मैट हैनकॉक ने ही गिना को स्वास्थ्य मंत्रालय में कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर नियुक्त किया था (साभार: Sky news)
यूनाइटेड किंगडम के स्वास्थ्य मंत्री मैट हैनकॉक (Matt Hancock) ने ‘किसिंग स्कैंडल’ में फँसने के बाद इस्तीफा दे दिया है। अपने एक करीबी महिला साथी को किस करने के बाद उन पर कोरोना दिशानिर्देशों का उल्लंघन करने के आरोप लगे थे। उन्होंने प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को लिखे पत्र में कहा कि सरकार कोरोना काल में त्याग करने वाले लोगों के प्रति कर्जदार है और हमने उन्हें निराश किया है, इसीलिए इस्तीफा देना ही उचित है।
उन्होंने पहले ही इसके लिए माफ़ी माँग ली थी। पीएम जॉनसन को लिखे पत्र में उन्होंने फिर से उस माफ़ी को दोहराया है। अब खुलासा हुआ है कि स्वास्थ्य मंत्रालय के ही एक अधिकारी ने उनका वीडियो फुटेज वायरल किया था और उन पर दबाव बनाने के लिए उनके विरोधियों से संपर्क किया था। मई 6, 2021 को जब उन्होंने स्वास्थ्य मंत्रालय में बतौर सलाहकार कार्यरत गिना कोलडांगेलो (Gina Coladangelo) को किस किया तो इसे किसी ने गुप्त रूप से रिकॉर्ड कर लिया।
I have resigned as Health Secretary pic.twitter.com/eyWi1AA19i
— Matt Hancock (@MattHancock) June 26, 2021
Matt Wanksock pic.twitter.com/4trBOpiJC4
— Stevie (@StevieeeWx) June 26, 2021
Sorry pic.twitter.com/MhrN7tu94I
— rizwan (@rizwanmuzmmal) June 26, 2021
लगभग एक महीने तक इस फुटेज को रिकॉर्ड करने वाले व्यक्ति इसे लेकर उनके विरोधियों के पास घूमता रहा, ताकि ये बात मीडिया में जोर-शोर से आए। कोरोना काल में मैट हैनकॉक ही स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी कर रहे थे। अब उनके इस वीडियो फुटेज और तस्वीरों के सामने आने के बाद अंदेशा जताया जा रहा है कि वो किसी विदेशी शक्ति की साजिश का शिकार हुए हैं, जैसे कि चीन। क्योंकि मंत्री के दफ्तर में कैमरा लगाया ही नहीं गया था।
स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि अगर मंत्री के दफ्तर में कैमरा था भी तो इसके लिए मैट हैनकॉक से अनुमति नहीं ली गई थी। ये रिकॉर्डिंग किसी छोटे से कैमरे की है, जिसे कहीं छिपा कर फिक्स कर दिया गया था। सितंबर 2017 के पहले की तस्वीरों से पता चलता है कि इस कैमरे को मंत्री के दफ्तर में सीलिंग पर लगाया गया था। जिस कर्मचारी ने इस फुटेज को रिकॉर्ड किया था, उसे 6 सप्ताह बाद वायरल किया गया।
वो इसे लेकर लॉकडाउन समर्थकों और कोरोना दिशानिर्देशों के पालन के लिए अभियान चला रहे एक्टिविस्ट्स तक पहुँचा। मंत्रालय ने इस CCTV फुटेज को सिस्टम से हटा दिया था, लेकिन उक्त कर्मचारी ने पहले ही इसे सिक्योर कर के रख लिया था। ‘द डेली मेल’ ने दावा किया है कि ये फुटेज उसके पास भी आई थी। लेकिन, ‘द सन’ ने इसे अपने पहले पन्ने पर प्रकाशित कर दिया, जिसके बाद ब्रिटेन में हंगामा मच गया।
एक एक्टिविस्ट ने कई इंस्टाग्राम मैसेज मीडिया संस्थानों को भेजे, जिसमें उसने कहा था कि वो जो सूचना शेयर करने जा रहे है उस बारे में काफी सावधान रहने की जरूरत है। उक्त एक्टिविस्ट ने कहा, “मेरे पास उस व्यक्ति को लेकर एक काफी चौंकाने वाला वीडियो फुटेज है, जिसे हाल ही में एकदम निराशावादी करार दिया गया था।” अब आशंका जताई गई है कि यूके में अस्थिरता चाहने वाली किसी विदेशी ताकत ने ऐसा करवाया है।
ये एक बड़े ऑपरेशन का हिस्सा हो सकता है। स्वास्थ्य मंत्रालय में लगे CCTV फुटेज को Hikvision नामक कंपनी ने बनाया है। ये कंपनी अमेरिका प्रतिबंधित है। इस पर आरोप है कि इस कंपनी के कैमरे चीन के जासूसी कार्यक्रम का हिस्सा हैं। कंपनी इन दावों को नकारते हुए कहती है कि चीन को वो अपना डेटा शेयर नहीं करती है। शिनजियांग में उइगर मुस्लिमों के खिलाफ दमनकारी अभियान में चीन का साथ देने के आरोप भी इस कंपनी पर लगे हैं।

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