Showing posts with label video. Show all posts
Showing posts with label video. Show all posts

E20 पर मोदी सरकार को घेरने निकले राहुल गाँधी, वीडियो में इस्तेमाल कार ने ही खोल दी खुद की पोल


लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गाँधी ने शुक्रवार (7 अगस्त 2026) को केंद्र सरकार की E20 पेट्रोल नीति पर अपना हमला और तेज कर दिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर 53 सेकंड का एक वीडियो पोस्ट किया। 20% एथेनॉल मिले पेट्रोल को लागू करने के खिलाफ बड़े आंदोलन का ऐलान करते हुए गाँधी ने आरोप लगाया कि यह नीति भ्रष्टाचार का जरिया है और सीधे उपभोक्ताओं पर हमला है। हालाँकि, इस वीडियो में एक ऐसा विडंबनापूर्ण मोड़ था, जिसने जल्द ही इंटरनेट का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।

जब कोई आदमी अपनी अक्ल की बजाए दूसरों के इशारे पर नाचता हो, उसमे सच्चाई जानने की हिम्मत नहीं होती। राहुल को E20 पर कुछ बोलने से पहले अपने पेट्रोलियम मंत्री मणिशंकर अय्यर का संसद में दिया बयान देख लेना चाहिए था, जब वह पेट्रोल में एथनॉल मिलाने के लिए शराब कम पीने के लिए कहा है। 

वीडियो में गाँधी एक आधुनिक SUV के पास खड़े दिखाई दे रहे हैं। अपनी बात पर जोर देने के लिए वह गाड़ी का फ्यूल टैंक ढक्कन खोलते हैं, अंदर देखते हैं और फिर कैमरे की ओर मुड़ते हैं। इस दौरान वह अपने दावों को रखने के लिए हिंदी की एक लोकप्रिय कहावत को नए अंदाज में पेश करते हैं।

गाँधी ने कहा, “E20 का मुद्दा बहुत बड़ा मुद्दा है।” उन्होंने कहा, “आमतौर पर हम कहते हैं कि दाल में कुछ काला है, लेकिन यहाँ पूरी दाल ही काली है।” इसके बाद उन्होंने कहा कि E20 ईंधन को बड़े स्तर पर लागू करने से लोगों की संपत्ति को नुकसान हो रहा है।

गाँधी ने दावा किया, “यह लोगों की कारों को बर्बाद कर रहा है, लोगों के स्कूटरों को बर्बाद कर रहा है, लोगों की जिंदगी बर्बाद कर रहा है और सीधे तौर पर उनसे चोरी कर रहा है।” उन्होंने वादा किया कि कॉन्ग्रेस पार्टी इस मुद्दे को ‘बड़े स्तर’ पर उठाएगी।

विपक्ष ने इस मुद्दे को पहले क्यों नहीं उठाया, इस सवाल पर उन्होंने सरकार की कथित गलतियों की बड़ी संख्या का हवाला दिया। उन्होंने समझाया, “यह मुद्दों को क्रम में रखने का मामला है। किसी भी अभियान में हमें मुद्दों को उठाने का क्रम तय करना होता है। इस समय हमारी समस्या यह है कि इतना भ्रष्टाचार है कि हमारे सामने मुद्दों की एक बहुत बड़ी सूची है, जिन्हें हमें क्रम में रखना है।”

E20 वाली गाड़ी का पेंच

E20 ईंधन के खिलाफ तीखी बयानबाजी के बावजूद वीडियो में एक साफ विरोधाभास दिखाई दिया। जब गाँधी अपनी बात रखने के लिए गाड़ी का फ्यूल टैंक ढक्कन खोलते हैं, तो फ्यूल टैंक के कैप पर साफ लिखा दिखाई देता है कि वह गाड़ी वास्तव में ‘E20’ के लिए अनुकूल है। इस बात ने वीडियो के पूरे दावे को कमजोर कर दिया क्योंकि गाँधी जिस गाड़ी का इस्तेमाल यह दिखाने के लिए कर रहे थे कि यही ईंधन कथित तौर पर ‘कारों को बर्बाद’ कर रहा है, वह गाड़ी खुद 20% एथेनॉल मिले ईंधन पर चलने के लिए बनाई गई थी।

यह राहुल गाँधी से जुड़े उन मामलों की सूची में एक और चूक बन गई, जिनको लेकर सोशल मीडिया पर अक्सर उनकी आलोचना होती रही है।

E20 का संदर्भ

केंद्र सरकार E20 ईंधन को बढ़ावा दे रही है। इसमें पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाया जाता है। सरकार का उद्देश्य कच्चे तेल के आयात पर भारत की निर्भरता कम करना और वाहनों से निकलने वाले प्रदूषण को घटाना है। हालाँकि, E20 को तेजी से लागू किए जाने का कई लोगों और संगठनों ने विरोध भी किया है।

E20 को लेकर आलोचकों का कहना है कि इससे गाड़ियों का माइलेज कम हो सकता है। पुराने वाहनों के इंजन के साथ इसकी अनुकूलता को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। इसके अलावा, पेट्रोल पंपों पर उपभोक्ताओं के पास विकल्प कम होने की बात भी कही जा रही है। राहुल गाँधी का नया वीडियो इसी मुद्दे पर हाल में हुए विपक्षी विरोध प्रदर्शनों से जुड़ा है। इसी सप्ताह AAP के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने भी E20 के मुद्दे पर विरोध मार्च निकाला था। कॉन्ग्रेस अब इस मुद्दे को बड़े अभियान के रूप में उठाने की तैयारी कर रही है। ऐसे में यह देखना बाकी है कि अभियान की शुरुआत में सामने आई इस चूक पर कॉन्ग्रेस और राहुल गाँधी क्या जवाब देते हैं।

राहुल गाँधी ने ट्रेन में जिस युवक की वीडियो को शेयर करके सरकार को घेरने की कोशिश की है उस घटना का कोई सोर्स नहीं


आखिर कांग्रेस का इकोसिस्टम कब तक अफवाह फैलाकर जनता को गुमराह करता रहेगा? कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें ट्रेन में एक व्यक्ति की कथित तौर पर दम घुटने से मौत का दावा किया गया। बताया गया कि यह वीडियो पाटलिपुत्र स्टेशन की है और वीडियो में दिख रहा व्यक्ति एग्जाम देने जा रहा था। इस वीडियो को कांग्रेस से नेता प्रतिपक्ष राहुल गाँधी ने भी रीपोस्ट कर सरकार पर निशाना साधा। लेकिन रेलवे ने कांग्रेस ने फैलाई इस वीडियो की हकीकत पर सवाल खड़े किए हैं।

राहुल गाँधी ने वीडियो रीपोस्ट करते हुए लिखा, “इस वीडियो ने मुझे झकझोर दिया। ये उस भारत के लाचार युवा हैं, जिसकी सरकार अपने अरबपति दोस्तों पर लाखों करोड़ लुटा देती है, पर अपने ही छात्रों को एक सुरक्षित सफ़र तक नहीं दे सकती। चुनाव के वक़्त यही सरकार पूरी-पूरी ट्रेनों का इंतज़ाम कर लेती है। और परीक्षा देने जा रहे छात्रों के हिस्से में आती है – भीड़, घुटन, और बेबसी।”

उन्होंने आगे कहा, “इससे बड़ा सबूत क्या होगा कि मोदी सरकार छात्रों की गूँज सुनना ही नहीं चाहती। पर मैं वादा करता हूँ – हम यह आवाज़ उन बहरे कानों तक पहुँचाएँगे। हर छात्र को उसका हक़ मिलेगा, उसका न्याय मिलेगा।”

वीडियो पर पूर्व मध्य रेलवे ने संज्ञान लिया। रेलवे ने जाँच के बाद बताया कि यह वीडियो पाटलिपुत्र स्टेशन की नहीं है। इसी के साथ रेलवे ने बताया कि इस वीडियो में व्यक्ति की मौत का कोई आधिकारिक सोर्स भी नहीं है। इसके अलावा रेलवे ने व्यक्ति की दम घुटने से मौत के दावे को भी खारिज किया।

रेलवे ने कहा, “वीडियो में दिख रहे व्यक्ति के हाव-भाव और हालत देखकर ऐसा लगता है कि शायद वो किसी बीमारी या ज्यादा थकान की वजह से जूझ रहा हो।”