया गया है। मुनीर का पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के साथ संपर्क है। इससे आप समझ सकते हैं कि डीप स्टेट भारत को तबाह करने के लिए किस स्तर पर काम कर रहा है। एक तरफ राहुल गांधी को खड़ा किया गया, लेफ्ट लिबरल गैंग प्रोपेगेंडा फैलाने में जुट जाती है। आईएसआई नेटवर्क के जरिये खालिस्तान मुद्दे को जिंदा किया गया जिससे देश में उथल-पुथल मचे।

अमेरिका में राहुल का जमात, सुनीता विश्वनाथ कनेक्शन
राहुल गांधी पीएम मोदी के अमेरिका दौरे से पहले 30 मई 2023 को अमेरिका पहुंचे थे। जिस अरबपति कारोबारी जार्ज सोरोस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ जहर उगला था, जिसने पीएम मोदी को सत्ता से हटाने की बात कही थी, जिसने राष्ट्रवाद से लड़ने के लिए 100 अरब डॉलर का फंड देने की बात कही थी, राहुल गांधी उसी के करीबी सहयोगी सुनीता विश्वनाथ के साथ बैठक करते नजर आए। आखिर राहुल गांधी देश विरोधी लोगों से क्यों मिल रहे थे? क्या भारत को कमजोर करने की जार्ज सोरोस की साजिश में वे भी शामिल हैं? राहुल गांधी का जमात, ISI और जॉर्ज सोरोस से जुड़े लोगों से मिलना यह साबित करता है कि वे भारत से प्रेम नहीं करते बल्कि सत्ता के लिए देश को कमजोर करने से लेकर किसी भी हथकंडे को अपना सकते हैं।

विदेशों में राहुल के कार्यक्रम से जुड़े रहते हैं मुसलमान
राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी अपने दिमाग से कुछ नहीं करती है। जैसे पड़ोसी देश पाकिस्तान लोन लेकर अपना काम चलाती है उसी तरह गांधी परिवार अब विदेशी ताकतों से सुपारी लेकर देश को बदनाम का ठेका ले लिया। क्या वजह है कि राहुल गांधी जब विदेश जाते हैं तो मुसलमान उनके आयोजक बन जाते हैं। अमेरिका में इंडियन अमेरिकन मुस्लिम काउंसिल ने उनके कार्यक्रमों का आयोजन किया। राहुल के कार्यक्रम में जाने के लिए मस्जिदों से बसों की व्यवस्था की गई।