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प्लेन क्रैश में नहीं रहे अजित पवार… PM मोदी ने ‘जननेता’ के राजनीतिक सफर को किया याद, साथियों से लेकर कार्यकर्ता सब प्लेन क्रैश की खबर सुन फफककर रोए

                             महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार का निधन (साभार: X-narendramodi/ANI)
महाराष्ट्र के बारामती जिले में बुधवार (28 जनवरी 2026) सबुह को डिप्टी सीएम अजित पवार की प्लेन क्रैश में निधन के चलते राजनीतिक हलकों में शोक का माहौल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने अजित पवार के निधन पर शोक व्यक्त किया है।

सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म ‘एक्स’ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अजित पवार के राजनीतिक सफर को याद करते हुए उन्हों शोक संवेदनाएँ दीं। पीएम मोदी ने लिखा, “अजीत पवार जननेता थे, जिनका जमीनी स्तर पर गहरा जुड़ाव था। महाराष्ट्र की जनता की सेवा में अग्रणी भूमिका निभाने वाले एक कर्मठ व्यक्ति के रूप में उनका व्यापक सम्मान था।”

मोदी ने आगे कहा, “प्रशासनिक मामलों की उनकी समझ और गरीबों एवं वंचितों को सशक्त बनाने का उनका ज्जबा भी सराहनीय था। उनका असामयिक निधन अत्यंत दुखद और स्तब्ध कर देने वाला है। उनके परिवार और अनगिनत प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदनाएँ। ओम शांति।”

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी अजित पवार के निधन पर दुख जताते हुए कहा, “दुखद हादसे में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और NDA के हमारे वरिष्ठ साथी अजित पवार को खो देने की सूचना से मन अत्यंत व्यथित है। अजित पवार ने बीते साढ़े तीन दशकों में जिस प्रकार महाराष्ट्र के हर वर्ग के कल्याण के लिए खुद को समर्पित किया, उसे शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता।”

उन्होंने आगे कहा, “वे जब भी मिलते थे, महाराष्ट्र की जनता के कल्याण संबंधी अनेक विषयों पर लंबी चर्चा करते थे। उनका निधन NDA परिवार के साथ ही मेरे लिए भी व्यक्तिगत क्षति है। मैं पवार परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूँ। शोक की इस घड़ी में परा NDA शोक-संतप्त पवार परिवार के साथ मजबूती से खड़ा है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दे। ओम शांति।”

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने भी अजित पवार के निधन पर शोक जताते हुए कहा, “विमान दुर्घटना में महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार के अचानक निधन से मैं स्तब्ध हूँ और बेहद दुखी हूँ। मैं उनके परिवार, मित्रों और अनुयायियों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूँ। ओम शांति।”

बुधवार (28 जनवरी 2026) की सुबह बारामूता पहुँचते ही अजित पवार का चार्टर्ड प्लेन चट्टान से टकराकर नीचे गिर गया। उस विमान हादसे में पायलट समेत सभी 5 लोगों की मौत हो गई।

बांग्लादेश : भारत सहित 5 देशों से अपने राजदूत तुरन्त वापस बुलाए

एजेंसी, ढाका : शेख हसीना के पद से हटने और देश छोड़ने के बाद बांग्लादेश की मोहम्मद यूनुस सरकार ने गुरुवार को बड़ा फैसला लिया है। बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने अपने पांच राजदूतों को वापस ढाका बुला लिया है। यह राजदूत भारत, ऑस्ट्रेलिया, बेल्जियम, पुर्तगाल और संयुक्त राष्ट्र में तैनात थे।

एक अधिकारी ने बताया कि इन सभी राजदूतों को तुरंत अपनी जिम्मेदारियां सौंपकर वापस लौटने को कहा गया है। बांग्लादेश ने यह कदम ब्रिटेन में उच्चायुक्त सईदा मुना तस्नीम को वापस बुलाने के बाद उठाया है।

बांग्लादेश ने भारत समेत पांच देशों से अपने राजदूतों को तत्काल वापस आने का आदेश दिया है। इन सभी राजदूतों को तुरंत राजधानी ढाका लौटना होगा। इससे पहले बांग्लादेश ने ब्रिटेन में उच्चायुक्त सईदा मुना तस्नीम को वापस बुलाया था। पांच अगस्त को शेख हसीना के इस्तीफे और नई सरकार के गठन के बाद यह बांग्लादेश सरकार का अब तक किया गया सबसे बड़ा राजनयिक फेरबदल है।

सभी को तुरंत लौटने का आदेश

बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने गुरुवार को जानकारी दी कि अंतरिम सरकार ने एक बड़े राजनयिक फेरबदल में भारत में अपने राजदूत समेत पांच देशों से दूतों को वापस बुला लिया है। नाम न छापने की शर्त पर अधिकारी ने बताया कि विदेश मंत्रालय ने ब्रुसेल्स, कैनबरा, लिस्बन, नई दिल्ली और न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र के स्थायी मिशन में तैनात राजदूतों को तुरंत ढाका लौटने का आदेश दिया है। 

हिंसा के बीच हसीना ने दिया था इस्तीफा

इसी साल जुलाई महीने में बांग्लादेश में आरक्षण के खिलाफ छात्र आंदोलन उग्र हो गया था। इसमें 700 से अधिक लोगों की जान गई थी। इसके बाद छात्रों की उग्र भीड़ ने राजधानी ढाका में स्थित प्रधानमंत्री आवास की तरफ कूच करना शुरू कर दिया था। बढ़ती हिंसा और सुरक्षा के लिहाज से तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना ने पांच अगस्त को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था और देश छोड़कर भारत में शरण ले ली थी। 

भारत के साथ रिश्ते नहीं सामान्य

शेख हसीना के देश छोड़ने के बाद बांग्लादेश के 48 जिलों में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा भी हुई थी। इस पर भारत ने कड़ा विरोध जताया। तभी से भारत और बांग्लादेश के बीच रिश्ते सामान्य नहीं हैं। दोनों देश लगभग 4,000 किलोमीटर लंबी सीमा भी साझा करते हैं।