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‘केजरीवाल सहित AAP के सभी मंत्रियों के घरों की तलाशी हो, मिल सकते हैं कई ऑक्सीजन सिलिंडर’

कहते हैं कि विपत्ति के ही समय आदमी की पहचान होती है, कोरोना काल किसी के शुभ तो किसी के पतन का कारण बनने जा रहा है। दिल्ली वालों को फ्री बिजली-पानी का लालच देकर कोई जनहित विरोधी पार्टी सत्ता में आएगी, किसी ने नहीं सोंचा होगा। 

दिल्ली वालों ने फ्री के चक्कर में आम आदमी पार्टी को उस समय भी पहचाना, जब तत्कालीन मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के विरुद्ध 370 आरोप दिखाकर जेल भेजने वाला सत्ता मिलते ही उन भ्रष्टाचारों पर खामोश होकर बैठ गयी। ऐसा विश्वास है कि जिस दिन दिल्ली में सत्ता परिवर्तन होगा, यही आम आदमी पार्टी सबसे भ्रष्ट पार्टी सिद्ध होगी। प्रदुषण हो या अब कोरोना, जिस मद के लिए केजरीवाल सरकार को रूपए मिले, उस पर खर्च करने की बजाए उसका अधिकांश भाग विज्ञापन पर खर्च कर जनता को धोखा दिया जाता रहा। जैसाकि एक चैनल पर एक डाक्टर द्वारा केंद्र से ऑक्सीजन की ऑडिट  मुद्दा उठाने से एक काला बाज़ारी का पर्दाफाश करने का प्रयत्न रंग लाने लगा है कि अपने आपको ईमानदार मुख्यमंत्री बताने वाले अरविन्द केजरीवाल ऑक्सीजन ऑडिट से पीछे भाग रहे हैं, क्यों?
दिल्ली में नवनीत कालरा के ‘खान चाचा रेस्टॉरेंट’ में 96 ऑक्सीजन कन्सेंट्रेटर्स बरामद होने और दिल्ली के खाद्य मंत्री इमरान हुसैन को ऑक्सीजन सिलिंडर्स की जमाखोरी पर दिल्ली हाईकोर्ट का नोटिस मिलने के बाद अरविंद केजरीवाल की सरकार चहुँओर से घिर गई है। नवनीत कालरा के बारे में पता चला है कि वो 2020 में केजरीवाल के शपथग्रहण समारोह में बतौर अतिथि मौजूद था। अब भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने AAP पर सवाल उठाया है।

दिल्ली के पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि ये ऐसा विकट समय है, जब ऑक्सीजन के अभाव में सड़कों पर लोगों की मौत हो रही है और लोग अस्पतालों के दरवाजे पर लाइन लगा कर खड़े हैं, वो ढूँढ रहे हैं कि कहीं से ऑक्सीजन मिल जाए। उन्होंने कहा कि दिल्ली में इस समस्या के कारण हजारों मौतें हुई हैं और कब्रिस्तान या श्मशान घाटों में जगह नहीं मिल रही है। उन्होंने कहा कि वहीं दूसरी तरफ दिल्ली के मंत्री के घर में 630 ऑक्सीजन सिलिंडर छिपा कर रखे गए हैं।

कपिल मिश्रा ने कहा, “दिल्ली का एक मंत्री ऑक्सीजन सिलिंडर्स की जमाखोरी कर रहा है। ऐसे में क्या 630 लोगों की मौत की जिम्मेदारी इस एक आदमी पर नहीं आएगी? क्या ये हत्या नहीं है? क्या इसे एक साजिश के तहत सैकड़ों लोगों का मर्डर नहीं कहा जाएगा? कितनी जानें बच जातीं उन सिलिंडर्स से, जो केजरीवाल के मंत्री इमरान हुसैन के घर पर रखे हुए हैं या जो नवनीत कालरा के रेस्टॉरेंट से 550 कन्सेंट्रेटर मिले हैं।”

कपिल मिश्रा ने दावा किया कि अरविंद केजरीवाल की सरकार ने जिस नवनीत कालरा को ‘दिल्ली के निर्माता’ का सम्मान दिया था, आज वो ऑक्सीजन कन्सेंट्रेटर्स की कालाबाजारी में लिप्त है और फरार चल रहा है। कपिल मिश्रा ने आरोप लगाया कि सरकार चलाने वालों और उनके खास लोगों के घर से ऑक्सीजन सिलिंडर और कन्सेंट्रेटर बड़ी मात्रा में मिल रहे हैं, जबकि इनके अभाव में लोगों की जानें जा रही हैं।

उन्होंने दिल्ली के पुलिस कमिश्नर से निवेदन किया कि इमरान हुसैन को तुरंत जेल में डाला जाए। उन्होंने कहा, “इस बात की जाँच की जानी चाहिए कि दिल्ली में हुई इतनी मौतों के पीछे कोई गहरी साजिश तो नहीं? ये दिल्ली को, देश को हिलाने की, बर्बाद करने की, लोगों के मरने के बाद गंदी राजनीति करने की साजिश हो सकती है। दिल्ली पुलिस को अरविंद केजरीवाल समेत दिल्ली के सभी मंत्रियों के घरों की तलाशी लेनी चाहिए।”

भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने आशंका जताई कि AAP नेताओं के घरों में न जाने कितने ऑक्सीजन सिलिंडर्स छिपाए हुए मिल सकते हैं। उन्होंने कहा कि मंत्री हो या मुख्यमंत्री हो, उन पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने अब तक इमरान हुसैन की गिरफ़्तारी न होने को चिंता का विषय बताया। दिल्ली के एक अस्पताल में ऑक्सीजन टैंकर से ऑक्सीजन बर्बाद करने के आरोप भी भाजपा नेता तजिंदर बग्गा ने लगाए थे।

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ईमानदार केजरीवाल सरकार ऑडिट से जता रही आपत्ति ; पुणे के अस्पतालों में ऑक्सीजन की ऑडिट से रोज 30 टन

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दिल्ली में ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर की कालाबाजारी पर दिल्ली पुलिस ने मैट्रिक्स सेलुलर सर्विस लिमिटेड के सीईओ गौरव खन्ना को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गौरव के खिलाफ़ ये कार्रवाई उसके संबंध नवनीत कालरा से जुड़े होने के चलते की। ये मैट्रिक्स कंपनी गगन दुग्गल नाम के शख्स की है। वह लंदन में रहता है और उसकी कंपनी सिम बनाने का काम करती है। सी मैट्रिक्स कंपनी के नाम से 20 हजार रुपए प्रति पीस ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर भारत में इम्पोर्ट हुए और फिर इन्हें कीमतें बढ़ाकर जरूरमंदों को बेचा गया।

उत्तर प्रदेश : नरसिंहानंद की गर्दन काटने की धमकी देने वाले अमानतुल्लाह खान के खिलाफ UP पुलिस से FIR के लिए कपिल मिश्रा की अपील

                      केस आगे बढ़ता है तो UP पुलिस अपने 'ढंग' से गिरफ्तार कर ले जा सकती है!
भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने ओखला से आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक अमानतुल्लाह खान के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए यूपी पुलिस के समक्ष शिकायत दर्ज करवाई है। कपिल मिश्रा ने खुद ट्वीट करते हुए इसकी जानकारी दी। इससे पहले कपिल मिश्रा ने अमानतुल्लाह खान को चेतावनी देते हुए कहा था कि नरसिंहानंद जी को हाथ भी लगाने की गलती मत करना क्योंकि देश संविधान से चलता है, किसी किताब से नहीं।

दरअसल आप विधायक अमानतुल्लाह खान ने डासना देवी मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती का एक वीडियो शेयर कर कहा था इस (यति नरसिंहानंद) नफ़रती कीड़े की ज़ुबान और गर्दन दोनों काट कर इसे सख़्त से सख़्त सजा देनी चाहिए।

दिल्ली के पूर्व विधायक और भाजपा नेता कपिल मिश्रा के इस कदम पर ट्विटर पर लोगों ने हिन्दुत्व का दम भरने वाली भाजपा सहित दिल्ली के सातों सांसदों की भी लगा दी क्लास। वैसे अमानतुल्लाह की धमकी पर उन सभी हिन्दुओं को शर्म आनी चाहिए जो नागरिकता संशोधक कानून के विरोध में Fuck Hindutva  के नारे लगाने वालों के साथ कंधे से कन्धा मिलाकर खड़े थे।  

यति नरसिंहानंद का वीडियो शेयर करते हुए अमानतुल्लाह खान ने अपने ट्वीट में लिखा था, “हमारे नबी की शान में गुस्ताखी हमें बिल्कुल बर्दाश्त नहीं, इस नफ़रती कीड़े की ज़ुबान और गर्दन दोनो काट कर इसे सख़्त से सख़्त सजा देनी चाहिए। लेकिन हिंदुस्तान का क़ानून हमें इसकी इजाज़त नहीं देता, हमें देश के संविधान पर भरोसा है और मैं चाहता हूँ कि दिल्ली पुलिस इसका संज्ञान ले।”

इससे पहले आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक अमानतुल्लाह खान ने इस वीडियो को लेकर दिल्ली के जामिया नगर थाने में महंत के खिलाफ शिकायत की थी। अमानतुल्लाह खान ने ट्विटर पर वीडियो शेयर कर कहा था कि नरसिंहानंद की गुस्ताखी के लिए उनके ख़िलाफ़ जामिया नगर में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है।

इसके बाद दिल्ली पुलिस ने गाजियाबाद के डासना मंदिर के महंत स्वामी यति नरसिंहानंद सरस्वती के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया। दिल्ली पुलिस ने बताया कि विवादित वीडियो पर संज्ञान लेते हुए भारतीय दंड संहिता की धारा 153-A और 295-A के तहत पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में एफआईआर दर्ज की गई। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यति नरसिंहानंद की टिप्पणी वाला यह वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो गया है।

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अमानतुल्लाह की शिकायत पर दिल्ली पुलिस हरकत में; लेकिन योगी जी दिल्ली विधायक अमानतुल्लाह पर कार

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अमानतुल्लाह की शिकायत पर दिल्ली पुलिस हरकत में; लेकिन योगी जी दिल्ली विधायक अमानतुल्लाह पर कार

उसने कहा था, “यति नरसिंहानंद ने जो पैगंबर मोहम्मद की शान में गुस्ताखी की है, उसके लिए हुक्म है कि उसका सिर कलम कर दिया जाए या उसकी जुबान काट ली जाए। लेकिन संविधान पर हमें भरोसा है। उम्मीद है कि उसके ऊपर कार्रवाई करके उसे जेल भेजा जाएगा। हम सारे धर्म के गुरुओं- श्रीराम, श्रीकृष्ण सभी का सम्मान करते हैं। इसलिए हम नहीं चाहते हैं किसी भी धर्म को मानने वाला हमारे धर्म गुरु… की शान में गुस्ताखी करे। शरीयत अगर यहाँ होता तो इस शख्स को सरेआम गर्दन काट कर, जुबान काटकर लटका दिया जाता। पर हम कानून का सम्मान करते हैं और वो इसकी इजाजत नहीं देता, इसलिए मैं यहाँ आया हूँ। आला अधिकारी से अपील करता हूँ कि इस शख्स ने मुल्क के माहौल को बिगाड़ने की कोशिश की है। मुसलमानों के दिल को ठेस पहुँची है, तकलीफ हुई है क्योंकि हम किसी भी हाल में ये गुस्ताखी बर्दाश्त नहीं कर सकते।” 

हमने छठ पर भी संयम रखा, लेकिन दिल्ली को बार-बार बंधक बनाया जा रहा: राष्ट्रपति कोविंद को कपिल मिश्रा का पत्र

साल 2020 की शुरुआत से ही राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के हालात किसी से छिपे नहीं हैं। पहले शाहीन बाग का प्रदर्शन, फिर उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगे, बाद में कोरोना की मार और अब किसान आंदोलन, दिल्ली की सड़कें यहाँ के निवासियों के लिए आए दिन असुविधा पैदा कर रही हैं।

ऐसे में भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने राष्ट्रपति से गुहार लगाई है कि दिल्लीवासियों को बार-बार बंधक बनाया जाना अब बंद हो और यहाँ की सड़कें खोली जाएँ।

कपिल मिश्रा के इस कदम का कहीं समर्थन कहीं विरोध :

भाजपा नेता ने इस पत्र को दिल्ली के लोगों की ओर से लिखने का दावा किया है। इसमें उन्होंने कहा है कि वह अत्यंत असहाय होकर इस पत्र को एक आशा की किरण के रूप में लिख रहे हैं। उन्होंने राष्ट्रपति से कहा है कि दिल्ली के निवासी देश की राजधानी के नागरिक होने के बावजूद अपने मूल अधिकारों से वंचित हो रहे हैं। यहाँ बार-बार उनसे दफ्तर जाने, दुकान खोलने, इलाज के लिए अस्पताल जाने, जैसे साधारण अधिकार छीने जा रहे हैं। 

पत्र में कपिल मिश्रा ने दिल्ली की वास्तविक स्थिति पर गौर करवाते हुए कहा कि कोरोना महामारी से बचने के लिए दूरी बनाना और भीड़भाड़ को एकत्रित न होने देना बेहद जरूरी है, लेकिन यहाँ इसका सरेआम उल्लंघन चल रहा है।

उन्होंने लिखा कि दिल्ली में स्थिति पहली बार ऐसी नहीं हुई है, बल्कि यहाँ बार-बार ऐसा हो रहा है। साल की शुरुआत में दिल्ली को जगह-जगह शाहीन बाग आंदोलन के नाम पर बंधक बनाया गया और राजधानी में नफरत व हिंसा का माहौल बनाया गया। बाद में स्वंय उच्चतम न्यायालय ने भी इस प्रकार सड़कों को बंद करने को गैर कानूनी घोषित किया। लेकिन, अब पिछले दिनों से कई राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता दिल्ली को दोबारा बंधक बना रहे हैं, जिससे दिल्ली वासियों की बुनियादी जरूरतें प्रभावित हो रही हैं।

कपिल मिश्रा ने कोरोना महामारी में दिल्ली की स्थिति पर चिंता जाहिर की और राष्ट्रपति को बताया कि यहाँ लगातार सरकार व कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन करके बुजुर्ग माता-पिता और छोटे-छोटे बच्चों के जीवन के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।

उन्होंने राष्ट्रपति से कहा कि दिल्ली वालों ने बहुत संयम का परिचय दे दिया। सरकारी निर्देशों को मानते हुए छठ के त्योहार तक को सार्वजनिक तौर पर नहीं मनाया। मगर, आज दिल्ली वालों को चारों ओर से बंद कर दिया गया है। शहर में बिना टेस्टिंग के भीड़ की इकट्ठा हो रही है और दिल्ली सरकार पोस्टर, बैनर, होर्डिंग लगाकर लोगों को दिल्ली में बुला रही है।

पत्र में उन्होंने कहा है कि दिल्ली वासियों का जीवन भी उतना ही महत्व रखता है, जितना अन्य राज्य के लोगों की जिंदगी। यहाँ के नागरिकों के मूल अधिकारों को भी अन्य राज्यों के लोगों की तरह संविधान का संरक्षण प्राप्त है। लिहाजा दिल्ली वासियों की जिंदगी को इस प्रकार मौत के मुँह में बार-बार फेंके जाने के ख़िलाफ ठोस व निर्णायक निर्णय लिए जाएँ। साथ ही राजनीति के लिए करोड़ों लोगों की जिंदगी से ख़िलवाड़ न किया जाए।

कड़वा सच : ये किसान नहीं दलालों का जमावड़ा है 

आये दिन हमेशा से सुनते आ रहे हैं कि हर प्रांत का किसान कर्जे से आत्महत्या कर लेता है। उसके लिए किसान को आंदोलन करना चाहिए था। और अब जो आंदोलन हो रहा है, उसमे तथाकथित किसानों की बात भी ध्यानपूर्वक सुननी चाहिए, वह है "हम 6 महीने का राशन साथ लाए हैं।" यह इस बात को भी सिद्ध करती है कि किसान भूखा नहीं मर रहा था, दलालों की वजह से कर्जे में डूब कर आत्महत्या करने को विवश होता है।

निम्न दोनों ट्वीट बहुत कुछ किसानों की आर्थिक स्थिति को उजागर कर रहे हैं:-

लेकिन इस नये कानून पर इतनी हायतौबा विपक्षी दलों के बहकावे मे हो रही है। सबसे पहले और सबसे कीमती तो किसानों की जिंदगी है। कोई भी पार्टी हो और किसी भी राज्य की सरकार हो अगर गरीब किसान किसी राज्य मे दुखी होकर आत्महत्या कर रहा है तो सभी राज्यों की सरकारें गुनहगार हैं।

इसके लिए ये सब दल और नेता क्यों कभी कोई बड़ा आंदोलन नहीं करते? क्योंकि ऐसे मे सभी कटघरे मे खड़े होंगे।

लेकिन इस कृषि कानून पर सिर्फ राजनैतिक रोटियां सेकी जा रही है, अपने अपने एजेंडे के अनुरूप अगर आज सारी पार्टियों को इतनी चिंता और दर्द है किसानों का तो उनको कर्जे लेने की क्या जरूरत?

सब सरकारें किसानों को इतना सक्षम क्यों नहीं बनाती कि उनको कर्ज तले दबना न पड़े।

लेकिन आज इस कृषि क़ानून ने दलालों, बिचौलियों और किसानों के शोषको की दुखती रग पर हाथ रख दिया जिससे किसान कर्जदार होता था। और ये हंगामा मचाने वाले यही चाहते हैं कि किसान उसी हाल मे रहे जैसा था मेहनत वो करे मलाई ये लोग खायें ।

ये किसानों के हमदर्द नहीं सब अपने स्वार्थों के लिए हंगामा कर रहे हैं और सरल भाषा में कहा जाए तो किसानों को बरगला रहे हैं ।

पोस्ट मार्टम तथाकथित किसान आंदोलन का

1― बीज खरीदने के लिए सब्सिडी।

2― कृषि उपकरण खरीदने के लिए सब्सिडी

3― यूरिया (खाद) खरीदने के लिए सब्सिडी

4― ट्रेक्टर ट्रोली खरीदने पर सब्सिडी

5― पशुधन खरीदने पर सब्सिडी

6― खेती पर लगने वाले अन्य खर्च के लिए सब्सिडी युक्त कर्ज

7― किसान क्रेडिट कार्ड से कर्ज

8― जैविक खेती करने पर सब्सिडी

9― खेत में डिग्गी बनाने हेतू सब्सिडी

10― फसल प्रदर्शन हेतू सब्सिडी

11― फसल का बीमा

12― सिंचाई पाईप लाईन हेतू सब्सिडी

13― स्वचालित कृषि पद्धति अपनाने वाले किसानों को सब्सिडी

14― जैव उर्वरक खरीदने पर सब्सिडी

15― नई तरह की खेती करने वालो को फ्री प्रशिक्षण

16― कृषि विषय पर पढ़ने वाले बच्चों को अनुदान

17― सोलर एनर्जी के लिए सब्सिडी

18― बागवानी के लिए सब्सिडी

19― पंप चलाने हेतु डीजल में सब्सिडी

20― खेतो में बिजली उपयोग पर सब्सिडी

इसके अलावा

21― सूखा आए तो मुआवजा।

22― बाढ़ आए तो मुआवजा।

23― टिड्डी-कीट जैसे आपदा पर मुआवजा।

24― सरकार बदलते ही सभी तरह के कर्ज माफी।

25― सरकार ने किसानों को आत्मनिर्भर व सशक्त बनाने के लिए अनेकों और तरह की योजनाएं बनाई है, जिसमें डेयरी उत्पाद मत्स्य पालन बागवानी फल व सब्जी पर भी अनेकों प्रकार की सब्सिडी दे रही है।

और इसके अलावा

26― इन्हीं से 20 रुपए किलो गेहूं खरीद कर 2 रुपए किलो में इन्हें दिया जा रहा है।

27― पक्के मकान बनाने के लिए 3 लाख रुपए तक सब्सिडी दी जा रही है।

28― शौचालय निर्माण फ्री में किया जा रहा है।

29― घर पर गंदा पानी की निकासी के लिए होद फ्री में बनवाई जा रही है।

30― साफ पीने का पानी फ्री में दिया जा रहा है।

31― बच्चों को पढ़ने खेलने व अन्य तरह के प्रशिक्षण फ्री में करवाए जा रहे हैं।

32― साल के 6000 रुपए खाते में फ्री में आ रहे हैं।

33― तरह-तरह की पेंशन वगैरा आ रही है।

34― मनरेगा में बिना कार्य किए रुपए दिए जा रहे हैं।

अगर उसके बावजूद भी इस देश के किसानों को सरकार से अपना हक नहीं मिल रहा तो शायद कभी नहीं मिलेगा।

एक निगाह उन मजदूरों, छोटे रेहड़ी वालों, छोटे व्यवसायियों, वकीलों, पढ़े-लिखे बेरोजगारों, ड्राईवरों, कचरा बीन कर पेट पालने वालों पर डालो।

रोज नई नई समस्या से जूझते हैं, रोज रोज मरते हैं परन्तु कभी भीड़ इकट्ठी कर देश के कानून को बंधक नहीं बनाते हैं।

किसान नित अपनी कमजोरी के लिए दूसरों पर आश्रित नहीं होते अपनी कमजोरी का रोना रोकर दूसरों के हक नहीं लेते देश की सरकारों से ब्लैकमेलिंग नहीं करते।

सबसे अधिक गेहूँ कहाँ उगता है ? - पंजाब में । 

सबसे अधिक गेहूं कौन खरीदता है ? - FCI 

FCI किससे खरीदता है ? - बड़े बड़े आड़तियों से । 

पंजाब की सबसे बड़ी आड़ती कंपनी कौन है ? - सुखविंदर एग्रो  

सुखविंदर एग्रो किसकी कंपनी है ?- हरप्रीत बादल की। 

सबसे अधिक गेहूं कहाँ सड़ता है ?- FCI के गोडाउन में ।

सड़ा हुआ गेहूं कहाँ काम आता है ? - सड़ा हुआ गेहूँ शराब बनाने में काम आता है । 

सड़ा गेहूँ कौन बेचता है और वह भी सबसे कम दाम पर ? - FCI बेचता है ।

सबसे अधिक शराब की खपत कहाँ होती है ? - पंजाब में । 

हमेशा "खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय" किसके पास रहता है ? - हरप्रीत बादल के पास रहता है। 

फिर कपिल मिश्रा पर उतरा नजला : Scroll ने लव जिहाद और मिशनरियों का किया बचाव

कपिल मिश्रा ने हिन्दुओं को एक करने के प्रयास क्या शुरू किए, लिबरल गिरोह को मिर्ची लग गई। वामपंथी मीडिया बेचैन हो उठा और उसने हिंदुत्व को खतरनाक बताने से लेकर ‘लव जिहाद’ को हिन्दुओं का मनगढंत मुद्दा तक बताने लगे। इसी क्रम में ‘Scroll’ ने भी एक लेख में कपिल मिश्रा द्वारा हिन्दू इकोसिस्टम बनाने की घोषणा को खतरनाक तक करार दिया। साथ ही इसके लिए उनका मजाक भी बनाने की कोशिश की।

‘Scroll’ ने मसखरी के अंदाज़ में इस लेख को शुरू किया है और पूछा है कि अगर आपके पास कुछ खाली समय है तो क्यों न आप अपनी खास रुचियों को धार देने के लिए किसी क्लब या सोसायटी में शामिल हो जाएँ? साथ ही बताया है कि इन दिनों काफी विकल्प हैं और समाजिक सेवाओं के लिए रोटरी क्लब या लायंस क्लब हैं। फिटनेस के साथ कुछ अलग करने के लिए लाफ्टर योग क्लब हैं। पाठकों के लिए कई किताबों वाले क्लब्स हैं।

इसके बाद ‘Scroll’ लिखता है कि आप हिन्दू इकोसिस्टम भी ज्वाइन कर सकते हैं, जिसके लिए आपको बस एक फॉर्म भरना है और इसके लिए कोई एप्लीकेशन फी नहीं है। साथ ही इस लेख में कपिल मिश्रा को ‘दिल्ली दंगों से पहले भड़काऊ बयान देने के लिए जाना जाने वाला’ बताया है। भले ही ये सामने आ चुका है ताहिर हुसैन और उमर खालिद सहित कई इस्लामी कट्टरपंथियों ने दंगे किए और कपिल मिश्रा के भाषण से पहले ही ये शुरू हो गया था, ये मीडिया संस्थान एक झूठ को हजार बार बोल कर इसे सच साबित करना चाहते हैं।

कपिल मिश्रा दिल्ली सरकार में मंत्री थे। करावल नगर से उन्हें 1 लाख से भी अधिक वोट्स मिले थे, यानी कुल वोट्स के 60% के करीब। क्या वो इन सबके लिए नहीं जाने जाते, जो ‘स्क्रॉल’ उन्हें 5 मिनट के किसी भाषण को ही उनकी प्रसिद्धि का एकमात्र कारण बता कर उसे नकारात्मक रूप में पेश कर रहा है? उन्होंने तब भी संस्कृत में शपथ ली थी। दिल्ली के बाद भी कई इलाकों में CAA विरोधी दंगे हुए। उन सब में तो कपिल मिश्रा कहीं नहीं थे।

‘Scroll’ को इस बात की चिंता खाए जा रही है कि आखिर ये हिन्दू इकोसिस्टम करेगा क्या? कपिल मिश्रा पहले ही साफ़ कर चुके हैं कि ये जमीन पर और सोशल मीडिया पर, कोर्ट में, धर्म के लिए और एक-दूसरे के लिए काम करेगा। इसका सीधा अर्थ है कि इसकी सारी प्रक्रियाएँ वैध होंगी और क़ानूनी दायरे में होंगी। ये आपस में सहयोग का इकोसिस्टम है तो इसकी सराहना करने की बजाए वामपंथी मीडिया इसके खिलाफ क्यों है?

इसके फॉर्म में विकल्प है कि आप ऑनलाइन, जमीन पर, या फिर दोनों के लिए इसका हिस्सा बन सकते हैं। वामपंथी मीडिया को ‘घर वापसी’ ‘हिन्दू एकता’, ‘गौरक्षा’ और ‘लव जिहाद का विरोध’ – इन सभी चीजों से दिक्कत है, जबकि भारत के क़ानून में इनमें से किसी को भी अवैध नहीं माना गया है। ये सब तो समाजसेवा, महिला अधिकार और पशु अधिकार के अंतर्गत आते हैं। इन्हीं चीजों के लिए लड़ने वाले वामपंथी इससे चिढ़ क्यों रहे हैं?

‘Scroll’ का कहना है कि RSS रहस्यमयी तरीके से काम करता है, क्योंकि इसके सदस्य मीडिया में नहीं आते और एक बड़े सभ्यता के लक्ष्य पर काम कर रहे हैं। अर्थात, अगर कोई संगठन बाढ़, अकाल, महामारी और अन्य आपदा की स्थिति में निःस्वार्थ भाव से बिना सरकारी सहायता के लोगों की सेवा कर रहा है तो इन वामपंथियों को उससे भी परेशानी है। चूँकि वो RSS है, समाजसेवा कर सोशल मीडिया पर उसका प्रचार नहीं करता, इसलिए वामपंथियों को ये स्वीकार्य नहीं

वहीं इसी वामपंथी मीडिया को कपिल मिश्रा के नए हिन्दू इकोसिस्टम से इसलिए दिक्कत है, क्योंकि उसका मानना है कि इससे सोशल मीडिया पब्लिसिटी होगी और टीम के सदस्यों की संख्या की बातें होंगी। यानी, अगर कोई शांति से काम कर रहा है तो भी परेशानी और किसी ने सोशल मीडिया को एकता का माध्यम बनाया तो भी परेशानी। ये सब इसीलिए, क्योंकि हिन्दुओं को एक होते हुए ये लोग नहीं देख सकते।

अब ‘स्क्रॉल’ वापस ‘लव जिहाद’ पर आता है और इसे एक कंस्पिरेसी थ्योरी करार देते हुए लिखता है कि इसका हिंदुत्व से तो कोई लेना-देना ही नहीं है। अर्थात, हिन्दू महिलाओं के लिए उसके मन में कोई इज्जत नहीं है, भले ही कोई उन्हें धोखा दे, पहचान छिपाकर कर उनसे साजिशन शादी कर ले, बाद में प्रताड़ित करे या फिर हत्या कर दे। महिलाओं की मदद के लिए अगर कोई संगठन आगे आ रहा है तो इससे ‘स्क्रॉल’ को दिक्कत क्या है?

‘लव जिहाद’ की रोज एक के बाद एक घटनाएँ सामने आ रही हैं। केरल में ईसाइयों के साथ जो हुआ था, उसके बाद उन्होंने इस शब्दावली का प्रयोग किया था। अगर यहाँ हिन्दुओं की बातें छोड़ भी दें तो क्या ईसाई इस वामपंथी मीडिया के लिए अल्पसंख्यक नहीं हैं और संख्या में उनसे कई गुना ज्यादा मुस्लिम भारत में उनके लिए अल्पसंख्यक हैं? हिन्दू व ईसाई महिलाओं की प्रताड़ना को रोकने का प्रयास करना तो सराहनीय है, इसकी प्रशंसा होनी चाहिए। केरल के चर्च तक ने कहा है कि ‘लव जिहाद’ वास्तविक है।

साथ ही इसने ‘इस्लामी आक्रमण’ और ‘ईसाई मिशनरी’ को तथाकथित लिखा है। इसका अर्थ है कि वो ये नहीं मानते कि इस्लामी कट्टरता नाम की कोई चीज है भी। ‘अल्लाहु अकबर’ बोल कर चिल्लाते हुए हत्या की वारदातों और बहला-फुसला कर धर्मांतरण की ईसाई मिशनरियों की करतूतों से जुड़ी कई ख़बरों के बावजूद मीडिया का ये वर्ग चाहता है कि हिन्दू, जो इस दोनों मामलों में पीड़ित है, आँख मूँद कर ये सब सहता रहे।

अगर कोई मुस्लिम अपना मजहब छिपा कर किसी लड़की से शादी कर ले और उसे धोखा दे तो इस पर कोई क्यों न विरोध करे? अगर इस्लाम के नाम पर जम्मू-कश्मीर में सौ आतंकी संगठन खड़े हो जाएँ और दुनिया भर में ‘अल्लाहु अकबर’ चिल्लाते हुए लोगों को मारा जाए, तो कोई क्यों आँख-कान बंद कर ले? आदिवासी और पिछड़े इलाकों में हिन्दू देवी-देवताओं का अपमान कर, लालच दे कर और झूठे चमत्कार दिखा कर ईसाई मिशनरी गरीबों को ठगे और धर्मान्तरण कराएँ तो क्यों न कोई इसके खिलाफ आवाज़ उठाए?

‘लव जिहाद’ को दक्षिणपंथी शब्दावली बताने वाला ‘स्क्रॉल’ क्या ये मानेगा कि ईसाई भी दक्षिणपंथी हो गए हैं और वो हिन्दुओं के साथ मिल गए हैं, क्योंकि उन्होंने केरल में इसका प्रयोग किया? अभी जिस संगठन ने कुछ किया ही नहीं, उसका कोई कामकाज सामने आया ही नहीं, उस पर मुस्लिम घृणा का आरोप कैसे कोई लगा सकता है? उसे कैसे कोई नकार सकता है। इस लेख का सीधा मकसद है – हिन्दू एकता का मजाक बनाना और उसे घृणावादी साबित करना।

हिन्दू इकोसिस्टम पर Scroll का प्रोपेगंडा: क्या कहते हैं कपिल मिश्रा?

हमने इन आरोपों के सम्बन्ध में कपिल मिश्रा से भी बातचीत की, जिन्होंने हमें बताया कि वामपंथी तीस्ता सीतलवाड़ भी इसके खिलाफ अभियान चला रही हैं। उन्होंने हस्ताक्षर अभियान से लेकर इसके खिलाफ पत्र लिखने तक, सब किया है। ठीक इसी तरह, अब ‘Scroll’ इसके विरोध कर रहा है और शेखर गुप्ता ने भी ‘द प्रिंट’ की पूरी टीम को इसके पीछे लगा दिया है। कपिल मिश्रा कहते हैं कि विरोध की एक ही वजह है और वो है ‘हिन्दू’ शब्द।

हिन्दू इकोसिस्टम में ‘हिन्दू’ शब्द होने से ही वो सभी चिढ़े हुए हैं और इसे नकारात्मक रूप में पेश कर रहे हैं। दिल्ली के पूर्व मंत्री ने बताया कि ये एक छोटी सी शुरुआत है, जो लोगों को एक प्लेटफॉर्म पर आने और एक-दूसरे की मदद और सेवा करने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। उन्होंने कहा कि अगर किसी भी चीज में ‘हिन्दू’ आ जाए, तो ये चिढ़ जाते हैं। उन्होंने पूछा कि अभी इसकी कोई एक्टिविटी भी नहीं हुई है, सिर्फ सदस्य बने हैं, तभी इतना हंगामा किया जा रहा है।

उन्होंने याद दिलाया कि Scroll या फिर तीस्ता सीतलवाड़ जैसे लोग इस तरह का रिएक्शन तो आतंकी संगठनों के खिलाफ भी नहीं देते, जैसा वो हिन्दू इकोसिस्टम का विरोध करते हुए दे रहे हैं। उन्होंने पूछा कि जब इन्हें पता ही नहीं है कि ये संगठन करेगा क्या, फिर ये विरोध क्यों कर रहे हैं? सिर्फ ‘हिन्दू’ शब्द की वजह से? उन्होंने बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य होगा सेवा, ऑफलाइन या ऑनलाइन सनातनियों को जोड़ना।

कपिल मिश्रा ने ऑपइंडिया से कहा कि ये एक नेटवर्क बनाया जा रहा है, जिसमें लोग एक-दूसरे की मदद करेंगे। उन्होंने कहा कि हर क्षेत्र में देश में हजारों संगठन चल रहे हैं, जिला-प्रखंड-ग्राम स्तर तक पर अलग-अलग संगठन चल रहे हैं, ऐसे में इसकी RSS से तुलना करना गलत होगा। उन्होंने कहा कि RSS के काम करने का स्तर, उनका इतिहास और उनकी कार्यप्रणाली- सब अलग हैं।

कपिल मिश्रा ने समझाया कि हिन्दू इकोसिस्टम को एक टीम की तरह लिया जा सकता है, इसे एक शुरुआत की तरह ले सकते हैं। जिस तरह से हर जिले-राज्य में टीमें होती हैं, उसी तरह से ये भी है। उन्होंने कहा कि RSS से इसकी तुलना बेमानी है और ऐसा होना ही नहीं चाहिए। साथ ही कहा कि इस टीम की पूरी सक्रियता के बारे में धीरे-धीरे पता चल जाएगा, अभी तो बस सदस्यों के फॉर्म ही भरे गए हैं।

कपिल मिश्रा का सिर काटने पर 1 लाख रूपए का ऐलान : अजहरुद्दीन अंसारी

क्या दिल्ली मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल अपने पूर्व मंत्री और वर्तमान में भाजपा नेता कपिल मिश्रा को आयी धमकी को गंभीरता से लेंगे? दिल्ली में किसी न किसी कारण शांतिदूत हिन्दुओं की हत्या कर रहे हैं, नागरिकता संशोधक कानून की आड़ में हिन्दू विरोधी दंगे, हिन्दू और हिन्दुत्व के विरुद्ध नारेबाजी आदि आदि होने पर भी चुप्पी साधे रहना उनकी निष्ठा पर प्रश्नचिन्ह लगाता है। नाराजगी केन्द्र में मोदी सरकार से थी, हिन्दू और हिन्दुत्व को अपमानित करना किसी षड़यंत्र का स्पष्ट प्रमाण है। 

क्या भाजपा विरोधियों के शांतिदूत फ़्रांस की आग भारत में लगाएंगे?  
भाजपा नेता कपिल मिश्रा को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक के जरिए जान से मार डालने की धमकी दी गई है। अजहरुद्दीन नामक व्यक्ति ने उनके एक फेसबुक पोस्ट पर टिप्पणी की है कि जो भी कपिल मिश्रा का सिर काट कर ले आएगा, उसे वो 1 लाख रुपए का इनाम देगा। साथ ही उसने कपिल मिश्रा के लिए गाली का भी प्रयोग किया। दिल्ली के पूर्व मंत्री ने ट्विटर पर अजहरुद्दीन की टिप्पणी का स्क्रीनशॉट डाल कर उसकी पोल खोली।

साथ ही उन्होंने धमकी देने वाले अजहरुद्दीन के फेसबुक प्रोफाइल का लिंक और उसकी तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, “ये कमेंट मेरे फेसबुक पर किया गया हैं। मेरा सिर काटने पर एक लाख का ईनाम घोषित करने वाला ये आदमी दिल्ली में ही रहता है।” अजहरुद्दीन अपने फेसबुक टाइमलाइन पर भी अक्सर भाजपा विरोधी पोस्ट डालता रहता है। अजहरुद्दीन अंसारी ने अपना निवास स्थान दिल्ली ही डाल रखा है।

कपिल मिश्रा द्वारा उसकी करतूतों को शेयर किए जाने के बाद गुस्साए लोगों ने पुलिस से उसके खिलाफ कार्रवाई की माँग की। कई लोगों ने अजहरुद्दीन की तस्वीर शेयर कर दिल्ली पुलिस को टैग किया और उसकी गिरफ़्तारी की माँग की। लोगों ने याद दिलाया कि आजकल फ्रांस में जो कुछ भी हो रहा है, उसे देखते हुए ऐसे तत्वों पर कड़ी कार्रवाई की ज़रूरत है क्योंकि ये कुछ भी कर सकते हैं। कई लोगों ने कपिल मिश्रा के प्रति समर्थन जताया।

कपिल मिश्रा ने सोशल मीडिया पर फ्रांस का समर्थन किया और हो रही आतंकी घटनाओं की निंदा की थी। साथ ही राजस्थान में जब पुजारी की हत्या हुई थी तो उन्होंने धन इकट्ठा कर के पीड़ित परिवार की मदद की थी। वो दिल्ली के आदर्श नगर में मार डाले गए राहुल राजपूत के भी परिजनों से मिले थे। इन कारणों से वो हमेशा से इस्लामी कट्टरवादियों की आलोचना का शिकार बनते रहे हैं। उन्होंने दिल्ली दंगे के पीड़ितों के लिए भी डोनेशन अभियान चलाया था। 

हुसैन की बीवी को AAP देगी टिकट : अमानतुल्ला के ट्वीट पर कपिल मिश्रा

ताहिर बीवी AAP टिकट अमानतुल्ला
भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने एक ट्वीट में दावा किया है कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की सत्ता पर काबिज आम आदमी पार्टी (AAP) दिल्ली दंगों के मुख्य आरोपित और पूर्व AAP पार्षद ताहिर हुसैन की पत्नी को टिकट देगी। ज्ञात हो कि ताहिर हुसैन वर्तमान में पूर्वोत्तर दिल्ली में हुए हिन्दू-विरोधी दंगों के मामले में जेल में बंद है।
कपिल मिश्रा ने यह ट्वीट आम आदमी पार्टी नेता अमनातुल्ला खान के ट्वीट के बाद किया है, जिसमें उन्होंने ताहिर हुसैन के परिवार वालों की दुर्गति बयान की है। AAP विधायक अमानतुल्लाह खान ने दिल्ली के उप राज्यपाल से गुजारिश की है कि वह ताहिर हुसैन के परिवार को सुरक्षा दें। उन्होंने ट्वीट करके यह बात कही है।
अमानतुल्ला विधायक होने के नाते मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल से यह क्यों नहीं पूछते कि हमारे जिस पार्षद ताहिर हुसैन ने साम्प्रदायिक दंगे करवाए, उसके विरुद्ध देशद्रोह का मुकदमा चलाने की इजाजत क्यों नहीं दी जा रही? आखिर वोट तो हिन्दू ने भी दिया था? ये वही अमानतुल्ला है जिसने संविधान की शपथ लेने के बावजूद विदेशी रोहिंग्यों के आधार, राशन कार्ड और वोटर पहचान-पात्र बनवाए। फिर कहते हैं "हम संविधान के रक्षक हैं।" जनता से कितना बड़ा फरेब? अख़लाक़ के लिए तो बहुत दर्द हो रहा था, लेकिन विकासपुरी में डॉ नारंग और दिल्ली में बेगुनाह हिन्दुओं की हत्याओं कहाँ गया दर्द? आखिर इस सांप्रदायिक सियासत का कब जनाजा निकालोगे? इस नफरतभरी फिरकापरस्त सियासत पर कपिल मिश्रा का पुराना वीडियो आज भी सही साबित हो रहा है, जिसे आम आदमी पार्टी ही सही सिद्ध कर रही है, देखिए:-
‘दुर्दशा में ताहिर का परिवार, मिले प्रोटेक्शन’ – अमानतुल्ला
अगस्त 26, 2020 को AAP नेता अमनातुल्ला खान ने एक ट्वीट में लिखा, “ताहिर हुसैन के बच्चे आज मुझसे मिले और रोते हुए मुझसे कहा कि हमारा क्या क़ुसूर है? डर की वजह से आज हम अपने ही घर में नहीं रह पा रहे हैं, अकाउंट सीज़ होने की वजह से स्कूल की फ़ीस तक नहीं दे पा रहे। राज्यपाल साहब से मेरी गुज़ारिश है कि ताहिर हुसैन की फैमिली को प्रोटेक्शन दी जाए।”
आज ताहिर हुसैन के परिवार की चिंता करने वाले आम आदमी पार्टी नेता उस समय कहाँ थे, जब ये ही ताहिर बेकसूर हिन्दुओं के घर जलवा रहा था, उन पर पेट्रोल बम फेंकवा रहा था? इस दंगे में जिन हिन्दू परिवारों की कमाई का साधन समाप्त हो गया इन दंगाइयों का साथ देने वालों को क्या उनकी चिंता नहीं? उनकी कौन सुध लेगा, हिन्दुओं पर हमला करते या करवाते समय ताहिर या उसके समर्थकों को सोंचना चाहिए था कि पकडे जाने पर परिवार का क्या होगा? जब हिन्दुओं को मार कर नालों में फेंका जा रहा था, तब नहीं सोंचा किसी ने? जब संविधान की शपथ लेने वाला संविधान का ही अपमान कर हिन्दू विरोधी दंगे करवा रहा था, तब नहीं सोंचा किसी ने? ये Victim Card  खेलना बंद करो। अगर उपराज्यपाल या केंद्र सरकार ताहिर के बैंक खातों से सील हटाती है, तो यह हिन्दुओं पर घोर अत्याचार होगा। कई बार यह भी अहसास होता है की "1947 में भारत विभाजित करवाने वाली मुस्लिम लीग कहीं आम आदमी पार्टी के रूप में तो नहीं आ गयी?"





इसकी अगली सुबह एक ट्वीट में भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने लिखा, “आतंकी ताहिर हुसैन की बीवी को टिकट देगी AAP, जेल में ताहिर हुसैन को मिलेगी VVIP सुविधाएँ। देशद्रोह का केस चलाने की अनुमति नहीं देगी केजरीवाल सरकार। अंकित शर्मा के हत्यारे के परिवार से मिला अमानतुल्ला खान।”



Remove Zafarul-Islam Khan from post: Kapil Mishra tells Kejriwal ...
भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने ट्वीट के साथ Kreately.in पर प्रकाशित एक खबर का लिंक भी शेयर किया है। इस खबर के अनुसार, दिल्ली की तिहाड़ और मंडोली जेल में ताहिर हुसैन को वीवीआईपी सुविधाएँ देने की तैयारी चल रही है। इसमें कथित तौर पर बताया गया है कि दिल्ली में हुए हिन्दू-विरोधी दंगे और IB कर्मचारी अंकित शर्मा की हत्या के दौरान ताहिर हुसैन लगातार अमानतुल्ला खान और संजय सिंह के संपर्क में था।
Kreately.in की इस रिपोर्ट के अनुसार, “अब केजरीवाल कुछ भी करके ताहिर हुसैन की चुप्पी खरीदना चाहता हैं। इसी मकसद से केजरीवाल का खास दूत अमानतुल्ला खान ताहिर हुसैन के परिवार से मिला। चर्चा है कि केजरीवाल ने ताहिर हुसैन की चुप्पी के बदले उसकी बीवी को चुनाव में टिकट देने का संदेश भिजवाया है। साथ ही ये भी कहा है कि केजरीवाल सरकार ताहिर हुसैन पर देशद्रोह का मुकदमा चलाने की अनुमति नहीं देगी। दिल्ली की तिहाड़ और मंडोली जेल में ताहिर हुसैन को VVIP सुविधाएँ देने की भी तैयारी की जा रही है। ताहिर हुसैन के खिलाफ IB अफसर अंकित शर्मा की हत्या, सैकड़ो हिंदुओं की हत्या की साजिश, बम, गोली और एसिड से दुकानें, घर और हिंदुओं को जलाने व मारने के सबूत हैं और चार्ज शीट दायर हो चुकी है।”
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