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उत्तर प्रदेश : बलात्कारी को टिकट देने पर कांग्रेस नेताओं में हाथापाई

                                               कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव को थप्पड़ मारती पार्टी नेत्री तारा यादव 
उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के टाउन हॉल स्थित कांग्रेस कार्यालय में शनिवार (10 अक्टूबर 2020) को बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में कांग्रेस प्रत्याशी मुकुंद भास्कर मणि का स्वागत होना था। इस दौरान कांग्रेस की ही तारा यादव का राष्ट्रीय सचिव सचिन नायक से विवाद हो गया। विवाद बहुत जल्द हाथापाई में बदल गया, जिसमें साफ़ देखा जा सकता है कि कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तारा यादव को पीट दिया। यह वीडियो काफी 
चर्चा में बना हुआ है।  

उत्तर प्रदेश की 7 विधानसभा सीटों पर आगामी 3 नवंबर को चुनाव होने वाले हैं, देवरिया सदर सीट इनमें से एक है। मुकुंद भास्कर मणि इस विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाए गए थे, उनके स्वागत के लिए कांग्रेस कार्यालय में बैठक आयोजित की गई थी।

इस बैठक में राष्ट्रीय सचिव और प्रदेश प्रभारी सचिन नायक भी शामिल हुए थे। संगठन की इस बैठक में चुनावी रणनीति पर भी चर्चा होनी थी। तभी पार्टी नेत्री तारा यादव कार्यालय में गुलदस्ता लेकर पहुँची और उनकी सचिन नायक से बहस शुरू हो गई। ख़बरों के मुताबिक़ वह चुनाव के लिए पार्टी टिकट नहीं मिलने की वजह से नाराज़ थीं।

बहस के दौरान तारा यादव ने कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव को धक्का दिया, जिसके बाद उन्होंने भी पार्टी नेत्री को थप्पड़ जड़ दिया। वायरल वीडियो में साफ़ देखा जा सकता है कि इसके बाद कई अन्य कार्यकर्ताओं ने उनसे मारपीट शुरू कर दी। जल्द ही वहाँ मौजूद अन्य कार्यकर्ता उन्हें कार्यालय से बाहर लेकर गए। बाहर निकलने के बावजूद कांग्रेस नेत्री तारा यादव चिल्ला कर विरोध कर रही थीं। इसके अलावा बाहर निकलने पर उन्होंने कहा कि थप्पड़ मार कर सुकून मिल गया। 

एक समाचार समूह से बात करते हुए उन्होंने कहा, “पार्टी ने एक गलत व्यक्ति को टिकट दिया है, वह नेता (मुकुंद भास्कर मणि) बलात्कारी है। मैंने राष्ट्रीय सचिव से यही कहा था कि उन्होंने एक गलत व्यक्ति को टिकट दिया है। इस कदम से संगठन की छवि पर प्रभाव पड़ेगा, यह टिकट किसी और को दिया जाना चाहिए। कोई ऐसा जिसका चरित्र और तौर तरीका बेहतर हो, यह बात कहने की वजह से मेरे साथ अभद्र व्यवहार और मारपीट हुई।”       

घटना के बाद तारा यादव ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष समेत 4 नामजद और अन्य के विरुद्ध मारपीट व छेड़खानी का मामला दर्ज कराया है। वहीं कांग्रेस के अन्य कार्यकर्ताओं का कहना है कि तारा यादव देवरिया सदर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनावों के लिए टिकट माँग रही थीं। इस सीट से लगभग डेढ़ दर्जन उम्मीदवार थे और टिकट किसी और को ही दिया जा सकता था। इस बात से नाराज़ होकर कांग्रेस नेत्री ने पार्टी के ही राष्ट्रीय सचिव के साथ अभद्र व्यवहार किया। उनके द्वारा लगाए गए सभी आरोप सरासर गलत हैं। 

बलात्कारियों की दया याचिका का अधिकार खत्म होना चाहिए- राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद

President Kovind says do away with mercy pleasराष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बलात्कार के आरोपियों को संविधान में प्रदत्त दया याचिका के अधिकार को खत्म करने की वकालत की है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ब्रह्माकुमारीज संस्थान के अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय माउंट आबू में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए। महिला सशक्तिकरण पर आयोजित इस दो दिवसीय सम्मेलन में कई गणमान्य अतिथि शिरकत कर रहे हैं।
इस दौरान राष्ट्रपति ने कहा, 'बेटियों पर होने वाले अश्लील प्रहारों की वारदातें देश को झकझोर कर देती हैं। लड़कों में महिलाओं के प्रति सम्मान की भावना बढ़ाने की जिम्मेदारी हर माता, पिता, नागरिक और आप तथा मेरी है। इसी संदर्भ में कई बाते आ रही हैं। इस प्रकार के जो अपराधी होते हैं उन्हें संविधान में एक दया याचिका का अधिकार दिया गया है। मैंने कहा है कि आप इस पर पुर्निविचार करिए।'
राष्ट्रपति ने कहा, 'दया याचिका में जो अपराधी पॉक्सो के एक्ट के तहत जो घटनाएं होती हैं उन्हें दया याचिका के अधिकार से वंचित किया जाए। उन्हें इस तरह के किसी भी अधिकार की जरूरत नहीं है। यह सब संसद पर निर्भर करत है क्योंकि इसमें संविधान है और संविधान में संशोधन की जरूरत है। लेकिन उस दिशा में हम सबकी सोच आगे बढ़ रही है।'
क्या है दया याचिका का अधिकार
दरअसल संविधान के अनुच्छेद 72 में राष्ट्रपति को कुछ अधिकार दिए गए हैं जिसमें अपराधियों को क्षमा करने का भी अधिकार दिया गया है। ये वो अपराधी होते हैं जिन्हें अदालत द्वारा जघन्य मामलों में सजा दी जाती है जिसमें मौत, आजीवन करावास जैसे दंड शामिल हैं। इस प्रावधान के द्वारा राष्ट्रपति कोर्ट से दोषी ठहराये गए आरोपी को आरोपों से मुक्त कर सकते हैं, या कम कर सकते हैं या फिर मौत की सजा को आजीवन कारावास की सजा में भी बदल सकते हैं।(साभार)