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इजरायल ने इस बार सीधे हिजबुल्लाह के हेडक्वार्टर पर किया धमाका, 6 की मौत, 91 घायल

                        हिजबुल्लाह हेडक्वार्टर पर हमला (फोटो साभार: वायरल वीडियो का स्क्रीनशॉट)
इजरायल ने एक बार फिर से लेबनान में हमला किया। इस बार उनका निशाना सीधे बेरट स्थित हिजबुल्लाह का हेडक्वार्टर था। दावा किया गया कि इस हमले में हेडक्वार्टर के भीतर कोई नहीं बचा। वहीं कुछ रिपोर्ट ने बताया कि हमले में 6 लोग मरे हैं और 91 घायल हुए हैं।

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स तो यह भी कह रही हैं कि इस हमले में हिजबुल्लाह के चीफ नसरल्लाह की मौत हो गई। हालाँकि हिजबुल्लाह संगठन ने खुद इस दावे से इनकार किया है।

बताया ये भी जा रहा कि इजराइली हमले में नसरल्लाह की बेटी और उसके भाई हाशिम सफी अल दीन की मौत हो गई है। हाशिम हिज्ब कार्यकारी परिषद का चीफ था। हालाँकि इन मौतों को लेकर अभी कहीं आधिकारिक पुष्टि नहीं है।

वहीं हमले से जुड़ी जो जानकारी इजरायल रक्ष बल ने दी है। उसमें बताया गया, “दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह की मिसाइल यूनिट के कमांडर मुहम्मद अली इस्माइल और उनके डिप्टी हुसैन अहमद इस्माइल को इजरायल द्वारा एक सटीक हवाई हमले में मार गिराया गया है। अली इस्माइल इजरायल राज्य के खिलाफ कई आतंकवादी हमलों को निर्देशित करने के लिए जिम्मेदार था, जिसमें बुधवार को इजरायली क्षेत्र की ओर रॉकेट दागना और मध्य इजरायल की ओर सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल का प्रक्षेपण शामिल था।”

इजरायल ने बताया कि हिजबुल्ला ने इजरायली नागरिकों को मारने के लिए 150,000 रॉकेट छोड़े थे। अब इजरायली सेना हिजबुल्लाह को मारकर सिर्फ इजरायल को बचा रही है। लेबनान के लोगों के साथ उनका कोई द्वेष नहीं है। उन्होंने बताया कि हिजबुल्लाह की मिसाइलें उनकी जमीन और समुद्र दोनों को निशाना बना रही है, लेकिन वह अपने नागरिकों को बचाने के लिए चाहे भूमि से हो, वायु से हो या समुद्र से हो हमेशा तत्पर हैं। आईडीएफ ने जानकारी दी कि वह खुफिया सूचना के आधार पर आतंकी संगठन के ठिकाने पर हमला कर रहे हैं। उन्होंने साफ कहा है कि हिजबुल्लाह को तबाह करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

दिल्ली : DU के 12 कॉलेजों के शिक्षक-कर्मचारी हड़ताल पर; केजरीवाल सरकार नहीं दे रही पूरा फंड, सैलरी का संकट

चुनाव होने वाले राज्यों में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल फ्री की रेवड़ियों के साथ-साथ जिस दिल्ली मॉडल की बात कर रहे हैं, जनता को इनसे पूछना चाहिए कि क्या दिल्ली की भांति यहाँ के कर्मचारियों को वेतन के लिए तरसाओगे? वेतन को लेकर कभी कोई विभाग तो कभी डॉक्टर हड़ताल पर होते हैं। और अब दिल्ली के 12 कॉलेज के शिक्षक और कर्मचारी हड़ताल पर। 

दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (DUTA) ने केजरीवाल सरकार द्वारा पूरी तरह से वित्त पोषित डीयू के 12 कॉलेजों को पूर्ण रूप से अनुदान जारी नहीं करने के विरोध में गुरुवार (6 जनवरी, 2022) को हड़ताल का आह्वान किया है। डूटा द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि इन 12 कॉलेजों के कर्मचारियों को वेतन और अन्य भत्तों का भुगतान नहीं होने के कारण आप सरकार द्वारा की गई फंड में कटौती है। इस मुद्दे पर चर्चा के लिए DUTA की एक ऑनलाइन आपात बैठक भी सोमवार (3 जनवरी, 2022) को हुई थी। जिसमें आज गुरुवार को हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया गया।

DUTA ने अपने बयान में कहा है, “राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली की केजरीवाल सरकार द्वारा फंड में कटौती किए जाने के कारण दिल्ली सरकार द्वारा वित्त पोषित 12 कॉलेजों में दो-छह महीने के वेतन और अन्य भत्तों का भुगतान नहीं हुआ है, जिससे इन विभिन्न कॉलेजों के शिक्षकों और कर्मचारियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी है।”

रिपोर्ट के अनुसार, DUTA ने कहा कि दिल्ली की आप सरकार द्वारा ग्रांट्स और फंड्स का अनियमित और अधूरा वितरण किया जाना अस्वीकार्य है। ऐसे में केजरीवाल सरकार द्वारा बरती जा रही अनियमितता के खिलाफ एसोसिएशन ने शिक्षकों से सभी आधिकारिक कार्यों से दूर रहने और हड़ताल के दिन ऑनलाइन शिक्षण का भी बहिष्कार करने की अपील की है।

डूटा के सदस्य आनंद प्रकाश ने भी हड़ताल में साथ देने की ट्विटर पर अपील करते हुए कहा, “आप सभी साथियों से अपील है कि डूटा द्वारा आयोजित हड़ताल में अपना समर्थन दें। 12 कॉलेजों में शिक्षकों कर्मचारियों को पिछले कई महीनों से दिल्ली सरकार द्वारा वेतन नहीं दिया जा रहा है। मेडिकल सुविधा, एलटीसी और अन्य सुविधाएँ भी बंद कर दी गई हैं।”

यह पहली बार नहीं है जब दिल्ली में सैलरी और अन्य भत्तों के समय से भुगतान न होने कारण हड़ताल या आंदोलन हो रहा है। पिछले काफी समय से फंड के रिलीज को लेकर दिल्ली यूनिवर्सिटी और केजरीवाल सरकार के बीच खींचतान चल रही है।

इस विवाद के पीछे की वजहों पर बात करते हुए DUTA ने कहा कि 12 कॉलेजों में शासी निकाय (governing bodies) का गठन विवाद की जड़ है, हालाँकि, पिछले साल 17 दिसंबर, 2021 को हुई कार्यकारी परिषद (executive council) की बैठक में शासी निकायों के सदस्यों के नाम दिल्ली सरकार को भेजे जाने के लिए अंतिम रूप दिए गए थे। लेकिन अभी मामला सुलझता नजर नहीं आ रहा है। शिक्षा पर जोर देकर दलीलें देने वाली आप सरकार का ये हाल है कि उसके द्वारा वित्तपोषित 12 कॉलेजों के शिक्षक आए दिन अपने वेतन और भत्तों के समय से भुगतान के लिए हड़ताल और आंदोलन करते नजर आते हैं।