दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना में अयोध्या को भी शामिल करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री केजरीवाल ने 26 अक्टूबर, 2021 को रामलला के दर्शन के बाद ये बात कही थी कि अयोध्या दर्शन को मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के साथ जोड़ा जाएगा। हालांकि केजरीवाल ने 24 घंटे बाद अपने वादे को पूरा कर दिया, लेकिन सवाल उठ रहा है कि अगर आम आदमी पार्टी उत्तर प्रदेश का विधानसभा चुनाव नहीं लड़ती, तो क्या केजरीवाल सरकार अयोध्या को हिन्दू तीर्थ स्थान का दर्जा दे पाती?
जब कोर्ट में अयोध्या मुद्दे की सुनवाई के दौरान आम आदमी पार्टी के नेता ही मुस्लिम वोटों की खातिर राम मंदिर के विरोध में बयानबाज़ी करते थे, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के निर्णय ने हिन्दू वोटों की खातिर अयोध्या के दर्शन ही नहीं इसको अपनी तीर्थ यात्रा योजना में भी सम्मिलित कर लिया। चुनावी सभाओं में अपनी नानी का बखान करने वाले अब अपनी नानी को क्या मुंह दिखाएंगे? अयोध्या में राम मंदिर के दर्शन पर केजरीवाल की नानी की आत्मा जरूर रो रही होंगी।
सभी दिल्लीवासियों को बहुत-बहुत बधाई। अब मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना के तहत अपने बुजुर्गों को अयोध्या के दर्शन भी करवाए जाएंगे। आज कैबिनेट ने ये फ़ैसला लिया | LIVE https://t.co/3SQxukD8US
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) October 27, 2021
अब वही मंदिर घुमाओगे मुख्यमंत्री जी 🤣
— Kapil Pratap Singh 🇮🇳 (@kapilsinghau) October 27, 2021
गजब पलट कर खेलते हो pic.twitter.com/2WKIZXFAh6
क्या यह दोगला ईद के मौके पर यह ज्ञान दे सकता है कि बकरा नहीं काटना इससे खून और गंदगी फैलती है, लाखों करोड़ों लीटर पानी बर्बाद होता है सफाई में और आंत और जानवर के मांस से प्रदुषण फैलता है
— Bhagwan Choudhary (bhagva fojjj )🚩 (@BhagvanChoudh11) October 27, 2021
इसलिए कुर्बानी नहीं करनी, प्रदूषण नहीं करना pic.twitter.com/JTOrDfkq9K
सोचो मन्दिर की जगह अस्पताल स्कूल बना होता तो क्या तीरथ यात्रा हो पाती गिरगिट pic.twitter.com/VOkPQXPvoy
— चैतन्य सिंह भदौरिया (@ImchetanyaSingh) October 27, 2021
रूप बदलने वाला कलयुग का मारीच। pic.twitter.com/20kfBbioxa
— Phenomenal Ajåy (@ajaykum61068972) October 26, 2021
गंदी राजनीति करना बंद करो।पहले मुसलमान वोट के लिये मंदिर न बने उसकी पैरवी करी अब हिंदू वोट के लिये सरयू नदी की आरती में सम्मिलित होने का ढोंग रच रहे हो।धन्य हो यह सनातनी भूमि है,प्रभु श्री राम की जन्मभूमि है जिसके लिये तुमने न्यायालय में पूरा विरोध किया था।pic.twitter.com/VCpRhB4ZCf
— Lavkesh kumar (@lavkeshkumar) October 27, 2021
आज अगर आपकी नानी जिंदा रहती तो फिर से आपको समझाती कि बेटा यह हज यात्रा नहीं है तीर्थ यात्रा है यहां पर हिंदू धर्म अपने खून पसीने की कमाई से तीर्थ को जाता है ना की सब्सिडी और मुफ्त की🙏🏼🙏🏼🙏🏼
— बैंड बजा दूंगा📯🎺 (@MAHAKAAL123456) October 27, 2021
नानी जी को सादर नमन 🙏🏼 @AamAadmiParty @AamAadmiParty @SanjayAzadSln pic.twitter.com/XHELffmlFv
ये सवाल इसलिए उठ रहे हैं कि तीन साल बाद केजरीवाल सरकार को भगवान राम और उनकी अयोध्या नगरी की याद आई है। जनवरी 2018 में मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना को मंजूरी दी गई थी। इसमें अयोध्या को शामिल नहीं किया गया था। इसमें जगन्नाथपुरी, शिर्डी, अमृतसर, जम्मू, द्वारका, तिरुपति रामेश्वरम, हरिद्वार, मथुरा, बोधगया ये स्थान शामिल थे। इस योजना पर अमल जून 2019 में शुरू हुआ। इस फैसले से पता चलता है कि केजरीवाल सरकार अयोध्या को हिन्दुओं के प्रमुख तीर्थ स्थान के रूप में दर्जा नहीं देती है। लेकिन चुनाव की मजबूरी और वोटों की चाहत ने भगवान राम और उनकी अयोध्या नगरी को मान्यता देने के लिए विवश किया।
ये सपा-बसपा-कांग्रेस और अब एक दिल्ली वाले भी पहले भगवान श्री राम को गाली देते थे और अब माथा टेकने अयोध्या जा रहे हैं: मुख्यमंत्री श्री @myogiadityanath#BJP4UP pic.twitter.com/KyD5lOEFFA
— BJP Uttar Pradesh (@BJP4UP) October 26, 2021
हालांकि आम आदमी पार्टी इसे केजरीवाल की भगवान राम में आस्था और विश्वास से जोड़ रही है। लेकिन दूसरे राजनैतिक दल केजरीवाल के इस कदम और अयोध्या दौरे को सियासी बता रहे हैं। अयोध्या की मुफ्त यात्रा के अरविंद केजरीवाल के ऐलान पर तंज कसते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कहा कि कोरोना काल में उत्तर प्रदेश और बिहार के श्रमिकों को दिल्ली से भगाने वाले मुख्यमंत्री को चुनाव के समय भगवान राम और यूपी के लोग याद आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये लोग पहले राम को गाली देने से भी नहीं चूकते थे मगर आज जब लग रहा है कि राम के बगैर नैया पार होने वाली नहीं है तो राम के दर्शन के लिए अयोध्या आ रहे हैं। अच्छी बात है, कम से कम राम के महत्व और अस्तत्वि को इन्होंने स्वीकार तो किया।
मार्च 2014 में कानपुर की एक रैली में दिल्ली के सीएम केजरीवाल ने कहा था, “जब बाबरी मस्जिद का ध्वंस हुआ तब मैंने अपनी नानी से पूछा कि नानी आप तो अब बहुत खुश होंगी? अब तो आपके भगवान राम का मंदिर बनेगा। नानी ने जवाब दिया – ना बेटा, मेरा राम किसी की मस्जिद तोड़ कर ऐसे मंदिर में नहीं बस सकता।” एक अन्य बयान में उन्होंने ‘मंदिर वहीं बनाएँगे, पर तारीख़ नहीं बताएँगे’ वाले नैरेटिव को आगे बढ़ाया था।
अब नानी को क्या मुँह दिखाओगे🤔 pic.twitter.com/wafnnXgy4V
— माँ भारती के वीर (Ma Bharati Ke Veer) (@MaBhartiKeVeer) October 26, 2021
मेरी नानी ने कहा था कि मेरा राम किसी की मस्जिद तोड़कर ऐसे मंदिर में नहीं बस सकता।
— Krishnadev Singh 🇮🇳 (@krishnatheindia) October 26, 2021
- अरविंद केजरीवाल pic.twitter.com/CKfx7BGO07
बाबरी मस्जिद की पैरोकारी और राम मंदिर का विरोध करने वाले केजरीवाल को यूपी चुनाव नजदीक आते है भगवान राम याद आ रहे हैं। नानी को याद करने वाले खुजलीवाल को यूपी की जनता जल्द ही एक बार फिर नानी की याद दिलाएगी। pic.twitter.com/sc7TYyjzht
— Poonam Thakur (@RajputKanyaUP) October 26, 2021

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