अरविंद केजरीवाल को अमित राणा की पत्नी ने लिखा पत्र
ऑनलाइन वेब पोर्टल या ऐप के जरिए लोगों के घरों में देसी और विदेशी दारू पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध दिल्ली की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार शायद भूल गई है कि उन्होंने कोविड महामारी में फ्रंटलाइन पर काम करने के दौरान जान गँवाने वाले वॉरियर्स के परिवारों से कुछ वादे किए थे। लिहाजा एक पुलिसकर्मी की विधवा को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को खत लिखना पड़ा है। वे सालभर से दिल्ली सरकार के मुआवजे की बाट जोह रही हैं। उन्होंने अपने साथ भेदभाव की वजह भी पत्र में पूछी है।
अमित जी अपनी जान की परवाह ना करते हुए करोना की इस महामारी के समय हम दिल्ली वालों की सेवा करते रहे। वे खुद करोना से संक्रमित हो गए और हमें छोड़ कर चले गए। उनकी शहादत को मैं सभी दिल्लीवासियो की ओर से नमन करता हूँ। उनके परिवार को 1 करोड़ रुपए की सम्मान राशि दी जाएगी। https://t.co/n1eNmZNNCw
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) May 7, 2020
इसी क्रम में पूरे एक साल के इंतजार के बाद दिवंगत पुलिस कॉन्सटेबल अमित राणा की पत्नी ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पत्र लिख कर अधूरे वादे पर उनका ध्यान आकर्षित करवाया है। उन्होंने हाल में मुआवजा पाने वाले परिवारों का नाम लिए बिना केजरीवाल से इस भेदभाव की वजह पूछी है।
Delhi government permits home delivery of Indian liquor and foreign liquor by ordering through mobile app or online web portal pic.twitter.com/zBwhYqUClY
— ANI (@ANI) June 1, 2021
2/6/2021 तक अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में कितने आक्सीजन प्लांट चालू किये ??
— दादा जी, ऊँ गणेशायः नमः (@Babajee98) June 1, 2021
Nashe main hi to vote deke aate hain ise to priority to rahegi hi
— Rohit (@09_rkg) June 1, 2021
— Avinash Srivastava (@go4avinash) June 1, 2021
स्मरण हो कि अमित कुमार राणा का निधन कोविड से 5 मई 2020 को हुआ था। पुलिस बल में कोविड से होने वाली ये पहली मृत्यु थी। अब इस घटना को 1 साल से ज्यादा हो चुके हैं, लेकिन मुख्यमंत्री केजरीवाल को याद नहीं कि अमित राणा के परिवार को उन्हें 1 करोड़ का मुआवजा देना है।
अरविंद केजरीवाल को लिखा गया पत्र
मुख्यमंत्री को उनकी कही बात याद दिलाते हुए राणा की पत्नी पूजा लिखती हैं, “मेरे पति अमित राणा शहीद कोरोना वॉरियर थे और दिल्ली के लोगों की सेवा व रक्षा करते हुए कोरोना से ग्रसित होकर उनकी मृत्यु हो गई। मेरे ऊपर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। उस दुख की घड़ी में मेरे पति की सेवाओं को याद करते हुए आपने एक करोड़ रुपए की सहायता राशि की घोषणा की थी। उस दुख की घड़ी के अंधेरे में वो मेरे लिए आशा की किरण था, लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी मुझे सहायता राशि नहीं मिल पाई है जिसकी आपने मीडिया पर ट्विटर से घोषणा की थी। कुछ लोगों को आपने दस दिन के अंदर ही सहायता राशि प्रदान कर दी थी फिर मेरे साथ ऐसा भेदभाव क्यों?”
The same formula of Congress..... let people busy with illegal cash business, let people busy max to max in Entertainment, let people addict with drugs and all, let people to be uneducated that they can't question to Govt and illegal works in society.
— Hiralal Maiti (@maitihiralal) June 1, 2021
He delivered corona also to all states earlier ... don’t forget that 🙏
— Nishant (@gnishant) June 1, 2021
Agar GST me Rebates diajayega toh Nuksaan Central Govt ko hoga.. Kyon ki Har product me 50% CGST hota hai jo Central Govt ko jata hai..
— Lucky Sahu (@LUCKY129209) June 1, 2021
I guess giving people what they want? But great idea, there should be an option to get a vaccine at home too - why not?
— Regina Dulanjali (@ReginaDulanjali) June 1, 2021
मुझे विश्वास है की @ArvindKejriwal जी जिस जनता ने उनको 3 बार मुख्यमंत्री बनाया उस जनता को उतना ही प्यार करते होंगे जितना अपनी धर्मपत्नी सुनीता जी को करते हैं। इसलिए जैसे आपने अपनी पत्नी का max अस्पताल का 40 लाख रू का बिल दिल्ली के टैक्स से दिया वैसे ही सभी दिल्लीवासी का बिल देंगे
— Parvesh Sahib Singh (@p_sahibsingh) May 24, 2021
पूजा लिखती है, “मेरा 1 साल का बेटा और एक चार माह की बेटी है। आज उनके भविष्य की चिंता सता रही है। यदि मुख्यमंत्री अपने किए वादे को पूरा नहीं करते तो शायद मैं किसी पर विश्वास नहीं कर पाऊँगी।”
इस वर्ष जनवरी में अमित राणा की विधवा पूजा ने बताया था कि अमित की फाइल को दिल्ली सरकार ने रिजेक्ट कर दिया है, क्योंकि यह उनके मापदंडों को पूरा नहीं करती जबकि उन्होंने सरकारी विभाग द्वारा माँगे गए सभी आवश्यक दस्तावेज जमा कर दिए थे, फिर भी उन्हें कहा गया कि अमित कोविड ड्यूटी में तैनात नहीं थे।
इस बीच दिल्ली के जीटीबी अस्बताल के डॉक्टर अनस मुजाहिद के रिश्तेदारों तथा कुछ अन्य लोगों को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा 1 करोड़ का मुआवजा दिया जा चुका है। आँकड़ों पर बात करें तो दिल्ली में 100 डॉक्टरों और 92 टीचर्स की मौत हुई है। इसके बावजूद केजरीवाल चुनिंदा लोगों को मुआवजा देने में लगे हैं। 23 मई को केजरीवाल ने डॉ. अनस के पिता से मिल कर उन्हें 1 करोड़ रुपए का चेक सौंपा था।
दिल्ली के मुख्यमंत्री बार-बार कहते हैं कि उन्हें कोविड वॉरियर्स की मौतों का खेद हैं और वह उन्हें आर्थिक सहायता मुहैया करवाएँगे। लेकिन हकीकत ये है कि कोविड में ड्यूटी के दौरान संक्रमित होकर जान गँवाने वाले 15 में से 12 पुलिसकर्मियों के परिवारों की फाइल दिल्ली सरकार दिसंबर 2020 में रिजेक्ट कर चुकी है। क्यों? वहीं 3 अभी दिल्ली सरकार के पास पेंडिंग पड़ी है।
अवलोकन करें:-
फिर कहते हैं कि भाजपा, हिन्दू महासभा, संघ और विश्व हिन्दू परिषद् साम्प्रदायिकता का वातावरण बनाकर ध्रुवीकरण का माहौल बना रहे हैं, लेकिन कोई यह नहीं पूछता कि ऐसा माहौल बनाने को मौका ही क्यों दिया? दिल्ली में हिन्दुओं की हत्याओं पर चुप्पी, मंदिरों पर होते हमलों पर चुप्पी, इनके पार्षद द्वारा हिन्दुओं पर हुए हमलों पर चुप्पी लेकिन जेएनयू में टुकड़े-टुकड़े गैंग के साथ खड़ा होने में शान समझते हैं। कृषि कानून को दिल्ली में लागु कर यू-टर्न लेकर किसान आंदोलन को समर्थन करना अपना कर्तव्य समझते हैं। हाथ जोड़ विज्ञापनों में कहेंगे कि 'तुम्हारा बेटा हूँ', क्या यही होता है बेटे का कर्तव्य?
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