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गाजा : हमास की ‘संसद’ पर लहराया इजरायली झंडा, स्पीकर की कुर्सी पर बैठे यहूदी सैनिक: बच्चों के अस्पताल को बना रखा था आतंक का अड्डा

                               हमास की संसद के भीतर मौजूद इजरायली सैनिक (चित्र साभार: Times Of Israel)
इजरायल के रक्षा मंत्री याओव गैलेंट ने कहा है कि इस्लामी आतंकी संगठन हमास ने 16 वर्षों के बाद गाजा पट्टी का नियन्त्रण खो दिया है। उन्होंने यह भी कहा है कि हमास के आतंकी दक्षिणी गाजा में भाग रहे हैं और उनकी रसद गाजा के आम नागरिक लूट रहे हैं। इस बीच इजरायल के सैनिकों की एक फोटो भी सामने आई है जिसमें वह हमास की संसद के अंदर खड़े होकर इजरायल का झंडा लहरा रहे हैं। यहीं से हमास गाजा पर अपनी तानाशाही चलाता था। यह सैनिक इजरायल की गोलानी ब्रिगेड के हैं।

हमास वर्ष 2007 से ही गाजा पर कब्ज़ा किए हुए है। वह गाजा की जमीन को अपनी आतंकी गतिविधि संचालित करने के लिए इस्तेमाल में लाता है और यहाँ के नागरिकों को अपनी लड़ाई में ढाल बनाता है। हमास ने एक राजनीतिक विंग बना रखी है जो गाजा में लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व का दिखावा करती है।

इस्लामी आतंकी संगठन हमास ने 7 अक्टूबर, 2023 को गाजा से इजरायल पर हमला बोल दिया था। इस हमले में हमास के आतंकियों ने 1200 लोगों को मार दिया था। इजरायल इसके बाद से ही लगातार गाजा पर हमले कर रहा है और अब उसकी सेना भी गाजा में घुस चुकी है। इजरायल पर इस हमले के बाद उसकी सरकार ने सेना को आदेश दिया था कि गाजा पर कब्जा कर लिया जाए। पहले इजरायल की वायुसेना ने हमास पर हवाई हमले किए और उसके बाद सेना की टुकड़ियाँ गाजा के भीतर घुस गईं।

इजरायल के हमले के कारण गाजा में अब तक गाजा में 11,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। इजरायल ने इस बीच हमास के आतंकियों की संख्या और उनकी योजना का खुलासा भी किया है। इजरायल की सेना ने बताया है कि हमास के पास युद्ध की शुरुआत के समय कम से कम 30,000 सैनिक थे जिन्हें अलग-अलग ब्रिगेड में बाँटा गया था।

हालाँकि, अब यह आतंकी अपने ठिकाने छोड़ रहे हैं और इजरायल की सेना तेजी से गाजा को अपने कब्जे में ले रहा है। हमास ने बच्चों के अस्पताल के नीचे अपना सैन्य बेस बना रखा था, जिसे सेना ने अपने कब्जे में लिया है। इस बीच गाजा के सबसे बड़े अस्पताल अल शिफा के पास भी आतंकियों ने हमले तेज कर दिए हैं ताकि इजरायल अपनी सेना पीछे हटा ले। इजरायल की सेना ने इस अस्पताल के प्रबंधकों से बातचीत करके उन्हें इलाका खाली करने के लिए सभी सुविधाएँ उपलब्ध करवाने का आश्वासन दिया है।

इजरायल की सेना ने आरोप लगाया है कि हमास के आतंकी अस्पताल वालों को इस बात के लिए धमका रहे हैं कि वह इजरायल से कोई भी सहायता ना लें। इससे इजरायल पर इलाका खाली करने का दबाव पड़े। हमास के आतंकियों ने इस अस्पताल को ढाल बनाकर इसके नीचे सुरंगें बना ली हैं। इजरायल ने गाजा की जनता पहले ही उत्तरी इलाके में जाने को कहा था। बड़ी संख्या में गाजा के निवासी उधर चले भी गए हैं। इजरायल ने इस बीच गाजा के भीतर पहुँचने वाली जरूरी रसद को भी मंजूरी दे थी।

केमिकल हमले के बाद तबाह हो जाता पूरा इजरायल; हमास आतंकियों की अलकायदा वाली साजिश, तैयार था सायनाइड से बम बनाने का पूरा खाका

                   हमास के आतंकी केमिकल हमला करना चाहते थे (साभार: Council on Foriegn Relations)
दक्षिणी इजरायल पर 7 अक्टूबर, 2023 को किए गए हमले में इस्लामी आतंकी संगठन हमास के आतंकी निर्दोष नागरिकों पर सायनाइड वाले केमिकल हथियारों का उपयोग करने वाले थे। यह खुलासा आतंकियों के पास मिली सामग्री में हुआ है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इजरायली ख़ुफ़िया एजेंसियों को दक्षिणी इजरायल के किब्बुत्ज़ में मारे गए आतंकियों के पास से कुछ USB पेन ड्राइव बरामद हुई हैं। इन पेन ड्राइव में आतंकी संगठन अलकायदा की तरह सायनाइड वाले केमिकल हथियार बनाने की विधि बताई गई है।

इस यूएसबी डिवाइस में पूरी तरीके से समझाया गया था कि सायनाइड वाले केमिकल बम कैसे बनाए जाएँ और उन्हें लगा कर ज्यादा से ज्यादा तबाही मचाई जाए। इजरायली सुरक्षा बलों ने पता लगाया है कि हमास आतंकियों के पास मिली यह जानकारी असल में आतंकी संगठन अलकायदा द्वारा वर्ष 2003 में तैयार की गई थी।

इस्लामी आतंकी संगठन हमास ने इजरायल पर सबसे पहले दक्षिणी हिस्से में हमला किया था। इस इलाके में बसे गाँवों और मुहल्लों में आतंकियों ने घर-घर जाकर बच्चों, महिलाओं समेत एक-एक व्यक्ति को मार दिया था। इसी इलाके में आयोजित किए जा रहे एक म्यूजिक फेस्टिवल में 260 से अधिक लोगों को मार दिया था। इजरायल के राष्ट्रपति आइजैक हेर्जोग ने आतंकियों के पास से केमिकल बम की जानकारी मिलने पर कहा, “यह अलकायदा की सामग्री है। हम अल कायदा, ISIS और हमास का मुकाबला कर रहे हैं।”

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भी लगातर यह कहते आए हैं कि हमास भी ISIS की तरह ही खतरनाक है और इसका खात्मा ISIS की तरह होना चाहिए। वह लगातार हमास का समर्थन करने वालों को अंतरराष्ट्रीय बिरादरी से निष्कासित करने की मांग भी करते रहे हैं।

इजरायल की सरकार ने विदेशों में स्थित अपने दूतावासों को भेजे गए केबल में भी इन केमिकल हथियारों के विषय में जानकारी दी है। उन्होंने अपने दूतावासों को बताया है कि हमास ISIS की तरह ही हमले करना चाहता था। इस्लामी आतंकी संगठन हमास के इजरायल पर आतंकी हमले में मरने वालों की संख्या अब बढ़ कर 1400 के पार हो चुकी है। इजरायल ने भी इस के जवाब में हवाई हमले किए हैं। इजरायल के हमलों में अब तक 4400 से अधिक आतंकियों के मारे जाने की सूचना है।

‘नूपुर शर्मा की तरह अब मेरे पीछे पड़ा जिहादी मोहम्मद ज़ुबैर’: एमी मेक, अमेरिका की महिला पत्रकार

हमास आतंकियों के समर्थन के लिए मोहम्मद ज़ुबैर को इजरायली काउंसल जनरल और अमेरिकी पत्रकार ने लताड़ा (फोटो साभार: X/Attia Muhammed/Flash90)
कटा हुआ वीडियो शेयर करने के लिए कुख्यात मोहम्मद ज़ुबैर अब इजरायल-हमास युद्ध को लेकर प्रोपेगंडा फैलाने में लग गया है। सोमवार (16 अक्टूबर, 2023) को अमेरिका स्थित ‘RAIR फाउंडेशन’ की संस्थापक और इनवेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट एमी मेक ने मोहम्मद ज़ुबैर के AltNews द्वारा चलाए जा रहे प्रोपेगंडा को लेकर आगाह किया। उन्होंने कहा कि जैसा मोहम्मद ज़ुबैर ने नूपुर शर्मा के साथ किया था, वैसे ही अब वो अब उन्हें निशाना बना रहा है, सिर्फ इसीलिए, क्योंकि उन्होंने हमास जैसे इस्लामी आतंकी संगठनों की पोल खोली।

उन्होंने भारत में अपने फॉलोवर्स को आगाह करते हुए कहा कि मोहम्मद ज़ुबैर नाम का एक ‘जिहादी’ वामपंथी फेक न्यूज़ पोर्टल चलाता है, जो उन्हें और उनके जैसे कई लोगों को निशाना बना रहा है। उन्होंने उसे हिन्दू घृणा और यहूदी घृणा से सना बताते हुए याद दिलाया कि कैसे उसने नूपुर शर्मा के जीवन को खतरे में डाला था। बता दें कि नूपुर शर्मा का एडिटेड वीडियो शेयर करने के बाद कन्हैया लाल तेली और उमेश कोल्हे की हत्याएँ हुई थीं। ‘सर तन से जुदा’ गिरोह ने भाजपा की निलंबित नेता नूपुर शर्मा को धमकियाँ दी थीं।

एमी मेक ने याद दिलाया कि कैसे नूपुर शर्मा ने इस्लाम की पुस्तकों से तथ्य उद्धृत किए थे और पैगंबर मुहम्मद की बीवियों में से एक आयशा की उम्र बताई थी जो उस समय मात्र 6 साल की थी। इसके बाद उन्हें हत्या की धमकियाँ मिलने लगीं। अमेरिकी महिला पत्रकार ने कहा कि मोहम्मद ज़ुबैर भारत में गिरफ्तार भी किया गया था और वो एक खतरनाक व्यक्ति लगता है जो अपने समर्थकों को लोगों को प्रताड़ित करने के लिए उकसाता है।

उन्होंने ये सवाल भी दागा कि क्या मोहम्मद ज़ुबैर को अरबपति जॉर्ज सोरोस की ‘ओपन सोसायटी फाउंडेशन’ से पैसे मिलते हैं? जो भारत में रह रहे भारत विरोधी तत्वों की फंडिंग करता है? उन्होंने लोगों से मोहम्मद ज़ुबैर के बारे में और सूचनाएँ साझा करने की अपील की। साथ ही कहा कि उन्होंने सुना है कि वो लोगों की प्राइवेट जानकारियाँ भी खुलेआम शेयर कर देता है। याद दिला दें कि नूपुर शर्मा मामले में ज़ुबैर ने बड़ी चालाकी से उस बहस में शामिल तस्लीम रहमानी का वीडियो काट कर हटा दिया था, जो बार-बार शिवलिंग पर आपत्तिजनक टिप्पणियाँ कर रहा था।

मध्य-पश्चिम भारत में इजरायल के काउंसल जनरल कोब्बी शोषनी ने भी मोहम्मद ज़ुबैर की ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) प्रोफाइल का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए लिखा, “इजरायल को लेकर झूठ खबरें और घृणा फैलाना बंद करो। अगर तुम सच में अपने-आप को फैक्टचेकर बताते हो तो इजरायल जाओ।” मोहम्मद ज़ुबैर लगातार ट्विटर का इस्तेमाल कर के हमास को पीड़ित दिखाने में लगा हुआ है। जबकि हमास एक आतंकवादी संगठन है जिसने इजरायल में नरसंहार किया।

इजरायल इस वक्त कई फ्रंड पर युद्ध लड़ रहा है। न सिर्फ हमास, बल्कि लेबनान का हिज्बुल्ला भी उसके पीछे पड़ा हुआ है। हिज्बुल्ला ने सीमा पर इजरायल की सेना (IDF) के सर्विलांस कैमरों को तबाह करने का दावा किया है। हमास ने इजरायल की राजधानी तेल अवीव में फिर से रॉकेट्स दागे हैं। इजरायल में 1400 लोग हमास के हमलों में मारे जा चुके हैं। अब तक 3968 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 351 अब भी अस्पताल में हैं।

इजरायल ने आतंक के हर अड्डे 7 मस्जिद, इस्लामी यूनिवर्सिटी को किया ‘समतल’, वीडियो

इजरायल ने अब तक कम से कम 7 मस्जिदों को जमींदोज कर दिया है (चित्र साभार: Middle East Eye)
इजरायल की वायुसेना ने कहा है कि उसने गाजा शहर के अंदर इस्लामिक विश्वविद्यालय को अपने हवाई हमले का निशाना बनाया है। इजरायली वायु सेना ने कहा है कि यह विश्वविद्यालय हमास के इंजीनियरों के लिए ट्रेनिंग केंद्र का काम कर रहा था। इस पर इजरायली वायु सेना के लड़ाकू विमानों ने बमबारी कर इसे जमींदोज कर दिया है।

यह विश्वविद्यालय हमास के राजनीतिक और सैन्य लक्ष्यों को पूरा करने और इजरायल के खिलाफ उपयोग किए जाने वाले हथियार बनाने का बड़ा केंद्र थी। इजरायल की वायु सेना ने इस शिक्षण संस्थान पर बमबारी का वीडियो भी जारी किया है।

वायु सेना ने इस बमबारी का वीडियो भी जारी किया है। इस्लामी आतंकी संगठन हमास ने इजरायल पर 7 अक्टूबर को हमला किया था जिसके जवाब में अब वह गाजा पर बम बरसा कर आतंकियों का सफाया कर रहा है।

इजरायल ने इस हमले के बाद से गाजा में स्थित 7 मस्जिदों पर भी बमबारी कर के आतंक के अड्डों को समतल कर दिया है। इजरायल का कहना है कि इन मस्जिदों में आतंकी शरण लेते हैं और यहीं से इजरायल के विरुद्ध आतंक की तैयारी होती थी। इजरायल की वायु सेना ने अल-अब्बास, अल-सूसी, अल-यारमौक, अल-अमीन मोहम्मद, अहमद यासीन, अल-हबीब मोहम्मद और अल गरबी मस्जिदों पर बमबारी करके उन्हें मलबे में तब्दील कर दिया है।

गाजा में स्थित मस्जिदों के अलावा अन्य कई ठिकानों तथा प्रमुख इमारतों पर भी बमबारी की है। इजरायली सुरक्षा बलों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, अब तक 2300 से अधिक निशानों पर बमबारी की जा चुकी है। इजरायली सुरक्षा बलों ने हमास की आतंकी सैन्य टुकड़ी अल कासम ब्रिगेड के सरगना मोहम्मद दायफ के घर पर भी बम बरसाए हैं। बताया जा रहा है कि इस हमले में आतंकी दायफ के पिता समेत अन्य परिवारीजनों की मृत्यु हो गई है।

इस्लामी आतंकी संगठन हमास के हमले में अब तक 1200 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है जबकि घायल होने वालों की संख्या भी बढ़कर 3000 के आसपास पहुँच गई है। इजरायल पर भी गाजा की तरफ से लगातार रॉकेट दागे जा रहे हैं।

इजरायल की प्रतिक्रियात्मक कार्रवाई में लगभग 1000 फिलीस्तीनी आतंकी मारे जा चुके हैं जबकि 5,000 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं। इजरायल द्वारा गाजा की नाकाबंदी कर दी गई है। गाजा में बिजली, पानी और गैस की भी आपूर्ति रोक दी गई है और मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि जल्द ही गाजा अँधेरे में डूब जाएगा। इजरायल ने गाजा में जिस मस्जिदों को ध्वस्त किया है, वो हैं – अल-अमीन मुहम्मद मस्जिद खान यूनिस में स्थित है। दक्षिणी गाजा पट्टी में स्थित इस मस्जिद को इजरायल ने ध्वस्त कर दिया:

इसके बाद इजरायल ने अल-सौसी मस्जिद को गिराया। यहाँ पर शाति कैम्प भी स्थित है, जहाँ कई आतंकी मौजूद थे। इसमें कहाँ 10 लोग मारे गए, वहीं 60 घायल भी हुए। इजरायली वायुसेना ने इसे निशाना बनाया।

वहीं वहाँ से थोड़ी ही दूरी पर स्थित अल-कार्बी मस्जिद पर भी बम बरसाए गए।

इतना ही नहीं, गाजा स्थित अल-यरमूक मस्जिद को भी इजरायल ने ध्वस्त किया और ये नज़ारा भी वीडियो में दिखा।

इजरायल के फाइटर जेट्स ने अल-अब्बास मस्जिद को भी मिट्टी में मिला दिया। इस दौरान धुएँ का भयंकर गुब्बार उठता हुआ दिखा।

इजरायल ने शती कैम्प स्थित ही ‘द वेस्टर्न मॉस्क’ को भी नहीं छोड़ा।

गाजा सिटी स्थित अहमद यासीन मस्जिद को भी इजरायल ने ध्वस्त किया।