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कोरोना टीकाकरण पर केंद्र सरकार के ताज़ा फैसले से बिफरे राहुल गाँधी को जब प्रधानमंत्री के राष्ट्र को सम्बोधन में से कुछ खोट निकालने लायक नहीं मिला तो उन्होंने ट्विटर पर एक जबरदस्ती का सवाल दाग दिया, जिसका करारा जवाब उन्हें असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से मिला। बता दें कि पीएम मोदी ने सोमवार (जून 7, 2021) को राष्ट्र के नाम सम्बोधन में केंद्र सरकार की तरफ से मुफ्त वैक्सीन राज्यों को देने की घोषणा की।
टीकाकरण की रणनीति पर पुनर्विचार करने और 1 मई से पहले की व्यवस्था को वापस लाते हुए प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि राज्यों के जिम्मे जो 25 प्रतिशत टीकाकरण था, उसे अब भारत सरकार द्वारा करने का निर्णय लिया गया है। इस निर्णय को दो सप्ताह में अमल में ला दिया जाएगा। दो सप्ताह में केन्द्र और राज्य नए दिशानिर्देशों के मुताबिक जरूरी तैयारियाँ करेंगे। आगामी 21 जून से, भारत सरकार 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी भारतीय नागरिकों को मुफ्त कोरोना वैक्सीन प्रदान करेगी।
इस पर राहुल गाँधी ने कहा कि उनके पास सिर्फ एक ‘सीधा सा सवाल’ है, “अगर वैक्सीन मुफ्त में दी जा रही है कि प्राइवेट अस्पताल इसके लिए क्यों चार्ज लेंगे?” साथ ही उन्होंने ‘फ्री वैक्सीन फॉर ऑल’ का टैग भी लगाया। दअरसल, प्रधानमंत्री ने राष्ट्र के नाम सम्बोधन में घोषणा की है कि निजी अस्पतालों द्वारा 25 प्रतिशत टीकों की सीधी खरीद की व्यवस्था जारी रहेगी। राहुल गाँधी की नाराजगी इसी से जुड़े फैसले से थी।
One simple answer-
— Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) June 7, 2021
Every 18+ Indian will be given free vaccine by PM @narendramodi Govt at public hospitals, those who want to pay can opt for a private.
Don't knit-pick like an immature kid https://t.co/Ar3dPAYDCO
— #FieryIndian (@ankubhaig) June 7, 2021
प्रधानमंत्री की घोषणा के अनुसार, राज्य सरकारें इस बात की निगरानी करेंगी कि निजी अस्पतालों द्वारा टीकों की निर्धारित कीमत पर केवल 150 रुपए का ही सर्विस चार्ज लिया जाए। राहुल गाँधी का सवाल इसी पर था। कभी उनकी ही पार्टी में रहे हिमंत बिस्वा सरमा ने राहुल गाँधी के ‘एक सीधा सा सवाल’ का ‘एक सीधा सा जवाब’ दिया है। साथ ही सलाह दी कि वो बच्चों की तरह जबरदस्ती सब कुछ में गलतियाँ न निकालें।
असम के मुख्यमंत्री ने जवाब देते हुए कहा, “सरकारी अस्पतालों में 18 से अधिक की उम्र वाले हर एक भारतीय नागरिक को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार द्वारा मुफ्त में कोरोना वैक्सीन दी जाएगी। जिन्हें रुपए देकर वैक्सीन लेनी है, उनके लिए प्राइवेट अस्पतालों का रुख करने की व्यवस्था है।” असल में हिमंत बिस्वा सरमा ने राहुल को समझाया कि मुफ्त में वैक्सीन के लिए प्राइवेट अस्पताल में वैक्सीन लेने की ज़रूरत ही नहीं है, सरकार ने इसकी व्यवस्था पहले ही कर रखी है।
राहुल गाँधी अक्सर हिमंत बिस्वा सरमा के निशाने पर रहते हैं। हाल ही में उन्होंने अपने कॉन्ग्रेस के अंतिम दिनों का एक किस्सा सुनाया था, जब वो राहुल गाँधी की एक बैठक में गए थे। उन्होंने बताया था कि उन्होंने देखा कि तरुण गोगोई और सीपी जोशी जैसे वरिष्ठ नेता उसी प्लेट से बिस्किट उठा कर खा रहे हैं, जिसे राहुल गाँधी के कुत्ते ‘पीडी’ ने जूठा कर दिया था। इस अपमान के बाद सरमा ने कॉन्ग्रेस छोड़ भाजपा का रुख किया था।

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