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‘मर्यादा पुरुषोत्तम पैगंबर मुहम्मद’: जन्माष्टमी के कार्यक्रम में बिहार के शिक्षा मंत्री का ‘ज्ञान’, रामचरितमानस का भी अपमान कर चुके हैं राजद नेता

बिहार के शिक्षा मंत्री और राजद नेता चंद्रशेखर यादव विवादित बयानों के चलते सुर्खियों में बने रहते हैं। अब उन्होंने इस्लाम के पैगंबर मुहम्मद को मर्यादा पुरुषोत्तम बताया है। चंद्रशेखर ने कहा कि शैतानों की संख्या अधिक होने के बाद परमात्मा ने पैगंबर मुहम्मद को पैदा किया। चंद्रशेखर के इस बयान को भाजपा ने तुष्टीकरण करार दिया है।

‘राष्ट्रीय जनता दल (RJD)’ के विधायक और शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर बिहार के नालंदा जिले के हिलसा में जन्माष्टमी पर आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। इसी दौरान उन्होंने कहा, “जब शैतानियत बढ़ गई दुनिया में, ईमान खत्म हो गया, बेईमान और शैतान ज्यादा हो गए तो मध्य एशिया के इलाके में ईश्वर ने, प्रभु ने, परमात्मा ने मर्यादा पुरुषोत्तम प्रोफेट मुहम्मद साहब को पैदा किया। ईमान लाने के लिए। इस्लाम ईमान वालों के लिए आया। इस्लाम बेइमानी और शैतानी के खिलाफ आया। मगर बेईमान भी खुद को मुस्लिम कहते हैं तो इसकी इजाजत खुदा नहीं देता है।”

बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर के इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी हमलावर है। बिहार बीजेपी के मीडिया प्रभारी दानिश इकबाल ने कहा है कि चंद्रशेखर का यह बयान तुष्टिकरण की पराकाष्ठा है। शिक्षा मंत्री ने पहले एक धार्मिक ग्रंथ को लेकर निंदनीय बयान दिया था। अब यह बयान भी समाज को बाँटने वाला है। RJD की यह परंपरा रही है। इस पार्टी ने इसी तरह से समाज को बाँटकर धर्म की राजनीति की है।

दानिश इकबाल ने यह भी कहा कि शिक्षा मंत्री ने एक मजहब के वोट बैन के तुष्टीकरण के लिए इस तरह का बयान दिया है। उन्हें ऐसे बयान नहीं देने चाहिए। सभी धर्म शांति का संदेश देते हैं। बीजेपी सभी धर्मों का सम्मान करती है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को ऐसे शिक्षा मंत्री पर कार्रवाई करनी चाहिए।

वहीं भाजपा प्रवक्ता अरविंद सिंह ने कहा कि चंद्रशेखर दिमागी दोष के शिकार हो गए हैं। RJD ने हिंदुओं की है और न ही मुस्लिमों की। यह पार्टी एक परिवार की गुलाम हो कर रह गई है। ये लोग कभी हिंदुओं तो कभी मुस्लिमों और कभी रामायण तो कभी मुहम्मद के बारे में करते हैं। इनका काम लोगों को धर्म और जाति के आधार पर लोगों को लड़ाकर वोट लेने का है। इसकी जितनी निंदा की जाए कम है।

रामचरितमानस पर दिया था विवादित बयान

चंद्रशेखर रामचरितमानस पर बयान देकर लंबे समय तक चर्चा में रहे थे। उनके बयान के चलते RJD और JDU की जमकर थू-थू हुई थी। दरअसल, 11 जनवरी, 2023 को चंद्रशेखर ने रामचरितमानस के एक दोहे “अधम जाति में विद्या पाए, भयहु यथा अहि दूध पिलाए” का जिक्र करते हुए कहा था कि यह समाज में नफरत फैलानेवाला ग्रंथ है। उन्होंने कहा कि दोहे में अधम का अर्थ नीच होता है जिसे उन्होंने जाति से जोड़ते हुए कहा कि इस दोहे के अनुसार नीच जाति अर्थात दलितों-पिछड़ों और महिलाओं को शिक्षा ग्रहण करने का अधिकार नहीं था।
वहीं, 28 फरवरी, 2023 को दिए एक अन्य बयान में चंद्रशेखर ने कहा था, “मैं अपने पुराने बयान पर कायम हूँ। रामचरितमानस में जो भी कूड़ा-कचरा है, उसकी सफाई होनी चाहिए। अभी तो कुछ ही दोहों पर सवाल किया है, दर्जनों दोहे ऐसे हैं, जिसे बदलने की जरूरत है। मैं रामचरितमानस पर चुप रहने वाला नहीं हूँ। इसमें कई ऐसे दोहे हैं, जिस पर आगे भी सवाल उठाता रहूँगा।”