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कोरोना संकट में विश्व संकट मोचन बनता भारत

आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार 
कहावत है 'हिरण हरियाली को देख रोता है', कुछ जाहिल जमातियों द्वारा डॉक्टर, पुलिस और नर्सों पर थूक, पत्थर फेंकना, हॉस्पिटल में नर्सों के सामने नंगा होने वालों और इन दुष्कर्मों का समर्थन करने वालों पर सटीक बैठती है। जो बीमारी में भी हिन्दू-मुस्लिम कर रहे हैं। राष्ट्र को बताएं अब तक कुल कितने जमाती मस्जिदों से पकडे? किसने छिपाया और क्यों? क्या यह मानवहित में है? तुष्टिकरण करने के लिए बहुत ज़िंदगी हैं, पहले इस संक्रामक बीमारी से मुक्ति पाने के लिए एकजुट होकर छिपे हुए और छिपाने वालों से जमातियों को बाहर आने  लिए क्यों नहीं कहते?
Image may contain: one or more people, text that says 'अंग्रेज यहां लड़ने के लिए अपने सैनिक नही लाए थे क्योंकि उन्हे यहां के गद्दारों पर पूरा भरोसा था Achhe Din'लॉक डाउन में मुफ्त वितरित हो रहे खाने का दुरूपयोग हो रहा है, वह भी ले रहा है, जिसे जरुरत नहीं। बेशर्मी की भी हद होती है। उसके बावजूद मोदी और मोदी सरकार को बुरा-भला कहा जा रहा है, कुछ बिकाऊ पत्रकार भ्रामक खबरे प्रसारित कर सरकार के प्रयासों पर पानी फेरने में दिन-रात एक किए हुए हैं, विपरीत इसके भारत के प्रयासों को विश्व सराहा रहा है। भारत से दवाइयों की मदद मांग रहा है। जिसे देश आभास होता है कि कल तक जो विश्व भारत को इतने सम्मान से नहीं देखता था, आज कोरोना ने उसी भारत को विश्व गुरु बनने के द्वार पर ला खड़ा कर दिया है।   
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत कोरोना संकट काल में कई देशों के लिए संकटमोचक बन कर सामने आया है। प्रधानमंत्री मोदी ने पहले सार्क और फिर जी-20 देशों के जरिए दिखाया कि कोरोना के कहर से कैसे मिलकर निपटा जा सकता है। प्रधानमंत्री मोदी ने दूसरे देशों के राष्ट्राध्यक्षों और नेताओं से संवाद किया और जरूरतमंद देशों की मदद के लिए हाथ बढ़ाया। अमेरिका, इजरायल और ब्राजील के अलावा भारत ने स्पेन, श्रीलंका, नेपाल, मालदीव समेत कई देशों को हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन दवा समेत दूसरी सहायता देने का फैसला किया। इससे वैश्विक धारणा बनाने में मदद मिली है कि भारत याचक नहीं, अब दाता बन चुका है। भारत उन्हें हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन, पेरासिटामोल और अन्य जरूरी वस्तुएं उपलब्ध करा रहा है। इस कोरोना काल में मदद पाने वाले देशों की सूची लंबी होती जा रही है और मदद के लिए वे भारत का शुक्रिया अदा कर रहे हैं।
संयुक्त राष्ट्र ने की प्रशंसा
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भारत की जमकर प्रशंसा की है। उन्होंने तो दुनिया के दूसरे देशों को भी भारत से सीख लेने की बात कही है। उन्होंने कहा है कि मुश्किल समय में कैसा व्यवहार करना चाहिए और दूसरों की मदद की भावना से काम करना चाहिए वह भारत से सीखने की जरूरत है

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने की भारत की तारीफ
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘कोविड-19’ के खिलाफ लड़ाई में हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन की आपूर्ति करने के फैसले के लिए अपना आभार व्यक्त किया। हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवा से बैन हटाने पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ने प्रधानमंत्री मोदी को महान बताया और कहा कि वो भारत का शुक्रिया अदा करते हैं। फॉक्स न्यूज से बात करते हुए उन्होंने कहा कि वो भारतीय पीएम मोदी की तारीफ करते हैं। निर्यात पर ढील देने के बाद अमेरिका को अब यह दवा मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि मैं सराहना करूंगा कि भारत हमारे द्वारा ऑर्डर की गईं टैबलेट्स की खेप को जारी करेगा। अमेरिका के राष्ट्रपति के ट्वीट का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच साझेदारी इससे पहले कभी भी इतनी अधिक मजबूत नहीं रही है। भारत मानवता की मदद के लिए अपनी ओर से हरसंभव अथक कोशिश करेगा।


अफगानिस्तान ने अदा किया शुक्रिया
अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने मदद के लिए प्रधानमंत्री मोदी का शुक्रिया अदा किया है। राष्ट्रपति गनी ने कहा, ‘प्रिय मित्र नरेन्द्र मोदी, हमें 5 लाख हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन टेबलेट, एक लाख पैरासीटामोल टैबलेट और 75,000 मीट्रिक गेंहू भेजने के लिए धन्यवाद। गेंहू की पहली खेप जल्द ही अफगान के लोगों के लिए पहुंच जाएगी।’

अफगानिस्तान के राष्ट्रपति को जवाब देते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने अपने ट्वीट संदेश में कहा, “भारत और अफगानिस्तान के बीच एक विशेष प्रकार की दोस्ती है, जो ऐतिहासिक, भौगोलिक और सांस्कृतिक संबंधों पर आधारित है। लंबे समय से, हमने आतंकवाद के संकट के खिलाफ संयुक्त रूप से लड़ाई लड़ी है। हम इसी तरह एकजुटता और साझा संकल्प के साथ कोविड-19 का मुकाबला करेंगे।”



मॉरीशस के पीएम ने जताया प्रधानमंत्री मोदी का आभार
कोरोना संकट के बीच भारत से मिली मदद के लिए मॉरिशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ ने प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताया। प्रधानमंत्री जगन्नाथ ने अपने ट्वीट संदेश में कहा कि मैं एयर इंडिया की एक विशेष उड़ान से कल बुधवार, 15 अप्रैल को मॉरिशस पहुंची भारत सरकार की चिकित्सा मदद के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का बहुत आभारी हूं। यह भारत और मॉरिशस के बीच के धनिष्ठ संबंध को दर्शाता है।



ब्राजील के राष्ट्रपति ने कहा प्रभु हनुमान की तरह पहुंचाई संजीवनी बूटी
ब्राजील के राष्‍ट्रपति जायर एम बोल्‍सोनारो ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तुलना भगवान हनुमान से की करते हुए हाइड्रोक्‍सीक्‍लोरोक्‍वीन दवा को संजीवनी बूटी बताया। उन्होंने कहा कि भारत की ओर से दी गई इस हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवा से लोगों के प्राण बचेंगे और इस संकट की घड़ी में भारत और ब्राजील मिलकर कामयाब होंगे। प्रधानमंत्री मोदी को भेजे पत्र में राष्‍ट्रपति बोल्‍सोनारो ने लिखा है कि जिस तरह हनुमान जी ने हिमालय से पवित्र दवा (संजीवनी बूटी) लाकर भगवान श्रीराम के भाई लक्ष्मण की जान बचाई थी, उसी तरह भारत और ब्राजील एक साथ मिलकर इस वैश्विक संकट का सामना कर लोगों के प्राण को बचा सकते हैं।



ब्राजील के राष्‍ट्रपति ने प्रधानमंत्री मोदी को लिखे पत्र में उन्‍हें हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवा के लिए धन्‍यवाद दिया।
प्रधानमंत्री ने अपने जवाब में कहा “भारत और ब्राजील के बीच साझेदारी मौजूदा चुनौतीपूर्ण समय में पहले से कहीं अधिक मजबूत है। भारत इस महामारी के खिलाफ मानवता की लड़ाई में योगदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।”
इजरायल के पीएम ने जताया भारत का आभार
कोरोना वायरस महामारी को खत्म करने के लिए फिलहाल सबसे अहम दवा हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन है। भारत ने इस दवा की खेप इजरायल को भिजवाई है। दवा मिलने के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने प्रधानमंत्री मोदी का शुक्रिया अदा किया। इसके जवाब प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमें साथ मिलकर इस महामारी से लड़ना होगा। भारत अपने मित्रों के लिए जो संभव है, वह करने को तैयार है। इजरायल के लोगों के अच्छे स्वास्थ्य की कामना करता हूं।



कजाकिस्तान के राष्ट्रपति तोकायेव ने कहा धन्यवाद
भारत की ओर से चिकित्सीय आपूर्ति मिलने पर कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्त तोकायेव ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कहा कि भारत सरकार खासकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का व्यक्तिगत रूप से धन्यवाद। मित्रता और एकजुटता का यह उच्च स्तर तब भी दिखाया गया जब भारत ने दवाओं के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था।


सेसेल्स ने जताया आभार
सेसेल्स के लिए स्पेशल इंडियन एयरफोर्स के विमान से दवा भेजी गई है। इन दवाइयों में पैरासीटामॉल, हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन का नाम सबसे ऊपर आ रहा है। सेसेल्स ने मदद के लिए भारत का आभार जताया है। राष्ट्रपति डैनी फॉरे ने संकट की इस घड़ी में सेशेल्स को दिए गए समर्थन के लिए प्रधानमंत्री मोदी, उनकी सरकार और भारत के लोगों का दिल से आभार व्यक्त किया।


मालदीव के राष्ट्रपति के प्रधानमंत्री मोदी से बात कर की तारीफ
कोरोना संकट पर मालदीव के राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ टेलीफोन पर बातचीत में मदद के लिए भारत का शुक्रिया अदा किया। प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर खुशी जताई कि मालदीव में पहले तैनात किए गए भारतीय चिकित्सा दल और फि‍र बाद में भारत द्वारा उपहार में दी गई आवश्यक दवाओं ने द्वीप में संक्रमण के फैलाव को नियंत्रित करने में उल्‍लेखनीय योगदान दिया है।

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आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार यह बहुत ही दुर्भाग्य की बात है कि कोरोना जिसने विश्व में अपनी चादर फैला रखी है, कहीं हि....
मालदीव के राष्ट्रपति ने सार्क देशों की मदद के लिए COVID-19 फंड बनाने पर प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा दोहराई। इसके साथ ही राष्ट्रपति ने चीन के वुहान से मालदीव के निवासियों की सुरक्षित निकासी और जरूरी सामानों की आपूर्ति के लिए प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद दिया।

कोरोना से लड़ाई में विश्व नेता बना भारत!

वैश्विक महामारी कोरोना से लड़ाई के दौरान दुनिया के देशों की समय पर मदद करने और अपने देश को संभालने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का आज पूरा विश्व कायल है। मोदी के समर्थ नेतृत्व के कारण ही आज भारत इस संकट की घड़ी में वैश्विक नेता के रूप में उभरा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस संकट के दौर में न केवल सबसे समर्थ देश अमेरिका समेत बल्कि के कई अन्य देशों की मदद की है। तभी तो आज संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भारत की जमकर प्रशंसा की है। उन्होंने तो दुनिया के दूसरे देशों को भी भारत से सीख लेने की बात कही है। गुटेरेस का यह बयान ऐसे समय आया है जब हाल ही में भारत ने अमेरिका समेत कई देशों को कोरोनावायरस संक्रमण से निजात दिलाने वाली दवा हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्विन की आपूर्ति की थी।
पूरा विश्व वैश्विक महामारी कोरोनावायरस के प्रकोप से कराह रहा है। कोरोना से मरने वालों की संख्या में रोज बढ़ोतरी हो रही है। इस महामारी से दुनियाभर में 22 लाख से अधिक लोग संक्रमित हैं। वहीं इससे होने वाली मौतों की संख्या 150,000 का आंकड़ा पार कर गई है। लेकिन इस वायरस के खिलाफ जारी जंग में भारत ने न सिर्फ अपने यहां लॉकडाउन, सोशल डिस्टेंसिंग के जरिए स्थितियों को कंट्रोल में रखा है, साथ ही वो लगातार कोरोना से बुरी तरह प्रभावित देशों की मदद भी कर रहा है। 
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इंदौर के मच्छी बाजार और बंबई बाजार में मछलियों की ख़रीद-बिक्री के बीच दवाओं का कारोबार चल रहा है। सिर्फ़ दवाएँ ही नही....
भारत के इसी जज्बा को देखकर यूएन के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने उसे सलाम किया है। इसके साथ ही दुनिया के देशों को भी भारत से सीखने की सलाह दी है। उन्होंने कहा है कि मुश्किल समय में कैसा व्यवहार करना चाहिए और दूसरों की मदद की भावना से काम करना चाहिए वह भारत से सीखने की जरूरत है।

हाफिज सईद को UN से झटका : प्रतिबंध हटाने की गुहार लेकर UN गया था

Hafiz Saeedमुंबई में 26 नवंबर 2008 को हुए आतंकी हमलों का मास्‍टरमाइंड हाफिज सईद खुद पर लगे प्रतिबंध हटाने की गुहार लेकर संयुक्‍त राष्ट्र पहुंचा था। लेकिन इस वैश्विक संस्‍था से उसे करारा झटका मिला है। यूएन ने प्रतिबंधित आतंकियों की सूची से नाम हटाने की उसकी याचिका खारिज कर दी। बताया जाता है कि भारत की ओर से मिले विस्‍तृत साक्ष्‍यों के आधार पर यूएन ने यह फैसला लिया है, जिसमें उसकी गतिविधियों को लेकर विस्‍तृत जानकारी दी गई है। परन्तु तुष्टिकरण पुजारी भारतीय नेता भारतीयों की सहनुभूति बटोरने यूएनओ पहुंचे जरूर, उसके विपरीत उसी आतंकवादी हमले को "हिन्दू आतंकवाद" और "भगवा आतंकवाद" के नाम से दुष्प्रचार करते रहे। काश, कसाब जिन्दा न पकड़ा गया होता, पाकिस्तान समर्थक भारतीय नेताओं अपने दुष्प्रचार में सफल हो गए होते।   
यह फैसला ऐसे समय में आया है, जबकि संयुक्‍त राष्‍ट्र की 1267 प्रतिबंध समिति को जैश-ए-मोहम्‍मद सरगना मसूद अजहर पर प्रतिबंध लगाने के लिए नया प्रस्‍ताव मिला है। पाकिस्‍तान में सक्रिय स्थित जैश ने ही पुलवामा हमले की जिम्‍मेदारी ली है, जिसमें सीआरपीएफ के 40 जवानों की जान चली गई।
सूत्रों का कहना है कि भारत ने हाफिज की आतंकी गतिविधियों से जुड़ी 'गोपनीय जानकारियां' यूएन को सौंपी थीं, जिसके आधार पर इस वैश्विक संस्‍था ने उसे प्रतिबंधित सूची से हटाने का उसका आवेदन खारिज कर दिया। हाफिज लश्‍कर-ए-तैयबा का भी सह-संस्‍थापक है, जिसने 2008 में मुंबई हमले को अंजाम दिया था। इस हमले में 166 लोगों की जान चली गई थी। इसके बाद ही 10 दिसंबर, 2008 को संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद ने उस पर प्रतिबंध लगाया था।
हाफिज ने लाहौर की संस्‍था मिर्जा एंड मिर्जा के जरिये 2017 में यह अपील दायर की थी, जो पाकिस्‍तान में नजरबंदी में रह रहा है। हालांकि यूएन ने हाफिज के वकील से यह स्‍पष्‍ट कर दिया कि उसके खिलाफ प्रतिबंध जारी रहेंगे। साथ ही यह भी कहा कि उसके खिलाफ प्रतिबंध जारी रखने को लेकर पर्याप्‍त और तर्कसंगत साक्ष्‍य हैं। प्रतिबंध सूची से हटाने के लिए हाफिज के आवेदन का विरोध भारत के साथ-साथ अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने भी किया था। हालांकि पाकिस्‍तान ने इसका विरोध नहीं किया।
पुलवामा हमले के बाद अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन ने फरवरी में जैश-ए-मोहम्‍मद के सरगना मसूद अजहर को भी प्रतिबंधित करने के लिए प्रस्‍ताव दिया है, जबकि जैश पहले से ही यूएन की प्रतिबंध सूची में शामिल है। पाकिस्‍तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने हाल ही में एक इंटरव्‍यू में स्‍वीकार किया था कि जैश सरगना मसूद अजहर पाकिस्‍तान में ही है।
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आर.बी.एल.निगम, वरिष्ठ पत्रकार भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विरोधी पाकिस्तान को अप्रयत्क्ष रूप से हवाई हमलो.....

पाकिस्तान नेता आतंकी सरगनाओं को बचाने में व्यस्त हैं, उसके विपरीत भारत में मोदी विरोधी मोदी की कार्यवाही पर शंका कर भारतीय जनता और विश्व को भ्रमित कर रहे हैं। समझ नहीं आता इन मोदी विरोधियों में देश भावना कब जागृत होगी।   

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने की पुलवामा हमले की निंदा

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) ने फरवरी 21 को जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए हमले की कड़ी निंदा की. इस हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे और इसकी जिम्मेदारी पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी.
सुरक्षा परिषद ने इस घटना के अपराधियों, साजिशर्ताओं और उन्हें धन मुहैया कराने वालों को ‘इस निंदनीय कृत्य’ के लिए जिम्मेदार ठहराए जाने और न्याय के दायरे में लाने की जरूरत को रेखांकित किया. संयुक्त राष्ट्र की 15 शक्तिशाली देशों की इस इकाई ने अपने बयान में पाकिस्तान के आतंकी समूह जैश-ए-मोहम्मद का नाम भी लिया.
इस परिषद में चीन वीटो क्षमता वाला स्थायी सदस्य है. उसने पूर्व में भारत द्वारा सुरक्षा परिषद प्रतिबंध समिति से आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने की मांग के रास्ते में रोड़ा अटकाया है. 
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने की पुलवामा हमले की निंदा, जैश-ए-मोहम्‍मद का भी लिया नामयूएनएससी की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है, ‘‘सुरक्षा परिषद के सदस्य 14 फरवरी 2019 को जम्मू-कश्मीर में जघन्य और कायरान तरीके से हुए आत्मघाती हमले की कड़ी निंदा करते हैं जिसमें भारत के अर्धसैनिक बल के 40 जवान शहीद हो गए थे और इस हमले की जिम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी.' बयान में आतंकवाद को अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरों में से एक बताया गया है.
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