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AAP को शेल कम्पनी के जरिए 2 करोड़ रूपए ‘चंदे’ के नाम पर ट्रासंफर

आप-केजरीवाल
AAP के खाते में 2 करोड़ रूपए  चंदे के नाम पर ट्रांसफ़र करने के
आरोप में मुकेश कुमार और सुधांशु बंसल गिरफ़्तार
दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने एक शेल कंपनी के माध्यम से अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी (आप) को 2 करोड़ रूपए ‘दान’ करने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है।
मीडिया रिपोर्ट्स द्वारा यह जानकारी शुक्रवार (अगस्त 21, 2020) को जारी की गई है। दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए दो में से एक की पहचान दिल्ली के व्यवसायी मुकेश कुमार के रूप में की गई है। दूसरे की पहचान सुधांशु बंसल के रूप में की गई है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, आम आदमी पार्टी (AAP) को 4 फर्जी कंपनियों के जरिए चंदा देने का मामला फ़रवरी 2014 का है, जब ROC (रजिस्ट्रार ऑफ़ कम्पनीज) ने 4 फ़र्ज़ी कंपनियों के जरिए आम आदमी पार्टी में 2 करोड़ रूपए आने की शिकायत पुलिस को दी थी। ये पैसा देहरादून की एक कंपनी ने शैल कंपनियों के जरिए दिया था।





अगस्त 20 को ही आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविन्द केजरीवाल ने घोषणा की है कि उनकी पार्टी आगामी उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में सभी 70 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।
मार्च 31, 2014 को डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पार्टी AAP को कथित रूप से चंदा देने के आरोप में दोनों को गिरफ्तार किया गया है। मुकेश शर्मा दिल्ली में स्थित एक प्रॉपर्टी डीलर और तंबाकू व्यापारी हैं।
जब तत्कालीन दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा को बर्खास्त कर दिया गया था, तभी कपिल मिश्रा ने एक आरोप लगाया था कि एक शेल कंपनी द्वारा AAP को पैसे का भुगतान किया गया था। कपिल मिश्रा, जो कि अब भाजपा नेता हैं, ने AAP की फंडिंग में ‘भारी अनियमितता’ का भी आरोप लगाया था और 2 करोड़ रूपए के संदिग्ध ‘दान’ के बारे में सवाल उठाए थे। उन्होंने यह भी दावा किया था कि कई शेल कंपनियों ने AAP को पैसे दिए थे और पार्टी को इसका पता था।
शेल कॉर्पोरेशन एक ऐसा संगठन होता है, जो बिना सक्रिय व्यवसाय या महत्वपूर्ण संपत्ति के होते हैं। इस प्रकार के कॉर्पोरेशन आवश्यक रूप से अवैध नहीं होते, लेकिन उन्हें कभी-कभी अवैध रूप से इस्तेमाल किया जाता है, जैसे कि कानून या जनता की नजरों से बचने के लिए इनका इस्तेमाल किया जाता है।