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उत्तर प्रदेश : बेनकाब हुए सपाई, मनीष गुप्ता की पत्नी ने लताड़ा तो गुंडई पर उतर आये

कानपुर के बर्रा क्षेत्र के निवासी मनीष गुप्ता प्रॉपर्टी डीलिंग का काम किया करते थे। माँ-बाप की इकलौती सन्तान 35 वर्षीय मनीष गुप्ता का विवाह 5 वर्ष पहले मीनाक्षी गुप्ता से हुआ था जिसके बाद वो नोएडा में रहने लगे थे। मनीष गुप्ता का 4 वर्ष का एक बेटा भी है। कोरोना के चलते लगे लॉकडाउन में मनीष वापस कानपुर आ गए थे।

इस पूरे प्रकरण से संबंधित प्राप्त FIR संख्या 0391 के अनुसार वादिनी मीनाक्षी गुप्ता ने आरोप लगाया है कि उनके पति इसी महीने की 27 तारीख (27 सितम्बर, 2021) को गोरखपुर के रामगढ़ताल थानाक्षेत्र के होटल कृष्णा पैलेस में ठहरे हुए थे। आधी रात लगभग 12 बजे क्षेत्रीय थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर जगत नारायण सिंह, सब इंस्पेक्टर अक्षय मिश्रा, सब इंस्पेक्टर विजय यादव व अन्य 3 पुलिसकर्मी मनीष गुप्ता के कमरे में जा कर उनसे अनुचित व्यवहार किए और विरोध करने पर उन्हें बेरहमी से बुरी तरह मारा-पीटा।


कड़ा एक्शन लेते हुए 6 पुलिसकर्मियों को ससपेंड कर दिया, साथ ही उनपर ह्त्या का मुकदमा भी दर्ज हो गया है, CM योगी आदित्यनाथ ने मनीष गुप्ता की पत्नी मीनाक्षी और उनके परिवार से मुलाक़ात की और कहा कि किसी भी दोषी को छोडेंगें नहीं, हम जाँच करवा रहे हैं, हम आपके दुख में आपके साथ हैं.

मनीष गुप्ता की मौत के मामलें में समाजवादी पार्टी राजनैतिक रोटी सेंकने की कोशिश कर रही है, स्व. मनीष गुप्ता की पत्नी द्वारा लताड़े जानें के बाद सपाई आपा खो बैठे और उनके रिश्तेदार से ही धक्कामुक्की करने लगे. दरअसल सपाई मनीष गुप्ता के घर के बाहर इकट्ठा होकर उल्टा-सीधा नारा लगा रहे थे, इससे मनीष गुप्ता की पत्नी नाराज हो गईं और सपाइयों को जमकर लताड़ा।

सीएम योगी से मुलाक़ात करने के बाद मनीष गुप्ता की पत्नी ने कहा, मैं मुख्यमंत्री जी से मिलकर पूरी तरह संतुष्ट हूं। उन्होंने पूरी मांगे मान ली हैं। मुआवजा, नौकरी और कानपुर केस ट्रांसफर करने पर सहमति जताई है। CBI जांच को लेकर बोला कि उनको कोई आपत्ति नहीं, संस्तुति करेंगे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़, गोरखपुर के एक होटल में मंगलवार को पुलिस छापेमारी के दौरान 38 वर्षीय प्रॉपर्टी डीलर मनीष गुप्ता की मौत हो गई. वह अपने दो दोस्तों के साथ होटल में ठहरे हुए थे। पुलिस ने पहले दावा किया था कि मनीष गुप्ता के सिर में चोट लगने के कारण वह जमीन पर गिर गया था, क्योंकि वह नशे में था। पुलिस ने दावा किया कि उसे बीआरडी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

पुलिस ने कहा कि उन्हें सूचना मिली थी कि होटल में “संदिग्ध” लोग रह रहे थे। वे सोमवार रात होटल के उस कमरे में दाखिल हुए जहां मनीष गुप्ता अपने दो दोस्तों के साथ ठहरे हुए थे। हालांकि, पीड़ित परिवार के सदस्यों ने दावा किया कि पुलिसकर्मियों द्वारा हमला किए जाने के बाद मनीष गुप्ता की मौत हो गई।

मनीष गुप्ता की पत्नी मीनाक्षी ने कहा, होटल में मेरे पति की हत्या कर दी गई, उसे एक पुलिसकर्मी ने मार डाला। मेरे पति को खून से लथपथ होने पर भी घटनास्थल पर खून नहीं था। उसके दो दोस्तों ने कहा कि हर जगह खून था, लेकिन होटल के कर्मचारियों ने इसे साफ कर दिया, उन्होंने होटल पर भी गंभीर आरोप लगाए।

                                                                          पोस्टमार्टम रिपोर्ट 

ऑपइण्डिया के पास पोस्टमार्टम रिपोर्ट मौजूद है जिसमें मृत्यु का कारण चोट आना बताया गया है। यद्दपि उक्त चोटें मनीष के परिजनों के हिसाब से पुलिस की पिटाई की हैं या पुलिस के अनुसार मनीष गुप्ता के भागने के दौरान लगने से, ये अभी तय नहीं हो पाया है। इस प्रकरण में अंतिम निष्कर्ष उच्चाधिकारियों की जाँच के बाद ही आ पाएगा।

घटना के कुछ समय बाद ही जिला प्रशासन ने गोरखपुर पुलिस के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से इस बात की सूचना प्रकशित कर दी थी कि प्रकरण में FIR दर्ज करके 6 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है और उनके विरुद्ध FIR भी पंजीकृत हो चुकी है।

पुलिस मुख्यालय ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उत्तर प्रदेश पुलिस के आधिकारिक ट्विटर हैंडल ने अपने ट्वीट में मृतक मनीष की मृत्यु के मामले में ADG, DIG व SSP को निष्पक्ष जाँच करा कर दोषियों को दण्डित करने के निर्देश दिए हैं।

घेरे में आये SSP और DM 

इस पूरे प्रकरण में मृतक मनीष की पत्नी ने गोरखपुर के जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक स्तर पर न्याय न मिलने की बात कही। मीनाक्षी गुप्ता ने DM और SSP पर आरोपी पुलिसकर्मियों को बचाने का दबाव बनाने का भी आरोप लगाया। अपने आरोपों के समर्थन में उन्होंने अपने मोबाईल से स्टिंग किया एक वीडियो भी प्रस्तुत किया है जिसमें जिलाधिकारी गोरखपुर FIR न करवाने के पीछे वर्षो तक चलने वाले मुकदमों की बात कर रहे। बगल की सीट पर बैठे SSP भी उनकी बातों को सहमति दे रहे हैं। हालाँकि, अभी तक इस वायरल वीडियो पर उक्त दोनों अधिकारियो की कोई सफाई नहीं आई है।