दिल्ली : कहाँ है mob lynching और intolerance गैंग, अंकित और राहुल की हत्या के बाद अब सुशील की हत्या?

उत्तर प्रदेश के हाथरस की घटना पर हंगामा करने वाले अंकित, राहुल की हत्या पर मुंह में दही जमाए बैठे रहे और अब सुशील की हत्या पर। कहाँ है #mob lynching, intolerance, गंगा-जमुनी तहजीब राग रागने वाला गैंग और इनकी समर्पित पार्टियां एवं मीडिया? क्यों नहीं अरविन्द केजरीवाल के विरुद्ध आवाज़ उठाते? क्या इन पाखंडियों को भाजपा शासित राज्यों में किसी भी घटना को राई का पहाड़ बनाना आता है? 
दिल्ली में एक व्यक्ति की सिर्फ इसीलिए हत्या कर दी गई, क्योंकि उसने तेज़ आवाज़ में बज रहे गाने पर आपत्ति जताई। मंगलवार (अक्टूबर 27, 2020) को हुई इस घटना में 29 साल के सुशील की हत्या कर दी गई और उनके दोनों भाइयों को पीट-पीट कर घायल कर दिया गया। इस मामले में सुशील के ही पड़ोसी अब्दुल सत्तार और उसके 4 बेटों पर हत्या का मामला दर्ज किया गया है। ये घटना महेंद्र पार्क थाना क्षेत्र की है।

अब्दुल सत्तार के घर में काफी तेज़ आवाज़ में डीजे बज रहा था, जिससे आसपास के लोगों को खासी परेशानी हो रही थी। उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के सराय पीपल थाला क्षेत्र में ये घटना मंगलवार को दोपहर में हुई। अब्दुल सत्तार और उसके 4 बेटों सहित 6 लोगों ने सुशील के परिवार पर हमला किया, जिसमें से 4 को गिरफ्तार कर लिया गया है और 2 अभी भी फरार हैं। इन सभी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है।

उस इलाके में पुलिस को तैनात कर दिया गया है क्योंकि मामला दो समुदायों के बीच का होने के कारण आशंका है कि सांप्रदायिक तनाव फ़ैल सकता है। पुलिस का कहना है कि उसे मामले की पूरी जानकारी है और कार्रवाई भी की जा रही है, ऐसे में किसी को भी अफवाहों पर भरोसा करने की ज़रूरत नहीं है। ‘हिन्दुस्तान टाइम्स’ की खबर के अनुसार, एडिशनल डीएसपी विक्रम हरिमोहन मीणा ने कहा कि इस मामले में कोई सांप्रदायिक एंगल नहीं है।

उन्होंने कहा कि ये दो पड़ोसी परिवारों का मामला है, जो तेज़ में गाने बजाने को लेकर लड़ गए। दिल्ली पुलिस ने बताया कि बृहस्पतिवार की दोपहर 3:15 बजे उनके कण्ट्रोल रूम को एक कॉल आई जिसमें बताया गया कि आदर्श नगर मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 4 के पास के इलाके में स्थित एक झोपड़पट्टी में लड़ाई-झगड़ा हो रहा है। वहाँ पहुँची पुलिस ने देखा कि सुशील व उनके दोनों भाइयों पर अब्दुल सत्तार व उसके परिवार के 6 लोगों ने हथियारों से हमला किया गया था।

तुरंत ही घायलों को बाबू जगजीवन राम मेमोरियल अस्पताल में भर्ती कराया गया। सुशील की मौत हो गई। उनके दोनों भाइयों सुनील और अनिल का बयान दर्ज किया गया है। उन्हें इलाज के लिए सफदरगंज अस्पताल रेफर किया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि इन तीनों पर चाकुओं से हमला किया गया था। पीड़ित परिवार का कहना है कि आरोपित पहले से हत्या की ताक में थे, तेज़ आवाज़ में गाने बजाना तो एक बहाना था।

PTI की खबर के अनुसार, अब्दुल सत्तार आज़ादपुर मंडी में लहसुन का व्यापार करता है। उसके चारों बेटे का नाम शाहनवाज, आफ्ताक, चाँद और हसीं है। इस घटना में अब्दुल की पत्नी शाहजहाँ को भी चोट आई है। हालाँकि, सुशील के बारे में पुलिस ने बताया है कि उस पर पहले शराब की तस्करी का आपराधिक मामला दर्ज था। सुशील की पत्नी और एक बेटा है। शाहनवाज और आफ्ताक को गिरफ्तार कर लिया गया है। अनिल की हालत अभी भी गंभीर है।

आदर्श नगर इलाके में ही हुई थी राहुल की हत्या

ज्ञात हो कि दिल्ली के आदर्श नगर में ही कुछ दिनों पहले राहुल राजपूत की हत्या कर दी गई थी। 19 वर्षीय राहुल राजपूत दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) के स्कूल ऑफ ओपन लर्निग (SOS) से बीए अंग्रेजी ऑनर्स की पढ़ाई कर रहा था। उसकी लड़की दोस्त ने बताया था कि वो कहती रही कि राहुल की तबियत खराब है, उसे मत मारो – लेकिन उसके भाई मुहम्मद और अफरोज उसे पीटते रहे। पिटाई के समय राहुल को किशोरी बचाने की कोशिश कर रही थी। 

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