‘J&K को वापस आतंक के काल में ले जाना चाहता है गुपकार गैंग, सोनिया-राहुल साफ करें स्टैंड’: अमित शाह

जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 के रहते वहां किस स्तर पर महिला अधिकारों का हनन किया जा रहा था, किसी से छुपा नहीं, यानि वहां की महिला का राज्य से बाहर किसी पुरुष से विवाह होने पर पिता की संपत्ति आदि से बेदखल हो जाती थी, लेकिन अनुच्छेद 370 समाप्त होने से राज्य से बाहर विवाहित महिलाओं को खोया अधिकार मिलने से वहां जनहित के नाम से गुमराह कर रही स्थानीय पार्टियां पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी और नेशनल कांफ्रेंस की नींद होने से इतने हताश हो गए हैं कि आज जनहित की बजाए अपने हित की खातिर एकजुट हो रहे हैं। 

सोशल मीडिया पर यूजर्स पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) और नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) को फटकार लगा रहे हैं। यूजर्स का कहना है कि जम्मू-कश्मीर में पिछली बार बीडीओ चुनावों में अलगाव और शर्मिंदगी का सामना करने बाद पीडीपी और नेशनल कॉन्फ्रेंस को डीडीसी चुनाव लड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा है। वे अपने समर्थन आधार और विशेषाधिकार को खोना नहीं चाहते हैं इसलिए हताशा में बहिष्कार ना कर चुनाव लड़ने जा रहे हैं।

इसके पहले पीडीपी चीफ महबूबा मुफ्ती की अगुवाई में बने जम्मू-कश्मीर के गुपकार गुट को लेकर गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को बड़ा हमला बोला। अमित शाह ने गुपकार गुट को ‘गुपकार गैंग’ करार देते हुए ट्वीट कर कहा कि गुपकार गैंग ग्लोबल हो रहा है। वे चाहते हैं कि विदेशी ताकतें जम्मू-कश्मीर में दखल करें। गुपकार गैंग भारत के तिरंगे का अपमान करता है। क्या सोनिया जी और राहुल जी गुपकार गैंग के ऐसे कदमों का समर्थन करते हैं? उन्हें देश की जनता के सामने अपना स्‍टैंड साफ करना चाहिए। अमित शाह के ट्वीट पर उमर अब्दुल्ला ने कहा कि वे इस बार चुनाव का बहिष्कार करने नहीं जा रहे हैं। फिर क्या था सोशल मीडिया पर यूजर्स उन्हें निशाना बनाने लगे।

जम्मू कश्मीर में स्थानीय पार्टियों ने साथ मिल कर ‘गुपकार गठबंधन’ बनाया है और कॉन्ग्रेस भी उसके साथ जुड़ी है। अब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस गठबंधन पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर हमेशा से भारत का अभिन्न हिस्सा रहा है, जो अभी भी है और भविष्य में भी रहेगा। अमित शाह ने इसे गैंग बताते हुए कहा कि जनता इस ‘अपवित्र गठबंधन’ को बर्दाश्त नहीं करेगी, जो देश के हितों के खिलाफ काम करने में लगा हुआ है।

अमित शाह ने ट्विटर पर 3 ट्वीट्स कर के इस गठबंधन को आड़े हाथों लिया। उन्होंने लिखा कि या तो ‘गुपकार गैंग’ देश के मूड के हिसाब से चले, या फिर जनता इसकी नैया डुबो देगी। उन्होंने कॉन्ग्रेस और गुपकार गठबंधन पर आरोप लगाया कि वो जम्मू कश्मीर को उस काल में वापस लेकर जाना चाहते हैं, जब वहाँ सिर्फ आतंक और उथल-पुथल का साम्राज्य हुआ करता था। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने अनुच्छेद-370 के प्रावधानों को निरस्त कर दलितों, महिलाओं और आदिवासियों को अधिकार दिए हैं, उन्हें ये वापस छीनना चाहते हैं।

अमित शाह ने कहा कि यही कारण है, जिससे गुपकार गठबंधन और कॉन्ग्रेस को देश में हर जगह जनता द्वारा नकारा जा रहा है। उन्होंने लिखा कि अब ‘गुपकार गैंग’ वैश्विक हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि ये लोग चाहते हैं कि विदेशी ताकतें भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करें। उन्होंने ‘गुपकार गैंग’ पर भारत के राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे के अपमान का भी आरोप लगाया। शाह ने कॉन्ग्रेस की सोनिया गाँधी और उनके बेटे राहुल गाँधी से पूछा कि क्या वो इन चीजों का समर्थन करते हैं?

उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस की वर्तमान अध्यक्ष सोनिया गाँधी और पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी को अब इस मामले में अपना स्टैंड साफ़ कर देना चाहिए। एक अन्य केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने भी सोनिया-राहुल से पूछा था कि वो अनुच्छेद-370 पर फ़ारूक़ अब्दुल्लाह के साथ हैं या विरोध में? जम्मू कश्मीर में होने वाले पंचायती चुनाव में कॉन्ग्रेस द्वारा गुपकार के साथ हाथ मिलाने पर उन्होंने कहा कि ये लोग चीन से समर्थन माँग रहे हैं, क्या कॉन्ग्रेस इसके पक्ष में है?

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि जो लोग ये चाहते हैं कि अनुच्छेद-370 वापस आ जाए, वो यहाँ भ्रष्टाचार को जारी रहते देखना चाहते हैं। उन्होंने याद दिलाया कि कैसे पहले जम्मू कश्मीर की कोई ‘मुस्लिम बेटी’ राज्य से बाहर शादी करती थी तो उसे संपत्ति के अधिकार से बाहर कर दिया जाता था, जिसे मोदी सरकार ने बदला। उन्होंने आरोप लगाया कि अब फिर से जम्मू कश्मीर को संकीर्ण मानसिकता की तरफ ढकेलने का प्रयास हो रहा है।

इससे पहले भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने अनुच्छेद-370 को निरस्त किए जाने के फैसले के बारे में पूछा था कि ये निर्णय किसका है? साथ ही जवाब देते हुए कहा था कि ये पूरे देश का निर्णय है, क्योंकि भारत का कोई भी कानून लोकतंत्र के सर्वोच्च मंदिर संसद भवन में विचार-विमर्श के बाद ही बनता है। उन्होंने कहा था, ‘मै राहुल गाँधी और सोनिया जी से पूछता हूँ कि इस गठबंधन की एक पार्टी चीन के साथ अनुच्छेद 370 को वापस लाने की बात कहती है, वहीं महबूबा मुफ्ती तिरंगा नहीं उठाना चाहतीं।

जम्मू काश्मीर में "रोशनी विधेयक" रद्द!


खेल देखिये, हिन्दुओं, कैसे अब्दुल  ने पड़ोसी हिन्दू को मार-भगाकर उसकी जमीन, मकान पर कब्जा जमा लिया १९९० में!


फिर कब्जाई जमीन उस कथित शांतिदूतों के नाम करने का षड्यंत्र रचा गया!


बिजली कनेक्शन देने की आड़ लेकर, एक "रोशनी एक्ट" बनाया फारुख अब्दुल्ला सरकार ने!


कब्जाई हिन्दूभूमि को मुस्लिम के नाम करने की फीस रखी गई मात्र १०१ रुपए!


१०१ रुपये जमा करने मात्र से राशि जमा करने वाले के नाम वो जमीन का मालिकाना हक "रोशनी एक्ट" के अंतरगत पट्टा जारी कर दिया जाता, और फिर उस पर बिजली कनेक्शन देकर उस हिन्दूभूमि को सदा के लिए मुसलमान के नाम कर दिया गया!


खेल बहुत गहरा खेला गया फारुख अब्दुल्ला द्वारा!


१९९० की कत्ल वाली रात के पस्चात, जो जमीन जिसके कब्जे में थी, उसे "रोशनी एक्ट" द्वारा उसका मालिक बनाने का कानून फारुख अब्दुल्ला ने बनाया!


१९९० के बाद से मुसलमानों के नाम की गई हिन्दूभूमि के कागजात, जो कि "रोशनी एक्ट" द्वारा जारी किए गए थे, उन्हें रद्द किया जाएगा, और उसके असली स्वामी हिन्दू को ढूंढा जाएगा!


जम्मू-काश्मीर में हिन्दुओ के अच्छे दिनों को आरंभ करता हिन्दू प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी!


इंच इंच हिन्दूभूमि पुनः काश्मीरी हिन्दुओं को दिलाने के लिए संघर्ष करता हिन्दूराज


हिन्दू पंडितों को मार-भगाकर काश्मीर में मुस्लिमों द्वारा कब्जा की गई हिन्दूभूमि को मात्र ₹१०१ में मुसलमानों के नाम करने के लिए फारुख अब्दुल्ला के द्वारा बनाये गए "रोशनी एक्ट" को हिन्दू प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रद्द कर दिया है!


साथ ही २००१ में काश्मीर में मुस्लिम नेताओं व उनके रिश्तेदारों के नाम बंदरबांट द्वारा "रोशनी एक्ट" द्वारा कब्जाई हिन्दूभूमि के सारे रिकॉर्ड को भी खंगालने के आदेश जारी किए गए हैं!


भागते हिन्दुओं के बंगले, कोठियां, कारखाने, उद्योग, बाग बगीचे, केशर के बागान मुसलमानों ने कब्जा कर लिए थे!


उन हिन्दूभूमि को आतंकी मुस्लिमों व उनके रिश्तेदारों के नाम करने के लिए "रोशनी एक्ट", जो कि क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति के लिए तैयार किया गया था, उसकी आड़ में बिजली कनेक्शन देने के लिए केवल ₹१०१ में कब्जा जमीनों व बागानों, बंगलों, अन्य हिन्दूभूमि को मुस्लिमों के नाम पर पट्टा जारी कर दिया गया!


काश्मीर को हिन्दुविहीन करने के षड्यंत्र में फारुख अब्दुल्ला व महबूबा मुफ्ती दोनों के पिता की मुख्य भूमिकायें थी!


इन्होंने भी अकूत हिन्दूभूमि अपने व अपने रिश्तेदारों के नाम "रोशनी एक्ट" द्वारा पट्टा जारी करते हुए कब्जाई!


अब हिन्दू  प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के आदेशों से "रोशनी एक्ट" रद्द कर दिया गया है, और १९९० के बाद में जो भी सम्पति मुसलमानों के नाम की गई थी, सब की जांच आऱभ करने का मार्ग खोल दिया है!


हिन्दू   प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इसालमिक आतंकवाद की असली जड़ पर चोट कर दिए हैं!


इसी काश्मीर से "संविधान" की आड़ लेकर, हिन्दुओं के विरुद्ध आधुनिक "गजवा-ए-हिन्द" का षड्यंत्र फारुख अब्दुल्ला और मुफ्ती मोहम्मद सैयद के द्वारा आरंभ किया गया था! जिसको "रोशनी एक्ट" बनाकर, काश्मीर में से हिन्दुविहीन करने का सफल षड्यंत्र रचा! राजनीतिक आतंकवादियों के बूरे दिन आरंभ हुए हैं!


हिन्दुओं, शीघ्रपतन के शिकार हो कर, नरेन्द्र मोदी को मत कोसो!


वो अखण्ड भारत के लक्ष्य को लेकर, चाणक्य नीति के आधार पर, राजधर्म निभा रहे हैं!


मगर कुछ मूर्खों को तो स्वयं के जागरूक नागरिक होने का सार्वजनिक प्रमाण पत्र लेने की इतनी हड़बड़ाहट लगी रहती है, कि देश में कहीं पर भी किसी सेकुलर हिन्दू के साथ कुछ घटना घटित हुई नहीं, कि लग गए मोदी को गालियां देने!


तरह तरह के सुझावों की झड़ी लगा देते हैं, कि मोदी तो विश्वास जीतने में लग गया है, मोदी ने तो हिन्दुओं के लिए क्या किया है?


ऐसे शीघ्रपतन के शिकार अत्यंत बुद्धिजीवी वर्ग के तथाकथित जागरूक हिन्दुओं को कहना चाहता हूँ कि ७२ वर्षों में जितना षड्यंत्र हिन्दुओं के विरुद्ध कांग्रेस के ईसाई व मुस्लिम नेतृत्व ने किया है, उसकी सटीक जानकारी आपको नहीं है!


आप केवल बरसाती मेंढकों की तरह टर्र टर्र करके मोदी-विरोधी गद्दारों के लिए वातावरण बनाने का अनसमझा पाप ही कर रहे हो!


अगर आपको ये लगता है कि मोदी के अच्छे निर्णयों पर कुछ लिखने मात्र से आपके पाप क्षीण हो गए हैं, तो  ये आपकी मूर्खता ही है!


बुद्धिमान व्यक्ति के तमगे लगाए आप लोग असल में जागते हिन्दुओं को पथभ्रष्ट करने का अनदेखा पाप कर रहे हो!


राजनीतिक धर्म युद्ध में कोई निष्पक्ष नहीं होता!


करोड़ों ग़द्दार मोदी के विरोध में हैं, और करोड़ों हिन्दू मोदी के पक्ष में!


अब आप ही तय करिए कि आप किस पक्ष के साथ हो!


आपके व्यवहार से किसे अधिक लाभ होता है? मोदी को या विपक्ष को?


स्वयं आंकलन करिए व अपनी कलम की दिशा धर्मरक्षार्थ गुप्त व दृश्यतामक निर्णय लेने वाले नरेंद्र मोदी के पक्ष में शाब्दिक करे मोदी-विरोधी पृष्ठभूमि के भंवरजाल में फंसे हिन्दुओं को बाहर निकल आने में साक्षी बनें

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