केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली को घेरे बैठे ‘किसानों’ के समर्थन और सेवा में आम आदमी पार्टी (AAP) कोई कसर नहीं छोड़ रही है। जबकि दिल्ली में स्वयं इन बिलों को लागु करने की घोषणा कर चुके हैं, फिर किस आधार पर आंदोलनकारियों का साथ देने सिंधु बॉर्डर गए? आखिर कब तक दिल्ली वालों को पागल बनाते रहोगे? कुछ शर्म है या नहीं। अगर आंदोलन का समर्थन करना था, तो फिर क्यों इसे दिल्ली में लागु किया, अब इसे दोगलापन न कहा जाए, तो क्या कहा जाए? ये है दिल्ली के मुख्यमंत्री की कार्यशैली।
केजरीवाल ने कृषि क़ानूनों को किसान हितैषी बताते हुए 23 नवम्बर 20 को अधिसूचना जारी कर इन्हें लागू कर दिया था, लेकिन अब कहते हैं बिल किसान के ख़िलाफ़ हैं और @AamAadmiParty किसानो के साथ है @ArvindKejriwal ने आज सिंघू बॉर्डर पर इंतज़ामों का जायज़ा इसे कहते हैं बहती गंगा में हाथ धोना pic.twitter.com/WciMfBOoj4
— Vikas Bhadauria (ABP News) (@vikasbha) December 7, 2020
‘Don’t want to be controlled by high command culture from Delhi’: Aam Aadmi Party Goa founder Elvis Gomes quitshttps://t.co/Vppd32KczU
— OpIndia.com (@OpIndia_com) December 5, 2020
अब खुद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अपनी पूरी कैबिनेट के साथ सिंघु बॉर्डर पर किसानों से मिलने पहुँचे थे। दिलचस्प बात यह है दिल्ली के मुख्यमंत्री के घर के बाहर दिल्ली नगर निगम के पार्षद धरने पर बैठे हैं।
इनकी माँग है कि नगर निगमों के 13000 करोड़ रुपए की बकाया राशि चुकाई जाए। लेकिन, मुख्यमंत्री इनसे मुँह फेर कर किसान आंदोलन में पहुँच गए। अब पार्षदों व धरने पर बैठे लोगों का कहना है कि जब तक उनकी सुनवाई नहीं होगी, वे कहीं नहीं जाएँगे
भाजपा दिल्ली के ट्विटर अकाउंट पर धरने का वीडियो शेयर करते हुए लिखा गया है, “नगर निगम दिल्ली के 13,000 करोड़ रुपए की बकाया राशि न देने पर, आज, मुख्यमंत्री निवास स्थान पर केजरीवाल सरकार के ख़िलाफ़ तीनों निगम के पार्षदों द्वारा धरना प्रदर्शन जारी है।”
नगर निगम दिल्ली के 13,000 करोड़ रुपय की बकाया राशि न देने पर, आज, मुख्यमंत्री निवास स्थान पर केजरीवाल सरकार के ख़िलाफ़ तीनो निगम के पार्षदों द्वारा धरना प्रदर्शन जारी है। pic.twitter.com/QZI0oixdAe
— Siddharthan (@siddharthanbjp) December 7, 2020
अगले ट्वीट में लिखा गया, “अपनी नाकामियों का ठीकरा दिल्ली सरकार दूसरे राज्यों पर फोड़ती आई है और अब नगर निगम, जो दिल्लीवासियों के लिए वास्तव में काम करती है, उसे भी पंगु बनाने में जुटी हुई है। मुख्यमंत्री जी शर्म करो, निगम का बकाया पैसा जारी करो।”
अपनी नाकामियों का ठीकरा दिल्ली सरकार दूसरे राज्यों पर फोड़ती आई है और अब नगर निगम, जो दिल्लीवासियों के लिए वास्तव में काम करती है, उसे भी पंगु बनाने में जुटी हुई है। मुख्यमंत्री जी शर्म करो, निगम का बकाया पैसा जारी करो। @adeshguptabjp pic.twitter.com/bCGLnzBE6h
— BJP Delhi (@BJP4Delhi) December 7, 2020
केजरीवाल सरकार दलगत राजनीति से ऊपर उठकर दिल्ली के विकास और जन सेवा के लिए निगमों का बकाया 13000 करोड़ रुपए तत्काल प्रभाव से दे। निगमों को पंगू बनाना बंद करे केजरीवाल सरकार। @adeshguptabjp pic.twitter.com/nrVlEVNgdp
— BJP Delhi (@BJP4Delhi) December 7, 2020
इसी क्रम में अगले ट्वीट में कहा गया, “केजरीवाल सरकार दलगत राजनीति से ऊपर उठकर दिल्ली के विकास और जन सेवा के लिए निगमों का बकाया 13000 करोड़ रुपए तत्काल प्रभाव से दे। निगमों को पंगु बनाना बंद करे केजरीवाल सरकार।”
शेयर किए गए वीडियो में प्रदर्शनकारियों को कहते सुना जा सकता है कि केजरीवाल सरकार ने उनसे वादा किया था कि सारा बकाया चुकाया जाएगा और उनसे यह भी कहा गया था कि वह लोग उनसे आकर कभी भी मिल सकते हैं। प्रदर्शनकारी कहते हैं कि आज सुबह जब वे मुख्यमंत्री से मिलने आए तो कहा गया कि वह उनसे मिलेंगे, लेकिन थोड़ी देर बाद सीएम बिन कुछ कहे और बिना उनसे मिले चले गए।
अब मुख्यमंत्री का रवैया देखकर प्रदर्शन पर बैठे लोगों का कहना है कि वह उनके आवास पर बैठे हैं और जब सीएम वापस आएँगे तब वह पहले उनसे बात करेंगे और तभी उनको अंदर जाने दिया जाएगा। प्रदर्शनकारी कहते हैं, “उन्होंने अगर हमारा पैसा क्लियर किया तो हम यहाँ से जाएँगे, वरना सभी सफाई कर्मचारी हड़ताल पर जाने को तैयार हैं। यदि दिल्ली में कोरोना की चौथी लहर आई तो उसके जिम्मेदार भी मुख्यमंत्री ही होंगे।”
किसान भाईयों के इस संघर्ष में उनका साथ देते हुए हम सभी देशवासियों को एक सेवादार की तरह उनकी सेवा करनी है। pic.twitter.com/0cqa4Jiemu
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) December 7, 2020
प्रदर्शनकारी बताते हैं, “ये पैसा कोई हमारा नहीं है। ये राज्य वित्त आयोग जिसका गठन राज्य सरकार ने किया है, उसकी सिफारिश के अनुसार तीनों नगर निगम का पैसा 13,500 करोड़ रुपया नगर निगम को दिल्ली सरकार से लेना है।”
उल्लेखनीय है कि अपने आवास पर निगम पार्षदों की सुनवाई करने की बजाय दिल्ली मुख्यमंत्री केजरीवाल ने थोड़ी देर पहले अपने ट्विटर पर किसान प्रदर्शन की वीडियो शेयर की है। इस वीडियो में वह कहते नजर आ रहे हैं कि किसानों की माँग बिलकुल जायज है और उनकी पार्टी शुरू से इस संघर्ष में साथ हैं।
दिल्लीवासियों को मुफ्त की रेवड़ियों से फुसलाकर रंग बदलने में गिरगिट को भी मात देने वाले दिल्ली के मुख्यमंत्री को आज तक मुफ्त की रेवड़ियां खाने वाले पहचान नहीं सके। प्रदुषण मद में मिले धन का चुटकी भर खर्च जिस पंजाब के किसानों को पराली जलाने के लिए बदनाम किया जा रहा था, आज उसी पंजाब के किसानों की खातिर उस दिल्ली को परेशान कर रखा है, जहाँ का वह मुख्यमंत्री है। यदि किसी कारण बिल्ली भागों छीका टूट गया, और आप सत्ता में आ गयी, तुरंत दिल्ली छोड़ पंजाब का रास्ता ले लेगा ये मुख्यमंत्री। यही कारण है कि एक विभाग अपने पास नहीं रखने का मुख्य कारण भी यही है। अब देखिए ट्विटर पर कैसी क्लास लग रही है:-
किसान हितों के लिए PM @NarendraModi जी के नेतृत्व में सरकार के प्रयासों से 6 दिसंबर तक 344.86 LMT धान MSP मूल्य पर खरीदा गया, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 22% अधिक है।
35 लाख किसानों को ₹65,111 करोड़ का भुगतान हुआ, और अकेले पंजाब का कुल खरीद में लगभग 59% योगदान रहा। pic.twitter.com/tUMNf9Q5mi
वैसे ये वाला किसान आंदोलन भारत में इतिहास बनेगा क्योंकि भारत में विपक्ष को सहयोग खुले आम विदेश से मिल रहा हैं , मोदी जी वैश्विक नेता स्थापित हो गए क्योंकि उनके विरोधी अब विदेशों से भी मुखर हो गए हैं , ये उपलब्धि किसी भारतीय नेता को आज तक नहीं मिली थी @narendramodi जी
— Dr Ajay Alok (@alok_ajay) December 7, 2020
Issei bachkar rehna.....bahut khatarnak aadmi hai.....pura andolan ko hi bech khayega ye
— PB (@bothrapawan53) December 7, 2020
@ArvindKejriwal पहले यह बता किसानों के साथ गलत क्या हुआ है और अगर गलत हुआ है उसको लिखित में दे तुझे सत्ता में 7 साल हो गए आज तक तुझे किसानों की याद नहीं आई किसानों का किस प्रकार भला होगा आज तक तूने लिखित में सरकार को क्यों नहीं दिया था
— Ravi Choudhary (@Ravicho123) December 7, 2020
अब दोगली राजनीति कर रहा है
अल्ट्रा सेक्युलरवाद का मसीहा केजरीवाल के पास CAA प्रोटेस्ट के समय कोई पावर नही थी वो कुछ नही कर सकता था !
— Md Azhar Azmi (@mdazharazmi786) December 7, 2020
लेकिन तब्लीगी जमात के ऊपर कार्यवाही करने के लिए पूरी पावर थी और किसान आंदोलन के समय तो लग रहा आयरन मैन सहित वकांडा के ब्लैक पैंथर की भी पावर मिल गयी है !
हम मोदी जी के समर्थन में 8 दिसंबर को शान से और खुलकर दुकान खोलेंगे
— अशोक पाटिल (@ashok15362) December 7, 2020
जय श्री राम pic.twitter.com/JizibQq9df
जमींदारों, भ्रष्टाचारियों, दलालों,नेताओं को डर है कि
— Jai Bharat (@JaiBhar69341259) December 7, 2020
यदि
गरीब मजबूर छोटा किसान जिसके पास 5 एकड़ से कम जमीन है
यदि वह
आत्मनिर्भर हो गया
उसका परिवार सक्षम हो गया
बराबरी पर आ गया
तो
उनकी 70 साल की सल्तनत,जमीदारी, जी हुजूरी खत्म हो जाएगी वे बेरोजगार हो जाएंगे
किसान भाईयों समझो
आपकी छठ खराब करदिया इसने... आप इनकी सेवा करो.... pic.twitter.com/Gl9BpCqx4v
— Ajit Singh Rathore (@AjitSin89267600) December 7, 2020
हमारी सरकार किसानों के साथ खड़ी है, हमसे दिल्ली पुलिस ने परमिशन मांगी थी 9 स्टेडियम को जेल बनाने की बहुत दबाव बनाया गया लेकिन मैंने इसकी परमिशन नही दी- अरविंद केजरीवाल
— AZHER QURESHI (@AZHERQURESHI14) December 7, 2020
यही केजरीवाल है जिसने CAA प्रोटेस्ट के समय कहा था, हमारे पास पॉवर नही और स्टेडियम को जेल बनाने की परमिशन दी थी!
एक दिल्ली वासी के नाते यह सलाह ;
— Deependra Sinha (@DeependraMSinha) December 7, 2020
तीन निगमों के बोझ से दिल्ली वासीयों व निगम कर्मियों को बचायें।शिला दीक्षित जी ने महज राजनीतिक लाभ के कारण एक एमसीडी के तीन टुकड़े किए थे,जिससे अनायास प्रशासनिक ख़र्चों में बढ़ोतरी हो गई।कृपया एक एमसीडी की व्यवस्था करें।@AmitShah @ArvindKejriwal
अपनी नाकामियों का ठीकरा #दिल्ली_सरकार दूसरे #राज्यों पर फोड़ती आई है और अब #नगर_निगम, जो #दिल्लीवासियों के लिए वास्तव में काम करती है, उसे भी पंगु बनाने में जुटी हुई है। #मुख्यमंत्री जी शर्म करो, निगम का बकाया पैसा जारी करो। @adeshguptabjp #दिल्ली_त्रस्त_केजरीवाल_मस्त
— Jagmohan Pushkarna (@JPushkarna) December 7, 2020
— Ajay kumar jha, (@AjayJha08) December 7, 2020
आंदोलन पर एक ओर आंदोलन
— Trilok (@mittal8691) December 7, 2020
दिल्ली वासियो से अपील #दिल्ली
की समस्याओं को छोड़ केजरीवाल
सरकार भारत बंद अर्थात दिल्ली बन्द
का समर्थन कर रही आप सभी दिल्ली
वासी #नगरनिगम का साथ दें जो अपने
हक के लिए आंदोलन कर रही है,आपके
छेत्र की सफाई यही लोग करते है
आंदोलन किसान कर रहा है
— Kundan Kumar (@Laluyadavbi) December 7, 2020
संचालन खालिस्तान कर रहा है
सहयोग पाकिस्तान कर रहा है
समर्थन, विपक्ष का आला कमान कर रहा है
पूरा भारत देख रहा है
अब्दुल रोटी सेक रहा है....
वह कहते हैं कि शुरू-शुरू में जब किसान बॉर्डर पर आए तो केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस ने उनसे 9 स्टेडियम माँगे। बहुत दबाव बनाया गया ताकि किसान दिल्ली आए और उन्हें पकड़कर स्टेडियम में डाल दिया जाए, लेकिन उनकी सरकार ने परमिशन नहीं दी और इससे आंदोलन को बढ़ने में मदद मिली। इसके बाद से उनकी पार्टी से जुड़े सभी लोग सेवादार की तरह किसानों की सेवा करने में लगे हैं। वह कहते हैं कि वह आज भी प्रोटेस्ट में बतौर सेवादार ही पहुँचे हैं।
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