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वकीलों और पुलिसकर्मियों के बीच झड़प का मामला : दिल्ली HC ने केंद्र, दिल्ली सरकार और बार एसोसिएशन को जारी किया नोटिस

वकीलों और पुलिसकर्मियों के बीच झड़प का मामला : दिल्ली HC ने केंद्र, दिल्ली सरकार और बार एसोसिएशन को जारी किया नोटिसदिल्ली की तीस हजारी कोर्ट परिसर में वकीलों और पुलिसकर्मियों के बीच हिंसक झड़प का दिल्ली हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया है. इस मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार, बार काउंसिल ऑफ इंडिया, बार काउंसिल ऑफ दिल्ली, सभी जिलों की बार काउंसिल और दिल्ली हाईकोर्ट की बार काउंसिल को नोटिस जारी किया है. कोर्ट ने कहा कि हम कल(नवम्बर 2) भी 4 घंटे बैठे थे और आज(नवम्बर 3) भी बैठे हैं. हम चाहते हैं कि मामला आपसी सहमति से सुलझ जाए, इसके लिए सबको प्रयास करना चाहिए. आपको बता दें कि एक दिन(नवम्बर 2) पहले ही दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट में वकीलों और पुलिसकर्मियों के बीच जमकर मारपीट हुई. लात-घूंसे चले और आगजनी हुई. इस मामले में दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं. दरअसल, इस पूरे मामले की शुरुआत शनिवार की दोपहर हुई. करीब 2:30 बजे एक वकील ने जब लॉकअप के बाहर अपनी कार पार्क करनी चाही तो लॉकअप की सुरक्षा में तैनात एक पुलिसकर्मी से कार पार्क करने को लेकर उसकी बहस हो गई. 
इस बहस के बाद वकील ने अपने साथियों के साथ मिलकर पुलिसवाले को पीट दिया. करीब 2:40 बजे लोकल पुलिस को घटना की जानकारी दी गयी. जानकारी मिलने पर पुलिसवाले इकट्ठा हो गए और देखते-देखते मामला हिंसक मारपीट में बदल गया. करीब पौने 3 बजे पुलिसवाले एक वकील को पीटते हुए अंदर ले आये. उसे छुड़ाने के लिए वकीलों का झुंड लॉकअप में घुस गया और पुलिसवालों को बेरहमी से पीटा. एक पुलिसवाले को बेल्ट से इतना पीटा कि वह बेहोश हो गया. करीब 3:15 बजे उत्तरी दिल्ली के एडिशनल डीसीपी फ़ोर्स के साथ तीस हज़ारी कोर्ट पहुंचे. वकीलों ने उन्हें भी पीट दिया. वह अपनी जान बचाने के लिए लॉकअप के अंदर चले गए. इसी बीच पुलिस ने कथित तौर पर फायरिंग की. आरोप है कि इसमें विजय वर्मा और रवि नाम के दो वकीलों को गोली लगी. उसके बाद वकीलों ने कई गाड़ियों में तोड़फोड़ कर उनमें आग लगा दी. चूंकि आग लॉकअप के ठीक बाहर लगाई गई थी इसलिए लॉकअप में बंद 128 कैदियों का दम घुटने लगा.
किसी तरह पुलिसकर्मियों ने लॉकअप से पानी डालकर आग बुझाई. इसके बाद वकीलों ने कोर्ट के सभी गेट बंद कर वीडियो बना रहे लोगों के मोबाइल तोड़ दिए. कई पत्रकारों को पीटा. करीब 4:15 बजे स्पेशल कमिश्नर संजय सिंह पहुंचे. उसके बाद पुलिस ने वकीलों पर लाठीचार्ज किया और एडिशनल डीसीपी को लॉकअप से बाहर निकाला. पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर कई वकीलों की गाड़ियों और चेंबरों में तोड़फोड़ की. करीब पौने 5 बजे हालात काबू में आए. पूरे मामले में 8 वकीलों समेत 28 पुलिसवाले घायल हो गए. दर्जनों वाहनों में तोड़फोड़ और आगजनी हुई. फिलहाल मामले की जांच क्राइम ब्रांच की एसआईटी कर रही है. 
तीस हजारी कोर्ट परिसर में वकील और पुलिस के बीच भिड़ंत मामले पर CJI के घर बैठक, फॉरेंसिक टीम घटनास्थल पर पहुंचीकोर्ट परिसर में वकील और पुलिस के बीच भिड़ंत मामले पर CJI के घर बैठक, फॉरेंसिक टीम घटनास्थल पर पहुंची 
दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट परिसर में शनिवार को वकीलों और पुलिसकर्मियों के बीच हुई भिडंत का मामला अब CJI रंजन गोगोई के पास पहुंच गया है. इस पूरे मामले को लेकर रंजन गोगोई के आवास पर रविवार बैठक हुई. मिली जानकारी के अनुसार इस बैठक में बार कॉउंसिल ऑफ इंडिया, बार कॉउंसिल ऑफ दिल्ली समेत कई एसोसिएशन के प्रतिनिधि शामिल हैं. इस बैठक में सभी जिला अदालत के नेता प्रतिनिधि भी मौजूद हैं. बैठक के दौरान आगे की रणनीति बनाने पर भी बात चल रही है. इन सब के बीच इस भिड़ंत को लेकर दिल्ली पुलिस और वकीलों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है. इसके बाद दिल्ली पुलिस की फॉरेंसिक टीम तीस हजारी कोर्ट के उस लॉक अप के पास पहुंची जहां से यह भिड़ंत हुई थी. इस भिड़ंत की जांच दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की टीम कर रही है.
शनिवार को हुए भिड़ंत के बाद दिल्ली के सभी डिस्ट्रिक्ट की पुलिस को अलर्ट पर रखा गया है. पुलिस फिलहाल सीसीटीवी के जरिये पूरा घटनाक्रम जानने की कोशिश कर रही है. पुलिस की टीम फिलहाल मोबाइल फुटेज भी जुटाने लगी है. उधर, इस पूरे मामले को लेकर तीस हजारी कोर्ट के चौकी इंचार्ज पर छेड़खानी का केस दर्ज किया है. चौकी इंचार्ज पर महिला वकील से छेड़छाड़ करने के आरोप है. तीस हजारी कोर्ट में हुए इस बवाल के बाद आज यानी रविवार को यहां लगने वाले लोक अदालत को फिलहाल टाल दिया गया है. 
दिल्‍ली के तीस हजारी कोर्ट में वकीलों और पुलिस के बीच हुई झड़प का एक नया सीसीटीवी फुटेज सामने आया है. इस सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि किस तरह से वकीलों का झुंड तीस हजारी कोर्ट के लॉकअप के अंदर घुस रहा है और पुलिसकर्मियों को बेरहमी से पीट रहा है. फुटेज में दिख रहा है कि एक पुलिसकर्मी को वकीलों ने बेल्ट से इतनी बुरी तरह पीटा कि वह बेहोश होकर गिर पड़ा. लॉकअप में इस दौरान दर्जनों कैदी बंद थे, जो कोर्ट में पेशी के लिए आये थे. इस मारपीट के बाद वकीलों ने लॉकअप के बाहर आग लगा दी थी.
मारपीट का एक और सीसीटीवी फुटेज सामने आया है. इस फुटेज में दिख रहा है कि पहले लॉकअप के बाहर पुलिसवालों और वकीलों में मारपीट होती है. फिर पुलिसवाले इकठ्ठा होकर एक वकील को मारते हुए अंदर ले आते हैं. दरअसल, शनिवार को तीस हजारी कोर्ट के बाहर पार्किंग को लेकर पुलिसवालों और वकीलों में विवाद हो गया जो बाद में हिंसक झड़प में तब्‍दील हो गया. 
फायरिंग हुई और कई गाड़ियों में तोड़फोड़ और आगजनी भी हुई. झड़प में करीब 10 पुलिसकर्मी और कई वकील घायल हो गए. तीस हजारी कोर्ट में झड़प की बार एसोसिएशनों ने निंदा की है और चार नवंबर को राष्ट्रीय राजधानी की सभी जिला अदालतों में एक दिवसीय हड़ताल का आह्वान किया है.
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दिल्‍ली के तीस हजारी कोर्ट में वकीलों और पुलिस के बीच हुई झड़प का एक नया सीसीटीवी फुटेज सामने आया है. इस सीसीटीवी फु...

वकीलों ने गोली चलाने का आरोप लगाया 
वकीलों ने पुलिस पर प्रदर्शनकारियों के साथ बदसलूकी और गोली चलाने का आरोप लगाया है. वकीलों के अनुसार झड़प में उनके चार सहयोगी घायल हुए हैं. इनमें एक पुलिस की गोलीबारी में घायल वकील भी शामिल है. हालांकि, पुलिस ने गोली चलाने से इनकार किया है. 

दिल्ली में कानून ठेंगे पर : तीस हजारी कोर्ट में कैसे चले वकीलों और पुलिस के बीच लात-घूंसे

दिल्ली में कानून ठेंगे पर : इन दो VIDEO में देखें तीस हजारी कोर्ट में कैसे चले वकीलों और पुलिस के बीच लात-घूंसेदिल्‍ली के तीस हजारी कोर्ट में वकीलों और पुलिस के बीच हुई झड़प का एक नया सीसीटीवी फुटेज सामने आया है. इस सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि किस तरह से वकीलों का झुंड तीस हजारी कोर्ट के लॉकअप के अंदर घुस रहा है और पुलिसकर्मियों को बेरहमी से पीट रहा है. फुटेज में दिख रहा है कि एक पुलिसकर्मी को वकीलों ने बेल्ट से इतनी बुरी तरह पीटा कि वह बेहोश होकर गिर पड़ा. लॉकअप में इस दौरान दर्जनों कैदी बंद थे, जो कोर्ट में पेशी के लिए आये थे. इस मारपीट के बाद वकीलों ने लॉकअप के बाहर आग लगा दी थी. 
तीस हजारी बार एसोसिएशन के सचिव जयवीर सिंह चौहान ने बताया कि एक वकील की कार, पुलिस की जेल वैन को छू गयी जिसके बाद वकील और पुलिसकर्मियों के बीच बहस हो गयी. चौहान ने आरोप लगाया, ‘‘इसके बाद उन्हें हवालात ले जाया गया और बुरी तरह पीटा गया. थाना प्रभारी आए लेकिन भीतर जाने नहीं दिया गया. मध्य और पश्चिमी जिले के जिला न्यायाधीश, छह अन्य न्यायाधीशों के साथ वहां गए लेकिन वह वकील को नहीं निकलवा पाए.'' आगे उन्होंने दावा किया कि न्यायाधीश जब जा रहे थे तो 20 मिनट बाद पुलिस ने चार चक्र गोलियां चलायी. उन्होंने दावा किया कि अन्य वकीलों के साथ बाहर में प्रदर्शन कर रहे एक वकील रंजीत सिंह मलिक पुलिस की गोली से घायल हो गए. उन्होंने बताया कि घायल वकीलों को सेंट स्टीफन अस्पताल ले जाया गया. चौहान ने आरोप लगाया, ‘‘पुलिस ने वकीलों के साथ बदसलूकी की. पूरी तरह से पुलिस की लापरवाही का मामला है.'' उन्होंने दावा किया कि करीब डेढ़ घंटे बाद वकील को हवालात से छोड़ दिया गया.
अधिकारियों ने बताया कि झड़प के दौरान एक वाहन में आग लगा दी गयी और आठ अन्य वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया. आठ बाइकों में भी आग लगा दी गयी. दमकल विभाग ने मौके पर 10 गाड़ियों को भेजा. झड़प के बाद घटनास्थल पर भारी संख्या में पुलिसकर्मियों और दंगा रोधी वाहनों को तैनात किया गया. पुलिस ने बताया कि स्थिति अब नियंत्रण में है और झड़प के कारण अदालत परिसर के भीतर फंसे विचाराधीन कैदियों को बाद में पुलिस वाहनों से संबंधित जेलों में पहुंचाया गया. अदालत परिसर के द्वार के सामने बैठकर प्रदर्शन करते हुए वकीलों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने घटना के दौरान गोली चलायी और इसमें संलिप्त कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.
बार काउंसिल ऑफ दिल्ली के अध्यक्ष के सी मित्तल ने कहा, ‘‘हम तीस हजारी अदालत में पुलिस द्वारा वकीलों पर बर्बर और बिना किसी उकसावे के हमले की कड़ी निंदा करते हैं. एक वकील की हालत नाजुक है. हवालात में एक वकील को पीटा गया. पुलिस ने घोर लापरवाही दिखायी. उन्हें बर्खास्त करना चाहिए और उनपर मुकदमा चलना चाहिए. हम दिल्ली के वकीलों के साथ खड़े हैं.'' दिल्ली कांग्रेस प्रमुख सुभाष चोपड़ा पार्टी सदस्यों के साथ अदालत परिसर पहुंचे और झड़प में संलिप्त कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. असम बार काउंसिल की सदस्य खुशबू वर्मा कुछ काम से वहां आयी थीं. उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों ने उनपर हमला किया. उन्होंने दावा किया, ‘‘एक भी महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थी.''
प्रत्यक्षदर्शियों और अधिकारियों के अनुसार झड़प में 10 पुलिसकर्मी और कई वकील घायल हो गए. इस दौरान 17 वाहनों में तोड़फोड़ की गई. पुलिस ने बताया कि घायलों में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (उत्तरी जिला) हरिंदर कुमार, कोतवाली और सिविल लाइंस थाने के प्रभारी और पुलिस उपायुक्त (उत्तरी) के ऑपरेटर भी हैं. इस बीच, बार एसोसिएशनों ने घटना की निंदा करते हुए चार नवंबर को राष्ट्रीय राजधानी की सभी जिला अदालतों में एक दिवसीय हड़ताल का आह्वान किया. वकीलों ने पुलिस पर प्रदर्शनकारियों के साथ बदसलूकी और गोली चलाने का आरोप लगाया. वकीलों के अनुसार झड़प में उनके चार सहयोगी घायल हुए हैं. इनमें एक पुलिस की गोलीबारी में घायल वकील भी शामिल है. हालांकि, पुलिस ने गोली चलाने से इनकार किया.
मारपीट का एक और सीसीटीवी फुटेज सामने आया है. इस फुटेज में दिख रहा है कि पहले लॉकअप के बाहर पुलिसवालों और वकीलों में मारपीट होती है. फिर पुलिसवाले इकठ्ठा होकर एक वकील को मारते हुए अंदर ले आते हैं. दरअसल, शनिवार को तीस हजारी कोर्ट के बाहर पार्किंग को लेकर पुलिसवालों और वकीलों में विवाद हो गया जो बाद में हिंसक झड़प में तब्‍दील हो गया. 
फायरिंग हुई और कई गाड़ियों में तोड़फोड़ और आगजनी भी हुई. झड़प में करीब 10 पुलिसकर्मी और कई वकील घायल हो गए. तीस हजारी कोर्ट में झड़प की बार एसोसिएशनों ने निंदा की है और चार नवंबर को राष्ट्रीय राजधानी की सभी जिला अदालतों में एक दिवसीय हड़ताल का आह्वान किया है.



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दिल्ली के 30 हजारी कोर्ट में पार्किंग को लेकर वकीलों और पुलिसकर्मियों के बीच शनिवार( नवम्बर 2) को हुई हिंसक झड़प में ए...

वकीलों ने गोली चलाने का आरोप लगाया 
वकीलों ने पुलिस पर प्रदर्शनकारियों के साथ बदसलूकी और गोली चलाने का आरोप लगाया है. वकीलों के अनुसार झड़प में उनके चार सहयोगी घायल हुए हैं. इनमें एक पुलिस की गोलीबारी में घायल वकील भी शामिल है. हालांकि, पुलिस ने गोली चलाने से इनकार किया है.