आठ अगस्त 2021 यादगार बनेगा क्यों?

सोशल मीडिया पर कुछ समय से जनता से 8 अगस्त के आंदोलन में भागीदारी की अपेक्षा की जा रही है। इस आंदोलन के सफल होने से जनता में जाग्रति आने से देश में तुष्टिकरण एवं छद्दम सेकुलरिज्म का नंगा नाच खेलने वालों की नींद ही नहीं रोटी भी हराम हो जाएगी। पहली बार कोई सकारात्मक आन्दोलन आजाद भारत में शुरु होने की आहट हुई है! संभावनाएं व्यक्त की जा रही कि यह आंदोलन भारत की राजनीती को नया आयाम देने का प्रयास किया जा रहा है। 

इससे जवाहरलाल नेहरू और मोहन दास करम चन्द गाँधी की कुछ नई तस्वीर सामने आयेगी जो आज तक मीडिया के सहयोग से जनता से छुपाकर रखा गया है। इतना ही नहीं, बंटवारे के समय हुए कत्लेआम और 1984 के सिख दंगों लेकिन गाँधी हत्या के बाद चितपावन ब्राह्मणों के हुए भयंकर नरसंहार की जाँच की मांग आज तक नहीं हुई, क्यों?

जब उधम सिंह ने जलिआंवाला बाग़ का बदला लेने लंदन जाकर जनरल डायर की हत्या करने पर महात्मा गाँधी ने ब्रिटिश सरकार से शहीद उधम सिंह के लिए किन शब्दों का इस्तेमाल किया था? क्यों नहीं मीडिया ने इस पर कभी चर्चा की? स्वतंत्रता संग्राम से महात्मा गाँधी ने आंदोलन चलाए, जो सफल ही नहीं हुए। गाँधी द्वारा नमक आंदोलन शुरू होने पर नमक की कीमतों में एकदम उछाल आ गया, क्या कीमतें बढ़ाने के लिए आंदोलन किया गया गया था? इस पर क्यों नहीं चिंतन किया गया? 

पहली बार देश के पुराने कानूनों को हटाकर, नए न्यायपूर्ण, राष्ट्रीय कानूनों को अमल में लाने हेतु  राष्ट्रवादी - बुद्धिजीवी - संस्कृतिप्रेमियों द्वारा संचालित एक देशव्यापी आंदोलन को जानने हेतु आपका अपना अमूल्य समय निकालिए। 

राष्ट्रीय पहल

सुप्रीम कोर्ट के राष्ट्रवादी, हिन्दूवादी वरिष्ठ वकील श्री अश्वीनी उपाध्याय 8 अगस्त 2021 को दिल्ली मे पुष्पेन्द्र कुलश्रेष्ठ की टीम के साथ उन पुराने ओर अंग्रेजो के द्वारा बनाए गए 200 काले ओर घटिया कानूनों को बदलने ओर हटाने के लिए आंदोलन करने जा रहे है जिनको बनाकर अंग्रेजो ने इस देश को लुटा था, इस देश की सनातन संस्कृति,शिक्षा पद्धति (गूरुकुल) को नष्ट किया था ओर अंग्रेजों के बाद इन घटिया कानूनों के द्वारा कांग्रेसी, वामपंथी, कम्युनिस्ट और अलगाववादी जैसी राष्ट्रविरोधी सरकारों ने इस देश को लूटा, देश का इतिहास बदला ओर इन कमजोर कानूनों की मदद से ही ये सारे राष्ट्रविरोधी राजनीतिक दल अब तक देश के खिलाफ षडयंत्र कर रहे हैं !

हिंदुओं का धर्मांतरण कर रहे हैं, इन कानूनों की वजह से ही देश का हिंदू देश में ही केरल, कश्मीर, बंगाल जेसे राज्यों से पलायन करने को मजबूर हुआ और इन राज्यो मे हिंदु ओर हिन्दू संस्कृति कमजोर हो गई या नष्ट हो गई इस आंदोलन में अश्विनी उपाध्याय जी के साथ देश के उच्च शिक्षित ओर उच्च पदों पर सेवा दे चुके लोग शामिल है जो राष्ट्र को बचाना चाहते हैं।

घुसपैठियों को भगाना चाहते है, हिन्दू सनातन संस्कृति की रक्षा करना चाहते है, जिहाद, आतंकवाद की समस्या को जड़ से खत्म करना चाहते है।

सर्वश्री - 

1.जनरल GD बक्क्षी (पुर्व आर्मी आफिसर)

2.कर्नल RSN सिंह (पुर्व RAW आफिसर)

3.सूशील पंडित(1990 के पीड़ित कश्मीरी पंडितों के नेता)

4.विष्णु शंकर जैन(सुप्रीम कोर्ट मे राम मंदिर के पक्षकार)

5.देवदत्त मांझी (बंगाल के राष्ट्रवादी हिन्दूवादी नेता)

6.अंकुर शर्मा (जमु कश्मीर के राष्ट्रवादी नेता)

7.आध्यात्मिक गुरु पवन सिन्हा

8.प्रोफेसर कपिल कूमार (दिल्ली मे सुभाषचंद्र बोस का म्यूजियम बनाने वाले)

9.ललित अम्बरदार (1990 के पीड़ित कश्मीरी पीड़ित)

10.नीरज अत्री (देश मे कांग्रेस ओर कम्युनिस्टों के बनाए गए  education system को उजागर करने वाले

11.विक्रम सिंह(उ.प्र के पुर्व DGP)

12.RVS मणि(केंद्र सरकार मे पुर्व officer)

13.यति नरसिंहानंद सरस्वती जी (डासना मंदिर विवाद मे जिहादियों का विरोध करने वाले)

14.कालीचरण महाराज

15.captain सिकंदर रिजवी(पाक अधिकार वाले कश्मीर प्रांत गिलगित बाल्टिस्तान के नेता)

16.अभिनेता पूनीत  इस्सर (महाभारत के दूर्योधन)

17.वसीम रिजवी(कुरान की 26 आयतो के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने वाले) 

18. एन.के सूद (पुर्वRAW officer) 

19.मेजर गौरव आर्य(पुर्व indian army officer) 

20. विवेक अग्निहोत्री (फिल्म निर्माता, निर्देशक) 

ओर भी राष्ट्रवादी, राष्ट्रप्रेमी लोग इस आंदोलन का हिस्सा है, आयोजक है, संयोजक है !!

संभवतः 1947 के बाद ये देश का पहला ऐसा आंदोलन होगा जिसमे राष्ट्रीय चेतना होगी ओर देशभक्त लोग शामिल होगे अभी तक देश मे बडे़ आंदोलन(CAA एवं NRC के खिलाफ शाहीन बाग ओर किसान आंदोलन)राजनीतिक स्वार्थ के लिए ओर राष्ट्र को तोड़ने के लिए गद्दारों ने दुश्मन देशों की मदद से किए है पर यह पहला आंदोलन है जो राष्ट्रहित मे, हिन्दूधर्म के हित मे ओर भारतीय संस्कृति के हित में है और 2011 के अन्ना हजारे के आंदोलन की तरह गुमराह नही होगा !

1.भारत के 9 राज्यों मे हिन्दू 10% से कम हो चुके है वहा दुश्मन देशों के दलाल सरकार चला रहे है !

2. कांग्रेस ने 2006 मे सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ जाकर अप्लसंख्यक आयोग बनाया जो इन गद्दारो को कई तरह की सुविधा देता है !

3. वक्फबोर्ड जमीन का कानून जिसके कारण ही मथुरा मे कृष्णजन्म भुमि पर ईदगाह बन गई !

4.मदरसो के मोलवी ओर जमातियो को वजीफा, पेंशन आदि दिया जा रहा है ।

5.हिन्दूमंदिरों के चढ़ावे, पैसे पर देश की सरकार का कब्जा है सरकार ये पैसा हिन्दू समाज के लिए उपयोग नही करती जबकि मस्जिदों का चढ़ावा, पैसा मुस्लिम समाज के लोगों के लिए ओर उनकी धार्मिक गतिविधियों के लिए ही उपयोग होता है ओर आप जानते ही हो ये गतिविधियां किस प्रकार की हैं ? क्यों नहीं, उस धन को मौलवियों के वेतन पर खर्च होता? 

ये तो हुए वो मुद्दे जो हिन्दू धर्म, हिन्दू संस्कृति के खिलाफ है इनके अलावा ओर भी बहुत से कानून नियम हिन्दू धर्म के विरोध मे है

और अब वे कमजोरियाँ, वे मुद्दे और कानून जो देश को खोखला कर रहे है !!

6. करोड़ों रुपये का घोटाला करने के बाद भी किसी नेता को सिर्फ 7 साल की सजा क्यों ?

7. भारत मे ही घुसपैठ क्यों हो रही है अमेरिका, चीन, इजराइल और फ्रांस मे क्यो नही ?

8.लगभग 9 राज्यों में हिन्दू अल्पसंख्यक हो चुका है उसे अल्पसंख्यक का दर्जा ओर अल्पसंख्यकों को दी जाने वाली सुविधाएं नही मिल रही क्यों ?

9. देश मे मुसलमानों को अपने धर्म की शिक्षा ओर धार्मिक ग्रंथ कुरान को पढा़ने की अनुमति है पर हिन्दूओ को नही क्यों ?

10. देश मे मिलावटखोरो के लिए भी 7 साल की सजा, बलात्कारियों के लिए भी 7 साल की सजा, धर्म परिवर्तन करवाने वालो के लिए भी 7 साल की सजा, देश से गद्दारी करने वाले के लिए भी 7 साल की सजा, करोड़ों रुपये का घोटाला करने वालो के लिए भी 7 साल की सजा ओर तो ओर कई मामलो मे देश पर हमला करने वाले, देश के खिलाफ षड्यंत्र करने वाले को भी 7 साल की सजा ही मिलती है क्यों ?

देश की सारी समस्याओं की जड़ इस तरह के लगभग 200 से ज्यादा कानून है जो अंग्रेज़ों ने कई वर्षों पहले अपने हिसाब से देश को लुटने के लिए बनाए थे इनको बदलना हटाना बहुत आवश्यक है अभी सरकार भी देश के अनुकूल है अगर 100 करोड़ हिन्दूओ मे से 50 करोड़ हिन्दू भी अपने राष्ट्र के लिए, अपने धर्म के लिए चिंतित है ओर उनमे से 10% यानि 5 करोड़ लोग भी अगर 8 अगस्त को दिल्ली पहुँच जाते है तो सरकार को आपकी बात, आपकी मांगे माननी ही होगी

ये आंदोलन के आयोजक ओर कार्यकर्ता वो लोग है जो इस देश की सरकारी सेवाओ (सेना,खुफिया एजेंसी, पुलिस शिक्षा,ब्युरोक्रेसी) मे रह चुके है और इसलिए ये लोग सब जानते है इसलिए इनका साथ दीजिये

2 comments:

Veena said...

मै कुरेश नगर महिला मोर्चा की अध्यक्ष हूं ओर 8 अगस्त के दिन सहयोग करना चाहती हूं इसके लिए आपकी आभारी रहूंगी

Veena said...

मै। हमेशा से ही सभी देश भक्तो की सराहना करती आई हूं पूरा सहयोग देना चाहती हूं