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प्रतीकात्मक |
लेकिन भारत में कुर्सी की खातिर विपक्ष दुश्मन से हाथ मिलाने को तैयार रहता हैं। रूस में जिस तरह पुलिस पर हमला करने वाले को 72 हूरों के पास भेजा है, काश भारत में हुआ होता, सारे तुष्टिकरण पुजारी, छद्दम धर्म-निरपेक्ष, सेक्युलरिस्ट, #intolerance, #not in my name, #mob lynching, #award vapsi और गंगा-जमुनी तहजीब राग अलापते अराजकता फ़ैलाने सडकों पर उतरकर उन पुलिसकर्मियों के विरुद्ध हंगामा कर रहे होते। परन्तु वहां कोई नहीं बोला।
पैगंबर मोहम्मद के कार्टून को लेकर फ्रांस से उठा विवाद अब पूरे विश्व तक फैलता दिखाई दे रहा है। अब रूस से एक खौफनाक घटना सामने आई है। यहाँ 16 साल के लड़के ने ‘अल्लाह-हू-अकबर’ चिल्लाते हुए पुलिस वाले पर चाकू से हमला कर दिया। इस घटना के बाद अन्य पुलिसकर्मियों ने आरोपित पर गोली चलाई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
स्थानीय मीडिया के अनुसार 16 साल के युवक ने 3 बार पुलिसकर्मी पर चाकू से वार किए। इस घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। हमलावर का नाम विटले अंतीपोव था।
The latest What the Fatah!! https://t.co/eJnKChdPp5 Thanks to @ExmuslimsOrg
— Tarek Fatah (@TarekFatah) October 30, 2020
इस्लाम ख़तरे में हैं ? या इस्लाम से ‘ख़तरा’ हैं ? देखिए मेरे साथ 11 बजे @ABPNews पर pic.twitter.com/39iS1eZhdS
— Vikas Bhadauria (ABP News) (@vikasbha) October 30, 2020
Shame on these Indian Muslims of Bhopal. Celebrating the beheadings in France. https://t.co/tIONvY27gq
— Tarek Fatah (@TarekFatah) October 30, 2020
तो सारे मुस्लिम मुल्क फ़्रांस के ख़िलाफ़ आ खड़े हुए हैं.. मुसलमानों की मुफ़लिसी पर एक नहीं हुए कभी। कट्टरपंथ, आतंकवाद के ख़िलाफ़ एक नहीं हुए। क़ौम को पढ़ाने- लिखाने के नाम पर साथ नहीं आए।
— Rubika Liyaquat (@RubikaLiyaquat) October 30, 2020
इस्लाम को बदनाम करने वालों के बचाव में सब एक हो गए। इससे बड़ा अपमान क्या हो सकता है? हद है
दो दिन सड़क पर प्रदर्शन और फिर आ गए गला काटने और आतंकी हमले पर। इसे कहते हैं बैक टू द रूट्स। और फिर पूछते हैं कि दुनिया में 'इस्लामोफोबिया' क्यों है। गजबे है।#FranceTerrorAttack
— Sushant Sinha (@SushantBSinha) October 29, 2020
भारत फ़्रान्स के साथ खड़ा है और मुंबई के भिंडी बाज़ार में फ़्रान्स के राष्ट्रपति के पोस्टर सड़क पर चिपका कर उनका अपमान किया जा रहा है ...!! pic.twitter.com/KIq4ono0rC
— Manak Gupta (@manakgupta) October 29, 2020
Looks like Twitter as a company will declare its allegiance in coming days. For there are just two options.
— Tejasvi Surya (@Tejasvi_Surya) October 29, 2020
Right Vs L̶e̶f̶t̶ Wrong.
Make your choice wisely @jack. We are watching. https://t.co/QxNF1GPWME
रूसी समाचार एजेंसी Interfax के मुताबिक नाबालिग हमलावर चाकू और पेट्रोल बम से लैस था। पुलिसवालों को मारने की नियत से उसने पीछे से उन पर तीन बार ‘अल्लाह-हू-अकबर’ बोलते हुए उन पर वार किया। इस दौरान लड़के ने पुलिसवालों को ‘काफिर’ भी कहा था। घटना रूस के तातारस्तान (Tatarstan) के कुकमोर (Kukmor) क्षेत्र का है।
रूस के इस इलाके में सबसे अधिक मुस्लिम जनसंख्या रहती है। फ्रांस के खिलाफ यहाँ भी लोगों ने काफी उग्र प्रदर्शन किया था। वहीं घटना पर संज्ञान लेते हुए रूस की जाँच एजेंसी ने इस घटना को आतंकवादी हमला करार दिया है। साथ ही मामले में जुड़े अन्य लोगों की तलाश भी की जा रही है।
जाँचकर्ताओं ने कहा कि 16 साल के युवक ने जिला पुलिस भवन में आग लगाने की कोशिश की थी। वहीं गिरफ्तार होने के दौरान उसने पुलिस अधिकारी को चाकू मार दिया। हमला करते वक़्त युवक ने- “मैं आप सभी को मारने जा रहा हूँ” चिल्लाया था। घायल पुलिसवाले को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
फ्रांस में कुछ दिनों पहले एक शिक्षक का गला काट दिया गया था। शिक्षक की ‘गलती’ सिर्फ इतनी कि उन्होंने पैगंबर मोहम्मद का कार्टून क्लास के बच्चों को दिखाया था।घटना से गुस्साए लोगों ने इसका जमकर विरोध किया, धीरे-धीरे पूरे विश्व में इसकी चर्चा होने लगती है। लोगों में बढ़ती नाराजगी को देखते हुए फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों इस्लामी कट्टरपंथियों के आगे नहीं झुकने का कठोर संदेश देते हैं।
राष्ट्रपति मैक्रों का यह संदेश इस्लामी कट्टरपंथी लोगों को चुभ जाता है जगह-जगह विरोध होने लगते हैं। फिर यह हिंसा का रूप धर लेती है। कहीं ‘अल्लाह हू अकबर’ चिल्लाते हुए लोगों का गला काटा जाता है तो कहीं ‘अल्लाह हू अकबर’ चिल्लाती भीड़ जमा होती है। और फिर कोई पैदल चल रहे राहगीरों पर कार चढ़ा देता है। इस विरोध में कई बेगुनाह लोग अब शिकार हो रहे है।
जर्मनी में प्रदर्शनकारियों ने राहगीरों को रौंदा
आज की घटना से पहले 29 अक्टूबर, 2020 यानी कल जर्मनी के केंपेन शहर में कार से पैदल चल रहे लोगों को कुचला जाता है, उसके ठीक पहले बर्लिन में इस्लामी कट्टरपंथियों की भीड़ जमा होती है जो ‘अल्लाह-हू-अकबर’ चिल्ला रही होती है और फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों का विरोध कर रही होती है। केंपेन में कार से पैदल यात्रियों के रौंदे जाने की घटना में एक की मौत हो गई है जबकि 3 बुरी तरह घायल हैं। स्थानीय पुलिस अभी जाँच कर रही है कि क्या यह भी किसी आतंकी का कारनामा है या सिर्फ एक दुर्घटना।
नीस में इस्लामिक नारा लगाते हत्या की
फ्रांस के नीस शहर में आतंकी घटना में एक व्यक्ति ने अल्लाह-हू-अकबर बोलते हुए कई लोगों पर धारदार हथियार से हमला किया। इस घटना में 3 लोगों की जान गई और कई घायल हैं। मरने वालों में एक महिला भी शामिल है, जिनका गला काट दिया गया है।
जेद्दाह में सुरक्षाकर्मी पर हमला
एक और कट्टरपंथी प्रयास सऊदी अरब के जेद्दाह शहर में हुआ था। जहाँ सऊदी अरब के फ्रांसीसी दूतावास में तैनात सुरक्षाकर्मी पर धारदार हथियार से हमला किया गया। जानकारी के अनुसार घटना घटित होने के कुछ ही समय बाद आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया था। यह घटना भी फ्रांस के नीस शहर स्थित एक चर्च में तीन लोगों की गला काट कर हत्या करने के कुछ घंटों बाद हुई थी।
फ्रांस में आतंकी हमले को लेकर सोशल मीडिया पर लोग मुस्लिम कट्टरपंथियों के प्रति नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। आप भी देखिए…
... And in 1994, India had given its prestigious award to this venomous Anti India, Muslim fundamentalists fellow (who, at age of 95, want to kills millions French) the Pt Nehru Award for International Understanding for the promotion of "goodwill & friendship among world.." pic.twitter.com/eopWGLOjjP
— Vijaya Rahatkar (@VijayaRahatkar) October 30, 2020
देश के दुश्मनों से कोंग्रेस के नेहरू खानदान को विशेष लगाव रहता है।पाकिस्तान और अब चीन का मोह भी सामने आ गया। तुर्की में कोंग्रेस ने ऑफिस खोला ,किस लिए?चीन की सत्ताधारी पार्टी से गुप्त समझौता किया क्या व किस लिए ?ये महातिर भी भारत के खिलाफ बयानबाजी कर चुका है ऐसे को अवार्ड दिया था
— Sudan72 (@Sudan72) October 30, 2020
किसी को गर्दन से ज़बा करके दो टुकड़े कर देने की बात पर ज़रा भीड़ की खुशी सुनिए।
— Sushant Sinha (@SushantBSinha) October 17, 2020
pic.twitter.com/ajuEVb9Kl4
सबसे सोचनीय बात ये है कि इन मुस्लिम ब्रदरहुड वालो ने चीन के खिलाफ कभी कुछ नही बोला जबकि चीन कितनी अमानवीयता से वहां के मुसलमानों को कुचल ही नही रहा है बल्कि कुरान तक पर पाबंदी लगा चुका है। वह इनका इस्लाम कहा होता है ?
— Sudan72 (@Sudan72) October 30, 2020
क्या इस्लामिक आतंकवाद के मुद्दे पर दुनिया दो ध्रुवों में बंटती जा रही है? इस्लामिक कट्टरवादियों पर कार्रवाई के खिलाफ जहां मुस्लिम देशों में प्रदर्शन हो रहे हैं वहीं कई शक्तिशाली देश धीरे-धीरे फ्रांस के फेवर में लामबंद हो रहे हैं.#FRANCE https://t.co/lG3rqvUFXX
— Zee News (@ZeeNews) October 30, 2020
सबका मालिक एक हो या ना हो
— yogi devnath (@YogiDevnath2) October 29, 2020
पर सब का कातिल एक जरूर है और वो शांति दूत है pic.twitter.com/Ss9ujTHn6H
देश में 5 करोड़ रोहिंग्या-बांग्लादेशी रहते हैं
— Ashwini Upadhyay (@AshwiniBJP) October 30, 2020
घुसपैठिए जनसंख्या विस्फोट भी कर रहे हैं
घुसपैठियों की 100% संपत्ति जब्त करने और आजीवन कारावास देने के लिए कानून बना दिया जाए तो 80% घुसपैठिये स्वतः भाग जाएंगे#घुसपैठ_नियंत्रण_कानून बनाने से किसने रोका है?@narendramodi @AmitShah
This is a result of following SICKularism in the name of secularism since Independence. This is what Shaheen Bagh model stood for. https://t.co/dtNPBcP3nr
— Pradeep Bhandari(प्रदीप भंडारी) (@pradip103) October 30, 2020
This is a result of following SICKularism in the name of secularism since Independence. This is what Shaheen Bagh model stood for. https://t.co/dtNPBcP3nr
— Pradeep Bhandari(प्रदीप भंडारी) (@pradip103) October 30, 2020
परिवार "रिफ्यूजी कैम्प" में रहता है बाप सुबह होते ही "डबल रोटी" की लाइन में लगता है और बेटा फ्रांस के साथ बॉयकाट बॉयकाट खेल रहा है....!!😂😂😂😂😂
— Amar Nath Tiwari (@AmarNath119) October 30, 2020
भारत का बंटवारा हिन्दूओं की लाश पर हुआ था।
— Swami Prakashanand Maharaj (@SwamiPrakashan7) October 30, 2020
अब क्या भारत का विकास फिर हिन्दूओं की लाश पर होगा।
पुछता है हिन्दू राष्ट्रभक्त।
https://t.co/Nzr5ECD8hH
— Raju_bihari (@RajuRan59737904) October 30, 2020
Is video ke comment section me ek muslaman bhai dhamki de raha hai marne ka. Support the hindu.🙏🙏🙏. Support kare hindu bhaiyon ko🙏🙏🙏🙏🙏🙏😠😠😠😠😠😠
Don't forget Sweden or Norway and now France.this bloody humanitarian fakes faces put every country in danger.... #FranceTerrorAttack #FranceBeheading#FranceUnderAttack pic.twitter.com/CUYGa25HX0
— SMS Bharat (@bharat_sms) October 30, 2020
#Islam is one of the most violent and intolerant religion of the world and biggest threat to the humanity. Today we need to stand firmly against it otherwise it will spread like cancer and will destroy everything. France is another example of it. #FranceTerrorAttack pic.twitter.com/4ylsRfEmae
— Aditi Singh (@imaadi07) October 30, 2020
Israel, a small country, Whose 57 countries could not uproot together
— Jeevant Patel Mahindra 🇮🇳🇮🇱 (@RpatelPatel1) October 30, 2020
They have gone to boycott France 😏#IStandWithFrance
#Terrorism has no place in the modern world#France #FranceTerrorAttack pic.twitter.com/A7y25MVePk
— IoannaDementiEU (@IoannaDementi) October 29, 2020
#NiceTerrorAttack
— aBhi Sharma 🌈 (@Vicodin_500) October 30, 2020
There is nothing new in #NTA in France, we Indian used to it and world treated it as matter of law & order.
Time has come for europe and america to acknowledge these terror attack outside their territory too and lent support like we Indian did in this attack. pic.twitter.com/oyRN34M0bi
आखिर महातिर मोहम्मद से अवॉर्ड वापस क्यों नहीं लिया जा रहा है?
कांग्रेस ने मलयेशिया के जिस पूर्व प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद को जवाहर लाल नेहरू सम्मान दिया, वो खुलेआम कत्लेआम का समर्थन करता है। जम्मू-कश्मीर को लेकर भारत का विरोध करता है। फ्रांस में नीस हमले के बाद महातिर मोहम्मद ने बेहद भड़काऊ बयान देते हुए जमकर जहर उगला है। महातिर ने एक के बाद एक कुल 14 ट्वीट करते हुए लिखा है कि फ्रांस ने मुसलमानों पर जो अत्याचार किए, इसके लिए मुस्लिमों को पूरा अधिकार है कि वो लाखों-लाख फ्रांसीसियों को मौत के घाट उतारें। उन्होंने लिखा है कि मुस्लिमों को आक्रोशित होने का अधिकार है। ऐसे में यूजर्स सोशल मीडिया पर मांग कर रहे हैं कि आखिर महातिर मोहम्मद से अवॉर्ड वापस क्यों नहीं लिया जा रहा है।
केवल चौबीस घंटों में दो अवार्ड की कहानी सामने आई। महातिर को 1994 में नेहरु सम्मान दिया गया था। अब इनकी भाषा देखिए। वहीं विंग कमांडर अभिनंदन को छोड़ने पर इमरान को नोबेल शांति पुरस्कार की मांग करने वालों को कल के ख़ुलासे से झटका लगा है। pic.twitter.com/u2lA6C6DsM
— Akhilesh Sharma (@akhileshsharma1) October 29, 2020
शर्मा जी आपको NDTV वाले कैसे झेलते होंगे ।।ग़ज़ब आपको देख के सब frustrate होते होंगे सब ।।जैसे मोदी जी ने पाकिस्तान में घुस के मारा वैसे ही आप पाकिस्तान परस्त चैनल में बैठ के इनकी मारते हैं।।दिल से आभार आप जैसे देशभक्तों को 👏👏🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳
— Dr.Vivek Singh (@viveksbsc) October 30, 2020
... And in 1994, India had given its prestigious award to this venomous Anti India, Muslim fundamentalists fellow (who, at age of 95, want to kills millions French) the Pt Nehru Award for International Understanding for the promotion of "goodwill & friendship among world.." pic.twitter.com/eopWGLOjjP
— Vijaya Rahatkar (@VijayaRahatkar) October 30, 2020
Muslims have right to kill French: Malaysia’s former prime minister Mahathir Mohamadhttps://t.co/RpndWWxGnP pic.twitter.com/SYMGKBgEhz
— Hindustan Times (@htTweets) October 30, 2020
Twitter removed former Malaysian PM Mahathir Mohamad’s tweet, for violating its rules banning the glorification of violence, shortly after #NiceTerrorAttack, which left three people dead.https://t.co/ztKl1e5qiG
— Hindustan Times (@htTweets) October 30, 2020
And he was awarded by the then UPA govt for this mindset. Shameful.
— ParmarKuldeep (@Parmarkuldeep95) October 30, 2020
As Muslim , I really don’t support such statement, but whoever they are , if they create hatred among ppl in the name of freeem of speech , should be sentenced and put them behind bar ..
— Zahid (@g4badboy) October 30, 2020
#MahathirMohamad was given "Jawaharlal Nehru Award for International Understanding" by Congress Govt.
— प्रवीण चौहान 🚩 40k (@YamrajFromHell) October 30, 2020
It shows the true colors of Congress.#NiceTerrorAttack pic.twitter.com/mDQFoPaTzk
#MahathirMohamad has certainly lost the plot and is in danger of loosing his carefully cultivated legacy! @akhileshsharma1 we should withdraw the #Nehru award! https://t.co/tRuSCNStr0
— Sanjoy K Roy (@SanjoyRoyTWA) October 29, 2020
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