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महाकुंभ के कारण 33 करोड़+ युवाओं का धर्म में बढ़ा विश्वास, 300% उछली वेद-पुराण की सर्चिंग

                                             साभार: Sonamkitty_2 & sarita_hodophile/IG
प्रयागराज में आयोजित हुए 2025 के महाकुंभ ने देश के युवा को धर्म की तरफ मोड़ा है। वह सोशल मीडिया पर गाने-फिल्म की जगह अब वेद-पुराण ढूंढ रहे हैं। सनातन की महिमा के बारे में इन्टरनेट से जानकारी जुटा रहे हैं। महाकुंभ में आने वाले अधिकांश लोग युवा ही थे। महाकुंभ ने तकनीक और धर्म का अद्भुत मिश्रण दिखाया है।

गूगल ट्रेंड्स के अनुसार, दिसम्बर 2024 के बाद से ‘महाकुंभ’ तक लगातार दुनिया में बहुत ज्यादा सर्च किया वाला शब्द रहा है। जनवरी, 2025 आते-आते इन सर्च की संख्या करोड़ों में पहुँच गई। सर्च सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि नेपाल, पाकिस्तान और यहाँ तक कि अमेरिका-ऑस्ट्रेलिया में भी किए गए।

अमर उजाला की एक रिपोर्ट बताती है कि महाकुंभ के दौरान देश में वेद और पुराणों के विषय में किए जाने वाले सर्च में 300 गुना की बढ़ोतरी हुई। यहाँ तक कि महाकुंभ की आधिकारिक वेबसाइट भी इस दौरान विजिटर्स से गुलजार रही है। महाकुंभ की वेबसाइट पर 33 लाख से ज्यादा लोगों ने 4 जनवरी, 2025 तक ही आ गए थे। इसके बाद और भी बढ़ोतरी हुई।

आँकड़े यह भी बताते हैं कि महाकुंभ में आने वाले 66 करोड़ श्रद्धालुओं में से लगभग 50% लोग युवा ही थे। यानी यह लोग 25-50 वर्ष के आयुवर्ग में थे। इन युवाओं में वह लोग भी शामिल थे जो अलग-अलग क्षेत्रों में काम करते हैं। यानी महाकुंभ 2025 में डॉक्टर, सॉफ्टवेयर इंजीनियर समेत तमाम प्रोफेशन के लोग शामिल हुए।

इससे वामपंथियों का वह नैरेटिव भी ध्वस्त हुआ, जिसमें धर्म को कम-पढ़े लोगों का विषय बताया जाता है। सोशल मीडिया भी लगातार महाकुंभ पोस्ट से गुलजार रहा। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, इन्टरनेट पर महाकुंभ से जुड़े हुए 33 करोड़ से अधिक फोटो-वीडियो अपलोड किए गए।

महाकुंभ में युवाओं के बड़ी संख्या में आने के पीछे एक कारण इसका इन्टरनेट पर प्रसार और इसके विषय में जानकारियाँ सुलभ होना भी रहा है। युवाओं ने महाकुंभ के लिए इन्टरनेट का इस्तेमाल महाकुंभ में हर चरण में किया। महाकुंभ पहुँचने के लिए बस-ट्रेन बुक करने से लेकर रास्ते ढूँढने तक उनकी मदद इन्टरनेट ने की।

धर्म के साथ तकनीक का यह मिश्रण पहली बार इतनी बड़ी मात्रा में देश में दिखा है। महाकुंभ के दौरान तिलक, त्रिपुंड और पारंपरिक कपड़े जैसे प्रतीक भी खूब पॉपुलर रहे। इन सबमें बड़ा रोल योगी सरकार के इंतजाम का रहा है।

योगी सरकार ने स्पष्ट कर दिया था कि महाकुंभ 2025 को वह ‘डिजिटल महाकुंभ‘ के तौर पर आयोजित करेंगे। योगी सरकार ने महाकुंभ 2025 के लिए अलग से सोशल मीडिया हैंडल बनाए थे। वेबसाइट से सारी जानकारी मिल रही थी। इसके अलावा कई बड़े इन्फ़्लुएन्सर ने भी इस काम में मदद की।

थाने के बाहर मुस्लिम भीड़, धमकी सिर तन से जुदा, हाथ-पैर काटने की… SHO आनंद सिंह ठाकुर अकेले भिड़े

भीड़ में अकेले घुस चेतावनी देेते SHO आनंद सिंह ठाकुर (बाएँ) और इस्लामी भीड़ को उकसाता अकरम (चित्र साभार: @SinghPramod2784 & ShubhamShuklaMP/X)
मध्य प्रदेश के दमोह में कट्टरपंथी मुस्लिमों की एक भीड़ ने चार हिन्दू युवकों के हाथ-पैर और सिर काटने की धमकी दी गई। यह धमकी पुलिस के सामने मुस्लिमों की भीड़ इकट्ठा कर के दी गई। यहाँ मौजूद पुलिसकर्मियों से भी अभद्रता की गई और काफी बवाल काटा गया। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है। इसका एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें सैकड़ों की संख्या में जुटे कट्टरपंथियों के बीच इंस्पेक्टर आनंद सिंह ठाकुर पूरी निर्भयता के साथ भीड़ को चेतावनी देते नजर आ रहे हैं।

यह पूरा मामला मध्य प्रदेश के दमोह का है, जहाँ रविवार (3 फरवरी 2024) को चार हिन्दू युवकों का अंसार खान नाम के एक मुस्लिम दर्जी से कुछ विवाद हो गया। इस विवाद को देखकर एक इमाम हाफिज रिजवान खान यहाँ पहुँचा। बताया गया कि युवकों के कपड़े समय पर सिलकर नहीं दिए गए, जिसके कारण उनका आपस में विवाद हो गया।

यह विवाद इतना बढ़ गया कि मारपीट तक की नौबत आ गई। दावा यह भी किया गया है कि इस दौरान दर्जी अंसार खान के साथ-साथ इमाम हाफिज रिजवान खान की भी पिटाई कर दी गई। यहाँ तक कि मुस्लिम पक्ष इमाम की बाइक तोड़ने का भी आरोप उन युवकों पर लगा रही है। आखिरकार दर्जी और इमाम ने मामले की शिकायत नजदीकी पुलिस थाने में कर दी।

 शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने FIR दर्ज करके आगे की जाँच शुरू कर दी। पुलिस जब तक इन युवकों पर एक्शन लेती, तब तक इमाम की पिटाई की अफवाह शहर भर में फैला दी गई। इसके बाद सैकड़ों मुस्लिमों की भीड़ कोतवाली थाने के बाहर इकट्ठा हो गई। वे पुलिस पर 24 घंटे में उन्हें गिरफ्तार करने का दबाव बनाने लगे। इस दौरान यह भीड़ पुलिस और हिन्दुओं को धमकियाँ देने लगी।

इसी बीच एक मुस्लिम व्यक्ति अकरम राईन ने यहाँ पर लाउडस्पीकर लगाकर मुस्लिमों को भड़काना शुरू कर दिया। उसने कहा कि यदि पुलिस हिन्दू युवकों पर कार्रवाई नहीं करती तो मुस्लिम खुद ही उनके हाथ-पैर काट देंगे। उसने इन हिंदू युवकों का ‘सर तन से जुदा’ करने की भी धमकी दी। इस दौरान भीड़ अल्लाह-हू-अकबर और नारा-ए-तकबीर जैसे आपत्तिजनक नारे लगाने लगी।

जब पुलिस थाने SHO आनंद सिंह ठाकुर ने भीड़ में अकेले घुसकर भड़काने वाले युवक से माइक लिया और उद्दंडता पर उतरे मुस्लिमों को कानून प्रक्रिया में बाधा डालने की चेतावनी देने लगे। इसके बाद राईन की जहरीले बयानबाजी से भड़के मुस्लिम उनके धक्का-मुक्की करने की कोशिश करने लगे। हालाँकि, SHO आनंद सिंह ठाकुर के सख्त रूप को देखकर भीड़ उन्हें अपने दबाव में नहीं ले सकी।

जब उन्मादी भीड़ थाने पर पहुँचकर चिल्लाती है और हाथ-पैर काटने की धमकी देती है तो SHO आनंद सिंह ठाकुर अकेले ही उन्मादी भीड़ में घुस जाते हैं। वे कहते हैं, “मैं अकेले आ गया हूँ। मैं अकेला खड़ा होता हूँ, हाथ लगाओ कोई। ये कौन सी बात होती है कि हाथ काट देंगे, जब मैं बोल रहा हूँ कि हम कार्रवाई करेंगे।”

SHO आनंद सिंह ठाकुर ने भीड़ को समझाया और साथ ही हंगामा कर रहे मुस्लिम युवकों को शांत रहने और हाथ-पैर काटने की धमकी देने वाले को चेतावनी दी। इस पूरे घटनाक्रम के कई वीडियो सामने आए हैं। SHO आनंद सिंह ठाकुर की बहादुरी की सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ की जा रही है। उन्हें रियल सिंघम कहा जा रहा है।

दमोह कोतवाली SHO आनंद सिंह ठाकुर ने बताया कि अकरम राइन के खिलाफ आर्म्स एक्ट समेत कई मामले दर्ज हैं। माइक से भड़काऊ भाषण देने के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ भारतीय दंड विधान की धारा 153ए, 141, 147 के तहत केस दर्ज किया है। SHO ने बताया कि जब पुलिस ने अकरम को गिरफ्तार किया तो उसके पास से एक पिस्टल भी जब्त की गई।  

पुलिस ने इस पूरे विवाद में 4 FIR दर्ज की है। जिन हिन्दू युवकों पर दर्जी और इमाम की पिटाई का आरोप है, उन पर भी मामला दर्ज किया गया है। वहीं, हंगामा मचाने वाली मुस्लिम भीड़ के 40 अज्ञात लोगों के विरुद्ध भी पुलिस ने मामला दर्ज किया है। हाथ-पैर काटने की धमकी देने वाले अकरम राईन को पुलिस ने गिरफ्तार भी कर लिया है।

अकरम पर रासुका लगाई गई है। इसके अलावा पुलिस ने आरिफ, राशिद, समीर और मोहम्मद इंतशार को भी गिरफ्तार किया है। फुटेज के आधार पर दमोह में दंगा भड़काने और हंगामा काटने वालों की पहचान की जा रही है। इस मामले का मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी संज्ञान लिया है और इस घटना के मैजिस्ट्रेट जाँच के आदेश दिए हैं।