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हाफिज सईद को UN से झटका : प्रतिबंध हटाने की गुहार लेकर UN गया था

Hafiz Saeedमुंबई में 26 नवंबर 2008 को हुए आतंकी हमलों का मास्‍टरमाइंड हाफिज सईद खुद पर लगे प्रतिबंध हटाने की गुहार लेकर संयुक्‍त राष्ट्र पहुंचा था। लेकिन इस वैश्विक संस्‍था से उसे करारा झटका मिला है। यूएन ने प्रतिबंधित आतंकियों की सूची से नाम हटाने की उसकी याचिका खारिज कर दी। बताया जाता है कि भारत की ओर से मिले विस्‍तृत साक्ष्‍यों के आधार पर यूएन ने यह फैसला लिया है, जिसमें उसकी गतिविधियों को लेकर विस्‍तृत जानकारी दी गई है। परन्तु तुष्टिकरण पुजारी भारतीय नेता भारतीयों की सहनुभूति बटोरने यूएनओ पहुंचे जरूर, उसके विपरीत उसी आतंकवादी हमले को "हिन्दू आतंकवाद" और "भगवा आतंकवाद" के नाम से दुष्प्रचार करते रहे। काश, कसाब जिन्दा न पकड़ा गया होता, पाकिस्तान समर्थक भारतीय नेताओं अपने दुष्प्रचार में सफल हो गए होते।   
यह फैसला ऐसे समय में आया है, जबकि संयुक्‍त राष्‍ट्र की 1267 प्रतिबंध समिति को जैश-ए-मोहम्‍मद सरगना मसूद अजहर पर प्रतिबंध लगाने के लिए नया प्रस्‍ताव मिला है। पाकिस्‍तान में सक्रिय स्थित जैश ने ही पुलवामा हमले की जिम्‍मेदारी ली है, जिसमें सीआरपीएफ के 40 जवानों की जान चली गई।
सूत्रों का कहना है कि भारत ने हाफिज की आतंकी गतिविधियों से जुड़ी 'गोपनीय जानकारियां' यूएन को सौंपी थीं, जिसके आधार पर इस वैश्विक संस्‍था ने उसे प्रतिबंधित सूची से हटाने का उसका आवेदन खारिज कर दिया। हाफिज लश्‍कर-ए-तैयबा का भी सह-संस्‍थापक है, जिसने 2008 में मुंबई हमले को अंजाम दिया था। इस हमले में 166 लोगों की जान चली गई थी। इसके बाद ही 10 दिसंबर, 2008 को संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद ने उस पर प्रतिबंध लगाया था।
हाफिज ने लाहौर की संस्‍था मिर्जा एंड मिर्जा के जरिये 2017 में यह अपील दायर की थी, जो पाकिस्‍तान में नजरबंदी में रह रहा है। हालांकि यूएन ने हाफिज के वकील से यह स्‍पष्‍ट कर दिया कि उसके खिलाफ प्रतिबंध जारी रहेंगे। साथ ही यह भी कहा कि उसके खिलाफ प्रतिबंध जारी रखने को लेकर पर्याप्‍त और तर्कसंगत साक्ष्‍य हैं। प्रतिबंध सूची से हटाने के लिए हाफिज के आवेदन का विरोध भारत के साथ-साथ अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने भी किया था। हालांकि पाकिस्‍तान ने इसका विरोध नहीं किया।
पुलवामा हमले के बाद अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन ने फरवरी में जैश-ए-मोहम्‍मद के सरगना मसूद अजहर को भी प्रतिबंधित करने के लिए प्रस्‍ताव दिया है, जबकि जैश पहले से ही यूएन की प्रतिबंध सूची में शामिल है। पाकिस्‍तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने हाल ही में एक इंटरव्‍यू में स्‍वीकार किया था कि जैश सरगना मसूद अजहर पाकिस्‍तान में ही है।
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आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विरोधी पाकिस्तान को अप्रयत्क्ष रूप से हवाई हमलो.....

पाकिस्तान नेता आतंकी सरगनाओं को बचाने में व्यस्त हैं, उसके विपरीत भारत में मोदी विरोधी मोदी की कार्यवाही पर शंका कर भारतीय जनता और विश्व को भ्रमित कर रहे हैं। समझ नहीं आता इन मोदी विरोधियों में देश भावना कब जागृत होगी।