प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार (फरवरी 8, 2021) को संसद के उच्च सदन राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के तहत हुई चर्चा का जवाब दिया। इस दौरान किसान आंदोलन की आड़ में हो रही राजनीति को लेकर उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधा।
उन्होंने सलाह दी कि जो मूलभूत बात है, अच्छा होता कि उस पर भी चर्चा होती। उन्होंने पूछा कि खेती की मूलभूत समस्या क्या है, उसकी जड़ कहाँ है? उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह को याद करते हुए कहा कि वो छोटे किसानों की दयनीय स्थिति पर हमेशा चिंता करते थे। पीएम मोदी ने सवाल दागा कि पहले की सरकारों की सोच में छोटा किसान था क्या? जब हम चुनाव आते ही एक कार्यक्रम करते हैं कर्जमाफी, ये वोट का कार्यक्रम है या कर्जमाफी का… ये हिन्दुस्तान का नागरिक भलीभाँति जानता है।
MSP है, MSP था, MSP रहेगा... pic.twitter.com/lh6Xv1oth1
— Narendra Modi (@narendramodi) February 8, 2021
वोट का कार्यक्रम कर्जमाफी
उन्होंने ये भी ध्यान दिलाया कि जब कर्जमाफी की जाती है, तो छोटा किसान उससे वंचित रहता है, उसके नसीब में कुछ नहीं आता है। पहले की फसल बीमा योजना भी छोटे किसानों को नसीब ही नहीं होती थी। यूरिया के लिए भी छोटे किसानों को रात-रात भर लाइन में खड़े रहना पड़ता था, उस पर डंडे चलते थे। अपनी सरकार की उपलब्धि गिनाते हुए उन्होंने कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना से सीधे किसान के खाते में मदद पहुँच रही है। 10 करोड़ ऐसे किसान परिवार हैं, जिनको इसका लाभ मिल गया।
MSP है, था और रहेगा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी को मिल कर चलने की सलाह दी और निमंत्रण दिया कि हम देश को आगे बढ़ाने के लिए, कृषि क्षेत्र के विकास के लिए, आंदोलनकारियों को समझाते हुए, हमें देश को आगे ले जाना होगा। उन्होंने कहा कि हमें एक बार देखना चाहिए कि कृषि परिवर्तन से बदलाव होता है कि नहीं। कोई कमी हो तो उसे ठीक करेंगे, कोई ढिलाई हो तो उसे कसेंगे। साथ ही विश्वास दिलाया कि मंडियाँ और अधिक आधुनिक बनेंगी। उन्होंने कहा, “एमएसपी है, एसएसपी था और एमएसपी रहेगा।”
आन्दोलनजीवियों का आगाज
मोदी ने कहा कि हमने बुद्धिजीवी सुना था। लेकिन कुछ लोग आंदोलनजीवी बन गए हैं। देश में कुछ भी हो वे वहाँ पहुँच जाते हैं। कभी पर्दे के पीछे और कभी आगे, इनकी पूरी जमात है। ऐसे लोगों की पहचान कर हमें इनसे बचना होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पहले श्रमजीवी और बुद्धिजीवी हुआ करते थे। अब एक नया वर्ग जुड़ गया है- आंदोलनजीवी। ऐसे लोग खुद आंदोलन नहीं चला सकते हैं। लेकिन किसी का आंदोलन चल रहा है तो वहाँ पहुँच सकते हैं। ये आंदोलनकारी ही परजीवी हैं, जो हर जगह मिलते हैं।
इसमें दो राय नहीं कि तीन तलाक से लेकर किसान आंदोलन तक ये ही गिने-चुने ही नेता नज़र आते हैं। जेएनयू में टुकड़े-टुकड़े गैंग के साथ ये ही नेता और पार्टियां खड़ी नज़र आयी थी, सबसे शर्म की बात यह है कि एक तरफ इंदिरा गाँधी की हत्या पर वोट माँगा जाता है, लेकिन बेशर्मों की तरह किसान आंदोलन में लगे नारों "इंदिरा गाँधी को ठोका, मोदी तेरे को भी...." का किसी ने भी विरोध नहीं की किया, क्यों?
प्रधानमंत्री के ‘आंदोलनजीवी’ शब्द का इस्तेमाल करने के बाद सोशल मीडिया में मीम्स की बौछार हो गई है। यूजर्स कुछ लोगों की ‘विशेषता’ को ध्यान में रखते हुए बता रहे हैं कि वे कौन सा जीवी हैं।
एक सोशल मीडिया यूजर ने सीएए-एनआरसी के खिलाफ शाहीन बाग में हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल बिल्किस बानो (दादी) की तस्वीर शेयर करते हुए उन्हें ‘बिरयानीजीवी’ बताया है।
Biryanijivi! 😂🤣 pic.twitter.com/u3aWbhzMMD
— Doctor Wait (@drpratiksha1) February 8, 2021
कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने NDTV के ‘पत्रकार’ रवीश कुमार की तस्वीर शेयर करते हुए उन्हें ‘डर का माहौल जीवी’ बताया।
Dar ka Mahaul jeevi.. 😂 pic.twitter.com/4aPdUyyQ16
— LolmLol (@LOLiyapa) February 8, 2021
ऐसे ही एक मीम में ‘इच्छाधारी’ प्रदर्शनकारी योगेंद्र यादव को ‘आंदोलनजीवी’ बताया गया है।
PM today adds new word to India's political lexicon : Andolan Jeevi. 😃#PMinRajyaSabha @Tejasvi_Surya #AandolanJeevi #AndolanJeevi pic.twitter.com/DuVRYrTIuT
— Office of Tejasvi Surya (@TejasviSuryaOfc) February 8, 2021
Thappad jeevi pic.twitter.com/NGRivUe74M
— #Andolanjeevi Mauna Kea 🌹 (@miss_tvis) February 8, 2021
सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक मीम में आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को लोगों ने ‘थप्पड़जीवी’ का नाम दिया है।
Harvard jivi pic.twitter.com/3Disyk6GnA
— Exsecular (@ExSecular) February 8, 2021
यूजर्स ने NDTV की पूर्व पत्रकार निधि राजदान पर मीम बनाते हुए उन्हें ‘हार्वर्डजीवी’ बताया है।
भाजपा के राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी को ‘क्रिटिक्सजीवी’ करार दिया है।Critics_jivi.@TajinderBagga pic.twitter.com/kLRqgvlkgQ
— bhavna mahawar (@bhavna_jai_hind) February 8, 2021
इसी कड़ी में राणा अयूब और आरफा खानम शेरवानी को ‘फोटोशॉपजीवी’ नाम दिया गया है। इसके अलावा ट्वीटों पर लोगों की प्रक्रियाएं :-Photoshop jivi pic.twitter.com/eTKJPTQIK3
— Mบᴅit (@muditparashari3) February 8, 2021
😀 "Bade pariwaar me phoopaji naraaz toh hote hi hain" PM Modi in Lok Sabha when speaking about some politicians who actually agree with the farm laws but have to oppose it in some manner or the other because well they are in the opposition. pic.twitter.com/7QkMg1uoa4
— Smita Prakash (@smitaprakash) February 8, 2021
Aandolan-Jivi pic.twitter.com/S8TwRu7QrF
— Dhaval Patel (@dhaval241086) February 8, 2021
बिरियानी परजीवी 👇🏻😎 pic.twitter.com/9xMamwFcRt
— Shruti Sagarika (@Shruti1806) February 8, 2021
दिल्ली वालों का दल्लाजीवी 😇😇🥰🥰😍😂🤣😅😆😁 pic.twitter.com/6x388vo7g6
— आंदोलनजीवी नाराज फुंफा (@Shankarkariwal) February 8, 2021
Danga jeevi b h y
— Jack (@Sam_0_5) February 8, 2021
Biryani dadi bhi hai line mein pic.twitter.com/Hvfgc7RkbF
— sākşin ☀️ (@sakshiv833) February 8, 2021

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