'लव जिहाद' पीड़िता और आरोपित मोहम्मद आलम (साभार: भास्कर)
प्रयागराज में बलिया की हिंदू लड़की को ‘लव जिहाद’ का शिकार बनाने वाले मोहम्मद आलम का विवादित व्हाट्सएप्प स्टेटस सामने आया है। स्टेटस में उसने लिखा है कि हिंदुओं की बेटियों को इस्तेमाल करने से जन्नत मिलती है। ‘लव जिहाद’ और धमकी देने का मामला सामने आने के बाद योगी सरकार ने पीड़िता के परिवार को सुरक्षा मुहैया कराई है।
‘दैनिक भास्कर’ की रिपोर्ट के अनुसार, नर्सिंग की छात्रा को प्रेम जाल में फँसाने वाले मोहम्मद आलम ने दो दिन पहले ही 14 जनवरी, 2023 को विवादित स्टेटस लगाया था। इस स्टेटस में उसने लिखा है, “हिंदुओं की माँ-बहनों को इस्तेमाल करो…जैसे मैंने किया है इससे जन्नत मिलती है।” पीड़ित छात्रा ने कहा है कि मोहम्मद आलम फेसबुक पर आए दिन इस तरह की पोस्ट डालता रहता है। वह व्हाट्सएप पर स्टेटस भी ऐसे लगता है जिससे उसकी हिंदू विरोधी मानसिकता का पता चलता है।
हिन्दू महिलाओं के विरुद्ध इस तरह की मानसिकता का किसी छद्दम धर्म-निरपेक्षता और गंगा-जमुनी तहजीब जैसे नारों की माला जपने वालों ने क्यों चुप्पी साध रखी है? यदि यही बात विपरीत स्थिति में कही गयी होती, ये सब चील-कौओं की तरह चिल्लाकर आसमान सिर पर उठा लेते। अब समय आ गया है कि जनता इन नारों से गुमराह करने वालों को उनकी ऐसी औकात दिखाएं कि उनका परिवार भी उन पर शर्मसार हो। आखिर कब तक कुर्सी के भूखे नेता एवं पार्टियां हिन्दू महिलाओं का अपमान बर्दाश्त करते रहेंगे? अगर ऐसी मानसिकता वालों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही नहीं की जाती, समस्त महिला समाज को एकजुट होकर उन सभी पार्टियों का तिरस्कार करना होगा, जो गुप्तरुप से इन जेहादियों का समर्थन करते हैं।
पीड़िता का आरोप है कि मोहम्मद आलम का पूरा परिवार ‘लव जिहादी’ है। पीड़िता ने कहा है कि मोहम्मद आलम के छोटे भाई शाह आलम ने भी लव जिहाद के तहत हिंदू लड़की को फँसाकर शादी की थी। इसके बाद, साल 2023 में संदिग्ध परिस्थिति में उसकी मौत हो गई थी। मोहम्मद आलम के बड़े भाई मोहम्मद असलम एक ईसाई की प्रापर्टी हड़पना चाहता था। इसलिए वह ईसाई बन गया था।
पीड़िता का दावा है कि मोहम्मद असलम ने ईसाई बनने के बाद जिस लड़की से शादी की थी, उसका एक्सीडेंट हुआ था। इसके बाद, करीब छह माह बाद उसकी मौत हो गई थी। यही नहीं, कुछ दिन बाद लड़की की माँ की भी मौत हो गई थी। आरोप है कि अब मृतक लड़की की करोड़ों रुपए की प्रापर्टी में मोहम्मद असलम का कब्जा है। पीड़िता का कहना है कि ‘लव जिहाद’ के इस पूरे रैकेट में मोहम्मद आलम की अम्मी की भी मिली भगत है।
‘लव जिहाद’ का शिकार हुई पीड़ित छात्रा ने कहा है कि हिंदू विरोधी गतिविधियाें के लिए मोहम्मद आलम को विदेशों से बड़े पैमाने पर फंडिंग मिलती है। हिंदू विरोधी गतिविधि करने के बाद, ये लोग बचने के लिए सारे हथकंडे अपनाते हैं। पहले तो बचने के लिए पीड़ितों को पैसे देते हैं लेकिन फँसने पर कोर्ट में वकीलों को फीस देते हैं।
पीड़िता ने मोहम्मद आलम की आय को लेकर सवाल उठाते हुए कहा है कि वह कोई काम नहीं करता लेकिन उसके पास इतने सारे पैसे होते हैं। इसकी भी जाँच होनी चाहिए। यदि जाँच एजेंसियाँ पता करेंगी तो सामने आ जाएगा कि उसको कहाँ-कहाँ से फंडिंग हो रही है।
आरोपित मोहम्मद आलम की ऐसी तस्वीरें सामने आई हैं, जिनमें वह चंदन लगाए हुए दिख रहा है। पीड़िता का कहना है कि खुद को अनुज प्रताप सिंह बताकर शादी करने वाला मोहम्मद आलम हर चीज की एक्टिंग करता रहा। उसने उसे कभी भी इस बात का शक नहीं होने दिया कि वह हिंदू नहीं बल्कि मुस्लिम है। पीड़िता ने कहा है कि मोहम्मद आलम न केवल मंदिर जाता था बल्कि आरती करता, माथा टेकता और प्रसाद भी खाता था।
मोहम्मद आलम ने अगस्त 2022 में पीड़िता की हत्या की कोशिश करते हुए उसे गोली मार दी थी। हालाँकि, इस हमले में वह बच गई थी। लेकिन, हाल ही में उसने फिर से जान से मारने और तेज़ाब फेंकने की धमकी दी थी। इसके बाद अब उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने पीड़िता को सुरक्षा मुहैया कराई है। पीड़िता के घर के बाहर एक पुरुष व एक महिला कॉन्स्टेबल को तैनात किया गया है। साथ ही, सरकार ने पीड़िता को न्याय दिलाने की बात कही है।
