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दिल्ली दंगे : भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने उड़ाई कांग्रेसियों और नकली लिबरलों की धज्जियां

आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
संसद में मार्च 11 को दिल्ली में हुए दंगों को लेकर काफी तीखी बहस हुई, जहां सांसद तेजस्वी सूर्या ने दिल्ली दंगों के लिए भाजपा को घेरने वाली कांग्रेस के साथ-साथ पूरे विपक्ष को जमकर धोया। इससे पहले भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी ने कांग्रेस को उसकी खोखली बातों के लिए लताड़ भी लगाई।
संसद में दिल्ली दंगों पर हुई बहस में कई छुपे हुए तथ्यों को उजागर किया गया, जिन्हें लिबरल ब्रिगेड छुपाने का प्रयास कर रहा था। सांसद तेजस्वी सूर्या ने अपनी बात कहते हुए कई तथ्य उजागर किए कि कैसे धर्म के नाम पर महिलाओं को इस्लामिक कट्टरपंथियों ने अपना सुरक्षा कवच बनाया।

सीएए मुस्लिम विरोधी नहीं पर प्रदर्शन हिन्दू विरोधी थे
दिल्ली दंगों पर बहस के दौरान संसद में विपक्ष ने कपिल मिश्रा के बयान का मुद्दा उठाकर सरकार को दिल्ली दंगों का दोषी बताने का प्रयास किया। जिस पर तेजस्वी सूर्या ने पलटवार करते हुए कहा कि पिछले दो महीनों में कई कट्टरपंथी नारों ‘जिन्ना वाली आज़ादी’, ‘हिंदुओं से आज़ादी’, ‘काफ़िरों से आज़ादी’ जैसे नारों की गूंज सुनाई दी है। उन्होंने साफ-साफ कहा कि ‘सीएए मुस्लिम विरोधी तो नहीं है, पर ये प्रदर्शन निस्संदेह हिन्दू विरोधी थे।’ 
ज्ञात हो, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नेता ने भी विरोध प्रदर्शनों और धरनों में अलगावादी नारों के लगाए जाने पर आपत्ति जताई थी। लेकिन नगाड़े की आवाज़ के आगे तूती की किसी ने नहीं सुनी। क्योकि यह सब षड़यंत्र हिन्दू विरोधियों द्वारा रचा गया था। मुस्लिम क्षेत्रों में छोटे-छोटे बच्चे तक कहते फिरते हैं, "मोदी को मारो", "मैं मोदी को मारूंगा" आदि। फिर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के नाम पर पत्थरबाज़ी, दर्शाता है कि आयोजकों की मंशा नागरिकता संशोधक कानून का विरोध नहीं बल्कि देश में अराजकता पैदा करना है।  
तेजस्वी ने अपनी बात को विस्तार में रखते हुए प्रदर्शन के दौरान ‘तेरा मेरा रिश्ता क्या? ला इलाह इल्लाल्लाह’ जैसे नारों का भी हवाला दिया। उन्होंने कहा कि इन सांप्रदायिक लोगों को मासूम बताने में विपक्ष और कई बुद्धिजीवी कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।
राष्ट्रद्रोहियों को बताया गया ‘शीरोज़’
तेजस्वी ने अपनी बात रखते हुए बताया कि सीएए विरोध के नाम पर लोगों में तरह-तरह से अफवाहें फैलाई गईं। उन्होंने कहा कि ये वही लोग हैं, जिनके लिए भारत तेरे टुकड़े होंगे के नारे लगाने वाले पुलिस बर्बरता से पीड़ित हैं और कई बुद्धिजीवी तो इन राष्ट्रद्रोहियों को ‘शीरोज़’ तक बुलाने लगे।
तेजस्वी ने कांग्रेस का भांडा फोड़ते हुए नके पूर्ववर्ती सरकारों के अंतर्गत हुए दंगों और सांप्रदायिक हिंसा की कई घटनाओं पर भी रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में मैंने देखा है और समझा है कि कैसे कांग्रेस riot engineering में विशेषज्ञ बन चुकी है। सीएए जब संवैधानिक रूप से पारित हुआ तो कांग्रेस पार्टी की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भीड़ को संबोधित कर कहा कि ये आर-पार की लड़ाई है और आप सभी लोग इसके खिलाफ लड़ें। इसके अगले ही दिन शाहीन बाग में प्रदर्शन शुरू हो जाते हैं। जेएनयू से लेकर जामिया तक हिंसक प्रदर्शन शुरू हो गए और इनमें जो नारे सुने गए वो तो बेहद शर्मनाक थे।
भारत की छवी खराब करने के लिए पत्रकार को मिला था ऑफर
तेजस्वी सूर्या ने ये भी बताया कि कैसे इन सीएए विरोधी प्रदर्शनों का एक ही उद्देश्य था – भारत की छवि को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बिगाड़ना। उन्होंने अपनी बात को साफ करने के लिए उमर खालिद के भाषण का उदाहरण भी दिया। इसके साथ ही तेजस्वी ने पत्रकार जे गोपीकृष्णन के आरोप का भी हवाला दिया, जिसमें उन्होंने बताया कि कैसे भारत की छवि खराब करने वाला लेख लिखने के लिए जे गोपीकृष्णन को 1500 डॉलर का ऑफर मिला था।
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